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1. परिचय

संबंध एवं फलन (Relations and Functions) कक्षा 12 गणित का प्रथम अध्याय है। यह अध्याय समुच्चय सिद्धांत (Set Theory) की आधारशिला पर खड़ा है, जिसका अध्ययन आप कक्षा 11 में कर चुके हैं। संबंध और फलन गणित की वह शाखा है जो दो समुच्चयों के अवयवों के बीच के संबंध को स्थापित करती है। इस अध्याय में हम विशेष रूप से वास्तविक संख्याओं से वास्तविक संख्याओं में परिभाषित संबंधों एवं फलनों का अध्ययन करेंगे। यह समझना महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक फलन एक संबंध होता है, परंतु प्रत्येक संबंध फलन नहीं होता। इस अध्याय का उपयोग आगे चलकर प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन, सांतत्य तथा अवकलनीयता जैसे अध्यायों में अत्यधिक होगा।

समुच्चयों का गुणनफल (Cartesian Product)

यदि $A$ और $B$ दो अरिक्त समुच्चय हों, तो उनका कार्तीय गुणनफल $A \times B$ क्रमित युग्मों $(a, b)$ का समुच्चय होता है, जहाँ $a \in A$ तथा $b \in B$। $$A \times B = {(a, b) : a \in A \text{ और } b \in B}$$ - $A \times B \neq B \times A$ (सामान्यतः) - $n(A \times B) = n(A) \times n(B)$ - यदि $A = {1, 2}$ और $B = {3, 4}$, तो $A \times B = {(1,3), (1,4), (2,3), (2,4)}$

2. संबंध (Relations)

समुच्चय $A$ से समुच्चय $B$ में एक संबंध $R$, $A \times B$ का उपसमुच्चय होता है। अर्थात $R \subseteq A \times B$। यदि $(a, b) \in R$, तो हम लिखते हैं $a R b$।

संबंधों के प्रकार

तुल्यता संबंध (Equivalence Relation)

एक संबंध $R$, समुच्चय $A$ पर तुल्यता संबंध कहलाता है यदि वह स्वतुल्य (Reflexive), सममित (Symmetric) और संक्रामक (Transitive) हो। - स्वतुल्य: प्रत्येक $a \in A$ के लिए $(a, a) \in R$ - सममित: यदि $(a, b) \in R$ तो $(b, a) \in R$ - संक्रामक: यदि $(a, b) \in R$ और $(b, c) \in R$ तो $(a, c) \in R$

महत्वपूर्ण प्रकार के संबंध

$R$ एक संबंध है $A$ से $B$ में। - प्रांत (Domain): संबंध $R$ के सभी प्रथम घटकों का समुच्चय। - परिसर (Range): संबंध $R$ के सभी द्वितीय घटकों का समुच्चय। - सहप्रांत (Codomain): समुच्चय $B$ को सहप्रांत कहते हैं। परिसर हमेशा सहप्रांत का उपसमुच्चय होता है।

3. फलन (Functions)

फलन संबंध का एक विशेष प्रकार है। एक फलन $f : A \rightarrow B$ में, $A$ के प्रत्येक अवयव $a$ का एक अद्वितीय (unique) प्रतिबिंब $f(a) \in B$ होता है। फलन के लिए प्रांत के प्रत्येक अवयव का चित्र होना अनिवार्य है तथा किसी भी अवयव के दो चित्र नहीं हो सकते।

फलनों के प्रकार

  1. एकैक (Injective/One-one): यदि $f(x_1) = f(x_2)$ तो $x_1 = x_2$। क्षैतिज रेखा परीक्षण से जाँच की जा सकती है।
  2. आच्छादक (Surjective/Onto): परिसर सहप्रांत के बराबर हो, अर्थात $f(A) = B$।
  3. एकैक आच्छादक (Bijective): जो एकैक भी हो और आच्छादक भी। इसका प्रतिलोम फलन होता है।

फलनों की संख्या

4. वास्तविक फलन (Real Functions) और उनके गणितीय प्रचालन

विभिन्न प्रकार के वास्तविक फलन

फलनों पर संक्रियाएँ

यदि $f, g : A \rightarrow R$ वास्तविक फलन हैं, तो: - $(f + g)(x) = f(x) + g(x)$ - $(f - g)(x) = f(x) - g(x)$ - $(fg)(x) = f(x)g(x)$ - $\left(\frac{f}{g}\right)(x) = \frac{f(x)}{g(x)}$, $g(x) \neq 0$

संयोजित फलन (Composite Function)

$(f \circ g)(x) = f(g(x))$। संयोजन सामान्यतः क्रम-विनिमेय (commutative) नहीं होता अर्थात $f \circ g \neq g \circ f$।

5. बीजीय फलनों का व्यवहार

$f(x) = \frac{1}{x}$ जैसे फलन $R - {0}$ पर परिभाषित होते हैं। महत्तम पूर्णांक फलन $[x]$ असंतत फलन का उदाहरण है। फलन $f(x) = x^2$ एकैक नहीं है क्योंकि $f(2) = f(-2) = 4$। इसे एकैक बनाने के लिए प्रांत को $[0, \infty)$ तक सीमित करना पड़ता है। इसी प्रकार $f(x) = |x|$ भी बहु-एक (many-one) फलन है।

उदाहरण सहित समझ

$f(x) = x^3$ एकैक आच्छादक फलन है, क्योंकि यह दृढ़तः वर्धमान है। इसलिए इसका प्रतिलोम $f^{-1}(x) = \sqrt[3]{x}$ परिभाषित किया जा सकता है। फलन $f(x) = \sin x$ सभी $x \in R$ के लिए परिभाषित है परंतु एकैक नहीं है। इसका प्रतिलोम फलन केवल $\left[-\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2}\right]$ पर प्रतिबंधित करने पर संभव होता है, जिसे हम अगले अध्याय में पढ़ेंगे।

6. प्रतिलोम फलन (Inverse Function)

यदि $f : A \rightarrow B$ द्विभाजक (bijective) फलन है, तो एक फलन $g : B \rightarrow A$ विद्यमान होता है जिसके लिए $g(f(a)) = a$ और $f(g(b)) = b$ होता है। इस $g$ को $f^{-1}$ से निरूपित किया जाता है। प्रतिलोम फलन तभी परिभाषित होता है जब फलन एकैक आच्छादक हो।

$$(f^{-1})^{-1} = f, \quad (g \circ f)^{-1} = f^{-1} \circ g^{-1}$$

7. उदाहरण सहित अभ्यास

उदाहरण 1: समुच्चय $A = {1, 2, 3}$ पर संबंध $R = {(1,1), (2,2), (3,3), (1,2), (2,3), (1,3)}$ स्वतुल्य और संक्रामक है परंतु सममित नहीं है क्योंकि $(1,2) \in R$ परंतु $(2,1) \notin R$।

उदाहरण 2: $f(x) = \frac{x}{1 + |x|}$ एक विषम फलन है क्योंकि $f(-x) = \frac{-x}{1 + |x|} = -f(x)$। इसका परिसर $(-1, 1)$ है।

उदाहरण 3: समुच्चय $A = {1, 2, 3}$ में $n(A) = 3$। $A$ से $A$ में कुल फलन $3^3 = 27$ होंगे, एकैक फलन $3! = 6$ होंगे।

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: संबंधों के गुणधर्म

गुण परिभाषा उदाहरण
स्वतुल्य (Reflexive) $(a, a) \in R$ सभी $a \in A$ के लिए $R = {(1,1), (2,2), (3,3)}$
सममित (Symmetric) $(a, b) \in R \Rightarrow (b, a) \in R$ $R = {(1,2), (2,1)}$
संक्रामक (Transitive) $(a, b), (b, c) \in R \Rightarrow (a, c) \in R$ $R = {(1,2), (2,3), (1,3)}$
तुल्यता संबंध तीनों गुण एक साथ $A$ में समानता संबंध

तालिका 2: फलनों के प्रकार

फलन का प्रकार शर्त उदाहरण
एकैक (One-one) $f(x_1) = f(x_2) \Rightarrow x_1 = x_2$ $f(x) = 2x + 3$
आच्छादक (Onto) परिसर = सहप्रांत $f : R \rightarrow R$, $f(x) = x^3$
बहु-एक (Many-one) दो भिन्न अवयवों का चित्र समान $f(x) = x^2$
द्विभाजक (Bijective) एकैक + आच्छादक $f : R \rightarrow R$, $f(x) = x$

तालिका 3: मानक फलन

फलन सूत्र प्रांत परिसर
मापांक $ x $
सिग्नम $\frac{ x }{x}$
महत्तम पूर्णांक $[x]$ $R$ $Z$
घातांकीय $a^x$ $R$ $(0, \infty)$

माइंड मैप

graph TD A["संबंध एवं फलन"] --> B["कार्तीय गुणनफल A × B"] A --> C["संबंध R ⊆ A × B"] C --> D["स्वतुल्य"] C --> E["सममित"] C --> F["संक्रामक"] D --> G["तुल्यता संबंध"] E --> G F --> G A --> H["फलन f: A → B"] H --> I["एकैक"] H --> J["आच्छादक"] I --> K["द्विभाजक"] J --> K K --> L["प्रतिलोम फलन f⁻¹"] H --> M["संयोजित फलन (f∘g)(x) = f(g(x))"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

आरेख 1: संबंध बनाम फलन

संबंध बनाम फलन की अवधारणा A B 1 2 3 a b c स्वर्ण नियम: फलन में प्रांत का प्रत्येक अवयव सहप्रांत के एक ही अवयव से संबंधित होता है।

आरेख 2: तुल्यता संबंध के गुण

तुल्यता संबंध के तीन गुण स्वतुल्य (a, a) ∈ R प्रत्येक अवयव सममित (a, b) ∈ R ⇒ (b, a) ∈ R दोनों दिशाएँ संक्रामक (a, b), (b, c) ⇒ (a, c) श्रृंखला नियम इन तीनों गुणों का होना आवश्यक यदि तीनों सत्य हों तो R एक तुल्यता संबंध है Golden Rule: स्वतुल्य + सममित + संक्रामक = तुल्यता संबंध

सामान्य गलतियाँ

  1. $A \times B$ को $B \times A$ के बराबर मान लेना - कार्तीय गुणनफल क्रम-विनिमेय नहीं होता, जब तक कि $A = B$ न हो।
  2. संक्रामक संबंध की जाँच अधूरी - केवल एक युग्म देखकर संक्रामक बताना गलत है; सभी संभव $(a, b), (b, c)$ युग्मों की जाँच करनी चाहिए।
  3. एकैक फलन का परीक्षण - $f(x_1) = f(x_2) \Rightarrow x_1 = x_2$ सिद्ध करने के स्थान पर केवल ग्राफ देखना ही काफी मान लेना।
  4. फलन में प्रांत का सभी अवयवों का चित्र आवश्यक है - यदि कोई अवयव बिना चित्र के रह गया तो वह फलन नहीं है।
  5. प्रतिलोम फलन को बिना एकैक आच्छादक जाँचे लिख देना - प्रतिलोम फलन केवल द्विभाजक फलन के लिए परिभाषित होता है।
  6. परिसर और सहप्रांत में भ्रम - परिसर सदैव सहप्रांत का उपसमुच्चय होता है, आवश्यक नहीं कि बराबर हो।
  7. संयोजित फलन का क्रम उल्टा करना - $(f \circ g)(x) = f(g(x))$ और $(g \circ f)(x) = g(f(x))$ प्रायः भिन्न होते हैं।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. तुल्यता संबंध प्रश्न में तीनों गुणों को क्रम से लिखकर जाँचें, अंक पूर्ण मिलते हैं।
  2. एकैक आच्छादक सिद्ध करने के लिए पहले एकैक, फिर आच्छादक, दोनों अलग-अलग सिद्ध करें।
  3. द्विभाजक फलन के प्रतिलोम के लिए सूत्र $f^{-1}(y) = x$ का उपयोग करें जहाँ $y = f(x)$।
  4. महत्तम पूर्णांक और मापांक फलन के ग्राफ पर आधारित प्रश्न सदैव तैयार रखें।
  5. फलनों की संख्या के प्रश्न में $n(B)^{n(A)}$ का सूत्र ध्यान रखें तथा एकैक के लिए क्रमचय का उपयोग करें।
  6. बहुविकल्पीय प्रश्नों में पहले स्वतुल्यता की जाँच करें, उसमें असफल होने पर संबंध तुल्यता संबंध नहीं हो सकता।

निष्कर्ष

संबंध एवं फलन गणित का आधारभूत अध्याय है जिसके बिना आगे के विषय जैसे आव्यूह, अवकलन, समाकलन और प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन समझना कठिन है। इस अध्याय में हमने कार्तीय गुणनफल, संबंधों के गुण, तुल्यता संबंध, विभिन्न प्रकार के फलन, फलनों पर संक्रियाएँ, संयोजित फलन और प्रतिलोम फलन का विस्तृत अध्ययन किया। प्रत्येक फलन संबंध होता है परंतु प्रत्येक संबंध फलन नहीं, यह तथ्य सदैव याद रखना चाहिए। द्विभाजक फलनों का प्रतिलोम होना तथा तुल्यता संबंधों के तीनों गुण ही परीक्षा के प्रमुख बिंदु हैं। इस अध्याय की पकड़ मजबूत करने से अगले अध्यायों का अध्ययन सरल और सुगम हो जाता है।