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1. परिचय

वृद्धि (Growth) किसी जीव के आकार या आयतन में होने वाली स्थायी और अपरिवर्तनीय वृद्धि है। पादपों में वृद्धि जीवन भर जारी रहती है। पादप वृद्धि कोशिका विभाजन, कोशिका विस्तार और कोशिका विभेदन के माध्यम से होती है। परिवर्धन (Development) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक युग्मनज से वयस्क पादप का निर्माण होता है। इस अध्याय में हम पादप वृद्धि, पादप हार्मोन और फोटोपीरियोडिज्म का अध्ययन करेंगे।

2. वृद्धि की विशेषताएँ

पादप वृद्धि की प्रमुख विशेषताएँ: 1. वृद्धि स्थायी और अपरिवर्तनीय होती है। 2. वृद्धि मापने योग्य होती है - जैसे लंबाई, आयतन, वजन। 3. वृद्धि विभज्योतक ऊतकों में होती है। 4. वृद्धि की अवस्थाएँ होती हैं - विभाजन अवस्था, विस्तार अवस्था और विभेदन अवस्था।

वृद्धि की अवस्थाएँ:

3. वृद्धि का मापन (Measurement of Growth)

वृद्धि को कई प्रकार से मापा जा सकता है: - पादप की लंबाई में वृद्धि - पत्तियों की संख्या - क्षेत्रफल में वृद्धि - शुष्क भार (dry weight) में वृद्धि - आयतन में वृद्धि

वृद्धि दर (Growth Rate)

प्रति इकाई समय में होने वाली वृद्धि को वृद्धि दर कहते हैं। दो प्रकार: 1. अंकगणितीय वृद्धि (Arithmetic growth): नियत दर से वृद्धि, जैसे एक कोशिका प्रति समय। 2. ज्यामितीय वृद्धि (Geometric growth): वृद्धि दर समय के साथ बढ़ती है, जैसे 2, 4, 8, 16।

4. पादप हार्मोन (Plant Hormones)

पादप हार्मोन वे रासायनिक पदार्थ हैं जो पादप की वृद्धि और विकास को नियंत्रित करते हैं। ये बहुत कम मात्रा में कार्य करते हैं। प्रमुख पादप हार्मोन:

ऑक्सिन (Auxin)

जिबरेलिन (Gibberellins)

साइटोकाइनिन (Cytokinins)

एब्सिसिक अम्ल (ABA)

एथिलीन (Ethylene)

5. फोटोपीरियोडिज्म (Photoperiodism)

पुष्पण (flowering) पर दिन और रात की सापेक्ष लंबाई का प्रभाव फोटोपीरियोडिज्म कहलाता है। इसका अध्ययन गार्नर और एलार्ड ने किया।

पादपों के प्रकार:

  1. दीर्घ दिवस पादप (Long day plants): इनमें पुष्पण के लिए दिन लंबा होना चाहिए। जैसे गेहूँ, जौ।
  2. ह्रस्व दिवस पादप (Short day plants): इनमें पुष्पण के लिए दिन छोटा (रात लंबी) होना चाहिए। जैसे तम्बाकू, गेंदा।
  3. उदासीन दिवस पादप (Day neutral plants): इनमें दिन की लंबाई का कोई प्रभाव नहीं होता। जैसे टमाटर, बैंगन।

वर्नालाइजेशन (Vernalization)

बीजों या बीजों के नम अवस्था को ठंडे तापमान पर रखने की प्रक्रिया जो पुष्पण को प्रेरित करती है, वर्नालाइजेशन कहलाती है। उदाहरण - गेहूँ की शरद ऋतु की किस्मों में।

6. पादप गति (Plant Movements)

पादपों में विभिन्न प्रकार की गतियाँ होती हैं: - ट्रोपिक गति (Tropic movements): दिशात्मक गति - फोटोट्रोपिज्म (प्रकाश की ओर), जियोट्रोपिज्म (गुरुत्वाकर्षण), हाइड्रोट्रोपिज्म (जल की ओर)। - नेस्टिक गति (Nastic movements): अदिशात्मक गति - छुईमुई का सिकुड़ना, ग्रहणी पत्तियों का बंद होना। - फोटोनैस्टिक गति: प्रकाश के प्रति अदिशात्मक गति।

graph TD A["पादप वृद्धि एवं परिवर्धन"] --> B["वृद्धि: विभाजन → विस्तार → विभेदन"] A --> C["पादप हार्मोन"] C --> C1["ऑक्सिन: कोशिका विस्तार"] C --> C2["जिबरेलिन: तना लंबाई"] C --> C3["साइटोकाइनिन: कोशिका विभाजन"] C --> C4["ABA: वृद्धि अवरोधक"] C --> C5["एथिलीन: फल पकाना"] A --> D["फोटोपीरियोडिज्म"] D --> D1["दीर्घ/ह्रस्व/उदासीन दिवस"] A --> E["वर्नालाइजेशन"]

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: पादप हार्मोन और उनके कार्य

हार्मोन मुख्य कार्य
ऑक्सिन (IAA) कोशिका विस्तार, शिखर प्रभुत्व
जिबरेलिन (GA) तना लंबाई, अंकुरण
साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन
ABA वृद्धि अवरोधन, रंध्र बंद
एथिलीन फल पकाना

तालिका 2: फोटोपीरियोडिज्म के प्रकार

पादप प्रकार पुष्पण की आवश्यकता उदाहरण
दीर्घ दिवस दिन लंबा गेहूँ, जौ
ह्रस्व दिवस दिन छोटा तम्बाकू
उदासीन दिवस कोई प्रभाव नहीं टमाटर

माइंड मैप

graph TD A["पादप वृद्धि एवं परिवर्धन"] --> B["वृद्धि: अंकगणितीय/ज्यामितीय"] A --> C["हार्मोन: ऑक्सिन, GA, साइटोकाइनिन, ABA, एथिलीन"] A --> D["फोटोपीरियोडिज्म"] A --> E["वर्नालाइजेशन"] A --> F["गतियाँ: ट्रोपिक/नेस्टिक"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

पादप हार्मोन और उनके कार्य ऑक्सिन (IAA) कोशिका विस्तार, शिखर प्रभुत्व जिबरेलिन (GA) तना लंबाई, बीज अंकुरण साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन, उम्र बढ़ने में देरी ABA वृद्धि अवरोधक, रंध्र बंद करना एथिलीन फल पकाना, गैसीय हार्मोन 2,4-D (ऑक्सिन) खरपतवार नाशक, जड़ें निकालना एथिलीन एकमात्र गैसीय पादप हार्मोन है Golden Rule (स्वर्ण नियम): ऑक्सिन+जिबरेलिन+साइटोकाइनिन वृद्धि उत्तेजक, ABA वृद्धि अवरोधक है
वृद्धि के चरण और हार्मोन नियंत्रण विभाजन अवस्था विभज्योतक में साइटोकाइनिन सक्रिय विस्तार अवस्था कोशिका लंबी होती है ऑक्सिन सक्रिय विभेदन अवस्था कोशिकाएँ विशेष कार्य ग्रहण करती हैं वृद्धि दर: अंकगणितीय (1,2,3) या ज्यामितीय (2,4,8) फोटोपीरियोडिज्म: गार्नर और एलार्ड स्वर्ण नियम (Golden Rule): वृद्धि की तीन अवस्थाएँ: विभाजन, विस्तार, विभेदन - क्रम याद रखें

7. पादप गतियों का विस्तृत अध्ययन

पादपों में विभिन्न प्रकार की गतियाँ देखी जाती हैं। ट्रोपिक गतियाँ (tropic movements) दिशात्मक होती हैं, जिसमें पादप का झुकाव उत्तेजना की दिशा की ओर या विपरीत होता है। फोटोट्रोपिज्म में तना प्रकाश की ओर झुकता है, जो ऑक्सिन के असमान वितरण के कारण होता है। जियोट्रोपिज्म में जड़ गुरुत्वाकर्षण की दिशा में (धनात्मक) और तना उसके विपरीत (ऋणात्मक) बढ़ता है। हाइड्रोट्रोपिज्म में जड़ें जल की ओर बढ़ती हैं। थिग्मोट्रोपिज्म में स्पर्श के प्रति गति होती है, जैसे मटर की मूँछ (tendril) सहारे के चारों ओर लपेटती है। नेस्टिक गतियाँ (nastic movements) अदिशात्मक होती हैं, जिनमें उत्तेजना की दिशा का प्रभाव नहीं होता। छुईमुई की पत्तियों का स्पर्श पर सिकुड़ना सीज्मोनैस्टिक गति का उदाहरण है। ग्रहणी पादपों (जैसे पिचर प्लांट) में कीट स्पर्श पर पत्तियाँ बंद हो जाती हैं। ये गतियाँ पर्यावरणीय परिवर्तनों के प्रति पादपों के अनुकूलन को दर्शाती हैं। पादप वृद्धि का ज्ञान कृषि में फसल प्रबंधन, फलों के आकार बढ़ाने और उत्पादकता सुधारने में व्यावहारिक उपयोगी है।

सामान्य गलतियाँ

  1. गलत धारणा: एथिलीन द्रव हार्मोन है - यह एकमात्र गैसीय हार्मोन है।
  2. गलत धारणा: ABA वृद्धि को बढ़ावा देता है - यह वृद्धि अवरोधक है।
  3. गलत धारणा: ऑक्सिन पत्तियों का झड़ना बढ़ाता है - एथिलीन और ABA पत्ती झड़ने में सहायक हैं।
  4. गलत धारणा: साइटोकाइनिन तना लंबाई बढ़ाता है - यह कोशिका विभाजन बढ़ाता है; तना लंबाई जिबरेलिन बढ़ाता है।
  5. गलत धारणा: सभी पादपों में फोटोपीरियोडिज्म प्रभाव होता है - उदासीन दिवस पादपों में नहीं।
  6. गलत धारणा: वृद्धि प्रतिवर्ती होती है - यह स्थायी और अपरिवर्तनीय है।
  7. गलत धारणा: 2,4-D एक जिबरेलिन है - यह ऑक्सिन है जो खरपतवार नाशक का कार्य करता है।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. पाँचों पादप हार्मोन और उनके कार्य याद रखें।
  2. एथिलीन को गैसीय हार्मोन के रूप में याद रखें।
  3. फोटोपीरियोडिज्म के तीन प्रकारों के उदाहरण याद रखें।
  4. वृद्धि की अवस्थाओं का क्रम याद रखें।
  5. वर्नालाइजेशन की अवधारणा और उदाहरण तैयार रखें।
  6. ट्रोपिक और नेस्टिक गतियों का अंतर समझें।
  7. ऑक्सिन के व्यावहारिक उपयोग (कटिंग में जड़ें, 2,4-D) याद रखें।

निष्कर्ष

इस अध्याय में हमने पादप वृद्धि की प्रक्रिया, वृद्धि दर के प्रकार, पादप हार्मोन (ऑक्सिन, जिबरेलिन, साइटोकाइनिन, ABA, एथिलीन) और उनके कार्यों का अध्ययन किया। फोटोपीरियोडिज्म और वर्नालाइजेशन के माध्यम से पुष्पण के नियंत्रण को समझा। पादप गतियों (ट्रोपिक और नेस्टिक) का ज्ञान भी प्राप्त किया। यह अध्याय कृषि विज्ञान और पादप प्रौद्योगिकी के अध्ययन का आधार है।