त्रिविमीय ज्यामिति (Three Dimensional Geometry) में हम त्रि-आयामी अंतरिक्ष में बिंदुओं, रेखाओं और तलों का अध्ययन करते हैं। कक्षा 10 और 11 में हमने द्विविमीय तल (x, y) का अध्ययन किया। त्रिविमीय ज्यामिति में तीसरा निर्देशांक z जोड़ दिया जाता है, जिससे अंतरिक्ष में प्रत्येक बिंदु को त्रिक (x, y, z) से निरूपित किया जाता है। इससे हम बिंदुओं के बीच की दूरी, विभाजन सूत्र और रेखाओं के बीच की दूरी जैसी अवधारणाओं को अंतरिक्ष में विस्तारित कर सकते हैं।
अंतरिक्ष में तीन परस्पर लंबवत अक्ष होते हैं - x-अक्ष, y-अक्ष और z-अक्ष, जो मूल बिंदु O पर मिलते हैं। इन अक्षों से तीन निर्देशांक तल बनते हैं: - xy-तल: समीकरण z = 0 - yz-तल: समीकरण x = 0 - zx-तल: समीकरण y = 0
ये तीन तल अंतरिक्ष को आठ अष्टकांशों (Octants) में विभाजित करते हैं। पहले अष्टकांश में सभी निर्देशांक धनात्मक होते हैं।
अंतरिक्ष में किसी बिंदु P के निर्देशांक (x, y, z) होते हैं, जहाँ: - x = मूल बिंदु से बिंदु की xy-तल से लंबवत दूरी - y और z इसी प्रकार अन्य तलों से दूरियाँ हैं।
किसी बिंदु P(x, y, z) के निर्देशांक तलों पर प्रक्षेप: - xy-तल पर प्रक्षेप: (x, y, 0) - yz-तल पर प्रक्षेप: (0, y, z) - zx-तल पर प्रक्षेप: (x, 0, z)
बिंदु $P(x_1, y_1, z_1)$ और $Q(x_2, y_2, z_2)$ के बीच की दूरी: $$PQ = \sqrt{(x_2 - x_1)^2 + (y_2 - y_1)^2 + (z_2 - z_1)^2}$$
मूल बिंदु से बिंदु (x, y, z) की दूरी: $$OP = \sqrt{x^2 + y^2 + z^2}$$
रेखाखंड PQ को m : n के अनुपात में विभाजित करने वाला बिंदु: $$R\left(\frac{mx_2 + nx_1}{m + n}, \frac{my_2 + ny_1}{m + n}, \frac{mz_2 + nz_1}{m + n}\right)$$
मध्य बिंदु ($m = n$): $$R\left(\frac{x_1 + x_2}{2}, \frac{y_1 + y_2}{2}, \frac{z_1 + z_2}{2}\right)$$
त्रिभुज के शीर्षों $A(x_1, y_1, z_1)$, $B(x_2, y_2, z_2)$, $C(x_3, y_3, z_3)$ का केंद्रक: $$G\left(\frac{x_1 + x_2 + x_3}{3}, \frac{y_1 + y_2 + y_3}{3}, \frac{z_1 + z_2 + z_3}{3}\right)$$
तीन बिंदु A, B, C संरेख होते हैं यदि AB + BC = AC या विभाजन सूत्र से कोई एक बिंदु अन्य दो के बीच में हो।
एक रेखा जो x, y और z अक्षों की धनात्मक दिशाओं के साथ क्रमशः $\alpha, \beta, \gamma$ कोण बनाती है, तब $\cos\alpha, \cos\beta, \cos\gamma$ को रेखा के दिक्-कोसाइन (Direction Cosines) कहते हैं: $$l = \cos\alpha, \quad m = \cos\beta, \quad n = \cos\gamma$$ $$l^2 + m^2 + n^2 = 1$$
किसी रेखा के दिक्-अनुपात (Direction Ratios) a, b, c तब: $$l = \frac{a}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}, \quad m = \frac{b}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}, \quad n = \frac{c}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}$$
दो बिंदुओं $P(x_1, y_1, z_1)$ और $Q(x_2, y_2, z_2)$ से गुजरने वाली रेखा के दिक्-अनुपात: $x_2 - x_1, y_2 - y_1, z_2 - z_1$
| तल | समीकरण |
|---|---|
| xy-तल | z = 0 |
| yz-तल | x = 0 |
| zx-तल | y = 0 |
| सूत्र | निरूपण |
|---|---|
| दूरी | √[(x2-x1)²+(y2-y1)²+(z2-z1)²] |
| मूल बिंदु से दूरी | √(x²+y²+z²) |
| मध्य बिंदु | ((x1+x2)/2, (y1+y2)/2, (z1+z2)/2) |
| दिक्-कोसाइन | l² + m² + n² = 1 |
त्रिविमीय ज्यामिति का परिचय हमें द्विविमीय तल से आगे बढ़ाकर अंतरिक्ष की वास्तविक संरचना से जोड़ता है। तीन निर्देशांक अक्ष, तीन तल, आठ अष्टकांश, दूरी सूत्र, विभाजन सूत्र तथा दिक्-कोसाइन इस अध्याय के प्रमुख विषय हैं। द्विविमीय सूत्रों को तीसरे निर्देशांक के साथ विस्तारित करने की क्षमता इस अध्याय की मुख्य सीख है। यह अध्याय कक्षा 12 की त्रिविमीय ज्यामिति के लिए ठोस आधार तैयार करता है।