🧬
🌿
🦠
🦋
🔬
← डैशबोर्ड पर वापस जाएँ
Font Size:

1. परिचय

प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) वह प्रक्रिया है जिसमें पादप सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और जल से ग्लूकोज जैसे कार्बनिक यौगिकों का निर्माण करते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान ऑक्सीजन मुक्त होती है। प्रकाश संश्लेषण की समग्र अभिक्रिया:

$$6CO_2 + 12H_2O \xrightarrow[\text{प्रकाश}]{} C_6H_{12}O_6 + 6O_2 + 6H_2O$$

प्रकाश संश्लेषण क्लोरोप्लास्ट में होता है। यह ग्रह पर ऑक्सीजन का प्रमुख स्रोत है और सभी खाद्य श्रृंखलाओं का आधार है।

2. प्रकाश संश्लेषण के आवश्यक घटक

प्रकाश संश्लेषण के लिए निम्नलिखित घटक आवश्यक हैं: 1. प्रकाश: यह ऊर्जा का स्रोत है। 2. क्लोरोफिल: प्रकाश को अवशोषित करने वाला हरा वर्णक। 3. जल (H₂O): इलेक्ट्रॉनों का स्रोत। 4. कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂): कार्बन का स्रोत। 5. एंजाइम: अभिक्रियाओं को तेज करते हैं।

3. प्रकाश संश्लेषण के दो चरण

प्रकाश संश्लेषण दो मुख्य चरणों में संपन्न होता है:

प्रकाश अभिक्रिया (Light Reaction)

अप्रकाश अभिक्रिया (Dark Reaction)

4. प्रकाश अभिक्रिया की प्रक्रियाएँ

जल का प्रकाश अपघटन (Photolysis of Water)

प्रकाश की उपस्थिति में जल का अपघटन होता है: $$2H_2O \rightarrow 4H^+ + 4e^- + O_2$$

प्रकाश तंत्र (Photosystems)

क्लोरोप्लास्ट की थायलाकोइड झिल्ली पर दो प्रकाश तंत्र होते हैं: 1. प्रकाश तंत्र I (PS I): अवशोषण शिखर 700 nm (P700)। 2. प्रकाश तंत्र II (PS II): अवशोषण शिखर 680 nm (P680)।

इलेक्ट्रॉन परिवहन

प्रकाश की ऊर्जा से इलेक्ट्रॉन उत्तेजित होते हैं और इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला के माध्यम से प्रवाहित होते हैं। इसमें Z-योजना (Z-scheme) के अनुसार दोनों प्रकाश तंत्र क्रमबद्ध रूप से कार्य करते हैं। इससे ATP (फोटोफॉस्फोरिलेशन) और NADPH का निर्माण होता है।

फोटोफॉस्फोरिलेशन

ADP से ATP बनने की प्रक्रिया जिसमें प्रकाश ऊर्जा का उपयोग होता है, फोटोफॉस्फोरिलेशन कहलाती है। दो प्रकार: 1. चक्रीय फोटोफॉस्फोरिलेशन: केवल PS I शामिल, केवल ATP बनता है। 2. अचक्रीय फोटोफॉस्फोरिलेशन: PS I और PS II दोनों, ATP और NADPH दोनों बनते हैं, O₂ मुक्त होती है।

5. अप्रकाश अभिक्रिया - कैल्विन चक्र

कैल्विन चक्र स्ट्रोमा में होता है। इसमें तीन मुख्य चरण हैं:

  1. कार्बनिकरण (Carboxylation): CO₂ राइबुलोज-1,5-बिस्फॉस्फेट (RuBP) के साथ मिलकर 2 अणु 3-फॉस्फोग्लिसरिक अम्ल (PGA) बनाता है। यह एंजाइम RuBisCO द्वारा उत्प्रेरित होता है।
  2. अपचयन (Reduction): PGA, ATP और NADPH की सहायता से ग्लिसराल्डिहाइड-3-फॉस्फेट (G3P) में अपचित होता है।
  3. पुनर्जनन (Regeneration): RuBP का पुनर्जनन होता है।

कैल्विन चक्र में 6 अणु CO₂ से 1 अणु ग्लूकोज बनता है, और 18 ATP तथा 12 NADPH की आवश्यकता होती है।

6. C₄ पथ (Hatch-Slack Path)

कुछ पादप (जैसे मक्का, गन्ना) में CO₂ स्थिरीकरण का अतिरिक्त पथ होता है। इसमें: - मीसोफिल कोशिकाओं में CO₂ फॉस्फोएनॉल पाइरूवेट (PEP) से मिलकर ऑक्सेलोएसिटिक अम्ल (OAA) बनाता है। - OAA मैलिक अम्ल में बदलता है, जो बंडल शीथ कोशिकाओं में जाता है। - वहाँ CO₂ मुक्त होकर कैल्विन चक्र में प्रवेश करती है। - C₄ पादपों में क्रैन्ज शारीरिकी (Kranz anatomy) पाई जाती है। - इन पादपों में फोटोरेस्पिरेशन कम होता है।

7. फोटोरेस्पिरेशन (Photorespiration)

जब RuBisCO CO₂ के स्थान पर O₂ का उपयोग करता है, तो फोटोरेस्पिरेशन होता है। इसमें ऊर्जा (ATP) का अपव्यय होता है और ग्लूकोज नहीं बनता। C₃ पादपों में फोटोरेस्पिरेशन होता है, जबकि C₄ पादपों में यह लगभग अनुपस्थित होता है।

8. प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक

graph TD A["प्रकाश संश्लेषण"] --> B["प्रकाश अभिक्रिया (थायलाकोइड)"] B --> B1["ATP, NADPH, O2"] A --> C["अप्रकाश अभिक्रिया (स्ट्रोमा)"] C --> C1["कैल्विन चक्र, ग्लूकोज"] A --> D["C3 पादप"] A --> E["C4 पादप (क्रैन्ज शारीरिकी)"] D --> D1["फोटोरेस्पिरेशन होता है"] E --> E1["फोटोरेस्पिरेशन कम"]

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: प्रकाश और अप्रकाश अभिक्रिया

विशेषता प्रकाश अभिक्रिया अप्रकाश अभिक्रिया
स्थान थायलाकोइड स्ट्रोमा
प्रकाश आवश्यक आवश्यक नहीं
उत्पाद ATP, NADPH, O₂ ग्लूकोज
उपयोग NADPH/ATP बनाना CO₂ स्थिरीकरण

तालिका 2: C₃ और C₄ पादपों में अंतर

विशेषता C₃ पादप C₄ पादप
पहला स्थिर उत्पाद PGA (3-कार्बन) OAA (4-कार्बन)
उदाहरण गेहूँ, चावल मक्का, गन्ना
क्रैन्ज शारीरिकी नहीं हाँ
फोटोरेस्पिरेशन अधिक कम

माइंड मैप

graph TD A["प्रकाश संश्लेषण"] --> B["क्लोरोप्लास्ट"] B --> B1["ग्रेना: प्रकाश अभिक्रिया"] B --> B2["स्ट्रोमा: कैल्विन चक्र"] A --> C["PS I (P700) और PS II (P680)"] A --> D["फोटोफॉस्फोरिलेशन"] D --> D1["चक्रीय: केवल ATP"] D --> D2["अचक्रीय: ATP + NADPH"] A --> E["C3: गेहूँ, चावल"] A --> F["C4: मक्का, गन्ना"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

प्रकाश संश्लेषण की समग्र प्रक्रिया सूर्य प्रकाश (प्रकाश ऊर्जा) क्लोरोप्लास्ट प्रकाश अभिक्रिया अप्रकाश अभिक्रिया ग्लूकोज + O2 (C6H12O6) 6CO2 + 12H2O ---प्रकाश+क्लोरोफिल---> C6H12O6 + 6O2 + 6H2O जल इलेक्ट्रॉन का स्रोत है, CO2 कार्बन का स्रोत है Golden Rule (स्वर्ण नियम): ऑक्सीजन CO2 से नहीं, बल्कि जल के प्रकाश अपघटन से मुक्त होती है
C4 पादप में CO2 स्थिरीकरण (क्रैन्ज शारीरिकी) मीसोफिल कोशिका CO2 + PEP → OAA OAA → मैलिक अम्ल बंडल शीथ कोशिका मैलिक अम्ल → CO2 CO2 → कैल्विन चक्र मैलिक अम्ल C4 पादप: मक्का, गन्ना, ज्वार - फोटोरेस्पिरेशन कम, उच्च उत्पादकता स्वर्ण नियम (Golden Rule): C4 पादपों में पहला स्थिर उत्पाद OAA (4-कार्बन) होता है, C3 में PGA (3-कार्बन)

9. वर्णक तंत्र और प्रकाश का महत्व

प्रकाश संश्लेषण के लिए क्लोरोफिल के अतिरिक्त अन्य सहायक वर्णक (accessory pigments) भी होते हैं - कैरोटीन और ज़ैंथोफिल, जो प्रकाश की विभिन्न तरंग दैर्ध्य को अवशोषित करके क्लोरोफिल को ऊर्जा प्रदान करते हैं। क्लोरोफिल a लाल और नीले प्रकाश को अवशोषित करता है, जबकि हरा प्रकाश परावर्तित होता है, इसीलिए पत्तियाँ हरी दिखती हैं। प्रकाश संश्लेषण में प्रकाश की तीव्रता, गुणवत्ता और अवधि तीनों का प्रभाव होता है। कम तीव्रता पर वृद्धि कम होती है, अधिक तीव्रता पर दर संतृप्त हो जाती है। लाल और नीला प्रकाश प्रकाश संश्लेषण में सबसे अधिक प्रभावी होते हैं। पत्तियों का हरा रंग पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है - शरद ऋतु में क्लोरोफिल नष्ट होने पर अन्य वर्णक प्रकट होते हैं। प्रकाश संश्लेषण पृथ्वी पर ऑक्सीजन का प्रमुख स्रोत है। यह वायुमंडलीय CO₂ की मात्रा को संतुलित रखता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पृथ्वी के वायुमंडल में उपस्थित ऑक्सीजन का अधिकांश भाग प्रकाश संश्लेषण द्वारा ही मुक्त हुआ है। प्रकाश संश्लेषण की उत्पादकता में सुधार करना कृषि विज्ञान का लक्ष्य है। C4 पादप जैसे मक्का और गन्ना उच्च प्रकाश तीव्रता और तापमान पर भी कुशल प्रकाश संश्लेषण करते हैं। इस प्रकार प्रकाश संश्लेषण जीवन का आधार है और पारिस्थितिक तंत्र का प्राथमिक ऊर्जा स्रोत है।

सामान्य गलतियाँ

  1. गलत धारणा: ऑक्सीजन CO₂ से मुक्त होती है - यह जल के प्रकाश अपघटन से मुक्त होती है।
  2. गलत धारणा: अप्रकाश अभिक्रिया रात में होती है - यह प्रकाश के बिना हो सकती है परंतु दिन में भी होती है।
  3. गलत धारणा: C₄ पादपों में पहला उत्पाद PGA होता है - OAA (4-कार्बन) होता है।
  4. गलत धारणा: RuBisCO केवल CO₂ स्थिरीकरण करता है - यह O₂ के साथ भी जुड़ सकता है (फोटोरेस्पिरेशन)।
  5. गलत धारणा: चक्रीय फोटोफॉस्फोरिलेशन में NADPH बनता है - इसमें केवल ATP बनता है।
  6. गलत धारणा: PS I का अवशोषण शिखर 680 nm है - P700 (700 nm) होता है।
  7. गलत धारणा: कैल्विन चक्र थायलाकोइड में होता है - यह स्ट्रोमा में होता है।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. प्रकाश और अप्रकाश अभिक्रिया की तुलना याद रखें।
  2. कैल्विन चक्र के तीन चरण (कार्बनिकरण, अपचयन, पुनर्जनन) याद रखें।
  3. C₃ और C₄ पादपों का अंतर और उदाहरण याद रखें।
  4. PS I (P700) और PS II (P680) के अवशोषण शिखर याद रखें।
  5. फोटोफॉस्फोरिलेशन के दो प्रकारों का अंतर समझें।
  6. प्रकाश संश्लेषण का समीकरण और उसके घटक याद रखें।
  7. सीमित कारकों के नियम (ब्लैकमैन) को समझें।

निष्कर्ष

इस अध्याय में हमने प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया का विस्तृत अध्ययन किया। प्रकाश अभिक्रिया और अप्रकाश अभिक्रिया (कैल्विन चक्र), प्रकाश तंत्र, फोटोफॉस्फोरिलेशन, C₃ और C₄ पथ तथा फोटोरेस्पिरेशन को समझा। प्रकाश संश्लेषण पृथ्वी पर जीवन का आधार है क्योंकि यह भोजन और ऑक्सीजन दोनों प्रदान करता है। यह अध्याय पारिस्थितिकी और पादप शरीर क्रिया विज्ञान का आधार है।