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1. परिचय

p-ब्लॉक तत्व आवर्त सारणी के समूह 13 से 18 तक के तत्व होते हैं, जिनमें अंतिम इलेक्ट्रॉन p-उपकोश में प्रवेश करता है। इन तत्वों का सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $ns^2np^{1-6}$ होता है। इस अध्याय में समूह 13 (बोरॉन परिवार), 14 (कार्बन परिवार), 15 (नाइट्रोजन परिवार), 16 (ऑक्सीजन परिवार/चाल्कोजन), 17 (हैलोजन) और 18 (अक्रिय गैस) तत्वों की आवर्ती प्रवृत्तियाँ, गुणधर्म तथा यौगिकों का अध्ययन किया जाता है। p-ब्लॉक तत्वों के गुणधर्म कक्षा 11 में पढ़े गए p-ब्लॉक (समूह 13-18 के मूल) से आगे बढ़कर कक्षा 12 में समूह 15-18 के तत्वों का विस्तृत अध्ययन होता है।

2. समूह 15: नाइट्रोजन परिवार (Nitrogen Family)

समूह 15 के तत्व: N, P, As, Sb, Bi। सामान्य विन्यास $ns^2np^3$।

गुणधर्म

नाइट्रोजन के गुणधर्म

अमोनिया (NH₃) — निर्माण (हेबर प्रक्रम)

$$N_2 + 3H_2 \rightleftharpoons 2NH_3, \qquad \Delta H = -92.6 \, \text{kJ}$$

नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) — ओस्टवाल्ड प्रक्रम

$$4NH_3 + 5O_2 \xrightarrow{Pt/800^\circ C} 4NO + 6H_2O$$ $$2NO + O_2 \rightarrow 2NO_2$$ $$3NO_2 + H_2O \rightarrow 2HNO_3 + NO$$

फास्फोरस

ऑक्सोअम्ल

3. समूह 16: ऑक्सीजन परिवार (Oxygen Family / Chalcogens)

समूह 16 के तत्व: O, S, Se, Te, Po। सामान्य विन्यास $ns^2np^4$।

गुणधर्म

डाइऑक्सीजन (O₂)

सल्फर

सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) — संपर्क प्रक्रम

$$2SO_2 + O_2 \xrightarrow{V_2O_5/700K} 2SO_3$$ $$SO_3 + H_2SO_4 \rightarrow H_2S_2O_7 \text{ (ओलियम)}$$ $$H_2S_2O_7 + H_2O \rightarrow 2H_2SO_4$$

4. समूह 17: हैलोजन परिवार (Halogens)

समूह 17 के तत्व: F, Cl, Br, I, At। सामान्य विन्यास $ns^2np^5$।

गुणधर्म

हाइड्रोजन हैलाइड

क्लोरीन के महत्वपूर्ण यौगिक

ऑक्सोअम्ल

5. समूह 18: अक्रिय गैस (Noble Gases)

समूह 18 के तत्व: He, Ne, Ar, Kr, Xe, Rn। सामान्य विन्यास $ns^2np^6$ (He = 1s²)।

गुणधर्म

यौगिक (Xe के)

उपयोग

7. यौगिकों की संरचना तथा आबंधन के सिद्धांत

  1. ऑक्टेट विस्तार: p-ब्लॉक तत्व (जैसे S, P, Xe) अपने रिक्त d-ऑर्बिटलों का उपयोग कर ऑक्टेट से अधिक इलेक्ट्रॉन युक्त यौगिक बनाते हैं, जैसे SF₆, PCl₅, XeF₄।
  2. असंगत आबंध कोण: अकेला युग्म (lone pair) उपस्थित होने पर आबंध कोण मानक मान से घट जाता है — NH₃ में 107°, H₂O में 104.5°।
  3. हाइड्रोजन आबंध का प्रभाव: NH₃, H₂O, HF जैसे यौगिकों में हाइड्रोजन आबंध के कारण क्वथनांक संगत हाइड्राइडों (PH₃, H₂S, HCl) से अधिक होता है।
  4. तत्वों की ऑक्सीकरण अवस्थाएँ: p-ब्लॉक तत्व अपने वर्ग संख्या के अनुसार अधिकतम ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करते हैं — N तथा O अपनी उच्चतम अवस्थाएँ (क्रमशः +5, +6) कुछ अपवादों के साथ नहीं बनाते।
  5. अक्रिय युग्म प्रभाव (Inert Pair Effect): समूह में नीचे जाने पर ns² इलेक्ट्रॉन युग्म की क्रियाशीलता कम हो जाती है, जिससे निम्न ऑक्सीकरण अवस्थाएँ स्थायी होती हैं — जैसे Pb²⁺, Bi³⁺, Tl⁺।
  6. वैद्युतऋणात्मकता में परिवर्तन: हैलोजन से अक्रिय गैस की ओर जाने पर वैद्युतऋणात्मकता घटती है, परंतु F तथा O में अधिकतम वैद्युतऋणात्मकता होती है।

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: समूहों के तत्व तथा विन्यास

समूह तत्व सामान्य विन्यास प्रमुख अयस्क/स्रोत
15 N, P, As, Sb, Bi ns²np³ NH3, PH3
16 O, S, Se, Te, Po ns²np⁴ O2, S8, H2SO4
17 F, Cl, Br, I, At ns²np⁵ F2, Cl2, Br2, I2
18 He, Ne, Ar, Kr, Xe, Rn ns²np⁶ XeF2, XeF4

तालिका 2: Xe के फ्लोराइड

यौगिक संकरण संरचना
XeF2 sp³d रैखिक
XeF4 sp³d² वर्ग समतलीय
XeF6 sp³d³ विकृत अष्टफलकीय

तालिका 3: ऑक्सीकारक क्षमता तथा अम्लता

गुण क्रम
हैलोजन ऑक्सीकारक क्षमता F2 > Cl2 > Br2 > I2
हाइड्रोजन हैलाइड अम्लता HF < HCl < HBr < HI
फॉस्फोरस ऑक्सोअम्ल क्षारकता H3PO2 (1) < H3PO3 (2) < H3PO4 (3)

माइंड मैप

graph TD A["p-ब्लॉक तत्व"] --> B["समूह 15 (N, P)"] B --> C["हेबर: NH3 (Fe उत्प्रेरक)"] B --> D["ओस्टवाल्ड: HNO3"] B --> E["P4 श्वेत/लाल"] A --> F["समूह 16 (O, S)"] F --> G["O2 अनुचुंबकीय"] F --> H["संपर्क: H2SO4 (V2O5)"] A --> I["समूह 17 (F, Cl, Br, I)"] I --> J["ऑक्सीकारक: F2 > Cl2 > Br2 > I2"] I --> K["ब्लीचिंग पाउडर CaOCl2"] A --> L["समूह 18 (अक्रिय गैस)"] L --> M["XeF2, XeF4, XeF6"] L --> N["क्लैथ्रेट"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

आरेख 1: NH₃ तथा H₂O की संरचना

NH₃ तथा H₂O की संरचना अमोनिया (NH₃), कोण 107° N H H H एकल युग्म के कारण कोण 109.5° से 107° जल (H₂O), कोण 104.5° O H H दो एकल युग्म, कोण 104.5° Golden Rule एकल युग्मों की संख्या जितनी अधिक, बंध कोण उतना ही कम (NH3: 107°, H2O: 104.5°)।

आरेख 2: सल्फ्यूरिक अम्ल की संरचना तथा ओस्टवाल्ड प्रक्रम

H₂SO₄ की संरचना तथा निर्माण प्रवाह H₂SO₄ संरचना (S: sp³) S O O O O H H संपर्क प्रक्रम 2SO2 + O2 (V2O5, 700K) SO3 + H2SO4 → ओलियम H2S2O7 + H2O → 2H2SO4 H2SO4 प्रबल निर्जलीकरणक है स्वर्ण नियम सांद्र H₂SO₄ एक प्रबल निर्जलीकरणक है — यह कार्बोहाइड्रेट से जल हटाकर कार्बन छोड़ देता है।

सामान्य गलतियाँ

  1. N₂ की त्रि-आबंध एन्थैल्पी को कम मानना — यह 946 kJ/mol है, जो इसे निष्क्रिय बनाती है।
  2. NH₃ और PH₃ के क्वथनांकों में अंतर भूलना — NH₃ में H-आबंध के कारण क्वथनांक अधिक।
  3. P₄ की संरचना में बंध कोण 60° होता है — चतुष्फलकीय P4 में 60° लिखने में गलती।
  4. H₃PO₂ की क्षारकता 3 लिखना — वास्तव में 1 (एक -OH समूह)।
  5. XeF₆ की संरचना नियमित अष्टफलकीय लिखना — वह विकृत अष्टफलकीय है।
  6. हैलोजन की ऑक्सीकारक क्षमता का क्रम उल्टा लिखना — F₂ सबसे प्रबल ऑक्सीकारक।
  7. सल्फर के अपररूपों को भ्रमित करना — 369 K से नीचे ऑर्थोरोम्बिक स्थायी।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. ओस्टवाल्ड प्रक्रम की तीन अभिक्रियाओं को क्रम से लिखें — NH₃ से HNO₃ तक।
  2. क्षारकता प्रश्नों में -OH समूहों की संख्या गिनें — H₃PO₂ (1), H₃PO₃ (2), H₃PO₄ (3)।
  3. Xe के फ्लोराइडों के संकरण और संरचना की तालिका (sp³d रैखिक, sp³d² वर्ग समतलीय, sp³d³ विकृत अष्टफलकीय) याद रखें।
  4. हाइड्रोजन हैलाइडों की अम्लता क्रम: HF < HCl < HBr < HI।
  5. क्लोरीन की तैयारी MnO₂ + HCl से तथा ब्लीचिंग पाउडर Ca(OH)₂ + Cl₂ से होती है।
  6. अक्रिय गैसों के उपयोग: He (गुब्बारा), Ar (बल्ब)।

निष्कर्ष

p-ब्लॉक तत्वों में समूह 15-18 के तत्वों के विन्यास, आवर्ती प्रवृत्तियाँ, अयस्क-निर्माण प्रक्रम (हेबर, ओस्टवाल्ड, संपर्क) तथा विशेष यौगिकों की संरचना का अध्ययन किया गया। नाइट्रोजन-फास्फोरस-ऑक्सीजन-सल्फर-हैलोजन-अक्रिय गैसों के गुणधर्मों की तुलनात्मक समझ से परीक्षा में विशिष्ट प्रश्नों को हल करना सरल होता है।