समाकलन (Integration) कलन की दूसरी मूलभूत संक्रिया है, जो अवकलन की विलोम संक्रिया है। समाकलन का उपयोग क्षेत्रफल, आयतन, कार्य, औसत मान आदि की गणना में होता है। इस अध्याय में हम अनिश्चित समाकलन (Indefinite Integrals), समाकलन की विधियाँ (प्रतिस्थापन, खंडशः समाकलन, आंशिक भिन्न), तथा कुछ विशेष प्रकार के समाकलनों का अध्ययन करेंगे। यह अध्याय कक्षा 12 गणित का सबसे बड़ा एवं महत्वपूर्ण अध्याय है।
यदि $F'(x) = f(x)$ है, तो $F(x)$ को $f(x)$ का प्रतिअवकलज (antiderivative) कहते हैं। सभी प्रतिअवकलजों के समुच्चय को अनिश्चित समाकल कहते हैं: $$\int f(x) \, dx = F(x) + C$$
यहाँ $C$ समाकलन स्थिरांक (constant of integration) है। स्थिरांक $C$ इसलिए जुड़ता है क्योंकि स्थिरांक का अवकलज शून्य होता है।
$$\int x^n \, dx = \frac{x^{n+1}}{n+1} + C, \quad n \neq -1$$ $$\int \frac{1}{x} \, dx = \ln|x| + C$$
$$\int \sin x \, dx = -\cos x + C, \quad \int \cos x \, dx = \sin x + C$$ $$\int \sec^2 x \, dx = \tan x + C, \quad \int \csc^2 x \, dx = -\cot x + C$$ $$\int \sec x \tan x \, dx = \sec x + C, \quad \int \csc x \cot x \, dx = -\csc x + C$$
$$\int e^x \, dx = e^x + C, \quad \int a^x \, dx = \frac{a^x}{\ln a} + C$$
$$\int \frac{1}{\sqrt{1-x^2}} \, dx = \sin^{-1}x + C, \quad \int \frac{1}{1+x^2} \, dx = \tan^{-1}x + C$$
$$\int [f(x) \pm g(x)] \, dx = \int f(x) \, dx \pm \int g(x) \, dx$$ $$\int k f(x) \, dx = k \int f(x) \, dx$$
$\int f(g(x)) g'(x) \, dx$ के रूप में समाकल्य के लिए $t = g(x)$ प्रतिस्थापित करने पर $dt = g'(x)dx$ प्राप्त होता है: $$\int f(g(x)) g'(x) \, dx = \int f(t) \, dt$$
| व्यंजक | प्रतिस्थापन |
|---|---|
| $\sqrt{a^2 - x^2}$ | $x = a\sin\theta$ |
| $\sqrt{a^2 + x^2}$ | $x = a\tan\theta$ |
| $\sqrt{x^2 - a^2}$ | $x = a\sec\theta$ |
| $x^2 + a^2$ | $x = a\tan\theta$ |
$$\int \frac{dx}{\sqrt{x^2 \pm a^2}} = \ln|x + \sqrt{x^2 \pm a^2}| + C$$ $$\int \frac{dx}{x^2 + a^2} = \frac{1}{a}\tan^{-1}\frac{x}{a} + C$$
गुणनफल रूप के समाकल्यों के लिए: $$\int u \, dv = uv - \int v \, du$$
यहाँ $u$ और $v$ फलन हैं तथा $dv$ का चयन इस प्रकार होता है कि उसका समाकलन सरल हो। ILATE नियम से $u$ का चयन करते हैं: लघुगणकीय (L), प्रतिलोम त्रिकोणमितीय (I), बीजीय (A), त्रिकोणमितीय (T), घातांकीय (E) — जो पहले आता है उसे $u$ लेते हैं।
$$\int e^x [f(x) + f'(x)] \, dx = e^x f(x) + C$$ $$\int e^{ax} \sin bx \, dx = \frac{e^{ax}(a\sin bx - b\cos bx)}{a^2 + b^2} + C$$
परिमेय फलनों $\frac{P(x)}{Q(x)}$ के समाकलन के लिए उन्हें सरल भिन्नों में विभाजित किया जाता है।
| Q(x) के गुणनखंड | आंशिक भिन्न |
|---|---|
| $(ax+b)(cx+d)$ | $\frac{A}{ax+b} + \frac{B}{cx+d}$ |
| $(ax+b)^2$ | $\frac{A}{ax+b} + \frac{B}{(ax+b)^2}$ |
| $(ax+b)(x^2 + c)$ | $\frac{A}{ax+b} + \frac{Bx + C}{x^2 + c}$ |
$$\int \frac{dx}{ax^2 + bx + c}$$ — हर को पूर्ण वर्ग बनाकर $\tan^{-1}$ रूप में हल करें।
$$\int \frac{dx}{\sqrt{ax^2 + bx + c}}$$ — पूर्ण वर्ग बनाकर $\sin^{-1}$ या $\ln$ रूप में हल करें।
$$\int \frac{px + q}{ax^2 + bx + c} \, dx$$ — अंश को हर के अवकलज के रूप में $A(2ax+b) + B$ लिखें।
$$\int \frac{px + q}{\sqrt{ax^2 + bx + c}} \, dx$$ — इसी प्रकार अंश को $A(2ax+b) + B$ रूप में लिखें।
$$\int_a^b f(x) \, dx = [F(x)]_a^b = F(b) - F(a)$$
समाकलन की विधियों को भली-भाँति समझने के लिए नीचे कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण चरणबद्ध रूप से हल किए गए हैं।
उदाहरण 1: $\int (3x^2 + 2x + 1) \, dx$ ज्ञात कीजिए।
हल: प्रत्येक पद का अलग-अलग समाकलन करते हैं: $$\int 3x^2 \, dx + \int 2x \, dx + \int 1 \, dx = 3\cdot\frac{x^3}{3} + 2\cdot\frac{x^2}{2} + x + C = x^3 + x^2 + x + C$$
यहाँ स्थिरांक को अंत में एक ही $C$ लिखा गया है, क्योंकि तीनों पदों के स्थिरांकों का योग भी एक स्थिरांक ही होता है।
उदाहरण 2: $\int \frac{\sin x}{1 + \cos x} \, dx$ ज्ञात कीजिए।
हल: प्रतिस्थापन विधि का उपयोग करते हैं। माना $t = 1 + \cos x$, तब $dt = -\sin x \, dx$, अर्थात $\sin x \, dx = -dt$। इसलिए: $$\int \frac{\sin x}{1 + \cos x} \, dx = -\int \frac{dt}{t} = -\ln|t| + C = -\ln|1 + \cos x| + C$$
इस प्रतिस्थापन में हमने पहचाना कि अंश हर का अवकलज है (केवल चिह्न के साथ), जो प्रतिस्थापन विधि के प्रयोग का मुख्य संकेत है।
उदाहरण 3: $\int x e^x \, dx$ ज्ञात कीजिए।
हल: यह गुणनफल रूप है, अतः खंडशः समाकलन का उपयोग करते हैं। ILATE नियम के अनुसार बीजीय फलन $x$ को $u$ तथा $e^x \, dx$ को $dv$ मानते हैं। $$u = x, \quad dv = e^x dx \Rightarrow du = dx, \quad v = e^x$$ $$\int x e^x \, dx = x e^x - \int e^x \, dx = x e^x - e^x + C = e^x(x - 1) + C$$
उदाहरण 4: $\int \frac{1}{x^2 - 9} \, dx$ ज्ञात कीजिए।
हल: $\frac{1}{x^2 - 9} = \frac{1}{(x-3)(x+3)}$। आंशिक भिन्नों में विघटित करने पर $\frac{A}{x-3} + \frac{B}{x+3}$ रूप प्राप्त होता है। गुणांकों की तुलना से $A = \frac{1}{6}$, $B = -\frac{1}{6}$ मिलता है। अतः: $$\int \frac{dx}{x^2 - 9} = \frac{1}{6}\int\frac{dx}{x-3} - \frac{1}{6}\int\frac{dx}{x+3} = \frac{1}{6}\ln\left|\frac{x-3}{x+3}\right| + C$$
उदाहरण 5: निश्चित समाकल $\int_0^{\pi/2} \sin x \, dx$ ज्ञात कीजिए।
हल: $\int_0^{\pi/2} \sin x \, dx = [-\cos x]_0^{\pi/2} = -\cos\frac{\pi}{2} + \cos 0 = -0 + 1 = 1$।
यहाँ ध्यान दीजिए कि ऊपरी सीमा का मान पहले रखा जाता है और निचली सीमा का मान घटाया जाता है, अर्थात $F(b) - F(a)$।
उदाहरण 6: $\int_{-1}^{1} x^3 \, dx$ ज्ञात कीजिए।
हल: $f(x) = x^3$ एक विषम फलन है, क्योंकि $f(-x) = -x^3 = -f(x)$। अतः सममित अंतराल $[-1, 1]$ पर $\int_{-1}^{1} x^3 \, dx = 0$। इसे गुणधर्मों का उपयोग किए बिना सीधे हल करने पर भी यही मान प्राप्त होता है: $$\left[\frac{x^4}{4}\right]_{-1}^{1} = \frac{1}{4} - \frac{1}{4} = 0$$
इससे यह स्पष्ट होता है कि विषम फलनों के सममित समाकलन में गुणधर्म का उपयोग समय की बचत करता है।
उदाहरण 7: $\int_0^1 \frac{1}{1 + x^2} \, dx$ ज्ञात कीजिए।
हल: $\int_0^1 \frac{dx}{1+x^2} = [\tan^{-1}x]_0^1 = \tan^{-1}1 - \tan^{-1}0 = \frac{\pi}{4} - 0 = \frac{\pi}{4}$।
यह परिणाम भौतिकी में $\pi$ के आगमनात्मक मान ज्ञात करने में भी प्रयुक्त होता है, क्योंकि यह समाकल वृत्त से गहराई से जुड़ा हुआ है।
उदाहरण 8: $\int_0^{\pi} \frac{x}{1 + \sin x} \, dx$ जैसे प्रश्नों में दर्पण गुणधर्म का प्रयोग करते हुए, $x$ को $\pi - x$ से बदलकर दोनों समाकलों को जोड़कर सरल रूप प्राप्त किया जाता है। इस प्रकार के प्रश्न परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं और इनमें दर्पण गुणधर्म ही एकमात्र आसान विधि होती है।
समाकलन के अध्याय में कुछ परिणाम ऐसे हैं जिन्हें बार-बार उपयोग में लाना पड़ता है। $\int \frac{dx}{x^2 - a^2} = \frac{1}{2a}\ln\left|\frac{x-a}{x+a}\right| + C$ तथा $\int \frac{dx}{a^2 - x^2} = \frac{1}{2a}\ln\left|\frac{a+x}{a-x}\right| + C$ जैसे परिणाम आंशिक भिन्न विधि के सीधे अनुप्रयोग हैं। इसी प्रकार $\int \frac{dx}{\sqrt{x^2 - a^2}} = \ln|x + \sqrt{x^2 - a^2}| + C$ और $\int \frac{dx}{\sqrt{a^2 - x^2}} = \sin^{-1}\frac{x}{a} + C$ मानक हैं।
त्रिकोणमितीय फलनों के समाकलन में अनेक बार फलनों को रूपांतरित करना पड़ता है। उदाहरण के लिए $\sin^2x = \frac{1 - \cos 2x}{2}$ और $\cos^2x = \frac{1 + \cos 2x}{2}$ के रूप में परिवर्तित करने से $\int \sin^2 x \, dx = \frac{x}{2} - \frac{\sin 2x}{4} + C$ प्राप्त होता है। $\tan^2x = \sec^2x - 1$ के उपयोग से $\int \tan^2x \, dx = \tan x - x + C$ मिलता है। इसी प्रकार $\sec x$ और $\csc x$ के समाकलन के लिए $\int \sec x \, dx = \ln|\sec x + \tan x| + C$ तथा $\int \csc x \, dx = \ln|\csc x - \cot x| + C$ मानक सूत्र हैं।
$\int e^x \sin x \, dx$ जैसे समाकलों में खंडशः समाकलन दो बार करना पड़ता है, जिसके बाद समाकल्य ही दोनों ओर आ जाता है और उसे हल किया जा सकता है। इस प्रकार $\int e^x \sin x \, dx = \frac{e^x(\sin x - \cos x)}{2} + C$ प्राप्त होता है। इसी तरह $\int e^x \cos x \, dx = \frac{e^x(\sin x + \cos x)}{2} + C$ होता है।
परीक्षा की दृष्टि से $\int_0^{\pi/2}\sin^n x \, dx$ और $\int_0^{\pi/2}\cos^n x \, dx$ जैसे समाकलों में $n$ के सम और विषम होने पर मान भिन्न होते हैं। जब $n$ सम होता है, तो $\frac{(n-1)(n-3)\dots 1}{n(n-2)\dots 2} \times \frac{\pi}{2}$ और जब $n$ विषम होता है, तो $\frac{(n-1)(n-3)\dots 2}{n(n-2)\dots 3}$ प्राप्त होता है। इन सूत्रों को वॉलिस सूत्र (Wallis formula) के नाम से जाना जाता है, जो विशेष प्रकार के प्रश्नों में समय की बचत करते हैं।
| फलन | समाकल |
|---|---|
| $x^n$ | $x^{n+1}/(n+1)$ |
| $1/x$ | $\ln|x|$ |
| $e^x$ | $e^x$ |
| $\sin x$ | $-\cos x$ |
| $\cos x$ | $\sin x$ |
| $\sec^2 x$ | $\tan x$ |
| $1/\sqrt{1-x^2}$ | $\sin^{-1}x$ |
| फलन का प्रकार | $\int_{-a}^a f(x)dx$ |
|---|---|
| सम फलन | $2\int_0^a f(x)dx$ |
| विषम फलन | $0$ |
| हर का गुणनखंड | रूप |
|---|---|
| $(x-a)(x-b)$ | $\frac{A}{x-a} + \frac{B}{x-b}$ |
| $(x-a)^2$ | $\frac{A}{x-a} + \frac{B}{(x-a)^2}$ |
| $(x-a)(x^2 + bx + c)$ | $\frac{A}{x-a} + \frac{Bx+C}{x^2+bx+c}$ |
समाकलन कलन की सबसे व्यापक संक्रिया है। इस अध्याय में हमने अनिश्चित समाकल, मानक सूत्र, प्रतिस्थापन विधि, खंडशः समाकलन, आंशिक भिन्न, विशेष प्रकार के समाकलन तथा निश्चित समाकल और उसके गुणधर्मों का अध्ययन किया। निश्चित समाकल वक्र के नीचे के क्षेत्रफल से जुड़ा है, जिसका विस्तृत उपयोग अगले अध्याय (समाकलनों के अनुप्रयोग) में होगा। समाकलन के सभी सूत्रों और विधियों की दृढ़ पकड़ परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने की कुंजी है।