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1. परिचय

संबंध और फलन गणित की सबसे महत्वपूर्ण संकल्पनाओं में से हैं, क्योंकि इनका उपयोग भौतिकी, अर्थशास्त्र, जीव विज्ञान तथा लगभग सभी विषयों में होता है। संबंध यह बताता है कि दो समुच्चयों के अवयवों में किस प्रकार का संबंध है, जबकि फलन संबंध का एक विशेष प्रकार है जिसमें प्रत्येक अवयव का एक अद्वितीय प्रतिबिंब होता है। इस अध्याय में हम क्रमित युग्म, कार्तीय गुणन, संबंध, फलन, उसके प्रकार तथा कुछ वास्तविक फलनों का अध्ययन करेंगे।

2. कार्तीय गुणन (Cartesian Product)

दो रिक्त समुच्चयों A और B का कार्तीय गुणन $A \times B$ सभी क्रमित युग्मों (a, b) का समुच्चय है, जहाँ $a \in A$ और $b \in B$। इसे निम्न प्रकार लिखते हैं: $$A \times B = {(a, b) : a \in A,\; b \in B}$$ - $n(A \times B) = n(A) \times n(B)$ - सामान्यतः $A \times B \neq B \times A$ - क्रमित युग्मों की अवधारणा में क्रम मायने रखता है, अर्थात $(a, b) \neq (b, a)$ जब तक $a = b$ न हो। - $A \times A \times A$ में सभी क्रमित त्रिक (a, b, c) होते हैं।

उदाहरणार्थ यदि $A = {1, 2}$ और $B = {x, y}$, तो $A \times B = {(1, x), (1, y), (2, x), (2, y)}$।

3. संबंध (Relation)

समुच्चय A से समुच्चय B में संबंध, $A \times B$ का एक उपसमुच्चय R होता है। अर्थात $R \subseteq A \times B$। यदि $(a, b) \in R$, तो हम लिखते हैं $a\,R\,b$, जिसका अर्थ है a, b से संबंधित है।

संबंध का प्रांत और परिसर (Domain and Range)

A से A में संबंध को A पर संबंध कहते हैं। A से B में संबंधों की कुल संख्या $2^{n(A) \times n(B)}$ होती है।

4. फलन (Function)

समुच्चय A से समुच्चय B में एक संबंध f एक फलन कहलाता है, यदि A के प्रत्येक अवयव का B में एक और केवल एक प्रतिबिंब (Image) हो। इसे $f : A \to B$ लिखते हैं। फलन में प्रत्येक अवयव का प्रतिबिंब अद्वितीय होता है; दो भिन्न अवयवों का प्रतिबिंब समान हो सकता है, परंतु एक अवयव के दो प्रतिबिंब नहीं हो सकते।

फलनों के प्रकार

5. वास्तविक फलन (Real Functions)

फलनों का बीजगणित

दो फलनों $f$ और $g$ के लिए: $$(f + g)(x) = f(x) + g(x)$$ $$(f - g)(x) = f(x) - g(x)$$ $$(f \cdot g)(x) = f(x) \cdot g(x)$$ $$\left(\frac{f}{g}\right)(x) = \frac{f(x)}{g(x)},\; g(x) \neq 0$$

6. कुछ विशेष फलन और आलेख

रैखिक फलन $f(x) = ax + b$ का आलेख सरल रेखा होता है। द्विघात फलन $f(x) = ax^2 + bx + c$ का आलेख परवलय होता है। मापांक फलन का आलेख V-आकार का होता है। इन आलेखों को अच्छी तरह पहचानना परीक्षा में सहायक होता है। महत्तम पूर्णांक फलन का आलेख सीढ़ी जैसा होता है।

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: फलनों के प्रकार

फलन परिभाषा उदाहरण
एकैक भिन्न प्रतिबिंब भिन्न f(x) = 2x
आच्छादक परिसर = सह-प्रांत f(x) = x³
द्विअच्छादक एकैक + आच्छादक f(x) = x
अचर सभी का प्रतिबिंब समान f(x) = 5
तत्समक f(x) = x f(x) = x

तालिका 2: वास्तविक फलनों के प्रांत व परिसर

फलन प्रांत परिसर
√x [0, ∞) [0, ∞)
1/x R - R -
R [0, ∞)
x

माइंड मैप

graph TD A["संबंध एवं फलन"] --> B["कार्तीय गुणन A×B"] A --> C["संबंध: A×B का उपसमुच्चय"] A --> D["फलन: अद्वितीय प्रतिबिंब"] D --> E["एकैक, आच्छादक, द्विअच्छादक"] D --> F["वास्तविक फलन: x², √x, |x|, 1/x"] A --> G["प्रांत, सह-प्रांत, परिसर"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

एकैक फलन (Injective) A B स्वर्ण नियम: एकैक फलन में प्रत्येक अवयव का प्रतिबिंब अद्वितीय होता है
मापांक फलन |x| का आलेख 0 y = -x y = x स्वर्ण नियम: |x| का आलेख V-आकार का होता है, x ≥ 0 पर y = x, x < 0 पर y = -x

सामान्य गलतियाँ

  1. कार्तीय गुणन में यह मान लेना कि A × B = B × A; यह केवल तब सत्य है जब A = B या कोई रिक्त हो।
  2. फलन में एक अवयव के दो प्रतिबिंब दिखाना; फलन की परिभाषा में प्रतिबिंब अद्वितीय होता है।
  3. प्रांत और सह-प्रांत में भ्रम करना; प्रांत प्रथम अवयवों से तथा परिसर द्वितीय अवयवों से बनता है।
  4. √x का प्रांत ऋणात्मक भी मान लेना; वास्तविक फलन में x ≥ 0 होना आवश्यक है।
  5. 1/x का प्रांत R मान लेना; वास्तव में x = 0 पर फलन परिभाषित नहीं है।
  6. महत्तम पूर्णांक फलन में [2.9] को 3 मान लेना; सही उत्तर 2 है।
  7. एकैक और आच्छादक दोनों शर्तों में से केवल एक की जाँच कर लेना।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. एकैकता जाँचने के लिए f(x₁) = f(x₂) लेकर x₁ = x₂ सिद्ध करें।
  2. आच्छादकता जाँचने के लिए दिखाएँ कि परिसर सह-प्रांत के बराबर है।
  3. महत्तम पूर्णांक प्रश्नों में [x] का अर्थ समझें: x ≤ [x] से बड़ा नहीं।
  4. कार्तीय गुणन के प्रश्नों में n(A × B) = n(A) × n(B) का प्रयोग करें।
  5. फलनों की संख्या ज्ञात करने के लिए सूत्र: A से B में फलनों की कुल संख्या $[n(B)]^{n(A)}$ होती है।
  6. आलेख आधारित प्रश्नों में सीधी रेखा, परवलय और V-आकार की पहचान करें।
  7. यदि $g(x) = 0$ हो, तो भाग फलन परिभाषित नहीं है, इसे ध्यान में रखें।

निष्कर्ष

संबंध और फलन कक्षा 11 के गणित का वह अध्याय है जो आगे की लगभग सभी गणितीय संकल्पनाओं का आधार बनाता है। कार्तीय गुणन, संबंध की परिभाषा, फलन के प्रकार तथा वास्तविक फलनों के प्रांत और परिसर को समझना अनिवार्य है। आलेखों को चित्र के रूप में देखकर समझने से अवधारणा स्पष्ट होती है। अगले अध्याय त्रिकोणमितीय फलन इसी आधार पर निर्मित होते हैं।