त्रिविमीय ज्यामिति (Three Dimensional Geometry) में हम तीन आयामों (x, y, z) में स्थित बिंदुओं, सरल रेखाओं और तलों का अध्ययन करते हैं। यह अध्याय सदिश बीजगणित पर आधारित है। इसमें हम दिक्-अनुपात (direction ratios), दिक्-कोसाइन (direction cosines), रेखा का समीकरण, रेखाओं के बीच का कोण, रेखा और तल के बीच का कोण, दो बिंदुओं के बीच की दूरी तथा तलों के समीकरणों का अध्ययन करेंगे। यह अध्याय भौतिकी और इंजीनियरिंग में व्यापक रूप से प्रयुक्त होता है।
रेखा $OP$ (जो $x, y, z$-अक्षों से क्रमशः कोण $\alpha, \beta, \gamma$ बनाती है) के दिक्-कोसाइन: $$l = \cos\alpha, \quad m = \cos\beta, \quad n = \cos\gamma$$
गुणधर्म: $$l^2 + m^2 + n^2 = 1$$
रेखा की दिशा में $a, b, c$ समानुपाती संख्याएँ: $$l = \frac{a}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}, \quad m = \frac{b}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}, \quad n = \frac{c}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}$$
$P(x_1, y_1, z_1)$ और $Q(x_2, y_2, z_2)$ के बीच: $$PQ = \sqrt{(x_2-x_1)^2 + (y_2-y_1)^2 + (z_2-z_1)^2}$$
बिंदु $(x_1, y_1, z_1)$ से गुजरने वाली और दिक्-अनुपात $a, b, c$ वाली रेखा: $$\frac{x - x_1}{a} = \frac{y - y_1}{b} = \frac{z - z_1}{c}$$
बिंदु $\vec{a}$ से गुजरती और $\vec{b}$ के समांतर रेखा: $$\vec{r} = \vec{a} + \lambda\vec{b}, \quad \lambda \in R$$
$P(x_1, y_1, z_1)$ और $Q(x_2, y_2, z_2)$ से गुजरने वाली रेखा: $$\frac{x - x_1}{x_2 - x_1} = \frac{y - y_1}{y_2 - y_1} = \frac{z - z_1}{z_2 - z_1}$$
दिक्-अनुपात $(a_1, b_1, c_1)$ और $(a_2, b_2, c_2)$ वाली रेखाओं के बीच: $$\cos\theta = \frac{a_1a_2 + b_1b_2 + c_1c_2}{\sqrt{a_1^2+b_1^2+c_1^2}\sqrt{a_2^2+b_2^2+c_2^2}}$$
रेखाएँ $\vec{r} = \vec{a_1} + \lambda\vec{b_1}$ और $\vec{r} = \vec{a_2} + \mu\vec{b_2}$ के बीच का कोण: $$\cos\theta = \frac{\vec{b_1} \cdot \vec{b_2}}{|\vec{b_1}||\vec{b_2}|}$$
दो स्क्यू (विषमतलीय) रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी: $$d = \frac{|(\vec{b_1} \times \vec{b_2}) \cdot (\vec{a_2} - \vec{a_1})|}{|\vec{b_1} \times \vec{b_2}|}$$
समांतर रेखाओं $\vec{r} = \vec{a_1} + \lambda\vec{b}$ और $\vec{r} = \vec{a_2} + \mu\vec{b}$ के बीच की दूरी: $$d = \frac{|\vec{b} \times (\vec{a_2} - \vec{a_1})|}{|\vec{b}|}$$
$$ax + by + cz + d = 0$$
यहाँ $(a, b, c)$ तल के अभिलंब के दिक्-अनुपात हैं।
$$lx + my + nz = p$$
जहाँ $l, m, n$ अभिलंब के दिक्-कोसाइन और $p$ मूल बिंदु से तल की लंबवत दूरी है।
$$(x_1, y_1, z_1), (x_2, y_2, z_2), (x_3, y_3, z_3)$$ से गुजरने वाला तल सारणिक विधि से प्राप्त होता है।
तल $a_1x + b_1y + c_1z + d_1 = 0$ और $a_2x + b_2y + c_2z + d_2 = 0$ के बीच: $$\cos\theta = \frac{a_1a_2 + b_1b_2 + c_1c_2}{\sqrt{a_1^2+b_1^2+c_1^2}\sqrt{a_2^2+b_2^2+c_2^2}}$$
रेखा $\frac{x-x_1}{a} = \frac{y-y_1}{b} = \frac{z-z_1}{c}$ और तल $Ax + By + Cz + D = 0$ के बीच का कोण $\phi$: $$\sin\phi = \frac{|aA + bB + cC|}{\sqrt{a^2+b^2+c^2}\sqrt{A^2+B^2+C^2}}$$
बिंदु $P(x_1, y_1, z_1)$ से तल $ax + by + cz + d = 0$ की लंबवत दूरी: $$d = \frac{|ax_1 + by_1 + cz_1 + d|}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}$$
समांतर तल $ax + by + cz + d_1 = 0$ और $ax + by + cz + d_2 = 0$ के बीच की दूरी: $$d = \frac{|d_1 - d_2|}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}$$
त्रिविमीय ज्यामिति के सूत्रों का प्रयोग निम्न उदाहरणों में चरणबद्ध रूप से किया गया है।
उदाहरण 1: बिंदुओं $A(1, 2, 3)$ और $B(3, 4, 6)$ के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
हल: $AB = \sqrt{(3-1)^2 + (4-2)^2 + (6-3)^2} = \sqrt{4 + 4 + 9} = \sqrt{17}$ इकाई।
उदाहरण 2: रेखा $\frac{x-1}{2} = \frac{y-2}{-1} = \frac{z-3}{4}$ के दिक्-कोसाइन ज्ञात कीजिए।
हल: दिक्-अनुपात $a = 2, b = -1, c = 4$। $\sqrt{a^2+b^2+c^2} = \sqrt{4+1+16} = \sqrt{21}$। अतः दिक्-कोसाइन $l = \frac{2}{\sqrt{21}}, m = \frac{-1}{\sqrt{21}}, n = \frac{4}{\sqrt{21}}$।
उदाहरण 3: दो रेखाओं जिनके दिक्-अनुपात $(1, 2, 3)$ और $(2, 4, 6)$ हैं, के बीच की स्थिति बताइए।
हल: $\frac{1}{2} = \frac{2}{4} = \frac{3}{6} = \frac{1}{2}$, अतः दोनों रेखाएँ समांतर हैं। जब दिक्-अनुपात समानुपाती हों, तो रेखाएँ समांतर होती हैं।
उदाहरण 4: बिंदु $(1, 2, 3)$ से तल $x + 2y + 2z = 9$ की दूरी ज्ञात कीजिए।
हल: दूरी $= \frac{|1 + 2(2) + 2(3) - 9|}{\sqrt{1 + 4 + 4}} = \frac{|1 + 4 + 6 - 9|}{\sqrt{9}} = \frac{2}{3}$ इकाई। यहाँ अंश में निरपेक्ष मान लेना अनिवार्य है।
उदाहरण 5: तल $x + y + z = 5$ और तल $2x + 2y + 2z = 10$ की स्थिति बताइए।
हल: दूसरे तल को $2$ से भाग देने पर $x + y + z = 5$ प्राप्त होता है, जो पहले तल के समान है। अतः दोनों तल संपाती (coincident) हैं, अर्थात एक ही तल हैं।
उदाहरण 6: रेखा $\frac{x-1}{1} = \frac{y-2}{1} = \frac{z-3}{1}$ तथा तल $x + y + z = 6$ के बीच का कोण ज्ञात कीजिए।
हल: $\sin\phi = \frac{|1\cdot1 + 1\cdot1 + 1\cdot1|}{\sqrt{3}\sqrt{3}} = \frac{3}{3} = 1$, अतः $\phi = 90^\circ$। यहाँ रेखा तल के लंबवत है, क्योंकि रेखा के दिक्-अनुपात तल के अभिलंब के दिक्-अनुपातों के बराबर हैं।
उदाहरण 7: बिंदु $(2, -1, 3)$ से गुजरने वाले तल का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसका अभिलंब दिक्-अनुपात $(1, 2, 3)$ रखता है।
हल: तल का समीकरण $1(x-2) + 2(y+1) + 3(z-3) = 0$ होगा, अर्थात $x + 2y + 3z - 2 + 2 - 9 = 0$, यानी $x + 2y + 3z - 9 = 0$।
त्रिविमीय ज्यामिति में रेखाओं के समीकरणों के विभिन्न रूपों के बीच रूपांतरण की क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण है। सदिश रूप $\vec{r} = \vec{a} + \lambda\vec{b}$ को कार्तीय रूप में बदलने के लिए $\vec{r} = x\hat{i} + y\hat{j} + z\hat{k}$, $\vec{a} = a_1\hat{i} + a_2\hat{j} + a_3\hat{k}$ और $\vec{b} = b_1\hat{i} + b_2\hat{j} + b_3\hat{k}$ मानकर घटकों की तुलना की जाती है, जिससे $\frac{x - a_1}{b_1} = \frac{y - a_2}{b_2} = \frac{z - a_3}{b_3}$ प्राप्त होता है। यह रूपांतरण परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है।
तलों के बीच के कोण की गणना में अभिलंबों के दिक्-अनुपातों का अदिश गुणनफल और परिमाणों का उपयोग होता है। यदि दो तल समांतर हैं, तो उनके अभिलंब समांतर होते हैं; यदि लंबवत हैं, तो अभिलंबों का अदिश गुणनफल शून्य होता है। अभिलंब रूप में तल के समीकरण $lx + my + nz = p$ में $p$ हमेशा धनात्मक लिया जाता है, और इस रूप से मूल बिंदु से तल की दूरी सीधे $p$ के बराबर होती है। यह समझ कई त्वरित हल प्रश्नों में सहायक होती है।
दो स्क्यू रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी की गणना में सबसे पहले यह जाँच आवश्यक है कि रेखाएँ स्क्यू हैं या प्रतिच्छेदी। यदि $\vec{b_1} \times \vec{b_2} \neq 0$ और $(\vec{b_1} \times \vec{b_2}) \cdot (\vec{a_2} - \vec{a_1}) \neq 0$, तो रेखाएँ स्क्यू हैं। इस जाँच के बिना दूरी की गणना भ्रामक हो सकती है। समांतर रेखाओं के बीच की दूरी के सूत्र में किसी भी बिंदु का चयन करना पर्याप्त होता है।
बिंदु से तल की दूरी के सूत्र में निरपेक्ष मान आवश्यक है क्योंकि दूरी सदैव धनात्मक होती है। इसके अतिरिक्त, तल का समीकरण सामान्य रूप $ax + by + cz + d = 0$ में लिखा होना आवश्यक है। यदि समीकरण को स्थिरांक से गुणा किया गया हो, तो $a, b, c$ के मान भी बदल जाते हैं, जिससे दूरी की गणना प्रभावित नहीं होती, क्योंकि अंश और हर दोनों उसी गुणक से गुणित हो जाते हैं। इन तथ्यों को ध्यान में रखकर गणना की सटीकता को बढ़ाया जा सकता है।
| स्थिति | शर्त |
|---|---|
| समांतर | $a_1/a_2 = b_1/b_2 = c_1/c_2$ |
| लंबवत | $a_1a_2 + b_1b_2 + c_1c_2 = 0$ |
| कोण θ | $\cos\theta = \frac{a_1a_2+b_1b_2+c_1c_2}{|b_1||b_2|}$ |
| दूरी | सूत्र |
|---|---|
| दो बिंदुओं के बीच | $\sqrt{(x_2-x_1)^2+(y_2-y_1)^2+(z_2-z_1)^2}$ |
| बिंदु से तल की | $\frac{|ax_1+by_1+cz_1+d|}{\sqrt{a^2+b^2+c^2}}$ |
| समांतर तलों के बीच | $\frac{|d_1-d_2|}{\sqrt{a^2+b^2+c^2}}$ |
| रूप | समीकरण |
|---|---|
| सामान्य | $ax + by + cz + d = 0$ |
| अभिलंब | $lx + my + nz = p$ |
| सदिश | $\vec{r}\cdot\vec{n} = d$ |
त्रिविमीय ज्यामिति में हमने त्रि-आयामी स्थान में बिंदुओं, रेखाओं और तलों का अध्ययन किया। दिक्-कोसाइन और दिक्-अनुपात रेखाओं की दिशा व्यक्त करते हैं। रेखा और तल के समीकरणों के कार्तीय तथा सदिश रूप, रेखाओं और तलों के बीच के कोण, तथा विभिन्न दूरियों की गणना इस अध्याय के प्रमुख विषय हैं। रेखा-तल कोण में $\sin$ और तल-तल कोण में $\cos$ का प्रयोग सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। यह अध्याय सदिश बीजगणित का व्यावहारिक अनुप्रयोग है।