भारत में परिवहन एवं संचार नेटवर्क देश के आर्थिक विकास की जीवन रेखा है। भारत में परिवहन के प्रमुख साधन हैं — सड़क, रेल, जल, वायु एवं पाइप लाइन। भारतीय रेलवे एशिया की सबसे बड़ी एवं विश्व की चौथी सबसे बड़ी रेल प्रणाली है। भारत में सड़क नेटवर्क विश्व में सबसे बड़े में से एक है। परिवहन के साधनों का विकास व्यापार, उद्योग, कृषि एवं पर्यटन को गति देता है। भारत सरकार ने परिवहन एवं संचार क्षेत्र के आधुनिकीकरण हेतु अनेक योजनाएँ चलाई हैं।
भारत में सड़कें परिवहन का प्रमुख साधन हैं, जिनसे लगभग 85 प्रतिशत यात्री एवं 60 प्रतिशत माल परिवहन होता है। भारत में कुल सड़क लंबाई लगभग 62 लाख किमी है, जो विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है। भारत में सड़कों का वर्गीकरण — राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, जिला सड़कें, ग्रामीण सड़कें। राष्ट्रीय राजमार्ग कुल सड़कों का लगभग 2 प्रतिशत होते हुए भी 40 प्रतिशत यातायात वहन करते हैं। भारत की प्रमुख सड़क परियोजनाएँ: - गोल्डन क्वाड्रिलेटरल (स्वर्णिम चतुर्भुज): दिल्ली-मुंबई-चेन्नई-कोलकाता को जोड़ने वाला चतुर्भुज राजमार्ग। - उत्तर-दक्षिण एवं पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर। - प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY): ग्रामीण सड़कें।
भारतीय रेलवे का आरंभ 1853 में मुंबई और ठाणे के बीच पहली यात्री रेलगाड़ी से हुआ। भारतीय रेलवे का मुख्यालय नई दिल्ली में है। भारतीय रेलवे एशिया की सबसे बड़ी रेल प्रणाली है। भारत में रेलवे को 17 रेलवे ज़ोन में विभाजित किया गया है। भारतीय रेलवे 3 गेज (गेज) — चौड़ी (Broad), मीटर एवं नैरो गेज पर चलती है। रेलवे मुख्यतः लंबी दूरी के माल एवं यात्री परिवहन में सहायक है। भारत में रेल परिवहन का सबसे बड़ा भाग उत्तरी मैदानों एवं तटीय क्षेत्रों में है, जबकि हिमालयी एवं मरुस्थलीय क्षेत्रों में विरल है।
भारत के जलमार्गों में अंतर्देशीय जलमार्ग एवं समुद्री परिवहन शामिल हैं। भारत में कुल 12 प्रमुख बंदरगाह हैं। भारत के प्रमुख बंदरगाह — मुंबई, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (न्हावा शेवा), कोच्चि, चेन्नई, कोलकाता, विशाखापत्तनम, कांडला (गांधीधाम), मंगलुरु, तूतीकोरिन (वी.ओ. चिदंबरनार), पारादीप, मोरमुगांव, न्यू मैंगलोर। मुंबई भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह है। जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (न्हावा शेवा) भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह है। भारत में अंतर्देशीय जलमार्गों में गंगा, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, कृष्णा आदि शामिल हैं। राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) गंगा नदी पर प्रयागराज से हल्दिया तक है।
भारत में वायु परिवहन का विकास एयर इंडिया एवं इंडिगो जैसी एयरलाइंस से हुआ है। भारत के प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे — इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (दिल्ली), छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय (मुंबई), केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय (बेंगलुरु), राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय (हैदराबाद), मीनांबाक्कम (चेन्नई)। भारत में हवाई अड्डों का विकास एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) करता है। उड़ान योजना (UDAN) का उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ाना है। वायु परिवहन तेज़ किंतु महँगा है।
भारत में पाइप लाइन का उपयोग तेल एवं गैस के परिवहन में होता है। प्रमुख पाइप लाइनें: - हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर (HVJ) गैस पाइप लाइन: हजीरा (गुजरात) से जगदीशपुर (उत्तर प्रदेश)। - नहरकटिया-बरौनी-कानपुर पाइप लाइन: असम से उत्तर भारत। - अंकलेश्वर-कायांगन-कोयली पाइप लाइन: गुजरात में। - जमनगर-लोनी पाइप लाइन।
भारत में संचार के साधनों में डाक सेवा, दूरसंचार, इंटरनेट एवं जनसंचार शामिल हैं। भारतीय डाक सेवा विश्व की सबसे बड़ी डाक प्रणालियों में से एक है। भारत में दूरसंचार सेवाओं का विस्तार BSNL, एयरटेल, जियो, वोडाफोन-आइडिया जैसी कंपनियों से हुआ है। भारत में मोबाइल एवं इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या विश्व में सर्वाधिक है। भारतनेट परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को ब्रॉडबैंड से जोड़ना है। भारत के संचार उपग्रह — INSAT, GSAT। भारत में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम से डिजिटल साक्षरता एवं सेवाओं में वृद्धि हुई है।
| साधन | विशेषता |
|---|---|
| सड़क | 85% यात्री, 60% माल |
| रेल | एशिया की सबसे बड़ी प्रणाली |
| जल | 12 प्रमुख बंदरगाह |
| वायु | तेज़, महँगा |
| बंदरगाह | राज्य |
|---|---|
| मुंबई | महाराष्ट्र |
| कांडला | गुजरात |
| कोच्चि | केरल |
| विशाखापत्तनम | आंध्र प्रदेश |
| पाइप लाइन | मार्ग |
|---|---|
| HVJ | हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर |
| नहरकटिया-बरौनी-कानपुर | असम-उत्तर भारत |
भारत का परिवहन एवं संचार नेटवर्क देश के विकास का आधार है। सड़कें यात्री परिवहन का मुख्य साधन हैं, जबकि रेलवे भारी माल एवं लंबी दूरी के परिवहन में महत्वपूर्ण है। भारत के 12 प्रमुख बंदरगाह अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के द्वार हैं। वायु परिवहन तीव्रता प्रदान करता है तथा संचार उपग्रह एवं इंटरनेट सूचना क्रांति के वाहक हैं। भारतनेट, डिजिटल इंडिया एवं उड़ान योजना जैसी परियोजनाओं से परिवहन-संचार का समावेशी विकास हो रहा है, जो भारत को आधुनिक एवं जुड़ा हुआ राष्ट्र बनाने में सहायक है।