जब हम किसी समस्या में अज्ञात राशि के वर्ग का संबंध स्थापित होता है, तो हमें द्विघात समीकरण प्राप्त होते हैं। कक्षा 8 और 9 में आपने रैखिक समीकरणों को हल करना सीखा था। इस अध्याय में हम $ax^2 + bx + c = 0$ प्रकार के समीकरणों का अध्ययन करेंगे, जिनमें चर की महत्तम घात 2 होती है।
द्विघात समीकरण के अधिकतम दो हल होते हैं, जिन्हें समीकरण के मूल (roots) कहते हैं। मूल ज्ञात करने के लिए गुणनखंडन विधि, पूर्ण वर्ग बनाने की विधि तथा द्विघात सूत्र का प्रयोग किया जाता है। विविक्तकर (discriminant) के आधार पर मूलों की प्रकृति ज्ञात की जाती है।
यह अध्याय न केवल परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, बल्कि भौतिकी, अर्थशास्त्र और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में भी द्विघात समीकरणों का व्यापक उपयोग होता है। मूलों और गुणांकों के संबंध का ज्ञान आगे के अध्यायों में भी काम आता है।
चर $x$ में द्विघात समीकरण का व्यापक रूप है:
$$ax^2 + bx + c = 0, \quad a \neq 0$$
जहाँ $a, b, c$ वास्तविक संख्याएँ हैं। $a$ को $x^2$ का गुणांक, $b$ को $x$ का गुणांक और $c$ को अचर पद कहते हैं।
ध्यान दें: यदि $a = 0$, तो समीकरण रैखिक हो जाता है। इसलिए द्विघात समीकरण के लिए $a \neq 0$ होना अनिवार्य है।
कुछ समीकरण पहली दृष्टि में द्विघात नहीं लगते, परंतु उन्हें सरल करने पर द्विघात रूप प्राप्त होता है। उदाहरण के लिए: $$(x + 1)^2 = 2(x - 3) \Rightarrow x^2 + 2x + 1 = 2x - 6 \Rightarrow x^2 + 7 = 0$$
यह $ax^2 + bx + c = 0$ रूप में है, अतः यह द्विघात समीकरण है।
द्विघात समीकरण का मूल: जो मान $x = k$ समीकरण को संतुष्ट करता है, अर्थात $ak^2 + bk + c = 0$, वह समीकरण का मूल कहलाता है।
इस विधि में द्विघात बहुपद को दो रैखिक गुणनखंडों में विभक्त किया जाता है, फिर प्रत्येक गुणनखंड को शून्य के बराबर रखकर हल किया जाता है।
चरण: 1. समीकरण को $ax^2 + bx + c = 0$ रूप में लिखें। 2. मध्य पद को दो पदों में विभाजित करें, जैसे $a \times c$ के दो गुणनखंड जिनका योग $b$ हो। 3. समूह बनाकर गुणनखंड करें। 4. प्रत्येक गुणनखंड को शून्य रखकर $x$ के मान ज्ञात करें।
उदाहरण: $x^2 - 5x + 6 = 0$ $$x^2 - 2x - 3x + 6 = 0$$ $$x(x - 2) - 3(x - 2) = 0$$ $$(x - 2)(x - 3) = 0$$ अतः $x = 2$ या $x = 3$। मूल: 2 और 3।
ध्यान दें: यह विधि केवल तभी प्रयुक्त होती है जब द्विघात बहुपद के परिमेय गुणनखंड हों।
इस विधि में द्विघात समीकरण को $(x + p)^2 = q$ के रूप में बदला जाता है, जिससे $x$ का मान सरलता से प्राप्त होता है।
चरण: 1. समीकरण को $ax^2 + bx + c = 0$ रूप में लिखें। 2. यदि $a \neq 1$, तो पूरे समीकरण को $a$ से भाग दें। 3. अचर पद को दाईं ओर ले जाएँ। 4. $x$ के गुणांक के आधे के वर्ग को दोनों ओर जोड़ें। 5. बाएँ पक्ष को पूर्ण वर्ग के रूप में लिखें और दाईं ओर का वर्गमूल लेकर $x$ के दो मान प्राप्त करें।
उदाहरण: $x^2 + 4x - 5 = 0$ $$x^2 + 4x = 5$$ $$x^2 + 4x + 4 = 5 + 4$$ $$(x + 2)^2 = 9$$ $$x + 2 = \pm 3 \Rightarrow x = 1 \text{ या } x = -5$$
$ax^2 + bx + c = 0$ के मूल इस सूत्र से प्राप्त होते हैं:
$$x = \frac{-b \pm \sqrt{b^2 - 4ac}}{2a}$$
यह सूत्र पूर्ण वर्ग बनाने की विधि से ही व्युत्पन्न किया जाता है और सभी द्विघात समीकरणों के लिए प्रयोज्य है। यहाँ $b^2 - 4ac$ को विविक्तकर (Discriminant) कहते हैं, जिसे $D$ से निरूपित करते हैं:
$$D = b^2 - 4ac$$
| विविक्तकर $D = b^2 - 4ac$ | मूलों की प्रकृति |
|---|---|
| $D > 0$ | दो भिन्न वास्तविक मूल |
| $D = 0$ | दो समान वास्तविक मूल |
| $D < 0$ | कोई वास्तविक मूल नहीं (काल्पनिक मूल) |
उदाहरण: $x^2 + 4x + 4 = 0$ के लिए $D = 16 - 16 = 0$, अतः दोनों मूल समान हैं। वास्तव में मूल $-2$ और $-2$ हैं।
यदि $\alpha$ और $\beta$ समीकरण $ax^2 + bx + c = 0$ के मूल हैं, तो:
$$\alpha + \beta = -\frac{b}{a}, \quad \alpha\beta = \frac{c}{a}$$
इन संबंधों का प्रयोग मूलों की सहायता से द्विघात समीकरण बनाने में होता है। यदि मूल $\alpha$ और $\beta$ दिए हों, तो समीकरण:
$$x^2 - (\alpha + \beta)x + \alpha\beta = 0$$
उदाहरण: यदि मूल 3 और -2 हैं, तो $\alpha + \beta = 1$, $\alpha\beta = -6$, अतः समीकरण $x^2 - x - 6 = 0$।
| विधि | उपयुक्तता | सूत्र/चरण |
|---|---|---|
| गुणनखंडन | परिमेय मूल हों | $(px + q)(rx + s) = 0$ |
| पूर्ण वर्ग | सभी समीकरण | $(x + p)^2 = q$ बनाएँ |
| द्विघात सूत्र | सभी समीकरण | $x = \frac{-b \pm \sqrt{D}}{2a}$ |
| $D$ का मान | मूल | आलेखीय अर्थ |
|---|---|---|
| $D > 0$ | दो भिन्न वास्तविक | परवलय $x$-अक्ष को दो बिंदुओं पर काटता है |
| $D = 0$ | दो समान वास्तविक | परवलय $x$-अक्ष को स्पर्श करता है |
| $D < 0$ | कोई वास्तविक मूल नहीं | परवलय $x$-अक्ष को नहीं काटता |
| समीकरण | $\alpha + \beta$ | $\alpha\beta$ |
|---|---|---|
| $x^2 - 5x + 6 = 0$ | 5 | 6 |
| $2x^2 + 3x - 2 = 0$ | $-\frac{3}{2}$ | $-1$ |
द्विघात समीकरण अध्याय में हमने समीकरण के मानक रूप, मूल ज्ञात करने की तीन विधियाँ, विविक्तकर के आधार पर मूलों की प्रकृति तथा मूलों और गुणांकों के संबंध का अध्ययन किया। द्विघात सूत्र सबसे शक्तिशाली विधि है जो प्रत्येक स्थिति में मूल देता है। विविक्तकर का विश्लेषण करके हम बिना हल किए ही मूलों के बारे में निष्कर्ष निकाल सकते हैं। इस अध्याय के अच्छे अभ्यास से परीक्षा में निश्चित अंक प्राप्त होते हैं तथा बीजगणित की नींव मजबूत होती है।