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1. परिचय

त्रिकोणमितीय फलनों का विस्तृत अध्ययन आप कक्षा 11 में कर चुके हैं। त्रिकोणमितीय फलन $\sin x, \cos x, \tan x$ आदि सामान्यतः बहु-एक (many-one) फलन होते हैं, अतः इनके प्रतिलोम फलन संपूर्ण प्रांत पर परिभाषित नहीं हो सकते। इस कठिनाई को दूर करने के लिए इन फलनों के प्रांत को इस प्रकार प्रतिबंधित किया जाता है कि फलन एकैक आच्छादक बन जाए, तभी उनके प्रतिलोम फलनों की बात कर सकते हैं। प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों का उपयोग अवकलन, समाकलन, अवकल समीकरण तथा त्रिविमीय ज्यामिति में अत्यधिक होता है। इसलिए इस अध्याय की गहरी समझ होना आवश्यक है।

2. प्रतिलोम फलनों की मूल अवधारणा

यदि $f : A \rightarrow B$ द्विभाजक फलन है, तो $f$ का प्रतिलोम $f^{-1} : B \rightarrow A$ परिभाषित होता है। त्रिकोणमितीय फलनों के लिए:

$$y = \sin^{-1} x \iff x = \sin y, \quad \text{जहाँ } x \in [-1, 1], \ y \in \left[-\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2}\right]$$

यहाँ $\sin^{-1}$ का अर्थ $(\sin x)^{-1}$ (अर्थात $\csc x$) नहीं है। ध्यान रखें: $$\sin^{-1} x \neq \frac{1}{\sin x}$$

प्रतिबंधित प्रांत (Principal Value Branches)

फलन प्रांत मुख्य मान परिसर (Principal Range)
$\sin^{-1}$ $[-1, 1]$ $\left[-\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2}\right]$
$\cos^{-1}$ $[-1, 1]$ $[0, \pi]$
$\tan^{-1}$ $R$ $\left(-\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2}\right)$
$\cot^{-1}$ $R$ $(0, \pi)$
$\sec^{-1}$ $(-\infty, -1] \cup [1, \infty)$ $[0, \pi] - {\frac{\pi}{2}}$
$\csc^{-1}$ $(-\infty, -1] \cup [1, \infty)$ $\left[-\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2}\right] - {0}$

3. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के गुणधर्म

गुणधर्म (Properties)

  1. $\sin^{-1}(\sin x) = x$ केवल तभी जब $x \in \left[-\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2}\right]$
  2. $\sin(\sin^{-1} x) = x$ जब $x \in [-1, 1]$
  3. $\cos^{-1}(\cos x) = x$ जब $x \in [0, \pi]$
  4. $\tan^{-1}(\tan x) = x$ जब $x \in \left(-\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2}\right)$

कुछ महत्वपूर्ण सूत्र

$$\sin^{-1}(-x) = -\sin^{-1} x, \quad \cos^{-1}(-x) = \pi - \cos^{-1} x, \quad \tan^{-1}(-x) = -\tan^{-1} x$$ $$\sin^{-1} x + \cos^{-1} x = \frac{\pi}{2}, \quad \tan^{-1} x + \cot^{-1} x = \frac{\pi}{2}, \quad \sec^{-1} x + \csc^{-1} x = \frac{\pi}{2}$$

योग और अंतर सूत्र

$$\tan^{-1} x + \tan^{-1} y = \tan^{-1}\left(\frac{x + y}{1 - xy}\right), \quad xy < 1$$ $$\tan^{-1} x - \tan^{-1} y = \tan^{-1}\left(\frac{x - y}{1 + xy}\right), \quad xy > -1$$

4. मुख्य मान ज्ञात करने की विधि

मुख्य मान (Principal Value) ज्ञात करने के लिए निम्न चरणों का पालन करें: 1. फलन की शाखा (branch) ज्ञात करें। 2. उस शाखा के भीतर का कोण ज्ञात करें जो दिए गए मान के बराबर त्रिकोणमितीय अनुपात देता है। 3. उत्तर हमेशा मुख्य मान शाखा के भीतर ही होना चाहिए।

उदाहरण

$\sin^{-1}\left(\frac{1}{2}\right) = \frac{\pi}{6}$ क्योंकि $\sin \frac{\pi}{6} = \frac{1}{2}$ और $\frac{\pi}{6} \in \left[-\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2}\right]$।

$\cos^{-1}\left(-\frac{1}{2}\right) = \frac{2\pi}{3}$ क्योंकि $\cos \frac{2\pi}{3} = -\frac{1}{2}$ और $\frac{2\pi}{3} \in [0, \pi]$।

5. त्रिकोणमितीय व्यंजकों का सरलीकरण

प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों से युक्त व्यंजकों को सरल करने के लिए उपयुक्त प्रतिस्थापन करना होता है। सामान्य प्रतिस्थापन:

व्यंजक प्रतिस्थापन
$\sqrt{1 - x^2}$ $x = \sin \theta$ या $\cos \theta$
$\sqrt{1 + x^2}$ $x = \tan \theta$ या $\cot \theta$
$\sqrt{x^2 - 1}$ $x = \sec \theta$ या $\csc \theta$

उदाहरण

$\sin^{-1}(2x\sqrt{1 - x^2})$ में $x = \sin \theta$ रखने पर: $$\sin^{-1}(2\sin\theta\cos\theta) = \sin^{-1}(\sin 2\theta) = 2\theta = 2\sin^{-1}x$$ (जब $2\theta$ मुख्य शाखा में हो)

6. महत्वपूर्ण सूत्र संग्रह

$$2\sin^{-1}x = \sin^{-1}(2x\sqrt{1-x^2}), \quad 2\cos^{-1}x = \cos^{-1}(2x^2-1)$$ $$3\sin^{-1}x = \sin^{-1}(3x - 4x^3), \quad 3\cos^{-1}x = \cos^{-1}(4x^3 - 3x)$$ $$\sin^{-1}x + \sin^{-1}y = \sin^{-1}\left(x\sqrt{1-y^2} + y\sqrt{1-x^2}\right)$$ $$\cos^{-1}x - \cos^{-1}y = \cos^{-1}\left(xy + \sqrt{1-x^2}\sqrt{1-y^2}\right)$$

7. ग्राफ की समझ

प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के ग्राफ संगत त्रिकोणमितीय फलनों के ग्राफ के $y = x$ रेखा पर प्रतिबिंब होते हैं। $\sin^{-1}$ का ग्राफ वर्धमान है और $\cos^{-1}$ का ग्राफ ह्रासमान है। $\tan^{-1}$ का ग्राफ $y = \pm\frac{\pi}{2}$ अनुस्पर्शी (asymptote) वाला होता है।

8. हल किए गए उदाहरण (Worked Examples)

प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों से संबंधित प्रश्नों को हल करने की विधि को निम्नलिखित उदाहरणों द्वारा समझिए।

उदाहरण 1: $\cos^{-1}\left(-\frac{\sqrt{3}}{2}\right)$ का मुख्य मान ज्ञात कीजिए।

हल: $\cos^{-1}$ की मुख्य शाखा $[0, \pi]$ है। हमें वह कोण $\theta \in [0, \pi]$ ज्ञात करना है जिसके लिए $\cos\theta = -\frac{\sqrt{3}}{2}$। चूँकि $\cos\frac{5\pi}{6} = -\frac{\sqrt{3}}{2}$ और $\frac{5\pi}{6} \in [0, \pi]$, अतः मुख्य मान $\frac{5\pi}{6}$ है। ध्यान दीजिए कि $\cos^{-1}(-\frac{\sqrt{3}}{2}) = \pi - \cos^{-1}(\frac{\sqrt{3}}{2}) = \pi - \frac{\pi}{6} = \frac{5\pi}{6}$, यह सूत्र त्वरित हल देता है।

उदाहरण 2: $\tan^{-1}\left(\frac{1}{2}\right) + \tan^{-1}\left(\frac{1}{3}\right)$ का मान ज्ञात कीजिए।

हल: यहाँ $x = \frac{1}{2}$, $y = \frac{1}{3}$ और $xy = \frac{1}{6} < 1$ है, अतः योग सूत्र लागू होता है: $$\tan^{-1}x + \tan^{-1}y = \tan^{-1}\left(\frac{x+y}{1-xy}\right) = \tan^{-1}\left(\frac{\frac{1}{2}+\frac{1}{3}}{1-\frac{1}{6}}\right) = \tan^{-1}\left(\frac{\frac{5}{6}}{\frac{5}{6}}\right) = \tan^{-1}1 = \frac{\pi}{4}$$

उदाहरण 3: $\sin^{-1}(\cos\frac{\pi}{3})$ का मान ज्ञात कीजिए।

हल: $\cos\frac{\pi}{3} = \frac{1}{2}$। अब $\sin^{-1}\left(\frac{1}{2}\right) = \frac{\pi}{6}$ क्योंकि $\frac{\pi}{6}$ मुख्य शाखा $\left[-\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2}\right]$ में स्थित है और $\sin\frac{\pi}{6} = \frac{1}{2}$।

उदाहरण 4: यदि $2\sin^{-1}x = \sin^{-1}\left(2x\sqrt{1-x^2}\right)$ सत्य है, तो $x$ का प्रांत बताइए।

हल: यह सूत्र केवल तभी सत्य है जब $2x\sqrt{1-x^2} \in [-1, 1]$ और $2\sin^{-1}x$ मुख्य शाखा $\left[-\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2}\right]$ में हो। इसके लिए $\sin^{-1}x \in \left[-\frac{\pi}{4}, \frac{\pi}{4}\right]$, अर्थात $x \in \left[-\frac{1}{\sqrt{2}}, \frac{1}{\sqrt{2}}\right]$ आवश्यक है। इस प्रकार के प्रतिबंध प्रश्नों में यह जाँच आवश्यक होती है।

उदाहरण 5: $\tan^{-1}\left(\frac{1-x}{1+x}\right)$ को सरल कीजिए जब $x > 0$।

हल: $\frac{1-x}{1+x} = \frac{1 - \tan\theta}{1 + \tan\theta}$ जहाँ $x = \tan\theta$, $= \tan\left(\frac{\pi}{4} - \theta\right)$। अतः: $$\tan^{-1}\left(\frac{1-x}{1+x}\right) = \frac{\pi}{4} - \theta = \frac{\pi}{4} - \tan^{-1}x$$

इसी प्रकार के रूप $\frac{1+x}{1-x}$ के लिए $\frac{\pi}{4} + \tan^{-1}x$ प्राप्त होता है, जिन्हें याद रखने से बहुविकल्पीय प्रश्न तुरंत हल हो जाते हैं।

उदाहरण 6: $\sin\left(\cos^{-1}\frac{3}{5}\right)$ का मान ज्ञात कीजिए।

हल: माना $\cos^{-1}\frac{3}{5} = \theta$, तब $\cos\theta = \frac{3}{5}$। समकोण त्रिभुज में $\sin\theta = \sqrt{1 - \cos^2\theta} = \sqrt{1 - \frac{9}{25}} = \frac{4}{5}$। अतः $\sin\left(\cos^{-1}\frac{3}{5}\right) = \frac{4}{5}$।

अतिरिक्त विश्लेषण और महत्वपूर्ण बिंदु

प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों को हल करते समय मुख्य शाखा का ज्ञान सबसे पहले आवश्यक है। कई विद्यार्थी $\sin^{-1}(\sin x) = x$ को सभी $x$ के लिए सत्य मान लेते हैं, परंतु यह सूत्र केवल $x \in \left[-\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2}\right]$ के लिए ही सत्य है। यदि $x$ इस अंतराल के बाहर है, तो पहले $x$ को उपयुक्त कोण में परिवर्तित करना पड़ता है। उदाहरण के लिए $\sin^{-1}(\sin\frac{3\pi}{4}) = \frac{\pi}{4}$, क्योंकि $\frac{3\pi}{4}$ मुख्य शाखा से बाहर है।

$\tan^{-1}x$ के ग्राफ में $y = -\frac{\pi}{2}$ और $y = \frac{\pi}{2}$ दो अनुस्पर्शी रेखाएँ होती हैं। जब $x$ धनात्मक अनंत की ओर बढ़ता है, तो $\tan^{-1}x$ का मान $\frac{\pi}{2}$ के निकट पहुँचता है; जब $x$ ऋणात्मक अनंत की ओर जाता है, तो मान $-\frac{\pi}{2}$ के निकट पहुँचता है। इस व्यवहार को समझना परीक्षा में ग्राफ संबंधी प्रश्नों के लिए उपयोगी है।

$\sec^{-1}x$ और $\csc^{-1}x$ के प्रश्नों में प्रांत $(-\infty, -1] \cup [1, \infty)$ होने के कारण विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। $\sec^{-1}(-2) = \pi - \frac{\pi}{3} = \frac{2\pi}{3}$ जैसे मानों में यह जाँच आवश्यक है कि परिणाम मुख्य शाखा $[0, \pi] - {\frac{\pi}{2}}$ के भीतर है। इसी प्रकार $\csc^{-1}$ की मुख्य शाखा $\left[-\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2}\right] - {0}$ है।

बहुविकल्पीय प्रश्नों में $\tan^{-1}x + \tan^{-1}y$ प्रकार के योग में $xy$ के मान से निर्णय होता है। यदि $xy < 1$, तो योग $\tan^{-1}\frac{x+y}{1-xy}$ होता है। यदि $xy > 1$ और $x, y > 0$, तो योग $\pi + \tan^{-1}\frac{x+y}{1-xy}$ होता है। ऐसी बारीकियों को समझना उच्च अंक प्राप्त करने में सहायक होता है। इन तथ्यों का अभ्यास आपको परीक्षा में गलत उत्तर चुनने से बचाएगा।

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: प्रतिलोम फलन और उनकी मुख्य शाखाएँ

फलन मुख्य परिसर फलन के ग्राफ का व्यवहार
$\sin^{-1} x$ $[-\pi/2, \pi/2]$ वर्धमान
$\cos^{-1} x$ $[0, \pi]$ ह्रासमान
$\tan^{-1} x$ $(-\pi/2, \pi/2)$ वर्धमान
$\cot^{-1} x$ $(0, \pi)$ ह्रासमान
$\sec^{-1} x$ $[0, \pi] - {\pi/2}$ ह्रासमान
$\csc^{-1} x$ $[-\pi/2, \pi/2] - {0}$ वर्धमान

तालिका 2: मानक मुख्य मान

व्यंजक मुख्य मान
$\sin^{-1}(1/2)$ $\pi/6$
$\sin^{-1}(\sqrt{3}/2)$ $\pi/3$
$\cos^{-1}(-1/2)$ $2\pi/3$
$\tan^{-1}(-1)$ $-\pi/4$
$\cos^{-1}(0)$ $\pi/2$

तालिका 3: पूरक सूत्र

सूत्र परिणाम
$\sin^{-1}x + \cos^{-1}x$ $\pi/2$
$\tan^{-1}x + \cot^{-1}x$ $\pi/2$
$\sec^{-1}x + \csc^{-1}x$ $\pi/2$
$\sin^{-1}(-x)$ $-\sin^{-1}x$
$\cos^{-1}(-x)$ $\pi - \cos^{-1}x$

माइंड मैप

graph TD A["प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन"] --> B["प्रतिबंधित प्रांत"] A --> C["मुख्य मान शाखा"] C --> D["sin⁻¹: [-π/2, π/2]"] C --> E["cos⁻¹: [0, π]"] C --> F["tan⁻¹: (-π/2, π/2)"] A --> G["गुणधर्म"] G --> H["sin⁻¹x + cos⁻¹x = π/2"] G --> I["tan⁻¹x + cot⁻¹x = π/2"] A --> J["योग सूत्र"] J --> K["tan⁻¹x + tan⁻¹y"] A --> L["सरलीकरण हेतु प्रतिस्थापन"] L --> M["√(1-x²): x = sinθ"] L --> N["√(1+x²): x = tanθ"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

आरेख 1: प्रतिलोम फलन के प्रतिबंधन की अवधारणा

sin x का प्रतिबंधित प्रांत प्रतिबंधित sin x प्रतिबंधित sin x y = π/2 y = -π/2 स्वर्ण नियम: प्रतिलोम फलन के लिए मूल फलन को एकैक आच्छादक बनाने हेतु प्रांत प्रतिबंधित किया जाता है।

आरेख 2: मुख्य मान ज्ञात करने का चरणबद्ध प्रवाह

मुख्य मान ज्ञात करने के चरण दिया गया फलन पहचानें जैसे sin⁻¹, cos⁻¹, tan⁻¹ मुख्य शाखा याद करें sin⁻¹: [-π/2, π/2] आदि कोण का मान ज्ञात करें शाखा में स्थित कोण ही मुख्य मान है उत्तर लिखें इकाई हमेशा रेडियन में होती है Golden Rule: मुख्य मान हमेशा अपनी मुख्य शाखा के भीतर स्थित होता है।

सामान्य गलतियाँ

  1. $\sin^{-1} x$ को $1/\sin x$ समझना - $\sin^{-1} x$ प्रतिलोम फलन है, व्युत्क्रम नहीं। व्युत्क्रम को $\csc x$ लिखा जाता है।
  2. मुख्य शाखा के बाहर का कोण लिखना - जैसे $\sin^{-1}(1/2) = 5\pi/6$ लिखना गलत है; सही उत्तर $\pi/6$ है।
  3. $\sin^{-1}(\sin x) = x$ हर स्थिति में मान लेना - यह केवल तभी सत्य है जब $x$ मुख्य शाखा में हो।
  4. ऋणात्मक कोण का गलत मान - $\cos^{-1}(-x) = \pi - \cos^{-1}x$ होता है, $-\cos^{-1}x$ नहीं।
  5. प्रतिस्थापन के बाद शाखा जाँचना भूलना - $\sin^{-1}(2x\sqrt{1-x^2}) = 2\sin^{-1}x$ केवल प्रतिबंधित प्रांत में ही सत्य है।
  6. $\tan^{-1}x + \tan^{-1}y$ के सूत्र में $xy$ की शर्त भूल जाना - सूत्र की शर्त $xy < 1$ लगती है।
  7. प्रांत की जाँच न करना - $\sin^{-1}(2)$ जैसे व्यंजक परिभाषित ही नहीं हैं क्योंकि प्रांत $[-1, 1]$ है।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. मुख्य मान के प्रश्न में पहले शाखा लिखें फिर मान ज्ञात करें, अंक अधिक मिलते हैं।
  2. $\tan^{-1}x + \tan^{-1}y$ प्रकार के प्रश्नों में पहले शर्त ($xy < 1$) की जाँच करें।
  3. $x$ के गुणांकों को देखकर उचित प्रतिस्थापन चुनें — $\sqrt{1-x^2}$ के लिए $x = \sin\theta$।
  4. पूरक फलनों का योग सदैव $\pi/2$ होता है, इसे बहुविकल्पीय प्रश्नों में तुरंत उपयोग करें।
  5. सूत्र लिखते समय $\sin^{-1}(\sin x) = x$ की शर्त को साथ लिखें।
  6. 12 संख्याओं के मानक मान (जैसे $\sin^{-1}(\sqrt{3}/2) = \pi/3$) कंठस्थ रखें।

निष्कर्ष

प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन कक्षा 12 गणित का दूसरा अध्याय है जो त्रिकोणमितीय फलनों के प्रतिबंधित प्रांत पर प्रतिलोम की अवधारणा को स्थापित करता है। इस अध्याय में हमने प्रत्येक फलन की मुख्य शाखा, उनके गुणधर्म, योग-अंतर सूत्र, सरलीकरण हेतु प्रतिस्थापन विधि तथा ग्राफों का अध्ययन किया। प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों का अवकलन और समाकलन अगले अध्यायों में अत्यधिक प्रयुक्त होगा, इसलिए सभी मानक सूत्र और शाखाओं का ज्ञान आवश्यक है। मुख्य मान हमेशा मुख्य शाखा में स्थित होता है, यह नियम सदैव याद रखें।