इंटरनेट कंप्यूटरों का एक विश्वव्यापी नेटवर्क है जो विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान करता है। यह सभी नेटवर्कों का नेटवर्क है। वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) इंटरनेट के ऊपर कार्य करने वाली एक सेवा है जो हाइपरटेक्स्ट दस्तावेजों को आपस में जोड़ती है। इस अध्याय में हम इंटरनेट की सेवाओं, वेब की संकल्पना, URL, HTML, ईमेल, सोशल नेटवर्किंग, ई-कॉमर्स और इंटरनेट सुरक्षा का अध्ययन करेंगे।
इंटरनेट अनेक सेवाएं प्रदान करता है:
URL (Uniform Resource Locator) वेब संसाधन का पता है। इसका प्रारूप:
प्रोटोकॉल://डोमेन_नाम/पथ/फाइल
उदाहरण: https://www.school.edu.in/students/profile.html
https — प्रोटोकॉलwww.school.edu.in — डोमेन नामstudents — पथ (फ़ोल्डर)profile.html — फाइल नामडोमेन नाम के विभिन्न भाग:
- www — वर्ल्ड वाइड वेब
- school — संगठन का नाम
- edu — डोमेन प्रकार (शैक्षणिक)
- in — देश कोड (भारत)
HTML (HyperText Markup Language) वेब पेज बनाने की भाषा है। टैग्स वेब पेज की संरचना को परिभाषित करते हैं:
<!DOCTYPE html>
<html>
<head>
<title>मेरी वेबसाइट</title>
</head>
<body>
<h1>स्वागत है</h1>
<p>यह एक अनुच्छेद है।</p>
<a href="https://www.example.com">यहाँ जाएं</a>
<img src="चित्र.jpg" alt="चित्र">
</body>
</html>
सामान्य टैग्स: h1 से h6 (शीर्षक), p (अनुच्छेद), a (लिंक), img (चित्र), table (तालिका), ul/ol (सूची), br (रेखा परिवर्तन)।
ईमेल (Electronic Mail) इंटरनेट की सबसे लोकप्रिय सेवाओं में से एक है:
ईमेल का प्रारूप: उपयोगकर्तानाम@डोमेन.प्रकार, जैसे raman@school.edu। ईमेल में भेजने वाला, प्राप्त करने वाला, विषय (subject), बॉडी और अनुलग्नक (attachment) शामिल होते हैं।
सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म (जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम) लोगों को जोड़ते हैं। इनके लाभ — संपर्क, सूचना प्रसार, व्यवसाय प्रचार। नुकसान — गोपनीयता का ह्रास, दुरुपयोग, साइबर धमकी। इंटरनेट के उपयोग में साइबर सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।
डिजिटल युग में इंटरनेट का जिम्मेदार उपयोग अत्यंत आवश्यक है। डिजिटल साक्षरता का अर्थ है इंटरनेट, डिजिटल उपकरणों और ऑनलाइन सेवाओं का सही और सुरक्षित उपयोग करने की क्षमता। उपयोगकर्ताओं को अपनी व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता का ध्यान रखना चाहिए और अज्ञात वेबसाइटों पर अपनी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर जो कुछ भी पोस्ट किया जाता है, वह स्थायी रहता है, अतः सावधानी बरतनी चाहिए। डिजिटल फुटप्रिंट (digital footprint) अर्थात इंटरनेट पर उपयोगकर्ता की गतिविधियों के निशान, भविष्य में उपयोगी या हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं। साइबर धमकी (cyberbullying) और ऑनलाइन उत्पीड़न से बचने के लिए समय पर इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए। कॉपीराइट सामग्री का अनधिकृत उपयोग कानूनन दंडनीय है, अतः दूसरों की बौद्धिक संपदा का सम्मान करना चाहिए। साथ ही, अत्यधिक इंटरनेट उपयोग से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं, जैसे आंखों का तनाव और नींद की कमी, को भी ध्यान में रखना चाहिए। इन सभी पहलुओं की जानकारी विद्यार्थियों को एक जागरूक और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाती है। परीक्षा में डिजिटल सुरक्षा और नैतिकता से संबंधित प्रश्न भी पूछे जाते हैं, इसलिए इन विषयों की समझ आवश्यक है।
| सेवा | कार्य |
|---|---|
| WWW | वेब पेज देखना |
| ईमेल | संदेश भेजना/प्राप्त करना |
| FTP | फाइल स्थानांतरण |
| ई-कॉमर्स | ऑनलाइन क्रय-विक्रय |
| वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग | दूरस्थ बैठक |
| भाग | उदाहरण | अर्थ |
|---|---|---|
| प्रोटोकॉल | https | सुरक्षित संचार |
| डोमेन नाम | school.edu.in | वेबसाइट का पता |
| देश कोड | in | भारत |
| डोमेन प्रकार | edu | शैक्षणिक |
| प्रोटोकॉल | कार्य | पोर्ट |
|---|---|---|
| SMTP | भेजना | 25 |
| POP3 | प्राप्त करना | 110 |
| IMAP | सर्वर पर रखकर पढ़ना | 143 |
<p>...</p>।href और src में भ्रम: <a href> लिंक के लिए और <img src> चित्र के लिए।.com (वाणिज्यिक), .edu (शैक्षणिक), .gov (सरकारी), .in (भारत)।इस अध्याय में हमने इंटरनेट और वेब की अवधारणाओं का विस्तृत अध्ययन किया। इंटरनेट की सेवाएं, वेब की मूल संरचना, URL की व्याख्या, HTML टैग्स, ईमेल प्रणाली और उसके प्रोटोकॉल, ई-कॉमर्स के प्रकार तथा इंटरनेट सुरक्षा के उपाय सभी महत्वपूर्ण विषय हैं। DNS डोमेन नामों को IP पतों में बदलकर वेब तक पहुंच को संभव बनाता है। ईमेल में SMTP भेजने और POP3/IMAP प्राप्त करने की भूमिका निभाते हैं। साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता आधुनिक युग में अत्यंत आवश्यक है। HTML की सहायता से वेब पेजों की संरचना बनाई जाती है और URL के भागों की समझ से वेब संसाधनों तक सटीक पहुंच संभव होती है। डिजिटल नागरिक के रूप में जिम्मेदार व्यवहार, नेटिकेट और डेटा गोपनीयता का पालन भी उतना ही आवश्यक है। इन सभी अवधारणाओं की ठोस समझ परीक्षा और व्यावहारिक जीवन दोनों में लाभकारी सिद्ध होती है।