श्वसन (Respiration) वह प्रक्रिया है जिसमें कार्बनिक यौगिकों (मुख्यतः ग्लूकोज) का ऑक्सीकरण होकर ऊर्जा (ATP) मुक्त होती है। श्वसन में CO₂ और H₂O का निर्माण होता है। श्वसन की समग्र अभिक्रिया:
पादपों में श्वसन जीवन भर चलता रहता है। पादप जल में घुली ऑक्सीजन का भी उपयोग कर सकते हैं।
2. श्वसन के प्रकार
वायवीय श्वसन (Aerobic Respiration)
इसमें ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है।
ग्लूकोज पूर्ण रूप से ऑक्सीकृत होकर CO₂ और H₂O बनता है।
बहुत अधिक ऊर्जा (लगभग 36-38 ATP) मुक्त होती है।
अवायवीय श्वसन (Anaerobic Respiration)
इसमें ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती।
ग्लूकोज का आंशिक ऑक्सीकरण होता है।
बहुत कम ऊर्जा (2 ATP) मुक्त होती है।
अंतिम उत्पाद इथेनॉल और CO₂ (यीस्ट में) या लैक्टिक अम्ल (पेशियों में)।
3. श्वसन की अवस्थाएँ (Stages of Respiration)
श्वसन चार मुख्य अवस्थाओं में संपन्न होता है:
1. ग्लाइकोलाइसिस (Glycolysis)
यह कोशिका द्रव्य (साइटोप्लाज्म) में होता है।
इसमें ग्लूकोज (6-कार्बन) का दो अणु पाइरुविक अम्ल (3-कार्बन) में अपघटन होता है।
इसमें 2 ATP और 2 NADH का शुद्ध लाभ होता है।
इसे EMP मार्ग (एम्बडेन-मेयरहॉफ-पारनास मार्ग) भी कहते हैं।
पाइरुविक अम्ल क्रेब्स चक्र का प्रारंभिक पदार्थ है।
2. पाइरुविक अम्ल का ऑक्सीकरण (Oxidative Decarboxylation)
पाइरुविक अम्ल (3-कार्बन) माइटोकॉन्ड्रिया में प्रवेश करता है।
यह CO₂ मुक्त करके एसिटाइल CoA (2-कार्बन) में परिवर्तित होता है।
इस प्रक्रिया में NADH बनता है।
3. क्रेब्स चक्र (Krebs Cycle / TCA Cycle)
यह माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में होता है।
इसे साइट्रिक अम्ल चक्र या TCA चक्र भी कहते हैं।
एसिटाइल CoA का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है।
प्रति एसिटाइल CoA से 2 CO₂, 3 NADH, 1 FADH₂ और 1 ATP बनता है।
इसकी खोज हांस क्रेब्स ने की।
4. इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र (ETS) और ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलेशन
यह माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर होता है।
NADH और FADH₂ अपने इलेक्ट्रॉन ETS को देते हैं।
इलेक्ट्रॉन परिवहन के दौरान ATP का संश्लेषण होता है, जिसे ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलेशन कहते हैं।
NADH से लगभग 3 ATP और FADH₂ से 2 ATP बनते हैं।
इसमें O₂ अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्राही है।
4. ऊर्जा की गणना (ATP Yield)
एक अणु ग्लूकोज के पूर्ण ऑक्सीकरण से:
- ग्लाइकोलाइसिस: 2 ATP + 2 NADH
- पाइरुविक ऑक्सीकरण: 2 NADH
- क्रेब्स चक्र: 2 ATP + 6 NADH + 2 FADH₂
- कुल: 4 ATP + 10 NADH + 2 FADH₂
कुल ATP ≈ 36-38 ATP (व्यवस्था के अनुसार)।
5. पादपों में श्वसन के विशेष पहलू
पादपों में गैसीय विनिमय रंध्रों, लेंटीसेल्स और जड़ों के माध्यम से होता है।
बीजों के अंकुरण के दौरान श्वसन की दर अधिक होती है।
श्वसन और प्रकाश संश्लेषण संबंधित प्रक्रियाएँ हैं - श्वसन में CO₂ मुक्त होती है, प्रकाश संश्लेषण में CO₂ उपयोग होती है।
रेंगता श्वसन (R.Q. / Respiratory Quotient): मुक्त CO₂ का उपभुक्त O₂ से अनुपात। कार्बोहाइड्रेट के लिए RQ = 1, वसा के लिए < 1, कार्बनिक अम्लों के लिए > 1।
6. श्वसन और प्रकाश संश्लेषण में संबंध
प्रक्रिया
ऊर्जा
CO₂
O₂
प्रकाश संश्लेषण
अवशोषित
उपयोग
मुक्त
श्वसन
मुक्त
मुक्त
उपयोग
graph TD
A["ग्लूकोज (C6H12O6)"] --> B["ग्लाइकोलाइसिस (साइटोप्लाज्म)"]
B --> C["2 पाइरुविक अम्ल + 2 ATP + 2 NADH"]
C --> D["एसिटाइल CoA"]
D --> E["क्रेब्स चक्र (माइटोकॉन्ड्रिया मैट्रिक्स)"]
E --> F["NADH, FADH2, ATP, CO2"]
F --> G["ETS + ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलेशन"]
G --> H["कुल ~36-38 ATP"]
त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1: श्वसन की अवस्थाएँ
अवस्था
स्थान
मुख्य उत्पाद
ग्लाइकोलाइसिस
कोशिका द्रव्य
पाइरुविक अम्ल, ATP, NADH
पाइरुविक ऑक्सीकरण
माइटोकॉन्ड्रिया
एसिटाइल CoA, CO₂, NADH
क्रेब्स चक्र
मैट्रिक्स
CO₂, NADH, FADH₂, ATP
ETS
आंतरिक झिल्ली
ATP, H₂O
तालिका 2: वायवीय और अवायवीय श्वसन
विशेषता
वायवीय
अवायवीय
ऑक्सीजन
आवश्यक
आवश्यक नहीं
ATP
36-38
2
अंतिम उत्पाद
CO₂, H₂O
इथेनॉल/लैक्टिक अम्ल
माइंड मैप
graph TD
A["पादपों में श्वसन"] --> B["ग्लाइकोलाइसिस (कोशिका द्रव्य)"]
A --> C["क्रेब्स चक्र (मैट्रिक्स)"]
A --> D["ETS (आंतरिक झिल्ली)"]
A --> E["अवायवीय श्वसन"]
B --> B1["2 पाइरुविक अम्ल, 2 ATP"]
C --> C1["NADH, FADH2, CO2"]
D --> D1["36-38 ATP"]
E --> E1["इथेनॉल (यीस्ट) / लैक्टिक अम्ल"]
महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
7. श्वसन अनुपात (R.Q.) और ऊर्जा उपज
श्वसन अनुपात (Respiratory Quotient) मुक्त हुई CO₂ और उपभुक्त O₂ का अनुपात है। कार्बोहाइड्रेट के पूर्ण ऑक्सीकरण में यह अनुपात 1 होता है। वसा के ऑक्सीकरण में अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, इसलिए R.Q. लगभग 0.7 होता है। कार्बनिक अम्लों के ऑक्सीकरण में R.Q. 1 से अधिक (जैसे 1.3) होता है, क्योंकि इनमें ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होती है। श्वसन के दौरान मुक्त ऊर्जा की गणना करते समय ध्यान रखें कि ग्लाइकोलाइसिस में 2 ATP और 2 NADH, क्रेब्स चक्र में 2 ATP, 6 NADH और 2 FADH₂ बनते हैं। NADH से लगभग 3 ATP और FADH₂ से लगभग 2 ATP प्राप्त होते हैं। इस प्रकार एक ग्लूकोज अणु से लगभग 36-38 ATP बनते हैं। कुछ ऊर्जा परिवहन प्रक्रियाओं में व्यय हो जाती है, इसलिए वास्तविक ATP उपज थोड़ी भिन्न हो सकती है। पादपों में श्वसन पूरे वर्ष चलता रहता है, जबकि प्रकाश संश्लेषण केवल दिन में होता है। श्वसन की प्रक्रिया ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ अनेक जैव संश्लेषण अभिक्रियाओं (amphibolic pathway) के मध्यवर्ती उत्पाद भी प्रदान करती है, जो वसा, प्रोटीन और अन्य जैव अणुओं के निर्माण में उपयोग होते हैं।
8. श्वसन और प्रकाश संश्लेषण का पारस्परिक संबंध
पादपों में दो महत्वपूर्ण चयापचयी प्रक्रियाएँ चलती रहती हैं - प्रकाश संश्लेषण और श्वसन। प्रकाश संश्लेषण में कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग होता है और ऑक्सीजन मुक्त होती है, जबकि श्वसन में ऑक्सीजन का उपयोग होता है और कार्बन डाइऑक्साइड मुक्त होती है। दिन में जब प्रकाश संश्लेषण की दर श्वसन से अधिक होती है, तो पादप नेट ऑक्सीजन मुक्त करते हैं। रात में केवल श्वसन होता है, इसलिए पादप कार्बन डाइऑक्साइड मुक्त करते हैं। पादपों में श्वसन के दौरान उत्पन्न ऊर्जा का उपयोग वृद्धि, जल और खनिज अवशोषण, पोषक परिवहन और अन्य जैविक क्रियाओं में होता है। बीजों के अंकुरण के समय आरक्षित भोजन का ऑक्सीकरण श्वसन द्वारा होता है, जिससे अंकुरण के लिए ऊर्जा मिलती है। कंदों और बल्बों में संग्रहीत भोजन भी आवश्यकता के समय श्वसन द्वारा ऊर्जा में परिवर्तित होता है। पादप के सभी जीवित ऊतक श्वसन करते हैं, जिसमें जड़ें, तना, पत्तियाँ और पुष्प सभी सम्मिलित हैं। जड़ें भूमि की वायु से, तना लेंटीसेल से और पत्तियाँ रंध्रों से ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं। जल में डूबी जड़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, इसलिए अत्यधिक सिंचाई पादपों के लिए हानिकारक हो सकती है। इस प्रकार श्वसन पादपों की सभी जीवन प्रक्रियाओं का ऊर्जा आधार है।
सामान्य गलतियाँ
गलत धारणा: ग्लाइकोलाइसिस माइटोकॉन्ड्रिया में होता है - यह कोशिका द्रव्य (साइटोप्लाज्म) में होता है।
गलत धारणा: क्रेब्स चक्र कोशिका द्रव्य में होता है - यह माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में होता है।
गलत धारणा: ग्लाइकोलाइसिस में ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है - नहीं, ग्लाइकोलाइसिस दोनों प्रकार के श्वसन में होता है।
गलत धारणा: FADH₂ से 3 ATP बनते हैं - FADH₂ से 2 ATP और NADH से 3 ATP बनते हैं।
गलत धारणा: पाइरुविक अम्ल 2-कार्बन है - यह 3-कार्बन यौगिक है।
गलत धारणा: पादप केवल दिन में श्वसन करते हैं - पादप 24 घंटे श्वसन करते हैं।
गलत धारणा: RQ सदैव 1 होता है - कार्बोहाइड्रेट के लिए 1, वसा के लिए कम, अम्लों के लिए अधिक।
श्वसन और प्रकाश संश्लेषण की तुलना लिखने का अभ्यास करें।
निष्कर्ष
इस अध्याय में हमने पादपों में श्वसन की प्रक्रिया का विस्तृत अध्ययन किया। ग्लाइकोलाइसिस, क्रेब्स चक्र, इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र और ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलेशन के माध्यम से ग्लूकोज से ऊर्जा (ATP) मुक्त होती है। वायवीय और अवायवीय श्वसन की तुलना को समझा। श्वसन ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया है, जो सभी जैविक क्रियाओं को संचालित करती है। यह अध्याय जैव अणु और कोशिका जीव विज्ञान से जुड़ा हुआ है।