परिवहन वह साधन है जिसके द्वारा लोग, माल और सेवाएँ एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाई जाती हैं। संचार वह प्रणाली है जिसके द्वारा सूचनाओं का आदान-प्रदान होता है। परिवहन एवं संचार अर्थव्यवस्था की 'जीवन रेखाएँ' (Lifelines) कहलाती हैं, क्योंकि इनके बिना व्यापार, उद्योग और समाज का विकास संभव नहीं है। परिवहन के माध्यम से संसाधनों का वितरण, बाजार का विस्तार और क्षेत्रीय विकास होता है। संचार के माध्यम से सूचना तीव्र गति से प्रवाहित होती है। परिवहन एवं संचार का विकास किसी देश के आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण संकेतक है।
परिवहन के चार प्रमुख साधन हैं — स्थल परिवहन (सड़क एवं रेल), जल परिवहन, वायु परिवहन तथा पाइप लाइन परिवहन।
सड़क परिवहन: यह सबसे लचीला (flexible) परिवहन साधन है, जो ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच प्रदान करता है। सड़कों के प्रकार — राजमार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, जिला सड़कें, ग्रामीण सड़कें। विश्व के प्रसिद्ध राजमार्गों में पैन-अमेरिकन हाईवे, ट्रांस-साइबेरियन हाईवे, अलास्का हाईवे शामिल हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में विश्व की सबसे लंबी सड़क नेटवर्क है। भारत में सड़कें 'गोल्डन क्वाड्रिलेटरल' और 'उत्तर-दक्षिण/पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर' से जुड़ी हैं।
रेल परिवहन: यह लंबी दूरी के भारी माल एवं बड़ी यात्री संख्या के परिवहन के लिए उपयुक्त है। संयुक्त राज्य अमेरिका में रेल नेटवर्क सर्वाधिक है। रूस का ट्रांस-साइबेरियन रेलमार्ग (लगभग 9,000 किमी) विश्व की सबसे लंबी रेलवे लाइन है। चीन, भारत, कनाडा प्रमुख रेल नेटवर्क वाले देश हैं। रेलवे के विकास से औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को गति मिली है।
जल परिवहन: यह सबसे सस्ता परिवहन साधन है, किंतु इसकी गति धीमी होती है। जल परिवहन के दो प्रकार हैं — समुद्री परिवहन (अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का मुख्य आधार) और अंतर्देशीय जलमार्ग। प्रमुख समुद्री मार्ग — स्वेज नहर, पनामा नहर, जिब्राल्टर जलडमरूमध्य। विश्व के प्रमुख बंदरगाह — रॉटरडम (नीदरलैंड), सिंगापुर, शंघाई (चीन), न्यूयॉर्क। प्रमुख अंतर्देशीय जलमार्ग — राइन नदी, मिसिसिपी, महान झीलें।
वायु परिवहन: यह सबसे तेज़ परिवहन साधन है, किंतु सबसे महँगा। यह लंबी दूरी की यात्रा एवं हल्के-मूल्यवान माल के परिवहन हेतु उपयुक्त है। प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे — लंदन हीथ्रो, न्यूयॉर्क JFK, पेरिस चार्ल्स डी गॉल, दुबई अंतर्राष्ट्रीय, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (दिल्ली)। वायु परिवहन का अंतर्राष्ट्रीय नियंत्रण ICAO (इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन) करता है।
पाइप लाइन परिवहन: यह तरल एवं गैसीय पदार्थों (तेल, गैस) के परिवहन का सबसे सस्ता साधन है। विश्व की सबसे लंबी पाइप लाइनें — ड्रुजबा (रूस), ट्रांस-अलास्का पाइप लाइन।
संचार सूचना के प्रसारण का साधन है। संचार के दो प्रकार हैं — व्यक्तिगत संचार (डाक, टेलीफोन, इंटरनेट, मोबाइल) और जनसंचार (रेडियो, टेलीविजन, समाचार पत्र, फिल्म)। डाक सेवा सबसे पुरानी संचार सेवा है। दूरसंचार के विकास ने विश्व को 'वैश्विक ग्राम' (Global Village) बना दिया है। संचार उपग्रहों (Communication Satellites) ने सूचना के प्रसारण को तीव्र बना दिया है। भारत में INSAT उपग्रह श्रृंखला संचार सेवाएँ प्रदान करती है। इंटरनेट और मोबाइल प्रौद्योगिकी ने संचार क्रांति ला दी है।
सड़कों का वितरण असमान है। विकसित देशों में सड़क घनत्व अधिक है, जबकि विकासशील देशों में कम। घने बसे मैदानी क्षेत्रों में सड़कें अधिक हैं, जबकि पहाड़ी एवं मरुस्थलीय क्षेत्रों में कम। संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, जर्मनी सड़क घनत्व में अग्रणी हैं। सड़कें कृषि उपज को बाजार तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
परिवहन किसी भी अर्थव्यवस्था का आधार है। यह उत्पादकों और उपभोक्ताओं को जोड़ता है, बाजार का विस्तार करता है, रोजगार सृजित करता है और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देता है। परिवहन की लागत का सीधा प्रभाव वस्तुओं के मूल्य पर पड़ता है। अच्छा परिवहन नेटवर्क किसी क्षेत्र को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बना देता है। परिवहन एवं संचार के एकीकरण से 'सुगमता' (Connectivity) बढ़ती है।
| साधन | विशेषता |
|---|---|
| सड़क | सबसे लचीला, ग्रामीण पहुँच |
| रेल | भारी माल, बड़ी यात्री संख्या |
| जल | सबसे सस्ता, धीमा |
| वायु | सबसे तेज़, सबसे महँगा |
| पाइप लाइन | तरल/गैस परिवहन, सस्ता |
| जलमार्ग/बंदरगाह | स्थान |
|---|---|
| स्वेज नहर | मिस्र |
| पनामा नहर | पनामा |
| रॉटरडम बंदरगाह | नीदरलैंड |
| शंघाई बंदरगाह | चीन |
| प्रकार | साधन |
|---|---|
| व्यक्तिगत संचार | डाक, टेलीफोन, इंटरनेट, मोबाइल |
| जनसंचार | रेडियो, टेलीविजन, समाचार पत्र |
परिवहन एवं संचार आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सड़क, रेल, जल, वायु एवं पाइप लाइन परिवहन के माध्यम से लोगों एवं माल का सुचारु आवागमन होता है, जबकि डाक, टेलीफोन, इंटरनेट एवं जनसंचार माध्यमों से सूचना का तीव्र प्रसारण संभव हुआ है। इन्हें अर्थव्यवस्था की 'जीवन रेखाएँ' कहा जाता है। परिवहन एवं संचार के विकास से व्यापार, उद्योग, कृषि एवं पर्यटन में तीव्र गति आती है और क्षेत्रीय असमानताएँ घटती हैं। विकसित एवं सुदृढ़ परिवहन-संचार नेटवर्क किसी भी देश की प्रगति की कुंजी है।