दो चर वाले रैखिक समीकरणों का अध्ययन हमारे दैनिक जीवन की कई समस्याओं को हल करने में सहायक होता है। जब दो अज्ञात राशियों के बीच रैखिक संबंध होता है, तो दो रैखिक समीकरणों के युग्म के रूप में उसे व्यक्त किया जाता है। इस अध्याय में हम ऐसे युग्मों को हल करने की विभिन्न विधियों का अध्ययन करेंगे।
दो चर वाले रैखिक समीकरण का व्यापक रूप $ax + by + c = 0$ है, जहाँ $a, b, c$ वास्तविक संख्याएँ हैं और $a$ तथा $b$ दोनों एक साथ शून्य नहीं हैं। एक समीकरण के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं। दो समीकरणों के युग्म का हल वह मान होता है जो दोनों समीकरणों को एक साथ संतुष्ट करता है।
इस अध्याय में हम दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म को आलेखीय विधि और बीजीय विधियों (प्रतिस्थापन, विलोपन, वज्र-गुणन) से हल करना सीखेंगे। साथ ही हम यह भी जानेंगे कि युग्म के हल के लिए उसके अद्वितीय हल, अपरिमित हल अथवा कोई हल न होने की शर्तें क्या हैं।
दो समीकरण $a_1x + b_1y + c_1 = 0$ और $a_2x + b_2y + c_2 = 0$ पर विचार कीजिए। तीन संभावित स्थितियाँ होती हैं:
1. संगत समीकरण (अद्वितीय हल) — जब $\frac{a_1}{a_2} \neq \frac{b_1}{b_2}$। इस स्थिति में दोनों रेखाएँ एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं।
2. संगत समीकरण (अपरिमित हल) — जब $\frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} = \frac{c_1}{c_2}$। इस स्थिति में दोनों रेखाएँ संपाती होती हैं, अर्थात एक ही रेखा होती हैं।
3. असंगत समीकरण (कोई हल नहीं) — जब $\frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} \neq \frac{c_1}{c_2}$। इस स्थिति में दोनों रेखाएँ समांतर होती हैं।
| अनुपातों की तुलना | आलेखीय व्याख्या | हलों की संख्या |
|---|---|---|
| $\frac{a_1}{a_2} \neq \frac{b_1}{b_2}$ | प्रतिच्छेदी रेखाएँ | अद्वितीय हल (एक) |
| $\frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} = \frac{c_1}{c_2}$ | संपाती रेखाएँ | अपरिमित हल |
| $\frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} \neq \frac{c_1}{c_2}$ | समांतर रेखाएँ | कोई हल नहीं |
दो चर वाले रैखिक समीकरण का आलेख सदैव एक सीधी रेखा होता है। आलेखीय विधि से हल करने के लिए:
उदाहरण: $x + y = 10$ और $x - y = 4$। दोनों रेखाएँ बिंदु $(7, 3)$ पर मिलती हैं। अतः $x = 7, y = 3$ हल है।
इस विधि में एक समीकरण से एक चर को दूसरे चर के पदों में व्यक्त करके दूसरे समीकरण में प्रतिस्थापित किया जाता है।
चरण: 1. किसी एक समीकरण से एक चर को दूसरे के पदों में व्यक्त करें। 2. इस मान को दूसरे समीकरण में प्रतिस्थापित करें, जिससे एक चर वाला समीकरण प्राप्त हो। 3. इस समीकरण को हल करें और पहले चर का मान प्राप्त करें। 4. किसी भी मूल समीकरण में मान रखकर दूसरा चर ज्ञात करें।
उदाहरण: $x + y = 10$ ... (i), $x - y = 4$ ... (ii)। (ii) से $x = 4 + y$। (i) में रखने पर $4 + y + y = 10 \Rightarrow 2y = 6 \Rightarrow y = 3$। तब $x = 7$।
इस विधि में दोनों समीकरणों को उपयुक्त अचर से गुणा करके एक चर के गुणांकों को बराबर कर लिया जाता है, फिर समीकरणों को जोड़कर या घटाकर उस चर को विलोपित किया जाता है।
चरण: 1. दोनों समीकरणों को ऐसे अचरों से गुणा करें कि एक चर के गुणांक परिमाण में बराबर हो जाएँ। 2. यदि गुणांकों के चिन्ह समान हों तो घटाएँ, विपरीत हों तो जोड़ें। 3. शेष एक चर वाला समीकरण हल करें। 4. दूसरा चर किसी भी मूल समीकरण से ज्ञात करें।
उदाहरण: $3x + 2y = 11$ और $2x + 3y = 4$। दोनों को जोड़ने पर $5x + 5y = 15 \Rightarrow x + y = 3$। दोनों को घटाने पर $x - y = 7$। इन्हें हल करने पर $x = 5, y = -2$।
समीकरणों $a_1x + b_1y + c_1 = 0$ और $a_2x + b_2y + c_2 = 0$ का हल:
$$\frac{x}{b_1c_2 - b_2c_1} = \frac{y}{c_1a_2 - c_2a_1} = \frac{1}{a_1b_2 - a_2b_1}$$
इस प्रकार $x = \frac{b_1c_2 - b_2c_1}{a_1b_2 - a_2b_1}$ और $y = \frac{c_1a_2 - c_2a_1}{a_1b_2 - a_2b_1}$, बशर्ते $a_1b_2 - a_2b_1 \neq 0$।
स्मरण युक्ति: गुणांकों को वज्र-गुणन करके लिखें तथा चिन्हों पर ध्यान दें। यह विधि विशेष रूप से तब उपयोगी है जब गुणांक बड़े या भिन्नात्मक हों।
| शर्त | स्थिति | हल | रेखाओं की प्रकृति |
|---|---|---|---|
| $\frac{a_1}{a_2} \neq \frac{b_1}{b_2}$ | संगत | अद्वितीय | प्रतिच्छेदी |
| $\frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} = \frac{c_1}{c_2}$ | संगत (आश्रित) | अपरिमित | संपाती |
| $\frac{a_1}{a_2} = \frac{b_1}{b_2} \neq \frac{c_1}{c_2}$ | असंगत | शून्य | समांतर |
| विधि | मुख्य चरण | कब उपयुक्त |
|---|---|---|
| आलेखीय | रेखाएँ खींचकर प्रतिच्छेदन बिंदु | सरल गुणांक |
| प्रतिस्थापन | एक चर को दूसरे के पदों में | जब एक गुणांक 1 या -1 हो |
| विलोपन | गुणांक बराबर कर जोड़/घटाव | सभी स्थितियों में सरल |
| वज्र-गुणन | सूत्र सीधे प्रयोग | भिन्नात्मक गुणांक |
| युग्म | प्रकार | हल |
|---|---|---|
| $x + y = 5, x - y = 1$ | प्रतिच्छेदी | $x = 3, y = 2$ |
| $2x + y = 4, 4x + 2y = 8$ | संपाती | अपरिमित हल |
| $x + y = 3, 2x + 2y = 8$ | समांतर | कोई हल नहीं |
दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म का यह अध्याय हल की तीन स्थितियों — अद्वितीय, अपरिमित और शून्य हल — तथा उन्हें ज्ञात करने की आलेखीय, प्रतिस्थापन, विलोपन और वज्र-गुणन विधियों पर आधारित है। अनुपातों की तुलना युग्म का प्रकार तय करती है, जो सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। इन विधियों में दक्षता अर्जित करने से न केवल परीक्षा में पूर्ण अंक मिलेंगे, बल्कि दैनिक जीवन की समस्याओं को बीजगणितीय रूप से हल करने की क्षमता भी विकसित होगी। विधियों का खूब अभ्यास करें और प्रत्येक उत्तर का सत्यापन करें।