Comprehensive theory, key formulas, diagrams, and memory aids for संबंध एवं फलन.
संबंध और फलन गणित की सबसे महत्वपूर्ण संकल्पनाओं में से हैं, क्योंकि इनका उपयोग भौतिकी, अर्थशास्त्र, जीव विज्ञान तथा लगभग सभी विषयों में होता है। संबंध यह बताता है कि दो समुच्चयों के अवयवों में किस प्रकार का संबंध है, जबकि फलन संबंध का एक विशेष प्रकार है जिसमें प्रत्येक अवयव का एक अद्वितीय प्रतिबिंब होता है। इस अध्याय में हम क्रमित युग्म, कार्तीय गुणन, संबंध, फलन, उसके प्रकार तथा कुछ वास्तविक फलनों का अध्ययन करेंगे।
दो रिक्त समुच्चयों A और B का कार्तीय गुणन $A \times B$ सभी क्रमित युग्मों (a, b) का समुच्चय है, जहाँ $a \in A$ और $b \in B$। इसे निम्न प्रकार लिखते हैं: $$A \times B = {(a, b) : a \in A,\; b \in B}$$ - $n(A \times B) = n(A) \times n(B)$ - सामान्यतः $A \times B \neq B \times A$ - क्रमित युग्मों की अवधारणा में क्रम मायने रखता है, अर्थात $(a, b) \neq (b, a)$ जब तक $a = b$ न हो। - $A \times A \times A$ में सभी क्रमित त्रिक (a, b, c) होते हैं।
उदाहरणार्थ यदि $A = {1, 2}$ और $B = {x, y}$, तो $A \times B = {(1, x), (1, y), (2, x), (2, y)}$।
समुच्चय A से समुच्चय B में संबंध, $A \times B$ का एक उपसमुच्चय R होता है। अर्थात $R \subseteq A \times B$। यदि $(a, b) \in R$, तो हम लिखते हैं $a\,R\,b$, जिसका अर्थ है a, b से संबंधित है।
A से A में संबंध को A पर संबंध कहते हैं। A से B में संबंधों की कुल संख्या $2^{n(A) \times n(B)}$ होती है।
समुच्चय A से समुच्चय B में एक संबंध f एक फलन कहलाता है, यदि A के प्रत्येक अवयव का B में एक और केवल एक प्रतिबिंब (Image) हो। इसे $f : A \to B$ लिखते हैं। फलन में प्रत्येक अवयव का प्रतिबिंब अद्वितीय होता है; दो भिन्न अवयवों का प्रतिबिंब समान हो सकता है, परंतु एक अवयव के दो प्रतिबिंब नहीं हो सकते।
दो फलनों $f$ और $g$ के लिए: $$(f + g)(x) = f(x) + g(x)$$ $$(f - g)(x) = f(x) - g(x)$$ $$(f \cdot g)(x) = f(x) \cdot g(x)$$ $$\left(\frac{f}{g}\right)(x) = \frac{f(x)}{g(x)},\; g(x) \neq 0$$
रैखिक फलन $f(x) = ax + b$ का आलेख सरल रेखा होता है। द्विघात फलन $f(x) = ax^2 + bx + c$ का आलेख परवलय होता है। मापांक फलन का आलेख V-आकार का होता है। इन आलेखों को अच्छी तरह पहचानना परीक्षा में सहायक होता है। महत्तम पूर्णांक फलन का आलेख सीढ़ी जैसा होता है।
| फलन | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| एकैक | भिन्न प्रतिबिंब भिन्न | f(x) = 2x |
| आच्छादक | परिसर = सह-प्रांत | f(x) = x³ |
| द्विअच्छादक | एकैक + आच्छादक | f(x) = x |
| अचर | सभी का प्रतिबिंब समान | f(x) = 5 |
| तत्समक | f(x) = x | f(x) = x |
| फलन | प्रांत | परिसर |
|---|---|---|
| √x | [0, ∞) | [0, ∞) |
| 1/x | R - {0} | R - {0} |
| x² | R | [0, ∞) |
| x |
graph TD
A["संबंध एवं फलन"] --> B["कार्तीय गुणन A×B"]
A --> C["संबंध: A×B का उपसमुच्चय"]
A --> D["फलन: अद्वितीय प्रतिबिंब"]
D --> E["एकैक, आच्छादक, द्विअच्छादक"]
D --> F["वास्तविक फलन: x², √x, |x|, 1/x"]
A --> G["प्रांत, सह-प्रांत, परिसर"]
संबंध और फलन कक्षा 11 के गणित का वह अध्याय है जो आगे की लगभग सभी गणितीय संकल्पनाओं का आधार बनाता है। कार्तीय गुणन, संबंध की परिभाषा, फलन के प्रकार तथा वास्तविक फलनों के प्रांत और परिसर को समझना अनिवार्य है। आलेखों को चित्र के रूप में देखकर समझने से अवधारणा स्पष्ट होती है। अगले अध्याय त्रिकोणमितीय फलन इसी आधार पर निर्मित होते हैं।