अवकल समीकरण (Differential Equations) वह समीकरण है जिसमें स्वतंत्र चर, आश्रित चर तथा आश्रित चर के अवकलज विद्यमान होते हैं। अवकल समीकरण विज्ञान और इंजीनियरिंग की अनेक घटनाओं — जैसे रेडियोऐक्टिव क्षय, जनसंख्या वृद्धि, न्यूटन का शीतलन नियम, सरल आवर्त गति — के गणितीय मॉडल हैं। इस अध्याय में हम अवकल समीकरण की कोटि और घात, उसके हल, चर पृथक्करण विधि, समघात अवकल समीकरण, रैखिक अवकल समीकरण तथा कुछ व्यावहारिक अनुप्रयोगों का अध्ययन करेंगे।
अवकल समीकरण में प्रयुक्त उच्चतम अवकलज की कोटि उस समीकरण की कोटि कहलाती है।
अवकलजों को छुटकारा दिलाने के बाद उच्चतम अवकलज की घात को समीकरण की घात कहते हैं। इसे निर्धारित करने के लिए समीकरण को अवकलजों के बहुपद रूप में लिखा जाता है।
$$\frac{d^2y}{dx^2} + 3\left(\frac{dy}{dx}\right)^2 = 0$$ यहाँ कोटि 2 और घात 1 है। $\left(\frac{dy}{dx}\right)^2$ की उपस्थिति घात को प्रभावित नहीं करती।
यदि अवकल समीकरण को $\frac{dy}{dx} = f(x)g(y)$ के रूप में लिखा जा सके, तो: $$\frac{dy}{g(y)} = f(x) \, dx$$ दोनों पक्षों का समाकलन करने पर: $$\int \frac{dy}{g(y)} = \int f(x) \, dx + C$$
एक अवकल समीकरण $\frac{dy}{dx} = f(x, y)$ समघात होता है यदि $f(x, y)$ शून्य घात का समघात फलन हो, अर्थात $f(\lambda x, \lambda y) = f(x, y)$।
$y = vx$ प्रतिस्थापित करने पर $\frac{dy}{dx} = v + x\frac{dv}{dx}$। इससे समीकरण चर पृथक्करण योग्य हो जाता है।
$\frac{dy}{dx} = \frac{x^2 + y^2}{xy}$ में $y = vx$ रखने पर समीकरण $v$ और $x$ में पृथक हो जाता है।
प्रथम कोटि का रैखिक अवकल समीकरण: $$\frac{dy}{dx} + P(x)y = Q(x)$$
$$IF = e^{\int P(x) \, dx}$$
$$y \cdot (IF) = \int Q(x) \cdot (IF) \, dx + C$$
$\frac{dy}{dx} + 2y = e^{-x}$ में $P = 2$, $IF = e^{2x}$, हल: $ye^{2x} = \int e^{-x}e^{2x}dx = e^x + C$।
दिए गए प्रारंभिक मान (जैसे $y(0) = 1$) को व्यापक हल में प्रतिस्थापित कर स्वेच्छ अचर $C$ का मान ज्ञात कर विशिष्ट हल प्राप्त होता है।
$\frac{dy}{dx} = 2x$, $y(1) = 2$। हल: $y = x^2 + C$। $2 = 1 + C \Rightarrow C = 1$। अतः $y = x^2 + 1$।
रेडियोऐक्टिव क्षय: $\frac{dN}{dt} = -kN$, जिसका हल $N = N_0 e^{-kt}$।
$$\frac{dT}{dt} = -k(T - T_0)$$
किसी पिंड का तापमान $T$ परिवेश तापमान $T_0$ के अंतर के समानुपाती दर से घटता है। इसका हल $T - T_0 = (T_1 - T_0)e^{-kt}$।
अवकल समीकरणों को हल करने की विधियों को निम्न उदाहरणों द्वारा स्पष्ट किया गया है।
उदाहरण 1: $\frac{dy}{dx} = \frac{x}{y}$ का व्यापक हल ज्ञात कीजिए।
हल: यह चर पृथक्करण योग्य समीकरण है। $y \, dy = x \, dx$। दोनों पक्षों का समाकलन करने पर $\frac{y^2}{2} = \frac{x^2}{2} + C$, अर्थात $y^2 - x^2 = 2C$। इसे $y^2 - x^2 = k$ भी लिख सकते हैं, जहाँ $k$ स्वेच्छ अचर है। यह हल अतिपरवलयों के कुल को निरूपित करता है।
उदाहरण 2: $\frac{dy}{dx} = \frac{x^2 + y^2}{2xy}$ का हल ज्ञात कीजिए।
हल: यह समघात अवकल समीकरण है। $y = vx$ प्रतिस्थापित करने पर $\frac{dy}{dx} = v + x\frac{dv}{dx}$। प्रतिस्थापन के बाद: $$v + x\frac{dv}{dx} = \frac{x^2 + v^2x^2}{2x(vx)} = \frac{1 + v^2}{2v}$$ $$x\frac{dv}{dx} = \frac{1 + v^2}{2v} - v = \frac{1 - v^2}{2v}$$ चर पृथक्करण करके समाकलन करने पर हल प्राप्त होता है। इस प्रकार के प्रश्नों में $y = vx$ प्रतिस्थापन ही मुख्य कुंजी है।
उदाहरण 3: $\frac{dy}{dx} + 2y = e^{-x}$ को हल कीजिए।
हल: यह रैखिक समीकरण है जिसमें $P = 2$, $Q = e^{-x}$। समाकलन गुणक $IF = e^{\int 2 dx} = e^{2x}$। हल का सूत्र लगाने पर: $$y e^{2x} = \int e^{-x} \cdot e^{2x} \, dx = \int e^x \, dx = e^x + C$$ $$y = e^{-x} + Ce^{-2x}$$
उदाहरण 4: $\frac{dy}{dx} = 2xy$ को $y(0) = 1$ प्रतिबंध के साथ हल कीजिए।
हल: चर पृथक्करण से $\frac{dy}{y} = 2x \, dx$। समाकलन पर $\ln|y| = x^2 + C$। प्रारंभिक प्रतिबंध $y(0) = 1$ रखने पर $\ln 1 = 0 + C \Rightarrow C = 0$। अतः $\ln y = x^2$, यानी $y = e^{x^2}$। यह विशिष्ट हल है।
उदाहरण 5: एक रेडियोऐक्टिव पदार्थ का द्रव्यमान आधा होने में 100 वर्ष लगते हैं। क्षय स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
हल: क्षय समीकरण $N = N_0 e^{-kt}$। $t = 100$ पर $N = \frac{N_0}{2}$। अतः $\frac{1}{2} = e^{-100k}$, जिससे $k = \frac{\ln 2}{100} \approx 0.0069$ प्रति वर्ष। इस प्रकार अवकल समीकरणों के माध्यम से वास्तविक जीवन की घटनाओं का गणितीय विश्लेषण संभव है।
उदाहरण 6: समीकरण $(y')^2 = x^2$ में $y' = \frac{dy}{dx}$ है, तो इसकी घात और कोटि बताइए।
हल: उच्चतम अवकलज $y'$ है, अतः कोटि 1। $y'$ की घात 2 है, अतः घात 2। ध्यान दीजिए कि घात अवकलजों से मुक्त रूप में उच्चतम अवकलज की घात होती है, यहाँ $y'$ की घात 2 ही है।
अवकल समीकरण की कोटि और घात की पहचान में एक महत्वपूर्ण सूक्ष्मता यह है कि घात को सदैव अवकलजों से मुक्त रूप में परिभाषित किया जाता है। यदि समीकरण में $\sqrt{y'}$ या $\sin y'$ जैसे व्यंजक हों, तो पहले समीकरण को ऐसे रूप में परिवर्तित करना पड़ता है जिसमें अवकलज बहुपद के रूप में हों। इस परिवर्तन के बाद ही घात निर्धारित की जा सकती है। अन्यथा घात अपरिभाषित रहती है। यह बिंदु परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है।
चर पृथक्करण की विधि में पहला कदम समीकरण को $f(x)dx = g(y)dy$ के रूप में लिखना है। कई समीकरण जो प्रत्यक्ष रूप से पृथक नहीं दिखते, उन्हें छोटे-छोटे बीजगणितीय परिवर्तनों द्वारा इस रूप में लाया जा सकता है। उदाहरण के लिए $\frac{dy}{dx} = e^{x-y}$ को $e^y dy = e^x dx$ के रूप में लिखा जा सकता है। समाकलन के बाद स्थिरांक $C$ को अंत में जोड़ना न भूलें, तथा चरों को अलग-अलग स्थानों पर समाकलित करते समय स्थिरांक को दोनों ओर समाहित करके एक ही स्थिरांक $C$ में मिला दें।
समघात समीकरण की पहचान के लिए प्रत्येक पद में $x$ और $y$ की घातों के योग की समानता देखी जाती है। $\frac{x^2 + y^2}{xy}$ में अंश के दोनों पदों की कुल घात 2 और हर की घात भी 2 है, इसलिए यह शून्य घात का समघात फलन है। इसके बाद $y = vx$ प्रतिस्थापन लागू होता है। कुछ विद्यार्थी समघात की जाँच किए बिना ही $y = vx$ रख देते हैं, जो गलत है। समघात समीकरणों में $x$ को $\lambda x$ और $y$ को $\lambda y$ से बदलने पर $f$ का मान अपरिवर्तित रहता है, यही जाँच निश्चायक होती है।
रैखिक अवकल समीकरण $\frac{dy}{dx} + Py = Q$ में $P$ और $Q$ केवल $x$ के फलन हो सकते हैं। यदि $P$ या $Q$ में $y$ भी हो, तो समीकरण रैखिक नहीं होगा। कुछ समीकरणों में $x$ को आश्रित और $y$ को स्वतंत्र चर मानकर $\frac{dx}{dy}$ के रूप में रैखिक समीकरण प्राप्त हो सकता है। ऐसी स्थिति में समाकलन गुणक $e^{\int P dy}$ लिया जाता है। इस लचीलेपन से कई समीकरण सरलता से हल हो जाते हैं जो अन्यथा कठिन प्रतीत होते हैं।
| समीकरण | कोटि | घात |
|---|---|---|
| $y' + 2y = 0$ | 1 | 1 |
| $y'' + (y')³ = 0$ | 2 | 1 |
| $(y')² + y = x$ | 1 | 2 |
| $y''' + y = 0$ | 3 | 1 |
| प्रकार | रूप | विधि |
|---|---|---|
| चर पृथक्करण | $dy/dx = f(x)g(y)$ | पृथक कर समाकलन |
| समघात | $dy/dx = f(y/x)$ | $y = vx$ रखें |
| रैखिक | $dy/dx + Py = Q$ | $IF = e^{∫Pdx}$ |
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| व्यापक हल | कोटि के बराबर स्वेच्छ अचर |
| विशिष्ट हल | प्रारंभिक प्रतिबंधों से |
| रैखिक समीकरण | $y$ और उसके अवकलजों की घात 1 |
| समघात | $f(x, y)$ शून्य घात समघात |
अवकल समीकरण भौतिक और वैज्ञानिक घटनाओं को व्यक्त करने का गणितीय माध्यम है। इस अध्याय में हमने अवकल समीकरण की कोटि और घात, व्यापक एवं विशिष्ट हल, चर पृथक्करण विधि, समघात अवकल समीकरण, रैखिक अवकल समीकरण तथा वृद्धि-क्षय और शीतलन जैसे अनुप्रयोगों का अध्ययन किया। समाकलन गुणक की संकल्पना रैखिक समीकरणों को हल करने की कुंजी है। प्रारंभिक प्रतिबंधों द्वारा विशिष्ट हल प्राप्त करना परीक्षा का प्रमुख कौशल है। यह अध्याय भौतिक विज्ञान और इंजीनियरिंग में गणित की भूमिका को स्पष्ट करता है।