Comprehensive theory, key formulas, diagrams, and memory aids for राष्ट्रीय आय लेखांकन.
राष्ट्रीय आय लेखांकन (National Income Accounting) समष्टि अर्थशास्त्र की वह शाखा है जो किसी देश में एक वर्ष की अवधि में उत्पादित अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं के बाजार मूल्य को मापती है। राष्ट्रीय आय के आंकड़े किसी देश की आर्थिक प्रगति, जीवन स्तर और आर्थिक संरचना का मापन करते हैं। राष्ट्रीय आय को परिभाषित करते समय 'सामान्य निवासी' (Normal Resident), 'अंतिम वस्तु' (Final Goods), 'बाजार मूल्य' (Market Price), 'मूल्यह्रास' (Depreciation) जैसी अवधारणाएँ महत्वपूर्ण हैं। किसी वर्ष में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का मौद्रिक मूल्य ही राष्ट्रीय आय कहलाता है।
GDP किसी देश की भौगोलिक सीमा के भीतर, एक वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं का कुल बाजार मूल्य है। इसमें देश के नागरिक या विदेशी, दोनों का उत्पादन शामिल होता है, बशर्ते उत्पादन देश की सीमा के भीतर हुआ हो।
$$GDP_{MP} = \sum (\text{अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं की मात्रा} \times \text{बाजार कीमत})$$
जब GDP में से मूल्यह्रास (पूँजी की घिसावट) घटा दी जाती है तो शुद्ध घरेलू उत्पाद प्राप्त होता है।
$$NDP_{MP} = GDP_{MP} - \text{मूल्यह्रास}$$
GNP किसी देश के सामान्य निवासियों द्वारा, देश के भीतर तथा विदेशों में, एक वर्ष में उत्पादित अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं का कुल बाजार मूल्य है।
$$GNP_{MP} = GDP_{MP} + \text{विदेशों से प्राप्त शुद्ध कारक आय}$$
$$NNP_{MP} = GNP_{MP} - \text{मूल्यह्रास}$$
$$NNP_{MP} = \text{निजी कारक आय} + \text{सरकारी कारक आय} + \text{विदेशों से शुद्ध कारक आय} + \text{शुद्ध अप्रत्यक्ष कर}$$
बाजार कीमत को साधन लागत में बदलने के लिए शुद्ध अप्रत्यक्ष कर घटाया जाता है।
$$NNP_{FC} = NNP_{MP} - \text{शुद्ध अप्रत्यक्ष कर}$$
उत्पादन विधि या मूल्यवर्धन विधि के अनुसार, राष्ट्रीय आय की गणना के लिए प्रत्येक उत्पादक इकाई के मूल्यवर्धन (Value Added) का योग किया जाता है। मूल्यवर्धन अर्थात फर्म के उत्पादन का मूल्य घटाकर उपयोग की गई मध्यवर्ती वस्तुओं (Intermediate Goods) का मूल्य।
$$\text{सकल मूल्यवर्धन} = \text{उत्पादन का मूल्य} - \text{मध्यवर्ती उपभोग}$$
$$GDP_{MP} = \sum \text{सकल मूल्यवर्धन} \text{ (सभी क्षेत्रों में)}$$
इस विधि में उत्पादन के सभी कारकों को प्राप्त होने वाली आय को जोड़ा जाता है। कारक आय निम्नलिखित हैं:
$$NDP_{FC} = \text{कर्मचारियों का पारिश्रमिक} + \text{परिचालन अधिशेष} + \text{मिश्रित आय}$$
इस विधि में अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों द्वारा अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं पर किए गए कुल व्यय को जोड़ा जाता है।
$$GDP_{MP} = C + I + G + (X - M)$$
यहाँ: - $C$ = निजी अंतिम उपभोग व्यय - $I$ = सकल घरेलू पूँजी निर्माण (Gross Domestic Capital Formation) - $G$ = सरकारी अंतिम उपभोग व्यय - $X$ = निर्यात - $M$ = आयात - $(X - M)$ = शुद्ध निर्यात
बाजार कीमत में अप्रत्यक्ष कर शामिल होते हैं और सब्सिडी घटा दी जाती है। साधन लागत अंतिम वस्तु के उत्पादन में लगे कारकों को प्राप्त आय है।
$$\text{बाजार कीमत} = \text{साधन लागत} + \text{शुद्ध अप्रत्यक्ष कर}$$ $$\text{शुद्ध अप्रत्यक्ष कर} = \text{अप्रत्यक्ष कर} - \text{सब्सिडी}$$
चालू कीमतों पर GDP (नाममात्र GDP) वस्तुओं एवं सेवाओं का मूल्यांकन चालू वर्ष की कीमतों पर करता है। स्थिर कीमतों पर GDP (वास्तविक GDP) मूल्यांकन आधार वर्ष की कीमतों पर करता है, जिससे मुद्रास्फीति का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
$$\text{GDP अपस्फीतक (Deflator)} = \frac{\text{नाममात्र GDP}}{\text{वास्तविक GDP}} \times 100$$
| अवधारणा | सूत्र |
|---|---|
| NDP_MP | GDP_MP - मूल्यह्रास |
| GNP_MP | GDP_MP + विदेशों से शुद्ध कारक आय |
| NNP_MP | GNP_MP - मूल्यह्रास |
| NNP_FC | NNP_MP - शुद्ध अप्रत्यक्ष कर |
| GDP_MP (व्यय विधि) | C + I + G + (X - M) |
| सकल मूल्यवर्धन | उत्पादन का मूल्य - मध्यवर्ती उपभोग |
| विधि | मुख्य घटक |
|---|---|
| उत्पादन विधि | मूल्यवर्धन, अंतिम वस्तुएँ |
| आय विधि | कर्मचारियों का पारिश्रमिक, परिचालन अधिशेष, मिश्रित आय |
| व्यय विधि | उपभोग, निवेश, सरकारी व्यय, शुद्ध निर्यात |
| आधार | नाममात्र GDP | वास्तविक GDP |
|---|---|---|
| कीमतें | चालू वर्ष की | आधार वर्ष की |
| मुद्रास्फीति प्रभाव | शामिल | बहिष्कृत |
| GDP अपस्फीतक | आधार | प्राप्त किया जाता है |
graph TD
A["राष्ट्रीय आय लेखांकन"] --> B["GDP: भौगोलिक सीमा में उत्पादन"]
A --> C["GNP: निवासी दृष्टिकोण"]
A --> D["NDP: GDP - मूल्यह्रास"]
A --> E["NNP: GNP - मूल्यह्रास"]
A --> F["मापन विधियाँ"]
F --> G["उत्पादन विधि: मूल्यवर्धन"]
F --> H["आय विधि: कारक आय"]
F --> I["व्यय विधि: C + I + G + (X-M)"]
B --> J["घरेलू उत्पाद"]
C --> K["+ विदेशों से शुद्ध कारक आय"]
राष्ट्रीय आय लेखांकन समष्टि अर्थशास्त्र की केंद्रीय अवधारणा है, जो GDP, GNP, NDP, NNP जैसे चरों के माध्यम से अर्थव्यवस्था के आकार और संरचना को मापती है। इसकी तीन मापन विधियाँ - उत्पादन, आय और व्यय - एक ही आर्थिक चक्र के विभिन्न पक्ष हैं। बाजार कीमत और साधन लागत के बीच अंतर, नाममात्र एवं वास्तविक GDP का भेद तथा मापन की कठिनाइयाँ परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन अवधारणाओं की सटीक समझ आगे मुद्रा, बैंकिंग तथा आय-रोजगार निर्धारण के अध्यायों के लिए आधार तैयार करती है।