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1. परिचय

ऊर्जा किसी भी कार्य को करने की क्षमता है, और मानव सभ्यता के विकास में ऊर्जा सदैव केन्द्रीय भूमिका निभाती रही है। प्रारम्भिक मानव अग्नि से ऊष्मा और प्रकाश प्राप्त करता था, किन्तु आज हमें विद्युत, ईंधन, परिवहन, कृषि, उद्योग और घरेलू कार्यों के लिए विभिन्न प्रकार की ऊर्जा की आवश्यकता होती है। पृथ्वी पर ऊर्जा के अनेक स्रोत उपलब्ध हैं, जिनमें सूर्य, पवन, जल, भूताप, बायोमास, कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस तथा परमाणु नाभिक शामिल हैं। इन स्रोतों को नवीकरणीय (Renewable) और अनवीकरणीय (Non-renewable) ऊर्जा स्रोतों के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

किसी अच्छे ऊर्जा स्रोत के गुणों में उच्च ऊर्जा घनत्व, सरल उपलब्धता, सस्ता भण्डारण, पर्यावरण के अनुकूल होना तथा अधिक मात्रा में ऊर्जा प्रदान करना शामिल है। जैसे-जैसे जनसंख्या और विकास की माँग बढ़ रही है, वैसे-वैसे ऊर्जा की आवश्यकता भी निरन्तर बढ़ रही है। इसलिए यह आवश्यक है कि हम ऊर्जा के स्रोतों की विशेषताओं, उनकी सीमाओं तथा उनके प्रभावी उपयोग को भली-भाँति समझें, ताकि ऊर्जा की आपूर्ति सतत (Sustainable) बनी रह सके। इस अध्याय में हम ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों का विस्तृत अध्ययन करेंगे।

2. ऊर्जा के स्रोतों का वर्गीकरण

ऊर्जा के स्रोतों को उनकी उपलब्धता के आधार पर दो मुख्य वर्गों में विभाजित किया गया है:

  1. नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत: वे स्रोत जिन्हें प्रकृति निरन्तर भरती रहती है और जो कभी समाप्त नहीं होते, जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल विद्युत, ज्वारीय ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा और बायोमास। इन्हें निःशेष्य (Inexhaustible) स्रोत भी कहा जाता है। ये पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और इनसे प्रदूषण नगण्य होता है।
  2. अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत: वे स्रोत जो सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं और एक बार उपयोग हो जाने पर पुनः प्राप्त नहीं हो सकते, जैसे कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और परमाणु ईंधन (यूरेनियम)। इन्हें निःशेष्य (Exhaustible) स्रोत कहते हैं। ये जीवाश्म ईंधन लाखों वर्षों में जीवों के अपघटन से बने हैं, अतः इनका भण्डार सीमित है और इनके दहन से पर्यावरण प्रदूषित होता है।

अच्छे ऊर्जा स्रोत के लक्षण: प्रति इकाई द्रव्यमान में अधिक ऊर्जा दें, सरलता से और सस्ते में उपलब्ध हों, सुरक्षित तथा भण्डारण योग्य हों, और पर्यावरण को न्यूनतम क्षति पहुँचाएँ।

3. जीवाश्म ईंधन

कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को जीवाश्म ईंधन कहते हैं, क्योंकि ये लाखों वर्ष पूर्व मृत पौधों और जीवों के दबाव तथा ऊष्मा में अपघटन से बने हैं। इनका उपयोग विद्युत उत्पादन, परिवहन, उद्योग तथा घरेलू कार्यों में होता है।

जीवाश्म ईंधन की सीमाएँ:

4. सौर ऊर्जा

सूर्य ऊर्जा का सबसे विशाल स्रोत है। सौर ऊर्जा एक नवीकरणीय, प्रदूषण मुक्त और असीमित ऊर्जा स्रोत है। सौर ऊर्जा के उपयोग के मुख्य साधन निम्न हैं:

  1. सौर कुकर: यह सूर्य के प्रकाश को समतल दर्पणों द्वारा केन्द्रीय कृष्ण (काले) अवशोषक पात्र पर केन्द्रित करता है। यह केवल दिन के समय कार्य करता है।
  2. सौर जल तापक: यह काले पाइपों में जल को सौर विकिरण से गर्म करता है; इसमें ग्रीनहाउस प्रभाव का उपयोग होता है।
  3. सौर सेल: यह सौर ऊर्जा को सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। यह मुख्यतः सिलिकॉन (अर्द्धचालक) से बना होता है तथा लगभग 0.5-1 वोल्ट विभवांतर उत्पन्न करता है।
  4. सौर सेल पैनल: अनेक सौर सेलों को श्रेणीक्रम या पार्श्वक्रम में जोड़कर बनाया जाता है। इसका उपयोग उपग्रहों, सड़क संकेतकों तथा ट्रैफिक लाइटों में होता है।
  5. सौर विद्युत संयंत्र: इसमें सूर्य के प्रकाश को केन्द्रित करके जल से भाप बनाई जाती है, जिससे टरबाइन घूमकर विद्युत उत्पन्न करता है।

सौर ऊर्जा की सीमाएँ: सौर कुकर केवल दिन में तथा साफ मौसम में कार्य करता है। सौर सेल के लिए सिलिकॉन की अधिक मात्रा चाहिए जो महँगी है।

5. पवन ऊर्जा

गतिशील वायु को पवन कहते हैं और पवन की गतिज ऊर्जा से प्राप्त ऊर्जा को पवन ऊर्जा कहते हैं। पवन चक्कियों के ब्लेड पवन की गतिज ऊर्जा ग्रहण करके विद्युत जनित्र को घुमाते हैं। पवन खेत (Wind Farm) वे स्थान हैं जहाँ बड़ी संख्या में पवन चक्कियाँ स्थापित होती हैं। पवन ऊर्जा नवीकरणीय तथा प्रदूषण मुक्त स्रोत है, और भारत का पवन ऊर्जा क्षेत्र विश्व में अग्रणी है। सीमाएँ - पवन चक्कियों के लिए न्यूनतम 15 किमी/घंटा की पवन गति आवश्यक है तथा पवन की गति अनिश्चित होती है।

6. जल विद्युत, ज्वारीय एवं तरंग ऊर्जा

बहते या गिरते जल की गतिज ऊर्जा से उत्पन्न विद्युत जल विद्युत कहलाती है। नदियों पर बाँध बनाकर जल को ऊँचाई से गिराया जाता है, जिससे स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदलकर टरबाइनों को घुमाती है। जल विद्युत स्वच्छ एवं नवीकरणीय स्रोत है, परन्तु बाँधों से विस्थापन तथा जलीय पारिस्थितिकी पर प्रभाव जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। ज्वारीय ऊर्जा समुद्र में चाँद के आकर्षण से उत्पन्न ज्वार से प्राप्त होती है। तरंग ऊर्जा समुद्र की तरंगों की गतिज ऊर्जा से प्राप्त होती है।

7. भूतापीय ऊर्जा एवं बायोमास

पृथ्वी के आन्तरिक भाग की ऊष्मा से प्राप्त ऊर्जा भूतापीय ऊर्जा कहलाती है। भूतापीय क्षेत्रों में जल ऊष्माग्रस्त चट्टानों के सम्पर्क में आकर भाप बन जाता है, जो टरबाइन घुमाकर विद्युत उत्पन्न करता है। यह नवीकरणीय स्रोत है, किन्तु इसकी उपलब्धता केवल विशिष्ट भूगर्भीय क्षेत्रों में ही होती है; भारत में लद्दाख का पुगा घाटी भूतापीय क्षेत्र है।

पौधों तथा जन्तुओं से प्राप्त कार्बनिक पदार्थों को बायोमास कहते हैं। जब बायोमास (गोबर, सीवेज, फसल अवशेष) को वायु की अनुपस्थिति में (अवायवीय परिस्थितियों में) जीवाणुओं द्वारा अपघटित किया जाता है तो बायोगैस बनती है। बायोगैस में मुख्य रूप से मीथेन (CH₄), कार्बन डाइऑक्साइड तथा हाइड्रोजन होती है। मीथेन के कारण यह उत्कृष्ट ईंधन है। बायोगैस का उपयोग खाना पकाने, प्रकाश तथा विद्युत उत्पादन में होता है, और बची हुई स्लरी का उपयोग उर्वरक के रूप में होता है।

8. परमाणु ऊर्जा

परमाणु के केन्द्रक में अत्यधिक ऊर्जा संग्रहीत होती है। परमाणु नाभिकों से निकली ऊर्जा को परमाणु ऊर्जा कहते हैं। यह दो प्रकार से प्राप्त होती है:

  1. नाभिकीय विखंडन: भारी नाभिक (जैसे यूरेनियम-235) को न्यूट्रॉन से टकराकर दो हल्के नाभिकों में विभाजित किया जाता है। इस प्रक्रिया में अपार ऊर्जा मुक्त होती है। परमाणु ऊर्जा संयंत्र इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
  2. नाभिकीय संलयन: दो हल्के नाभिक (जैसे हाइड्रोजन) मिलकर एक भारी नाभिक (हीलियम) बनाते हैं। यही प्रक्रिया सूर्य में होती है। नियन्त्रित संलयन की तकनीक अभी पूर्ण रूप से विकसित नहीं है।

सीमाएँ: यूरेनियम सीमित है, रेडियोधर्मी कचरे के निपटान की समस्या गम्भीर है तथा दुर्घटनाएँ जानलेवा हो सकती हैं। किन्तु एक ग्राम यूरेनियम से लगभग 3 टन कोयले के बराबर ऊर्जा प्राप्त होती है।

9. ऊर्जा का रूपांतरण और सतत विकास

ऊर्जा एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित हो सकती है। सौर सेल में प्रकाश ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा; पवन चक्की में गतिज ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा; ताप विद्युत संयंत्र में रासायनिक ऊर्जा → ऊष्मा → गतिज → विद्युत। ऊर्जा संरक्षण के लिए हमें जीवाश्म ईंधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए, नवीकरणीय स्रोतों को अपनाना चाहिए तथा ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करना चाहिए। ऊर्जा का सतत विकास वह रणनीति है जो भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं से समझौता किए बिना वर्तमान की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करती है।

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: नवीकरणीय एवं अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत

ऊर्जा स्रोत प्रकार उदाहरण मुख्य विशेषता
सौर ऊर्जा नवीकरणीय सूर्य असीमित, प्रदूषण मुक्त
पवन ऊर्जा नवीकरणीय पवन चक्की न्यूनतम 15 किमी/घंटा गति
जल विद्युत नवीकरणीय बाँध टरबाइन से विद्युत
बायोमास नवीकरणीय गोबर बायोगैस - मीथेन
कोयला अनवीकरणीय जीवाश्म ईंधन सीमित, प्रदूषणकारी
पेट्रोलियम अनवीकरणीय जीवाश्म ईंधन परिवहन का मुख्य ईंधन
परमाणु ईंधन अनवीकरणीय यूरेनियम-235 नाभिकीय विखंडन

तालिका 2: ऊर्जा रूपांतरण के उपकरण

उपकरण ऊर्जा रूपांतरण
सौर सेल प्रकाश ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा
पवन चक्की गतिज ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा
विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा → यांत्रिक ऊर्जा
विद्युत जनित्र यांत्रिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा
सौर कुकर प्रकाश ऊर्जा → ऊष्मा ऊर्जा

माइंड मैप

graph TD A["ऊर्जा के स्रोत"] --> B["नवीकरणीय"] A --> C["अनवीकरणीय"] B --> B1["सौर ऊर्जा"] B --> B2["पवन ऊर्जा"] B --> B3["जल विद्युत"] B --> B4["भूतापीय ऊर्जा"] B --> B5["ज्वारीय ऊर्जा"] B --> B6["बायोमास / बायोगैस"] B1 --> B1a["सौर सेल - सिलिकॉन"] B1 --> B1b["सौर कुकर - दर्पण"] C --> C1["कोयला"] C --> C2["पेट्रोलियम"] C --> C3["प्राकृतिक गैस"] C --> C4["परमाणु ईंधन"] C4 --> C4a["विखंडन - यूरेनियम"] C4 --> C4b["संलयन - सूर्य में"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

आरेख 1: ऊर्जा स्रोतों का वर्गीकरण

ऊर्जा के स्रोतों का वर्गीकरण ऊर्जा के स्रोत नवीकरणीय (असीमित) अनवीकरणीय (सीमित) सौर ऊर्जा पवन ऊर्जा बायोगैस कोयला पेट्रोलियम यूरेनियम जीवाश्म ईंधन लाखों वर्षों में अपघटन से बने दहन से CO₂ उत्सर्जित, ग्लोबल वार्मिंग स्वर्ण नियम अच्छा ऊर्जा स्रोत: अधिक ऊर्जा, कम प्रदूषण, सस्ता भण्डारण

आरेख 2: बायोगैस संयंत्र

बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र गोबर + जल का मिश्रण (स्लरी) इनलेट डाइजेस्टर टंकी अवायवीय (वायु रहित) अपघटन जीवाणुओं द्वारा बायोगैस बनती है (गुंबद में गैस एकत्र होती है) बायो गैस CH4 CO2 स्लरी (कीचड़) उर्वरक के रूप में बायोगैस का उपयोग खाना पकाना, प्रकाश Golden Rule बायोगैस में मीथेन (CH4) के कारण यह उत्कृष्ट ईंधन है

सामान्य गलतियाँ

  1. छात्र जीवाश्म ईंधनों को नवीकरणीय मान लेते हैं; कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस अनवीकरणीय स्रोत हैं।
  2. सौर सेल का कार्य "विद्युत ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा" में बदलना लिख दिया जाता है; सौर सेल प्रकाश ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है।
  3. पवन ऊर्जा के लिए न्यूनतम 15 किमी/घंटा गति आवश्यक है, जिसे भूल जाते हैं।
  4. बायोगैस का मुख्य घटक CO₂ बता दिया जाता है; मुख्य दहनशील घटक मीथेन (CH₄) है।
  5. नाभिकीय संलयन और विखंडन में भेद नहीं कर पाते - संलयन में हल्के नाभिक मिलते हैं (सूर्य में), विखंडन में भारी नाभिक टूटता है (यूरेनियम)।
  6. भूतापीय ऊर्जा को जल विद्युत समझ लिया जाता है; यह पृथ्वी के आन्तरिक ताप से प्राप्त होती है।
  7. सौर कुकर रात में कार्य करता है बता दिया जाता है; यह केवल दिन में कार्य करता है।
  8. ऊर्जा रूपांतरण में सौर कुकर को "प्रकाश से विद्युत" बता दिया जाता है; वह प्रकाश को ऊष्मा में बदलता है।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. नवीकरणीय और अनवीकरणीय स्रोतों की तुलना लिखते समय कम से कम 3 उदाहरण तथा एक विशेषता लिखें।
  2. बायोगैस संयंत्र का नामांकित चित्र बनाना सीखें - परीक्षा में सबसे अधिक पूछा जाने वाला आरेख है।
  3. सौर ऊर्जा के प्रश्न में "सौर सेल का सिद्धांत" तथा "सिलिकॉन" शब्द अवश्य लिखें।
  4. परमाणु ऊर्जा के प्रश्न में विखंडन (यूरेनियम-235) तथा संलयन (सूर्य) का उल्लेख करें।
  5. ऊर्जा स्रोत की "सीमाएँ" पूछे जाने पर प्रत्येक स्रोत की कम से कम दो सीमाएँ लिखें।
  6. जीवाश्म ईंधन के दुष्प्रभाव (CO₂, ग्लोबल वार्मिंग) उदाहरण सहित समझाएँ।
  7. बहुविकल्पी प्रश्नों में "मीथेन" और "सिलिकॉन" जैसे की-शब्दों पर ध्यान दें।
  8. उत्तर संक्षेप में परन्तु सभी बिंदुओं सहित लिखें और आरेख पर लेबल अवश्य करें।

निष्कर्ष

ऊर्जा मानव जीवन और विकास का आधार है। ऊर्जा के स्रोतों को नवीकरणीय और अनवीकरणीय में वर्गीकृत किया गया है, जिनमें सौर, पवन, जल, भूतापीय और बायोगैस नवीकरणीय हैं, जबकि कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और यूरेनियम अनवीकरणीय हैं। जीवाश्म ईंधन सीमित होने के साथ-साथ प्रदूषण के भी कारण हैं, अतः हमें उनके स्थान पर स्वच्छ नवीकरणीय स्रोतों को अपनाना होगा। सौर सेल, बायोगैस संयंत्र और पवन चक्की जैसी तकनीकें ऊर्जा संकट का समाधान हैं। ऊर्जा संरक्षण एवं सतत विकास के सिद्धांतों का पालन करके ही हम भविष्य के लिए सुरक्षित ऊर्जा सुनिश्चित कर सकते हैं।