कंपनी (Company) एक कृत्रिम व्यक्ति है जो विधि द्वारा निर्मित होती है। कंपनी अपनी अंश पूँजी (Share Capital) जनता से अंशों को निर्गमित करके प्राप्त करती है। अंशधारक (Shareholder) कंपनी की पूँजी के स्वामी होते हैं। कंपनी के अंशों का निर्गमन अंशों का निर्गमन (Issue of Shares) कहलाता है। अंशों के बदले में कंपनी अंशधारकों को लाभांश (Dividend) वितरित करती है। कंपनी की पूँजी के संबंध में लेखांकन का अध्ययन अंश पूँजी का लेखांकन कहलाता है। अंशों का निर्गमन सममूल्य (at par), प्रीमियम पर (at premium) या छूट पर (at discount) किया जा सकता है।
2. अंशों के प्रकार (Types of Shares)
समता अंश (Equity Shares): जिन अंशों के धारकों को कंपनी के लाभों का हिस्सा स्थिर दर से नहीं, बल्कि कंपनी की आय के आधार पर मिलता है। इन्हें ही सामान्य अंश कहते हैं।
पूर्वाधिकार अंश (Preference Shares): जिन अंशों के धारकों को लाभांश की निश्चित दर (जैसे 9% पूर्वाधिकार अंश) मिलती है और विघटन के समय पूँजी की वापसी में प्राथमिकता मिलती है। इन्हें लाभांश और पूँजी पर प्राथमिकता प्राप्त होती है।
3. अंश पूँजी के प्रकार (Types of Share Capital)
अधिकृत पूँजी (Authorised Capital): कंपनी के ज्ञापन में उल्लिखित अधिकतम पूँजी, जिसे नाममात्र/अभिघोषित पूँजी भी कहते हैं।
निर्गमित पूँजी (Issued Capital): जनता को निर्गमित किए गए अंशों का अंकित मूल्य।
अभिदत्त पूँजी (Subscribed Capital): जिस भाग की अभिद्रा (Subscription) जनता द्वारा की गई है।
माँग पर प्राप्त पूँजी (Called-up Capital): अभिदत्त पूँजी का वह भाग जिसके लिए कंपनी ने माँग की है।
चुकता पूँजी (Paid-up Capital): माँग की गई राशि में से वास्तव में प्राप्त राशि।
$$ \text{माँग न परिपक्व पूँजी (Calls in Arrears)} = \text{माँगित पूँजी} - \text{चुकता पूँजी} $$
$$ \text{अग्रिम पूँजी (Calls in Advance)} = \text{माँग से पहले प्राप्त राशि} $$
4. अंशों का निर्गमन (Issue of Shares)
अंशों की राशि सामान्यतः किश्तों में प्राप्त होती है:
आवेदन (Application): आवेदन के साथ राशि का भुगतान
आबंटन (Allotment): अंशों के आबंटन पर राशि का भुगतान
प्रथम माँग (First Call): प्रथम माँग पर राशि का भुगतान
अंतिम माँग (Final Call): अंतिम माँग पर राशि का भुगतान
अंशों का निर्गमन सममूल्य पर (Issue at Par)
जब अंश का अंकित मूल्य = जारी मूल्य। उदाहरण: ₹10 का अंश ₹10 पर जारी।
अंशों का निर्गमन प्रीमियम पर (Issue at Premium)
जब अंश का अंकित मूल्य से अधिक पर जारी हो। उदाहरण: ₹10 का अंश ₹12 पर जारी। ₹2 प्रीमियम है।
प्रीमियम की राशि अंश प्रीमियम खाते (Securities Premium Account) में जमा की जाती है।
अंशों का निर्गमन छूट पर (Issue at Discount)
जब अंश का अंकित मूल्य से कम पर जारी हो। भारत में छूट पर अंशों का निर्गमन केवल कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत विशेष शर्तों पर संभव है।
5. निर्गमन की प्रविष्टियाँ
आवेदन राशि प्राप्त होने पर:
बैंक खाता डेबिट
अंश आवेदन खाता क्रेडिट
आवेदन राशि का आबंटन में हस्तांतरण:
अंश आवेदन खाता डेबिट
अंश पूँजी खाता क्रेडिट
आवेदन राशि अधिक प्राप्त होने पर वापसी:
अंश आवेदन खाता डेबिट
बैंक खाता क्रेडिट
आबंटन राशि प्राप्त होने पर:
बैंक खाता डेबिट
अंश आबंटन खाता क्रेडिट
आबंटन राशि का पूँजी में हस्तांतरण:
अंश आबंटन खाता डेबिट
अंश पूँजी खाता क्रेडिट
प्रीमियम के मामले में:
प्रीमियम राशि अंश प्रीमियम खाते में जमा की जाती है:
अंश आबंटन/आवेदन खाता डेबिट
अंश प्रीमियम खाता क्रेडिट
6. माँग न परिपक्व पूँजी (Calls in Arrears) का लेखांकन
जब कोई अंशधारक माँगी गई राशि का भुगतान नहीं करता, तो उस राशि को माँग न परिपक्व पूँजी खाता में डेबिट किया जाता है:
माँग न परिपक्व पूँजी खाता डेबिट
अंश माँग खाता क्रेडिट
अंत में माँग न परिपक्व पूँजी खाते की शेष राशि तुलन पत्र में पूँजी से घटाई जाती है।
7. अग्रिम पूँजी (Calls in Advance) का लेखांकन
जब अंशधारक माँग से पहले राशि जमा करता है:
बैंक खाता डेबिट
अग्रिम पूँजी खाता क्रेडिट
अग्रिम राशि पर 12% प्रति वर्ष ब्याज दिया जाता है। अंत में माँग पूरी होने पर अग्रिम राशि को माँग खाते में स्थानांतरित किया जाता है।
8. अंशों का हरण (Forfeiture of Shares)
जब अंशधारक माँगों का भुगतान नहीं करता, तो कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उन अंशों को हरण (Forfeit) कर सकती है। हरण करने पर अंशधारक द्वारा चुकाई गई राशि कंपनी के पास रहती है और अंश हरण खाते में जमा होती है।
अंश हरण की प्रविष्टि:
अंश पूँजी खाता (पूर्ण माँगित राशि) डेबिट
माँग न परिपक्व पूँजी (अवैतनिक राशि) क्रेडिट
अंश हरण खाता (प्राप्त राशि) क्रेडिट
9. हरण किए गए अंशों का पुनर्निर्गमन (Re-issue of Forfeited Shares)
हरण किए गए अंशों का पुनर्निर्गमन किया जा सकता है। पुनर्निर्गमन छूट पर भी हो सकता है, परंतु छूट की राशि हरण खाते की राशि से अधिक नहीं हो सकती।
पुनर्निर्गमन की प्रविष्टि:
बैंक खाता (प्राप्त राशि) डेबिट
अंश हरण खाता (छूट की राशि) डेबिट
अंश पूँजी खाता (अंकित मूल्य) क्रेडिट
हरण खाते का शेष लाभ पूँजी आरक्षित (Capital Reserve) में स्थानांतरित किया जाता है:
अंश हरण खाता डेबिट
पूँजी आरक्षित खाता क्रेडिट
graph TD
A["अंश पूँजी का लेखांकन"] --> B["पूँजी के प्रकार"]
A --> C["अंशों के प्रकार"]
A --> D["अंशों का निर्गमन"]
A --> E["माँग न परिपक्व / अग्रिम"]
A --> F["अंशों का हरण"]
D --> G["सममूल्य/प्रीमियम/छूट"]
E --> H["तुलन पत्र में समायोजन"]
F --> I["पुनर्निर्गमन"]
F --> J["पूँजी आरक्षित"]
B --> K["अधिकृत/निर्गमित/अभिदत्त/चुकता"]
त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1: पूँजी के प्रकार
प्रकार
परिभाषा
अधिकृत पूँजी
ज्ञापन में अधिकतम अधिकृत पूँजी
निर्गमित पूँजी
जनता को निर्गमित अंशों का मूल्य
अभिदत्त पूँजी
अभिद्रा प्राप्त अंशों का मूल्य
माँगित पूँजी
माँग की गई राशि
चुकता पूँजी
वास्तव में प्राप्त राशि
तालिका 2: निर्गमन के प्रकार
प्रकार
शर्त
उदाहरण
सममूल्य
निर्गम मूल्य = अंकित मूल्य
₹10 पर ₹10
प्रीमियम
निर्गम मूल्य > अंकित मूल्य
₹12 पर ₹10
छूट
निर्गम मूल्य < अंकित मूल्य
₹9 पर ₹10
तालिका 3: हरण एवं पुनर्निर्गमन
घटना
प्रविष्टि का सार
हरण
अंश पूँजी Dr., माँग न परिपक्व Cr., हरण Cr.
पुनर्निर्गमन
बैंक Dr., हरण Dr., अंश पूँजी Cr.
शेष लाभ
हरण Dr., पूँजी आरक्षित Cr.
माइंड मैप
graph TD
A["अंश पूँजी लेखांकन"] --> B["पूँजी प्रकार"]
A --> C["निर्गमन"]
A --> D["माँग/अग्रिम"]
A --> E["हरण व पुनर्निर्गमन"]
C --> F["सममूल्य/प्रीमियम/छूट"]
C --> G["आवेदन-आबंटन-माँगें"]
D --> H["तुलन पत्र में घटाव/जोड़"]
E --> I["पूँजी आरक्षित"]
महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
सामान्य गलतियाँ
अग्रिम पूँजी पर ब्याज की दर भूलना: अग्रिम पूँजी पर 12% प्रति वर्ष ब्याज दिया जाता है।
माँग न परिपक्व पूँजी को चुकता पूँजी में नहीं घटाना: माँग न परिपक्व पूँजी तुलन पत्र में चुकता पूँजी से घटाई जाती है।
प्रीमियम को पूँजी में मिलाना: प्रीमियम अंश प्रीमियम खाते में जमा होता है, पूँजी खाते में नहीं।
हरण खाते में अवैतनिक राशि को शामिल करना: हरण खाते में केवल प्राप्त राशि जाती है।
पुनर्निर्गमन पर छूट की सीमा का भ्रम: छूट हरण राशि से अधिक नहीं हो सकती।
हरण खाते के शेष को लाभ-हानि में ले जाना: हरण खाते का शेष पूँजी आरक्षित में जाता है।
आवेदन राशि की वापसी में आवेदन खाते को गलत क्रेडिट करना।
परीक्षा युक्तियाँ
पूँजी के सभी प्रकारों (अधिकृत, निर्गमित, अभिदत्त, चुकता) को क्रमबद्ध रूप से याद रखें।
निर्गमन की प्रविष्टियाँ (आवेदन-आबंटन-माँग) क्रम से लिखें।
प्रीमियम की गणना: प्रीमियम = निर्गम मूल्य - अंकित मूल्य।
माँग न परिपक्व/अग्रिम पूँजी के प्रश्नों में तुलन पत्र में समायोजन करें।
हरण के प्रश्नों में पहले अवैतनिक राशि, फिर प्राप्त राशि का विश्लेषण करें।
पुनर्निर्गमन पर छूट की गणना हरण राशि से तुलना करके करें।
हरण खाते का शेष पूँजी आरक्षित में स्थानांतरित करें।
निष्कर्ष
अंश पूँजी का लेखांकन कंपनी लेखांकन का प्रथम अध्याय है। पूँजी के प्रकार, अंशों का निर्गमन, माँग न परिपक्व/अग्रिम पूँजी तथा हरण-पुनर्निर्गमन की अवधारणाएँ परीक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अगले अध्याय (ऋणपत्रों का निर्गमन) के लिए यह अध्याय आधार का कार्य करता है। इन प्रविष्टियों का लगातार अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।