"The Enemy" कक्षा 12 की पाठ्यपुस्तक विस्टाज़ में संकलित अमेरिकी लेखिका पर्ल एस. बक (Pearl S. Buck) द्वारा लिखी गई एक मार्मिक कहानी है। यह कहानी द्वितीय विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें मानवता और दुश्मनी के बीच का संघर्ष दिखाया गया है। कहानी एक जापानी डॉक्टर सोकिची हिडा (Dr. Sadao Hoki) की है, जो युद्ध के दौरान एक घायल अमेरिकी नाविक की मदद करता है।
कहानी की पृष्ठभूमि जापान है, जहाँ डॉक्टर सोकिची हिडा और उनकी पत्नी हाना (Hana) रहते हैं। सोकिची हिडा एक प्रसिद्ध जापानी सर्जन हैं, जो अमेरिका में पढ़ाई कर चुके हैं। उनका घर समुद्र के किनारे स्थित है। एक तूफानी रात में उन्हें अपने घर के पास एक घायल अमेरिकी नाविक मिलता है, जो भागते समय गोली लगने से घायल हुआ है। यह अमेरिकी नाविक जापान का दुश्मन है, क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका जापान का दुश्मन था।
कहानी में सोकिची हिडा के सामने एक गंभीर नैतिक दुविधा आती है - क्या वह अपने देश के दुश्मन की मदद करे, या उसे पुलिस को सौंप दे? एक डॉक्टर के रूप में उसका कर्तव्य है कि वह घायल की मदद करे, लेकिन एक देशभक्त के रूप में उसे दुश्मन के प्रति नफरत करनी चाहिए। कहानी मानवता, करुणा और देशभक्ति के बीच के टकराव को दर्शाती है। यह कहानी हमें बताती है कि मानवता सबसे बड़ा धर्म है।
पर्ल एस. बक (Pearl S. Buck) (1892-1973) एक प्रसिद्ध अमेरिकी लेखिका थीं, जिन्हें साहित्य में नोबेल पुरस्कार (1938) और पुलित्ज़र पुरस्कार मिला। वे चीन में पली-बढ़ी थीं और उन्होंने चीन के जीवन को अपने लेखन में चित्रित किया। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में "The Good Earth" (द गुड अर्थ) शामिल है, जो उनका सबसे प्रसिद्ध उपन्यास है।
बक की लेखनी में मानवीय संवेदना, सामाजिक यथार्थवाद और अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण का गहरा संगम मिलता है। वे युद्ध, शांति और मानवता जैसे वैश्विक मुद्दों पर लिखती थीं। "The Enemy" उनकी एक महत्वपूर्ण कहानी है, जिसमें उन्होंने युद्ध के समय मानवीय करुणा और नैतिकता के बीच के संघर्ष को प्रस्तुत किया है। उनका मानना था कि युद्ध के बावजूद मानवता को सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए।
कहानी की शुरुआत डॉक्टर सोकिची हिडा के परिचय से होती है। वे जापान के एक प्रसिद्ध सर्जन हैं, जिन्होंने अमेरिका में चिकित्सा की पढ़ाई की थी। उनका घर जापान के समुद्र के किनारे पर स्थित है। उनकी पत्नी हाना उनकी मदद करती है। सोकिची हिडा अपने पेशे में बहुत कुशल हैं और उनका घर अच्छा है।
एक दिन एक तूफानी रात में सोकिची हिडा को पता चलता है कि समुद्र के किनारे पर एक घायल आदमी पड़ा है। वह आदमी एक अमेरिकी नाविक है, जो जहाज से गिरकर भागते समय गोली लगने से घायल हुआ है। यह अमेरिकी नाविक जापान का दुश्मन है, क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका और जापान आपस में लड़ रहे थे।
सोकिची हिडा और हाना के सामने एक कठिन सवाल आता है। डॉक्टर के रूप में उनका कर्तव्य है कि घायल की मदद करें। लेकिन जापान के देशभक्त नागरिक के रूप में, उन्हें दुश्मन की मदद नहीं करनी चाहिए। अगर वे दुश्मन की मदद करेंगे, तो उन्हें देशद्रोही कहा जाएगा। लेकिन सोकिची हिडा अपने डॉक्टरी कर्तव्य का पालन करने का फैसला करते हैं।
सोकिची हिडा घायल अमेरिकी नाविक को अपने घर ले जाते हैं और उसकी जान बचाने के लिए ऑपरेशन करते हैं। हाना उनकी मदद करती है। ऑपरेशन सफल होता है, और अमेरिकी नाविक की जान बच जाती है। नाविक को पता चलता है कि सोकिची हिडा ने उसकी जान बचाई है। वह सोकिची हिडा का आभारी है।
लेकिन समस्या यह है कि सोकिची हिडा और हाना को नाविक को अपने घर में छिपाकर रखना होता है। उन्हें डर है कि अगर पड़ोसी या अधिकारियों को पता चला, तो उन्हें देशद्रोही घोषित कर दिया जाएगा। सोकिची हिडा के नौकर भी उनके इस काम से असहज हैं। नौकरों को लगता है कि वे दुश्मन की मदद करके देशद्रोह कर रहे हैं। इसलिए सोकिची हिडा के नौकर धीरे-धीरे उनका घर छोड़ देते हैं।
सोकिची हिडा और हाना घायल नाविक की देखभाल करते हैं। नाविक ठीक होने लगता है। लेकिन वे जानते हैं कि नाविक को अंततः यहाँ से जाना होगा, क्योंकि वे उसे लंबे समय तक छिपा नहीं सकते। सोकिची हिडा यह जानते हैं कि नाविक को यहाँ से सुरक्षित बाहर निकालना आवश्यक है।
कहानी के अंत में सोकिची हिडा नाविक को भागने में मदद करते हैं। वे नाविक को रात में समुद्र के किनारे ले जाते हैं और उसे एक नाव देते हैं, ताकि वह एक सुरक्षित जगह जा सके। नाविक अपने घर जाने के लिए निकल जाता है। सोकिची हिडा की मानवता और करुणा दुश्मनी से ऊपर उठ जाती है। कहानी यह संदेश देती है कि युद्ध के दौरान भी मानवता को सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए।
इस कहानी का मूलभाव यह है कि मानवता सबसे बड़ा धर्म है। युद्ध में अमेरिका और जापान दुश्मन थे, लेकिन डॉ. सोकिची हिडा ने एक घायल अमेरिकी नाविक की जान बचाई। उन्होंने अपने डॉक्टरी कर्तव्य और मानवीय करुणा को देशभक्ति से ऊपर रखा। कहानी दिखाती है कि दुश्मनी के बावजूद मानवता को नहीं भूलना चाहिए।
कहानी का संदेश यह है कि किसी भी परिस्थिति में मानवीय करुणा और सहानुभूति को नहीं छोड़ना चाहिए। एक डॉक्टर का कर्तव्य है कि वह हर घायल की मदद करे, चाहे वह दुश्मन ही क्यों न हो। सोकिची हिडा ने यही किया। यह कहानी हमें सिखाती है कि युद्ध में भी मानवता की जीत होनी चाहिए।
कहानी का एक और संदेश यह है कि कर्तव्य और नैतिकता के बीच संघर्ष में हमें सही चुनाव करना चाहिए। सोकिची हिडा को डॉक्टरी कर्तव्य और देशभक्ति के बीच चुनाव करना पड़ा। उन्होंने मानवता का मार्ग चुना। यह कहानी हमें नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदना के महत्व को समझाती है।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| पृष्ठभूमि | द्वितीय विश्व युद्ध |
| नायक | डॉ. सोकिची हिडा |
| पत्नी | हाना |
| घायल | अमेरिकी नाविक |
| दुविधा | देशभक्ति बनाम मानवता |
| समाधान | नाविक की जान बचाना और उसे भगाना |
| मानवता | दुश्मनी |
|---|---|
| घायल की मदद | दुश्मन से नफरत |
| डॉक्टरी कर्तव्य | देशभक्ति |
| करुणा | नफरत |
| जीवन बचाना | विनाश |
"The Enemy" पर्ल एस. बक की एक मार्मिक और नैतिक कहानी है, जो युद्ध के समय मानवता और दुश्मनी के बीच के संघर्ष को प्रस्तुत करती है। डॉ. सोकिची हिडा के माध्यम से लेखिका दिखाती हैं कि किसी भी परिस्थिति में मानवीय करुणा को नहीं छोड़ना चाहिए। एक डॉक्टर ने दुश्मन की जान बचाकर साबित किया कि मानवता सबसे बड़ा धर्म है। यह कहानी हमें सिखाती है कि देशभक्ति और कर्तव्य के बीच संघर्ष में हमें नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदना को प्राथमिकता देनी चाहिए। यह युद्ध और शांति के बीच के सबक का एक शाश्वत संदेश है।