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1. परिचय

सारणिक (Determinant) वर्ग आव्यूह से संबंधित एक अदिश राशि है। प्रत्येक वर्ग आव्यूह के लिए एक अदिश संख्या निर्धारित की जा सकती है, जिसे उस आव्यूह का सारणिक कहते हैं। सारणिक का अध्ययन रैखिक समीकरणों के निकाय को हल करने, आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात करने, तथा कुछ क्षेत्रफल और आयतन की गणना करने में किया जाता है। इस अध्याय में हम सारणिकों की संकल्पना, उनके गुणधर्म, क्षेत्रफल की गणना, सारणिकों का अनुप्रयोग (क्रेमर नियम) तथा आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात करना सीखेंगे।

2. सारणिक की परिभाषा

वर्ग आव्यूह $A = [a_{ij}]$ के लिए सारणिक को $\det(A)$ या $|A|$ से निरूपित करते हैं।

द्वितीय कोटि का सारणिक

$$\begin{vmatrix} a_{11} & a_{12} \ a_{21} & a_{22} \end{vmatrix} = a_{11}a_{22} - a_{12}a_{21}$$

तृतीय कोटि का सारणिक

$$\begin{vmatrix} a_{11} & a_{12} & a_{13} \ a_{21} & a_{22} & a_{23} \ a_{31} & a_{32} & a_{33} \end{vmatrix} = a_{11}(a_{22}a_{33} - a_{23}a_{32}) - a_{12}(a_{21}a_{33} - a_{23}a_{31}) + a_{13}(a_{21}a_{32} - a_{22}a_{31})$$

यह विधि पहली पंक्ति के अनुदिश प्रसार (expansion along first row) कहलाती है।

3. उपसारणिक और सहखंड (Minors and Cofactors)

प्रमेय

किसी भी पंक्ति (या स्तंभ) के अनुदिश प्रसार द्वारा सारणिक का मान समान प्राप्त होता है: $$\Delta = \sum_{j=1}^{n} a_{ij} C_{ij}$$

उपयोगी परिणाम

यदि किसी पंक्ति के अवयवों को किसी अन्य पंक्ति के सहखंडों से गुणा करके जोड़ा जाए, तो योग शून्य होता है: $$\sum_{j=1}^{n} a_{ij} C_{kj} = 0, \quad i \neq k$$

4. सारणिकों के गुणधर्म

सारणिकों के प्रमुख गुणधर्म निम्नलिखित हैं: 1. किसी पंक्ति और स्तंभ को परस्पर बदलने पर सारणिक का मान नहीं बदलता, अर्थात $|A'| = |A|$। 2. किन्हीं दो पंक्तियों (या स्तंभों) को परस्पर बदलने पर सारणिक का चिह्न बदल जाता है। 3. यदि किसी पंक्ति (या स्तंभ) के सभी अवयव शून्य हों, तो सारणिक शून्य होता है। 4. यदि किसी पंक्ति के अवयव किसी अदिश $k$ से गुणित हों, तो सारणिक भी $k$ से गुणित होता है। 5. किसी पंक्ति के अवयवों को दूसरी पंक्ति के संगत अवयवों में जोड़ने या घटाने से सारणिक का मान अपरिवर्तित रहता है। 6. यदि दो पंक्तियाँ (या स्तंभ) समान हों, तो सारणिक शून्य होता है। 7. यदि किसी पंक्ति के अवयवों में एक समान गुणनखंड हो, तो उसे सारणिक से बाहर निकाला जा सकता है। 8. आव्यूह गुणन का नियम: $|AB| = |A| \cdot |B|$

5. सारणिक द्वारा क्षेत्रफल

जिन तीन बिंदुओं के निर्देशांक $(x_1, y_1), (x_2, y_2), (x_3, y_3)$ हैं, उनसे बने त्रिभुज का क्षेत्रफल: $$\Delta = \frac{1}{2}\begin{vmatrix} x_1 & y_1 & 1 \ x_2 & y_2 & 1 \ x_3 & y_3 & 1 \end{vmatrix}$$

यदि सारणिक का मान शून्य है, तो तीनों बिंदु संरेख (collinear) होते हैं। क्षेत्रफल हमेशा धनात्मक लिया जाता है।

6. आव्यूह का सहखंडज (Adjoint) और व्युत्क्रम

सहखंडज

आव्यूह $A$ का सहखंडज $\text{adj}(A)$ सहखंडों के आव्यूह का स्थानांतरण होता है: $$\text{adj}(A) = [C_{ij}]'$$

व्युत्क्रम आव्यूह (Inverse Matrix)

यदि $|A| \neq 0$ है, तो $A$ व्युत्क्रमणीय आव्यूह है और: $$A^{-1} = \frac{1}{|A|}\text{adj}(A)$$

महत्वपूर्ण गुण

7. रैखिक समीकरणों का निकाय (System of Linear Equations)

$a_1x + b_1y + c_1z = d_1$, $a_2x + b_2y + c_2z = d_2$, $a_3x + b_3y + c_3z = d_3$ को आव्यूह रूप में: $$AX = B, \quad \text{जहाँ } A = \begin{bmatrix} a_1 & b_1 & c_1 \ a_2 & b_2 & c_2 \ a_3 & b_3 & c_3 \end{bmatrix}, X = \begin{bmatrix} x \ y \ z \end{bmatrix}, B = \begin{bmatrix} d_1 \ d_2 \ d_3 \end{bmatrix}$$

हल की शर्तें

क्रेमर नियम (Cramer's Rule)

$x = \frac{D_1}{D}, \quad y = \frac{D_2}{D}, \quad z = \frac{D_3}{D}$ जहाँ $D = |A|$, तथा $D_1, D_2, D_3$ क्रमशः $B$ स्तंभ को प्रतिस्थापित करने से प्राप्त सारणिक हैं।

8. उदाहरण

उदाहरण 1: $\begin{vmatrix} 2 & 3 \ 4 & 5 \end{vmatrix} = (2)(5) - (3)(4) = 10 - 12 = -2$।

उदाहरण 2: यदि $A = \begin{bmatrix} 1 & 2 \ 3 & 4 \end{bmatrix}$ है, तो $|A| = 4 - 6 = -2$ और $\text{adj}(A) = \begin{bmatrix} 4 & -2 \ -3 & 1 \end{bmatrix}$। अतः $A^{-1} = \frac{1}{-2}\begin{bmatrix} 4 & -2 \ -3 & 1 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} -2 & 1 \ 3/2 & -1/2 \end{bmatrix}$।

9. हल किए गए उदाहरण (Worked Examples)

सारणिकों की गणना और अनुप्रयोग को निम्न उदाहरणों द्वारा समझिए।

उदाहरण 1: $\begin{vmatrix} 1 & 2 & 3 \ 4 & 5 & 6 \ 7 & 8 & 9 \end{vmatrix}$ का मान ज्ञात कीजिए।

हल: इस सारणिक में $R_3 - R_2$ और $R_2 - R_1$ करने पर $R_3$ में प्रत्येक अवयव समान आ जाता है, अतः गुणधर्म से मान शून्य होगा। वैकल्पिक रूप से प्रसार करने पर: $1(45 - 48) - 2(36 - 42) + 3(32 - 35) = -3 + 12 - 9 = 0$। अतः सारणिक का मान शून्य है।

उदाहरण 2: बिंदुओं $(1, 2), (3, 4)$ और $(5, 6)$ की संरेखता की जाँच कीजिए।

हल: क्षेत्रफल सारणिक $\frac{1}{2}\begin{vmatrix} 1 & 2 & 1 \ 3 & 4 & 1 \ 5 & 6 & 1 \end{vmatrix}$ की गणना करते हैं: $1(4-6) - 2(3-5) + 1(18-20) = -2 + 4 - 2 = 0$। चूँकि सारणिक का मान शून्य है, अतः क्षेत्रफल शून्य है और तीनों बिंदु संरेख हैं।

उदाहरण 3: $A = \begin{bmatrix} 1 & 2 \ 3 & 4 \end{bmatrix}$ का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।

हल: $|A| = 1(4) - 2(3) = 4 - 6 = -2 \neq 0$। सहखंड: $C_{11} = 4, C_{12} = -3, C_{21} = -2, C_{22} = 1$। सहखंड आव्यूह का स्थानांतरण करने पर $\text{adj}(A) = \begin{bmatrix} 4 & -2 \ -3 & 1 \end{bmatrix}$। अतः: $$A^{-1} = \frac{1}{|A|}\text{adj}(A) = \frac{1}{-2}\begin{bmatrix} 4 & -2 \ -3 & 1 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} -2 & 1 \ \frac{3}{2} & -\frac{1}{2} \end{bmatrix}$$

उदाहरण 4: समीकरणों $x + 2y = 5$ और $2x + 4y = 7$ की संगतता की जाँच कीजिए।

हल: $D = \begin{vmatrix} 1 & 2 \ 2 & 4 \end{vmatrix} = 4 - 4 = 0$। चूँकि $|A| = 0$ और दोनों समीकरणों के गुणांक अनुपात $\frac{1}{2} = \frac{2}{4} \neq \frac{5}{7}$, अतः निकाय असंगत है, कोई हल नहीं है। यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि दोनों समीकरण समांतर रेखाओं को निरूपित करते हैं।

उदाहरण 5: समीकरणों $2x + y = 5$ और $x - y = 1$ को क्रेमर नियम से हल कीजिए।

हल: $D = \begin{vmatrix} 2 & 1 \ 1 & -1 \end{vmatrix} = -2 - 1 = -3$। $D_1 = \begin{vmatrix} 5 & 1 \ 1 & -1 \end{vmatrix} = -5 - 1 = -6$। $D_2 = \begin{vmatrix} 2 & 5 \ 1 & 1 \end{vmatrix} = 2 - 5 = -3$। अतः $x = \frac{D_1}{D} = 2$ और $y = \frac{D_2}{D} = 1$।

उदाहरण 6: सिद्ध कीजिए कि $\begin{vmatrix} a & b \ -b & a \end{vmatrix} = a^2 + b^2$।

हल: सारणिक का मान $a(a) - b(-b) = a^2 + b^2$। यह परिणाम सम्मिश्र संख्याओं के मापांक की गणना से जुड़ा है और इसे कंठस्थ रखना उपयोगी है।

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: सारणिक के गुण

क्रम गुण
1 स्थानांतरण से मान अपरिवर्तित
2 दो पंक्तियाँ बदलने पर चिह्न बदलता है
3 शून्य पंक्ति होने पर मान शून्य
4 समान पंक्तियाँ होने पर मान शून्य
5 पंक्ति का अदिश गुणन सारणिक में भी गुणित होता है
6 $R_i \rightarrow R_i + kR_j$ से मान अपरिवर्तित
7 $

तालिका 2: निकाय के हल की शर्तें

स्थिति शर्त परिणाम
$ A \neq 0$
$ A = 0$, adj(A)B ≠ 0
$ A = 0$, adj(A)B = 0

तालिका 3: सहखंडज और व्युत्क्रम

सूत्र मान
$A^{-1}$ $\frac{1}{
$ A^{-1}
$ \text{adj}(A)
$A \cdot \text{adj}(A)$ $

माइंड मैप

graph TD A["सारणिक"] --> B["द्वितीय कोटि: a₁₁a₂₂ - a₁₂a₂₁"] A --> C["तृतीय कोटि प्रसार"] A --> D["गुणधर्म"] D --> E["पंक्ति बदलने पर चिह्न"] D --> F["समान पंक्ति ⇒ शून्य"] A --> G["क्षेत्रफल"] G --> H["त्रिभुज का क्षेत्रफल"] A --> I["सहखंडज adj(A)"] A --> J["व्युत्क्रम A⁻¹ = adj(A)/|A|"] A --> K["रैखिक समीकरण निकाय"] K --> L["क्रेमर नियम"] K --> M["संगत / असंगत"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

आरेख 1: सहखंडों का चिह्न पैटर्न

सहखंडों का चिह्न पैटर्न + - + - + - + - + Cᵢⱼ = (-1)^(i+j) × Mᵢⱼ स्वर्ण नियम: (i+j) सम होने पर धनात्मक और विषम होने पर ऋणात्मक चिह्न।

आरेख 2: रैखिक समीकरण निकाय का वर्गीकरण

निकाय का वर्गीकरण AX = B क्या |A| = 0 है? नहीं (|A|≠0) हाँ (|A|=0) अद्वितीय हल संगत निकाय adj(A)B की जाँच आगे का निर्णय Golden Rule: |A| ≠ 0 होने पर ही निकाय का अद्वितीय हल होता है।

सामान्य गलतियाँ

  1. सारणिक के मान को आव्यूह समझना - सारणिक एक अदिश है, आव्यूह एक सारणी।
  2. प्रसार में चिह्न का भ्रम - पहली पंक्ति के अनुदिश प्रसार में चिह्न $+ - +$ होता है।
  3. दो पंक्तियाँ बदलने पर मान समान मानना - मान अपरिवर्तित नहीं रहता, चिह्न बदल जाता है।
  4. क्रेमर नियम में $D_1$ की गणना - $D_1$ में पहला स्तंभ स्थिरांकों से बदलता है, $x$ वाला नहीं।
  5. व्युत्क्रम की शर्त भूलना - $A^{-1}$ केवल तभी परिभाषित है जब $|A| \neq 0$।
  6. adj(A) की कोटि बदलना भूलना - 3 × 3 आव्यूह का सहखंडज भी 3 × 3 ही होता है, सहखंड आव्यूह का स्थानांतरण होता है।
  7. किन्हीं दो पंक्तियों को समान बनाने के गुण का उपयोग करते समय संक्रियाओं का क्रम - पहले गुणनखंड निकालें, फिर सरल करें।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. तृतीय कोटि सारणिक के प्रश्न में गुणधर्मों से पहले सरल करें, प्रसार अंत में करें।
  2. $R_1 \rightarrow R_1 + R_2 + R_3$ जैसी संक्रियाओं से अनेक शून्य बनाएँ।
  3. क्षेत्रफल प्रश्न में सारणिक का निरपेक्ष मान लें और 1/2 से गुणा करना न भूलें।
  4. व्युत्क्रम प्रश्न में पहले $|A|$ ज्ञात करके शर्त जाँचें।
  5. संगत/असंगत निर्धारण के लिए पहले $|A|$ जाँचें।
  6. सममित सारणिकों में कई बार गुणों से शून्य प्राप्त होता है, इससे समय की बचत होती है।

निष्कर्ष

सारणिक वर्ग आव्यूह से जुड़ा एक अदिश मान है जो रैखिक बीजगणित की रीढ़ है। इस अध्याय में हमने सारणिक की परिभाषा, प्रसार विधि, उपसारणिक और सहखंड, सारणिकों के गुणधर्म, क्षेत्रफल की गणना, सहखंडज, व्युत्क्रम आव्यूह तथा रैखिक समीकरणों के निकाय के हल की विधियों का अध्ययन किया। सारणिकों के गुणधर्म प्रश्नों को सरल बनाने में सबसे शक्तिशाली औजार हैं। क्रेमर नियम और व्युत्क्रम विधि रैखिक समीकरणों को हल करने के प्रमुख तरीके हैं। $|A| \neq 0$ होने पर ही अद्वितीय हल संभव है, यह सबसे महत्वपूर्ण अवधारणा है।