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1. परिचय

नेटवर्किंग कंप्यूटर विज्ञान की वह शाखा है जिसमें दो या दो से अधिक कंप्यूटरों तथा उपकरणों को आपस में इस प्रकार जोड़ा जाता है कि वे एक-दूसरे के साथ संसाधनों, डेटा और सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकें। जब कई कंप्यूटर आपस में जुड़कर संसाधन साझा करते हैं, तो उस व्यवस्था को कंप्यूटर नेटवर्क कहते हैं। आज के डिजिटल युग में इंटरनेट, ईमेल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, ऑनलाइन बैंकिंग जैसी सभी सुविधाएँ नेटवर्किंग के ही कारण संभव हैं। कक्षा 10 के पाठ्यक्रम में नेटवर्किंग की मूलभूत अवधारणाओं, उसके प्रकार, टोपोलॉजी, संचार माध्यमों तथा नेटवर्किंग उपकरणों का अध्ययन किया जाता है। यह अध्याय हमें यह समझने में सहायता करता है कि कंप्यूटर एक-दूसरे से किस प्रकार बात करते हैं और डेटा किस प्रकार सुरक्षित रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचता है। नेटवर्क की अवधारणा को समझे बिना वेब सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग तथा साइबर सुरक्षा जैसे विषयों को समझना संभव नहीं है।

2. नेटवर्क क्या है और इसकी आवश्यकता (What is a Network?)

नेटवर्क कम से कम दो कंप्यूटरों या उपकरणों का एक समूह है जो संचार माध्यम (केबल, वायरलेस इत्यादि) द्वारा आपस में जुड़े होते हैं और डेटा साझा करते हैं। नेटवर्क बनाने के निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्य हैं:

3. नेटवर्क के प्रकार (Types of Networks)

नेटवर्क को उसके विस्तार क्षेत्र के आधार पर मुख्यतः तीन प्रकारों में बाँटा जाता है:

3.1 लैन (LAN - Local Area Network)

लैन एक छोटे भौगोलिक क्षेत्र जैसे एक भवन, एक कार्यालय, स्कूल या विश्वविद्यालय के परिसर में कंप्यूटरों को जोड़ने वाला नेटवर्क है। इसकी दूरी सीमा आमतौर पर 10 मीटर से 1 किलोमीटर तक होती है। लैन की गति उच्च होती है और डेटा त्रुटि दर कम होती है। यह सबसे सामान्य और सस्ता नेटवर्क है।

3.2 मैन (MAN - Metropolitan Area Network)

मैन एक बड़े शहर या महानगर के क्षेत्र में फैला हुआ नेटवर्क है। यह लैन से बड़ा और वान से छोटा होता है। इसकी दूरी सीमा 10 किलोमीटर से 100 किलोमीटर तक हो सकती है। उदाहरण के लिए, एक शहर के विभिन्न बैंक शाखाओं को जोड़ने वाला नेटवर्क मैन कहलाता है।

3.3 वान (WAN - Wide Area Network)

वान सबसे बड़ा नेटवर्क है जो विभिन्न देशों तथा महाद्वीपों तक फैला होता है। इंटरनेट स्वयं एक विशाल वान है। इसमें डेटा की गति लैन की तुलना में कम होती है, परंतु भौगोलिक सीमा सबसे अधिक होती है। वान को जोड़ने के लिए टेलीफोन लाइन, फाइबर ऑप्टिक केबल, सैटेलाइट आदि का उपयोग किया जाता है।

इन तीनों के अतिरिक्त पैन (PAN - Personal Area Network) भी होता है, जो किसी व्यक्ति के निजी उपकरणों (मोबाइल, लैपटॉप, ब्लूटूथ डिवाइस) को जोड़ता है।

4. नेटवर्क टोपोलॉजी (Network Topology)

टोपोलॉजी का अर्थ है नेटवर्क में कंप्यूटरों की भौतिक या तार्किक व्यवस्था। कंप्यूटरों को जोड़ने के विभिन्न तरीकों को टोपोलॉजी कहते हैं। प्रमुख टोपोलॉजी निम्नलिखित हैं:

5. संचार माध्यम (Communication Media)

डेटा को एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर तक पहुँचाने के लिए जिस भौतिक पथ का उपयोग किया जाता है, उसे संचार माध्यम कहते हैं। ये मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:

5.1 बद्ध (गाइडेड) माध्यम (Guided Media)

5.2 अबद्ध (अनगाइडेड) माध्यम (Unguided Media)

6. नेटवर्किंग उपकरण (Networking Devices)

7. नेटवर्क प्रोटोकॉल (Network Protocols)

प्रोटोकॉल नियमों का वह समूह है जो कंप्यूटरों के बीच डेटा आदान-प्रदान की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। मुख्य प्रोटोकॉल इस प्रकार हैं:

8. डेटा ट्रांसमिशन (Data Transmission)

डेटा ट्रांसमिशन में सिग्नल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजा जाता है। सिग्नल दो प्रकार के होते हैं:

डेटा ट्रांसमिशन के मोड:

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: नेटवर्क के प्रकारों की तुलना

नेटवर्क पूर्ण नाम दूरी सीमा भौगोलिक विस्तार उदाहरण
PAN Personal Area Network 10 मीटर तक एक व्यक्ति के उपकरण ब्लूटूथ कनेक्शन
LAN Local Area Network 10 मीटर से 1 किमी एक भवन/परिसर स्कूल प्रयोगशाला नेटवर्क
MAN Metropolitan Area Network 10 किमी से 100 किमी एक शहर शहर का केबल टीवी नेटवर्क
WAN Wide Area Network पूरे विश्व में देश/महाद्वीप इंटरनेट

तालिका 2: टोपोलॉजी के गुण-दोष

टोपोलॉजी लाभ हानियाँ
बस कम केबल, सस्ती मुख्य केबल खराब होने पर पूरा नेटवर्क बंद
स्टार एक कंप्यूटर के खराब होने पर नेटवर्क चालू रहता है केंद्रीय डिवाइस के खराब होने पर नेटवर्क बंद
रिंग डेटा स्थानांतरण निश्चित दिशा में एक नोड खराब होने पर पूरा नेटवर्क बाधित
मेश सर्वाधिक विश्वसनीय केबल की लागत सबसे अधिक

तालिका 3: संचार माध्यम तथा डेटा ट्रांसमिशन

संचार माध्यम प्रकार गति उपयोग
ट्विस्टेड पेयर बद्ध (गाइडेड) मध्यम टेलीफोन लाइन
कोएक्सियल बद्ध (गाइडेड) मध्यम केबल टीवी
फाइबर ऑप्टिक बद्ध (गाइडेड) बहुत तेज़ हाई-स्पीड इंटरनेट
सैटेलाइट अबद्ध (अनगाइडेड) मध्यम वान, डिश टीवी

माइंड मैप

graph TD A["कंप्यूटर नेटवर्क"] --> B["नेटवर्क के प्रकार"] B --> B1["LAN"] B --> B2["MAN"] B --> B3["WAN"] B --> B4["PAN"] A --> C["टोपोलॉजी"] C --> C1["बस"] C --> C2["स्टार"] C --> C3["रिंग"] C --> C4["मेश"] C --> C5["ट्री"] A --> D["संचार माध्यम"] D --> D1["बद्ध: केबल"] D --> D2["अबद्ध: वायरलेस"] A --> E["नेटवर्किंग उपकरण"] E --> E1["हब, स्विच"] E --> E2["राउटर, मॉडेम"] A --> F["प्रोटोकॉल"] F --> F1["TCP/IP"] F --> F2["HTTP, FTP"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

स्टार टोपोलॉजी

स्टार टोपोलॉजी स्विच/हब कंप्यूटर 1कंप्यूटर 2 कंप्यूटर 3कंप्यूटर 4 कंप्यूटर 5कंप्यूटर 6 Golden Rule: सभी कंप्यूटर केंद्रीय उपकरण से जुड़ते हैं; केंद्रीय उपकरण के खराब होने पर पूरा नेटवर्क बंद हो जाता है।

डेटा ट्रांसमिशन मोड

डेटा ट्रांसमिशन के मोड सिम्प्लेक्स केवल एक दिशा हाफ-डुप्लेक्स एक समय में एक दिशा फुल-डुप्लेक्स दोनों दिशाएँ एक साथ फुल-डुप्लेक्स एक साथ दोनों दिशा उदाहरण: सिम्प्लेक्स = कीबोर्ड, हाफ-डुप्लेक्स = वॉकी-टॉकी, फुल-डुप्लेक्स = टेलीफोन स्वर्ण नियम: टेलीफोन और इंटरनेट फुल-डुप्लेक्स हैं, जबकि वॉकी-टॉकी हाफ-डुप्लेक्स का उदाहरण है।

सामान्य गलतियाँ

  1. छात्र लैन और वान की दूरी सीमा को आपस में मिला देते हैं; लैन 1 किमी तक जबकि वान पूरे देश/विश्व में फैला होता है।
  2. हब और स्विच को एक ही समझना गलत है; हब डेटा सभी को भेजता है जबकि स्विच केवल लक्षित डिवाइस को।
  3. मॉडेम का कार्य (डिजिटल-एनालॉग परिवर्तन) और राउटर का कार्य (मार्ग चयन) आपस में उलझा लेते हैं।
  4. यह मानना कि फाइबर ऑप्टिक में डेटा बिजली से जाता है; वास्तव में इसमें प्रकाश की किरणों से डेटा जाता है।
  5. सिम्प्लेक्स और हाफ-डुप्लेक्स में अंतर न समझ पाना; सिम्प्लेक्स में केवल एक दिशा जबकि हाफ-डुप्लेक्स में दोनों दिशाएँ किंतु एक समय में एक।
  6. एसएमटीपी (ईमेल भेजना) और पीओपी3 (ईमेल प्राप्त करना) के कार्यों में भ्रम।
  7. ट्री टोपोलॉजी और मेश टोपोलॉजी की केबल लागत को लेकर गलत निष्कर्ष निकालना।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. प्रत्येक टोपोलॉजी का एक लाभ और एक हानि रटने के बजाय तार्किक रूप से समझें।
  2. LAN, MAN, WAN और PAN की दूरी सीमा वाली तालिका याद रखें; यह सदैव पूछी जाती है।
  3. नेटवर्किंग उपकरणों के कार्यों की एक-पंक्ति परिभाषाएँ बनाएँ जैसे "मॉडेम = मॉड्यूलेशन + डिमॉड्यूलेशन"।
  4. प्रोटोकॉलों के पूर्ण रूप (TCP/IP, HTTP, FTP, SMTP) अवश्य याद करें।
  5. बद्ध और अबद्ध माध्यम के उदाहरण अलग-अलग सूची बनाकर रटें।
  6. पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों में टोपोलॉजी के आरेख अक्सर पूछे जाते हैं; स्टार और बस टोपोलॉजी का आरेख बनाने का अभ्यास करें।
  7. डेटा ट्रांसमिशन मोड के वास्तविक जीवन के उदाहरण (कीबोर्ड, वॉकी-टॉकी, टेलीफोन) याद रखें।

निष्कर्ष

नेटवर्किंग आधुनिक कंप्यूटर विज्ञान की नींव है। इस अध्याय में हमने नेटवर्क के प्रकार, टोपोलॉजी, संचार माध्यम, उपकरण तथा प्रोटोकॉल के बारे में सीखा। नेटवर्किंग की इन मूलभूत अवधारणाओं का ज्ञान हमें इंटरनेट, वेब सेवाओं और क्लाउड कंप्यूटिंग को समझने में सहायता करता है। यह अध्याय व्यावहारिक जीवन में भी अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि आज का संपूर्ण डिजिटल संसार नेटवर्क पर ही टिका हुआ है। नेटवर्क को समझकर हम यह जान सकते हैं कि हमारा डेटा किस प्रकार एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर तक यात्रा करता है और हम इसे सुरक्षित कैसे रख सकते हैं।