कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो निर्देशों (इंस्ट्रक्शन) के अनुसार डेटा प्राप्त करता है, उस पर प्रक्रिया करता है और सार्थक परिणाम (आउटपुट) प्रदान करता है। शब्द "कंप्यूटर" लैटिन शब्द "कॉम्प्यूटेयर" (Computare) से बना है, जिसका अर्थ है "गणना करना" या "गणना करने वाला"। प्रारंभ में कंप्यूटर का उपयोग केवल गणितीय गणनाओं के लिए होता था, परंतु आज यह शिक्षा, व्यवसाय, चिकित्सा, विज्ञान, मनोरंजन और संचार जैसे लगभग हर क्षेत्र में उपयोग हो रहा है। कंप्यूटर एक इनपुट-प्रोसेस-आउटपुट (IPO) मॉडल पर आधारित है। इस मॉडल के अनुसार सबसे पहले डेटा इनपुट डिवाइस के माध्यम से कंप्यूटर में डाला जाता है, फिर CPU (सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट) उस डेटा पर आवश्यक प्रक्रिया करता है और अंत में परिणाम को आउटपुट डिवाइस के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। कंप्यूटर की गति की माप हर्ट्ज (Hertz) में, स्टोरेज की माप बाइट (Byte) में तथा कार्य करने की क्षमता उसके सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों पर निर्भर करती है। कंप्यूटर की विशेषताओं में गति, सटीकता, विश्वसनीयता, भंडारण क्षमता और बहुमुखी प्रतिभा प्रमुख हैं।
कंप्यूटर कोई भी निर्णय स्वयं नहीं ले सकता, यह केवल वही करता है जो उसे बताया जाता है। यह GIGO (Garbage In Garbage Out) सिद्धांत पर कार्य करता है, अर्थात यदि हम गलत डेटा डालते हैं तो गलत ही परिणाम प्राप्त होगा। कंप्यूटर में भावना, बुद्धि और रचनात्मकता नहीं होती।
एक कंप्यूटर सिस्टम मुख्यतः दो भागों से मिलकर बनता है: हार्डवेयर (Hardware) और सॉफ्टवेयर (Software)।
हार्डवेयर कंप्यूटर सिस्टम के वे भौतिक (फिजिकल) घटक हैं जिन्हें हम छू और देख सकते हैं। जैसे- मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस, CPU, हार्ड डिस्क, रैम आदि। हार्डवेयर कंप्यूटर का स्थायी अंग होता है। हार्डवेयर को निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:
सॉफ्टवेयर निर्देशों (प्रोग्रामों) का समूह है जो हार्डवेयर को बताता है कि क्या करना है। सॉफ्टवेयर को छुआ नहीं जा सकता, इसे केवल देखा और अनुभव किया जा सकता है। सॉफ्टवेयर के प्रमुख प्रकार हैं: - सिस्टम सॉफ्टवेयर: यह कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच सेतु का कार्य करता है। उदाहरण: ऑपरेटिंग सिस्टम (विंडोज, लिनक्स), डिवाइस ड्राइवर, यूटिलिटी प्रोग्राम। - एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर: यह उपयोगकर्ता के विशिष्ट कार्यों के लिए बनाया जाता है। उदाहरण: MS Word, एमएस एक्सेल, वेब ब्राउज़र, गेम्स। - भाषा प्रोसेसर: असेंबलर, कंपाइलर, इंटरप्रेटर जो प्रोग्रामिंग भाषा को मशीन भाषा में अनुवादित करते हैं।
CPU को कंप्यूटर का "मस्तिष्क" कहा जाता है। यह सभी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है और सभी गणनाएँ करता है। CPU की गति को क्लॉक स्पीड (Clock Speed) कहते हैं, जो हर्ट्ज (Hz), किलोहर्ट्ज (KHz), मेगाहर्ट्ज (MHz) या गीगाहर्ट्ज (GHz) में मापी जाती है। CPU के मुख्य तीन घटक होते हैं:
CPU हर निर्देश को एक चक्र में निष्पादित करता है जिसे मशीन चक्र या निर्देश चक्र कहते हैं। इसमें चार चरण होते हैं: - FETCH: निर्देश को मेमोरी से लाना। - DECODE: निर्देश को समझना/डिकोड करना। - EXECUTE: निर्देश को निष्पादित करना। - STORE: परिणाम को मेमोरी में संग्रहीत करना।
कंप्यूटर की मेमोरी दो मुख्य प्रकार की होती है: प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory) और द्वितीयक मेमोरी (Secondary Memory)।
इसे मुख्य मेमोरी या मुख्य स्टोरेज भी कहते हैं। यह CPU के सीधे संपर्क में होती है और बहुत तेज़ होती है। इसके प्रकार: - RAM (Random Access Memory): अस्थिर (Volatile) मेमोरी; बिजली बंद होते ही इसका डेटा नष्ट हो जाता है। इसे read-write मेमोरी भी कहते हैं। जब कोई प्रोग्राम चलता है तो वह RAM में लोड होता है। - ROM (Read Only Memory): स्थायी (Non-volatile) मेमोरी; इसमें डेटा निर्माता द्वारा पहले से लिखा होता है और इसे केवल पढ़ा जा सकता है। इसमें कंप्यूटर के प्रारंभिक (Booting) निर्देश होते हैं। ROM के प्रकार: PROM, EPROM, EEPROM।
कैश मेमोरी एक छोटी लेकिन अत्यंत तेज़ मेमोरी होती है जो CPU और मुख्य मेमोरी (RAM) के बीच स्थित होती है। यह अधिक बार उपयोग होने वाले डेटा को संग्रहीत कर CPU की गति बढ़ाती है। कैश के स्तर: L1 (सबसे तेज़, CPU के अंदर), L2, L3।
इसे स्टोरेज मेमोरी या सहायक मेमोरी भी कहते हैं। यह स्थायी होती है और इसमें बड़ी मात्रा में डेटा संग्रहीत किया जा सकता है। उदाहरण: हार्ड डिस्क, SSD, पेन ड्राइव, CD, DVD, मेमोरी कार्ड।
कंप्यूटर में डेटा का सबसे छोटा मात्रक बिट (Bit) होता है। 8 बिट मिलकर 1 बाइट (Byte) बनाते हैं। 1024 बाइट = 1 किलोबाइट (KB), 1024 KB = 1 मेगाबाइट (MB), 1024 MB = 1 गीगाबाइट (GB), 1024 GB = 1 टेराबाइट (TB), 1024 TB = 1 पेटाबाइट (PB)।
ऑपरेटिंग सिस्टम सिस्टम सॉफ्टवेयर का सबसे महत्वपूर्ण प्रकार है। यह कंप्यूटर के सभी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर संसाधनों का प्रबंधन करता है तथा उपयोगकर्ता और हार्डवेयर के बीच इंटरफेस प्रदान करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रमुख कार्य हैं: 1. मेमोरी प्रबंधन 2. प्रोसेस प्रबंधन 3. डिवाइस प्रबंधन 4. फाइल प्रबंधन 5. सुरक्षा और प्रमाणीकरण 6. एरर हैंडलिंग
प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम: विंडोज, लिनक्स, मैक ओएस, यूनिक्स, एंड्रॉइड, iOS। ऑपरेटिंग सिस्टम मुख्यतः दो प्रकार के इंटरफेस प्रदान करते हैं: GUI (Graphical User Interface - चित्रात्मक) और CLI (Command Line Interface - कमांड आधारित)।
कंप्यूटर केवल बाइनरी संख्याओं (0 और 1) को समझता है। संख्या प्रणाली वह विधि है जिसके द्वारा संख्याओं को प्रदर्शित किया जाता है। मुख्य प्रकार: - बाइनरी संख्या प्रणाली: आधार 2; अंक 0 और 1। जैसे 1010₂। - ऑक्टल संख्या प्रणाली: आधार 8; अंक 0 से 7। - दशमलव संख्या प्रणाली: आधार 10; अंक 0 से 9। - हेक्साडेसिमल संख्या प्रणाली: आधार 16; अंक 0-9 और A-F (10-15)।
उदाहरण: दशमलव संख्या 13 को बाइनरी में 1101 लिखा जाता है। (8 + 4 + 0 + 1 = 13)। डेटा के लिए सबसे छोटी इकाई बिट है और सूचना के लिए बाइट। ASCII कोड में प्रत्येक अक्षर को एक अद्वितीय बाइनरी मान दिया जाता है, जैसे 'A' का ASCII मान 65 है।
कंप्यूटरों को आकार, उद्देश्य और तकनीक के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है: - सुपरकंप्यूटर: सबसे तेज़ और सबसे महंगे; वैज्ञानिक अनुसंधान, मौसम पूर्वानुमान, रक्षा अनुप्रयोगों में। भारत में PARAM श्रृंखला। - मेनफ्रेम कंप्यूटर: बड़े संगठनों में बड़ी मात्रा में डेटा प्रोसेसिंग के लिए। बैंक, एयरलाइंस। - मिनी कंप्यूटर: मध्यम आकार; छोटे व्यवसायों में। - माइक्रो कंप्यूटर / पर्सनल कंप्यूटर: डेस्कटॉप, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन। - एम्बेडेड सिस्टम: विशेष कार्यों के लिए उपकरणों में निर्मित; जैसे वॉशिंग मशीन, कार, एटीएम।
| मेमोरी प्रकार | अस्थिरता | गति | उपयोग |
|---|---|---|---|
| रजिस्टर | अस्थिर | सबसे तेज़ | CPU के अंदर |
| कैश मेमोरी | अस्थिर | अत्यंत तेज़ | CPU और RAM के बीच |
| RAM | अस्थिर | तेज़ | प्रोग्राम चलाना |
| ROM | स्थायी | धीमी | बूटिंग निर्देश |
| HDD/SSD | स्थायी | धीमी (HDD), मध्यम (SSD) | दीर्घकालिक स्टोरेज |
| मेमोरी इकाई | मान |
|---|---|
| 1 बाइट | 8 बिट |
| 1 किलोबाइट (KB) | 1024 बाइट |
| 1 मेगाबाइट (MB) | 1024 KB |
| 1 गीगाबाइट (GB) | 1024 MB |
| 1 टेराबाइट (TB) | 1024 GB |
| कंप्यूटर प्रकार | आकार/गति | मुख्य उपयोग |
|---|---|---|
| सुपरकंप्यूटर | सबसे बड़ा/तेज़ | वैज्ञानिक अनुसंधान |
| मेनफ्रेम | बड़ा | बैंकिंग, बड़ा डेटा |
| मिनी | मध्यम | छोटे व्यवसाय |
| माइक्रो | छोटा | व्यक्तिगत उपयोग |
कंप्यूटर सिस्टम की संरचना को समझना इन्फॉर्मेटिक्स प्रैक्टिस का प्रथम चरण है। हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के समन्वय से कंप्यूटर विभिन्न कार्य करता है। CPU, मेमोरी, इनपुट/आउटपुट डिवाइस और ऑपरेटिंग सिस्टम की भूमिका को स्पष्ट रूप से जानना आवश्यक है। इस अध्याय का ज्ञान आगे के पाइथन और डेटाबेस अध्यायों की नींव तैयार करता है। याद रखें कि हार्डवेयर कंप्यूटर का शरीर है और सॉफ्टवेयर उसकी आत्मा; दोनों के बिना कंप्यूटर अपूर्ण है।