हमारे चारों ओर की अधिकांश वस्तुएँ — डिब्बे, पाइप, गेंद, शंकु आकार के खिलौने — त्रिविमीय (3D) आकृतियाँ हैं। इस अध्याय में हम घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोला, अर्धगोला तथा इनके संयोजन से बनी आकृतियों के पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन का अध्ययन करेंगे।
किसी त्रिविमीय आकृति की बाहरी सतह का कुल क्षेत्रफल पृष्ठीय क्षेत्रफल कहलाता है। वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल केवल वक्र सतह का क्षेत्रफल होता है, जबकि कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल में सभी फलक सम्मिलित होते हैं। आकृति के अंदर का स्थान आयतन कहलाता है।
इस अध्याय में विशेष महत्व का भाग संयुक्त आकृतियों (combination of solids) का है, जहाँ बेलन पर अर्धगोला या शंकु पर बेलन जैसी आकृतियों का निर्माण होता है। ऐसी आकृतियों का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करते समय जोड़ के क्षेत्रफल को नहीं जोड़ा जाता, बल्कि उन भागों के पृष्ठीय क्षेत्रफल जोड़े जाते हैं जो दिखाई देते हैं।
घनाभ: लंबाई $l$, चौड़ाई $b$, ऊँचाई $h$:
घन: भुजा $a$ (यहाँ $l = b = h = a$):
त्रिज्या $r$, ऊँचाई $h$:
खोखला बेलन (बाहरी त्रिज्या $R$, आंतरिक त्रिज्या $r$): - वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल: $2\pi(R + r)h$ - कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल: $2\pi(R + r)h + 2\pi(R^2 - r^2)$ - आयतन: $\pi(R^2 - r^2)h$
त्रिज्या $r$, ऊँचाई $h$, तिर्यक ऊँचाई $l$:
$$l = \sqrt{r^2 + h^2}$$
शंकु का आयतन समान आधार और समान ऊँचाई वाले बेलन के आयतन का एक-तिहाई होता है।
गोला (त्रिज्या $r$): - पृष्ठीय क्षेत्रफल: $4\pi r^2$ - आयतन: $\frac{4}{3}\pi r^3$
अर्धगोला (त्रिज्या $r$): - वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल: $2\pi r^2$ - कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल: $3\pi r^2$ - आयतन: $\frac{2}{3}\pi r^3$
जब दो या दो से अधिक आकृतियाँ जुड़ी होती हैं, तो उस संयुक्त आकृति का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करते समय जोड़ वाले क्षेत्रफल को शामिल नहीं किया जाता। उदाहरण के लिए, बेलन पर बैठा अर्धगोला:
संयुक्त आकृतियों के आयतन में सभी आकृतियों के आयतन जुड़ते हैं, परंतु पृष्ठीय क्षेत्रफल में जोड़ का क्षेत्रफल हटाया जाता है।
जब एक ठोस को पिघलाकर दूसरे ठोस में बदला जाता है, तो आयतन समान रहता है (यदि पिघलने में कोई हानि न हो)।
उदाहरण: एक गोले को पिघलाकर शंकु बनाने पर: $$\text{गोले का आयतन} = \text{शंकु का आयतन}$$ $$\frac{4}{3}\pi r_1^3 = \frac{1}{3}\pi r_2^2 h$$
इस समीकरण से अज्ञात त्रिज्या या ऊँचाई ज्ञात की जा सकती है। कुछ प्रश्नों में गोले को कई छोटे गोलों में बदला जाता है, तब बड़े गोले का आयतन छोटे गोलों के आयतनों के योग के बराबर होता है।
कुछ प्रश्नों में आयतन दिया होता है और पृष्ठीय क्षेत्रफल पूछा जाता है या इसके विपरीत। ऐसे प्रश्नों में पहले आयतन से त्रिज्या/ऊँचाई ज्ञात करें, फिर पृष्ठीय क्षेत्रफल का सूत्र लगाएँ।
उदाहरण: यदि बेलन का आयतन और ऊँचाई ज्ञात है, तो $r = \sqrt{\frac{V}{\pi h}}$ से त्रिज्या निकालकर पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात किया जा सकता है।
| आकृति | वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल | कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल |
|---|---|---|
| घनाभ | $2h(l + b)$ | $2(lb + bh + hl)$ |
| घन | $4a^2$ | $6a^2$ |
| बेलन | $2\pi rh$ | $2\pi r(h + r)$ |
| शंकु | $\pi rl$ | $\pi r(l + r)$ |
| गोला | $4\pi r^2$ | $4\pi r^2$ |
| अर्धगोला | $2\pi r^2$ | $3\pi r^2$ |
| आकृति | आयतन |
|---|---|
| घनाभ | $lbh$ |
| घन | $a^3$ |
| बेलन | $\pi r^2 h$ |
| शंकु | $\frac{1}{3}\pi r^2 h$ |
| गोला | $\frac{4}{3}\pi r^3$ |
| अर्धगोला | $\frac{2}{3}\pi r^3$ |
| संबंध | कथन |
|---|---|
| शंकु की तिर्यक ऊँचाई | $l = \sqrt{r^2 + h^2}$ |
| घन का विकर्ण | $a\sqrt{3}$ |
| परिवर्तन | पिघलाने पर आयतन समान रहता है |
पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन अध्याय में हमने घनाभ, घन, बेलन, शंकु, गोला और अर्धगोले के पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन के सूत्रों का अध्ययन किया। संयुक्त आकृतियों का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करते समय दिखाई देने वाले भागों का ही योग किया जाता है, जबकि आयतन में सब जुड़ता है। पिघलाने से परिवर्तन के प्रश्नों में आयतन संरक्षित रहता है। ये अवधारणाएँ रोजमर्रा की वस्तुओं के मापन में उपयोगी हैं। सूत्रों की तालिका याद रखकर और प्रश्नों के अभ्यास से इस अध्याय में पूर्ण अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।