सरल रेखाएँ (Straight Lines) विश्लेषणात्मक ज्यामिति (Coordinate Geometry) का प्रारंभिक अध्याय है, जिसमें बिंदुओं के निर्देशांकों की सहायता से रेखाओं का अध्ययन बीजगणितीय रूप में किया जाता है। इस अध्याय में हम दो बिंदुओं के बीच की दूरी, विभाजन सूत्र, रेखा का ढाल (Slope), रेखा के विभिन्न रूपों के समीकरण तथा समांतर और लंब रेखाओं की स्थितियों का अध्ययन करेंगे।
दो बिंदुओं $P(x_1, y_1)$ और $Q(x_2, y_2)$ के बीच की दूरी: $$PQ = \sqrt{(x_2 - x_1)^2 + (y_2 - y_1)^2}$$
मूल बिंदु $(0, 0)$ से बिंदु $(x, y)$ की दूरी: $\sqrt{x^2 + y^2}$
बिंदु $P(x_1, y_1)$ और $Q(x_2, y_2)$ को जोड़ने वाले रेखाखंड को $m : n$ के अनुपात में विभाजित करने वाला बिंदु: $$R\left(\frac{mx_2 + nx_1}{m + n}, \frac{my_2 + ny_1}{m + n}\right)$$
जब $m = n$: $R\left(\frac{x_1 + x_2}{2}, \frac{y_1 + y_2}{2}\right)$
शीर्ष $A(x_1, y_1)$, $B(x_2, y_2)$, $C(x_3, y_3)$ वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल: $$\Delta = \frac{1}{2}\left[x_1(y_2 - y_3) + x_2(y_3 - y_1) + x_3(y_1 - y_2)\right]$$
यदि क्षेत्रफल शून्य हो, तो तीनों बिंदु संरेख (Collinear) होते हैं।
रेखा का ढाल उसकी प्रवणता को दर्शाता है। बिंदु $P(x_1, y_1)$ और $Q(x_2, y_2)$ से गुजरने वाली रेखा का ढाल: $$m = \frac{y_2 - y_1}{x_2 - x_1} = \tan\theta$$
जहाँ $\theta$ रेखा द्वारा x-अक्ष की धनात्मक दिशा से बनाया गया कोण है।
बिंदु $(x_1, y_1)$ से गुजरने वाली और ढाल $m$ वाली रेखा: $$y - y_1 = m(x - x_1)$$
$$y - y_1 = \frac{y_2 - y_1}{x_2 - x_1}(x - x_1)$$
$$y = mx + c$$ जहाँ $c$ रेखा का y-अंतःखंड है।
$$\frac{x}{a} + \frac{y}{b} = 1$$ जहाँ $a$ और $b$ क्रमशः x-अक्ष और y-अक्ष पर अंतःखंड हैं।
$$x\cos\omega + y\sin\omega = p$$ जहाँ $p$ मूल बिंदु से रेखा की लंब दूरी है और $\omega$ उस लंब द्वारा x-अक्ष से बना कोण है।
$$Ax + By + C = 0$$ जिसमें $\sqrt{A^2 + B^2} \neq 0$। ढाल $m = -\frac{A}{B}$ और y-अंतःखंड $c = -\frac{C}{B}$।
दो रेखाएँ जिनकी ढाल $m_1$ और $m_2$ हैं: - समांतर: $m_1 = m_2$ - लंब: $m_1 \cdot m_2 = -1$
बिंदु $(x_1, y_1)$ से रेखा $Ax + By + C = 0$ की लंब दूरी: $$d = \frac{|Ax_1 + By_1 + C|}{\sqrt{A^2 + B^2}}$$
दो समांतर रेखाओं $Ax + By + C_1 = 0$ और $Ax + By + C_2 = 0$ के बीच की दूरी: $$d = \frac{|C_1 - C_2|}{\sqrt{A^2 + B^2}}$$
$$ \tan\theta = \left|\frac{m_1 - m_2}{1 + m_1 m_2}\right| $$
| रूप | समीकरण |
|---|---|
| बिंदु-ढाल | y - y1 = m(x - x1) |
| दो-बिंदु | y - y1 = (y2-y1)/(x2-x1) |
| ढाल-अंतःखंड | y = mx + c |
| अंतःखंड | x/a + y/b = 1 |
| अभिलंब | x cosω + y sinω = p |
| स्थिति | शर्त |
|---|---|
| समांतर रेखाएँ | m1 = m2 |
| लंब रेखाएँ | m1 × m2 = -1 |
| संरेख बिंदु | त्रिभुज का क्षेत्रफल = 0 |
| बिंदु से दूरी | d = |
सरल रेखाएँ विश्लेषणात्मक ज्यामिति की नींव हैं, जिसमें बिंदु और रेखाओं के गुणधर्म बीजगणितीय समीकरणों द्वारा निरूपित होते हैं। दूरी सूत्र, विभाजन सूत्र, ढाल की अवधारणा, रेखा के विभिन्न रूपों के समीकरण तथा समांतर-लंब स्थितियाँ इस अध्याय के प्रमुख विषय हैं। रेखा के समीकरण को विभिन्न रूपों में बदलना और दूरी सूत्रों का प्रयोग करना परीक्षा की दृष्टि से अनिवार्य कौशल हैं। यह अध्याय शंकु परिच्छेद और त्रिविमीय ज्यामिति के लिए आधार प्रदान करता है।