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त्रिकोणमितीय फलन — Study Notes

Comprehensive theory, key formulas, diagrams, and memory aids for त्रिकोणमितीय फलन.

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1. परिचय

त्रिकोणमिति गणित की वह शाखा है जो त्रिभुजों की भुजाओं और कोणों के बीच के संबंधों का अध्ययन करती है। कक्षा 10 में हमने समकोण त्रिभुज के आधार पर त्रिकोणमितीय अनुपात सीखे थे। इस अध्याय में हम त्रिकोणमितीय फलनों को इकाई वृत्त के माध्यम से सामान्यीकृत रूप में अध्ययन करेंगे, क्योंकि फलन के रूप में इनका प्रांत सभी वास्तविक संख्याएँ होती हैं। इससे किसी भी कोण का मान ज्ञात करना संभव हो जाता है।

2. कोणों का मापन (Measurement of Angles)

कोण को दो प्रणालियों में मापा जाता है:

डिग्री माप (Degree Measure)

एक पूर्ण चक्र $= 360^\circ$। $1^\circ = 60'$ (मिनट), $1' = 60''$ (सेकंड)।

रेडियन माप (Radian Measure)

वृत्त की त्रिज्या के बराबर चाप द्वारा केंद्र पर बनाया गया कोण एक रेडियन कहलाता है। $$\pi \text{ रेडियन} = 180^\circ$$ $$1 \text{ रेडियन} = \frac{180^\circ}{\pi} \approx 57.3^\circ$$ $$1^\circ = \frac{\pi}{180} \text{ रेडियन}$$

कुछ महत्वपूर्ण रूपांतरण: - $30^\circ = \pi/6$ रेडियन - $45^\circ = \pi/4$ रेडियन - $60^\circ = \pi/3$ रेडियन - $90^\circ = \pi/2$ रेडियन - $180^\circ = \pi$ रेडियन - $270^\circ = 3\pi/2$ रेडियन

चाप की लंबाई $l = r\theta$, जहाँ $\theta$ रेडियन में है।

3. त्रिकोणमितीय फलन (Trigonometric Functions)

मान लीजिए $\theta$ कोई कोण है। तब: $$\sin\theta = \frac{\text{लंब}}{\text{कर्ण}}, \quad \cos\theta = \frac{\text{आधार}}{\text{कर्ण}}, \quad \tan\theta = \frac{\sin\theta}{\cos\theta}$$

$$\cot\theta = \frac{\cos\theta}{\sin\theta}, \quad \sec\theta = \frac{1}{\cos\theta}, \quad \operatorname{cosec}\theta = \frac{1}{\sin\theta}$$

त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ

$$\sin^2\theta + \cos^2\theta = 1$$ $$1 + \tan^2\theta = \sec^2\theta$$ $$1 + \cot^2\theta = \operatorname{cosec}^2\theta$$

4. चतुर्थांश में चिह्न (Signs in Quadrants)

चार चतुर्थांशों में चिह्नों को याद रखने का आसान तरीका "सभी सिन तान कोस" है: - प्रथम चतुर्थांश (0° से 90°): सभी धनात्मक - द्वितीय चतुर्थांश (90° से 180°): केवल sin और cosec धनात्मक - तृतीय चतुर्थांश (180° से 270°): केवल tan और cot धनात्मक - चतुर्थ चतुर्थांश (270° से 360°): केवल cos और sec धनात्मक

5. त्रिकोणमितीय फलनों के मान

तालिका: विशिष्ट कोणों के मान

कोण 0° 30° 45° 60° 90°
sin 0 1/2 1/√2 √3/2 1
cos 1 √3/2 1/√2 1/2 0
tan 0 1/√3 1 √3 अपरिभाषित

6. त्रिकोणमितीय फलनों का आवर्त और आवर्तकाल

फलनों $\sin\theta$, $\cos\theta$, $\sec\theta$, $\operatorname{cosec}\theta$ का आवर्तकाल $2\pi$ है, जबकि $\tan\theta$ और $\cot\theta$ का आवर्तकाल $\pi$ है। आवर्तकाल का अर्थ है कि $f(\theta + T) = f(\theta)$ सभी $\theta$ के लिए।

7. त्रिकोणमितीय सूत्र (Formulas)

$$sin(2x) = 2\sin x \cos x$$ $$\cos(2x) = \cos^2 x - \sin^2 x = 2\cos^2 x - 1 = 1 - 2\sin^2 x$$ $$\sin(x + y) = \sin x \cos y + \cos x \sin y$$ $$\sin(x - y) = \sin x \cos y - \cos x \sin y$$ $$\cos(x + y) = \cos x \cos y - \sin x \sin y$$ $$\cos(x - y) = \cos x \cos y + \sin x \sin y$$ $$\tan(x + y) = \frac{\tan x + \tan y}{1 - \tan x \tan y}$$

8. अन्य महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ

$$2\sin x \cos y = \sin(x + y) + \sin(x - y)$$ $$2\cos x \sin y = \sin(x + y) - \sin(x - y)$$ $$2\cos x \cos y = \cos(x + y) + \cos(x - y)$$ $$2\sin x \sin y = \cos(x - y) - \cos(x + y)$$ $$\sin x + \sin y = 2\sin\frac{x + y}{2}\cos\frac{x - y}{2}$$ $$\cos x + \cos y = 2\cos\frac{x + y}{2}\cos\frac{x - y}{2}$$

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: चतुर्थांश चिह्न

चतुर्थांश धनात्मक फलन
I (0°-90°) सभी
II (90°-180°) sin, cosec
III (180°-270°) tan, cot
IV (270°-360°) cos, sec

तालिका 2: डिग्री-रेडियन रूपांतरण

डिग्री रेडियन
30° π/6
45° π/4
60° π/3
90° π/2
180° π

माइंड मैप

graph TD
    A["त्रिकोणमितीय फलन"] --> B["कोण माप: डिग्री व रेडियन"]
    A --> C["मूल फलन: sin, cos, tan"]
    A --> D["सर्वसमिकाएँ: sin²θ+cos²θ=1"]
    A --> E["चतुर्थांश चिह्न"]
    A --> F["योग व अंतर सूत्र"]
    A --> G["द्विकोण सूत्र"]
    A --> H["आवर्तकाल: sin,cos→2π; tan→π"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

इकाई वृत्त और sin, cos cosθ sinθ θ त्रिज्या = 1 स्वर्ण नियम: इकाई वृत्त में cosθ = आधार, sinθ = लंब
sinθ का आलेख 0 π/2 π 3π/2 2π स्वर्ण नियम: sinθ का आलेख 2π के बाद दोहराता है, अधिकतम 1, न्यूनतम -1

सामान्य गलतियाँ

  1. डिग्री और रेडियन में गणना करते समय मिश्रण करना; एक प्रश्न में दोनों प्रणालियाँ नहीं मिलानी चाहिए।
  2. tan 90° का मान परिभाषित नहीं है, इसे अनंत समझना गलत है।
  3. चतुर्थांश चिह्न याद रखते समय द्वितीय चतुर्थांश में सभी ऋणात्मक मान लेना।
  4. sin(x + y) को sin x + sin y मान लेना; यह सर्वसमिकाओं का सबसे सामान्य भ्रम है।
  5. आवर्तकाल में tan का आवर्तकाल 2π मान लेना; वास्तव में π होता है।
  6. cos 2x = 2cos²x - 1 तथा 1 - 2sin²x के रूपों को पहचानने में गलती।
  7. sin 0° = 0 और sin 90° = 1 के मानों में भ्रम।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. विशिष्ट कोणों (0°, 30°, 45°, 60°, 90°) के sin, cos, tan के मान कंठस्थ करें।
  2. "सभी सिन तान कोस" के नियम से चतुर्थांश चिह्न ज्ञात करें।
  3. योग व अंतर सूत्रों में चिह्नों पर ध्यान दें: sin(x+y) में +, cos(x+y) में -।
  4. द्विकोण सूत्र को सर्वसमिकाओं से व्युत्पन्न करके जाँच सकते हैं।
  5. त्रिभुज में sin और cos नियम: a/sinA = b/sinB = c/sinC = 2R।
  6. यदि कोण ऋणात्मक है, तो sin(-θ) = -sinθ, cos(-θ) = cosθ के गुण का उपयोग करें।
  7. प्रश्न में यदि फलन का आलेख दिया हो, तो आवर्तकाल और परास की जाँच करें।

निष्कर्ष

त्रिकोणमितीय फलन कक्षा 11 गणित का सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक अध्याय है, जिसका उपयोग भौतिकी, अभियांत्रिकी और कक्षा 12 के सीमा-अवकलज में होता है। रेडियन माप, सर्वसमिकाएँ, चतुर्थांश चिह्न, योग-अंतर सूत्र और आवर्तकाल इस अध्याय के प्रमुख बिंदु हैं। इन सूत्रों का नियमित अभ्यास ही दक्षता प्रदान करता है, क्योंकि त्रिकोणमिति में स्मरण और अनुप्रयोग दोनों आवश्यक हैं।

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