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1. परिचय

त्रिविमीय ज्यामिति (Three Dimensional Geometry) में हम तीन आयामों (x, y, z) में स्थित बिंदुओं, सरल रेखाओं और तलों का अध्ययन करते हैं। यह अध्याय सदिश बीजगणित पर आधारित है। इसमें हम दिक्-अनुपात (direction ratios), दिक्-कोसाइन (direction cosines), रेखा का समीकरण, रेखाओं के बीच का कोण, रेखा और तल के बीच का कोण, दो बिंदुओं के बीच की दूरी तथा तलों के समीकरणों का अध्ययन करेंगे। यह अध्याय भौतिकी और इंजीनियरिंग में व्यापक रूप से प्रयुक्त होता है।

2. दिक्-कोसाइन और दिक्-अनुपात

दिक्-कोसाइन (Direction Cosines)

रेखा $OP$ (जो $x, y, z$-अक्षों से क्रमशः कोण $\alpha, \beta, \gamma$ बनाती है) के दिक्-कोसाइन: $$l = \cos\alpha, \quad m = \cos\beta, \quad n = \cos\gamma$$

गुणधर्म: $$l^2 + m^2 + n^2 = 1$$

दिक्-अनुपात (Direction Ratios)

रेखा की दिशा में $a, b, c$ समानुपाती संख्याएँ: $$l = \frac{a}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}, \quad m = \frac{b}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}, \quad n = \frac{c}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}$$

दो बिंदुओं के बीच की दूरी

$P(x_1, y_1, z_1)$ और $Q(x_2, y_2, z_2)$ के बीच: $$PQ = \sqrt{(x_2-x_1)^2 + (y_2-y_1)^2 + (z_2-z_1)^2}$$

3. रेखा का समीकरण

कार्तीय रूप

बिंदु $(x_1, y_1, z_1)$ से गुजरने वाली और दिक्-अनुपात $a, b, c$ वाली रेखा: $$\frac{x - x_1}{a} = \frac{y - y_1}{b} = \frac{z - z_1}{c}$$

सदिश रूप

बिंदु $\vec{a}$ से गुजरती और $\vec{b}$ के समांतर रेखा: $$\vec{r} = \vec{a} + \lambda\vec{b}, \quad \lambda \in R$$

दो बिंदुओं से गुजरने वाली रेखा

$P(x_1, y_1, z_1)$ और $Q(x_2, y_2, z_2)$ से गुजरने वाली रेखा: $$\frac{x - x_1}{x_2 - x_1} = \frac{y - y_1}{y_2 - y_1} = \frac{z - z_1}{z_2 - z_1}$$

4. रेखाओं के बीच का कोण

दो रेखाओं के बीच का कोण

दिक्-अनुपात $(a_1, b_1, c_1)$ और $(a_2, b_2, c_2)$ वाली रेखाओं के बीच: $$\cos\theta = \frac{a_1a_2 + b_1b_2 + c_1c_2}{\sqrt{a_1^2+b_1^2+c_1^2}\sqrt{a_2^2+b_2^2+c_2^2}}$$

सदिश रूप

रेखाएँ $\vec{r} = \vec{a_1} + \lambda\vec{b_1}$ और $\vec{r} = \vec{a_2} + \mu\vec{b_2}$ के बीच का कोण: $$\cos\theta = \frac{\vec{b_1} \cdot \vec{b_2}}{|\vec{b_1}||\vec{b_2}|}$$

5. रेखा की अल्पतम दूरी (Shortest Distance)

दो स्क्यू (विषमतलीय) रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी: $$d = \frac{|(\vec{b_1} \times \vec{b_2}) \cdot (\vec{a_2} - \vec{a_1})|}{|\vec{b_1} \times \vec{b_2}|}$$

समांतर रेखाओं $\vec{r} = \vec{a_1} + \lambda\vec{b}$ और $\vec{r} = \vec{a_2} + \mu\vec{b}$ के बीच की दूरी: $$d = \frac{|\vec{b} \times (\vec{a_2} - \vec{a_1})|}{|\vec{b}|}$$

6. तल का समीकरण (Equation of a Plane)

सामान्य रूप

$$ax + by + cz + d = 0$$

यहाँ $(a, b, c)$ तल के अभिलंब के दिक्-अनुपात हैं।

अभिलंब रूप (Normal Form)

$$lx + my + nz = p$$

जहाँ $l, m, n$ अभिलंब के दिक्-कोसाइन और $p$ मूल बिंदु से तल की लंबवत दूरी है।

तीन बिंदुओं से गुजरने वाला तल

$$(x_1, y_1, z_1), (x_2, y_2, z_2), (x_3, y_3, z_3)$$ से गुजरने वाला तल सारणिक विधि से प्राप्त होता है।

तलों के बीच का कोण

तल $a_1x + b_1y + c_1z + d_1 = 0$ और $a_2x + b_2y + c_2z + d_2 = 0$ के बीच: $$\cos\theta = \frac{a_1a_2 + b_1b_2 + c_1c_2}{\sqrt{a_1^2+b_1^2+c_1^2}\sqrt{a_2^2+b_2^2+c_2^2}}$$

7. रेखा और तल के बीच का कोण

रेखा $\frac{x-x_1}{a} = \frac{y-y_1}{b} = \frac{z-z_1}{c}$ और तल $Ax + By + Cz + D = 0$ के बीच का कोण $\phi$: $$\sin\phi = \frac{|aA + bB + cC|}{\sqrt{a^2+b^2+c^2}\sqrt{A^2+B^2+C^2}}$$

बिंदु से तल की दूरी

बिंदु $P(x_1, y_1, z_1)$ से तल $ax + by + cz + d = 0$ की लंबवत दूरी: $$d = \frac{|ax_1 + by_1 + cz_1 + d|}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}$$

8. समांतर तलों के बीच की दूरी

समांतर तल $ax + by + cz + d_1 = 0$ और $ax + by + cz + d_2 = 0$ के बीच की दूरी: $$d = \frac{|d_1 - d_2|}{\sqrt{a^2 + b^2 + c^2}}$$

9. हल किए गए उदाहरण (Worked Examples)

त्रिविमीय ज्यामिति के सूत्रों का प्रयोग निम्न उदाहरणों में चरणबद्ध रूप से किया गया है।

उदाहरण 1: बिंदुओं $A(1, 2, 3)$ और $B(3, 4, 6)$ के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।

हल: $AB = \sqrt{(3-1)^2 + (4-2)^2 + (6-3)^2} = \sqrt{4 + 4 + 9} = \sqrt{17}$ इकाई।

उदाहरण 2: रेखा $\frac{x-1}{2} = \frac{y-2}{-1} = \frac{z-3}{4}$ के दिक्-कोसाइन ज्ञात कीजिए।

हल: दिक्-अनुपात $a = 2, b = -1, c = 4$। $\sqrt{a^2+b^2+c^2} = \sqrt{4+1+16} = \sqrt{21}$। अतः दिक्-कोसाइन $l = \frac{2}{\sqrt{21}}, m = \frac{-1}{\sqrt{21}}, n = \frac{4}{\sqrt{21}}$।

उदाहरण 3: दो रेखाओं जिनके दिक्-अनुपात $(1, 2, 3)$ और $(2, 4, 6)$ हैं, के बीच की स्थिति बताइए।

हल: $\frac{1}{2} = \frac{2}{4} = \frac{3}{6} = \frac{1}{2}$, अतः दोनों रेखाएँ समांतर हैं। जब दिक्-अनुपात समानुपाती हों, तो रेखाएँ समांतर होती हैं।

उदाहरण 4: बिंदु $(1, 2, 3)$ से तल $x + 2y + 2z = 9$ की दूरी ज्ञात कीजिए।

हल: दूरी $= \frac{|1 + 2(2) + 2(3) - 9|}{\sqrt{1 + 4 + 4}} = \frac{|1 + 4 + 6 - 9|}{\sqrt{9}} = \frac{2}{3}$ इकाई। यहाँ अंश में निरपेक्ष मान लेना अनिवार्य है।

उदाहरण 5: तल $x + y + z = 5$ और तल $2x + 2y + 2z = 10$ की स्थिति बताइए।

हल: दूसरे तल को $2$ से भाग देने पर $x + y + z = 5$ प्राप्त होता है, जो पहले तल के समान है। अतः दोनों तल संपाती (coincident) हैं, अर्थात एक ही तल हैं।

उदाहरण 6: रेखा $\frac{x-1}{1} = \frac{y-2}{1} = \frac{z-3}{1}$ तथा तल $x + y + z = 6$ के बीच का कोण ज्ञात कीजिए।

हल: $\sin\phi = \frac{|1\cdot1 + 1\cdot1 + 1\cdot1|}{\sqrt{3}\sqrt{3}} = \frac{3}{3} = 1$, अतः $\phi = 90^\circ$। यहाँ रेखा तल के लंबवत है, क्योंकि रेखा के दिक्-अनुपात तल के अभिलंब के दिक्-अनुपातों के बराबर हैं।

उदाहरण 7: बिंदु $(2, -1, 3)$ से गुजरने वाले तल का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसका अभिलंब दिक्-अनुपात $(1, 2, 3)$ रखता है।

हल: तल का समीकरण $1(x-2) + 2(y+1) + 3(z-3) = 0$ होगा, अर्थात $x + 2y + 3z - 2 + 2 - 9 = 0$, यानी $x + 2y + 3z - 9 = 0$।

अतिरिक्त विश्लेषण और महत्वपूर्ण बिंदु

त्रिविमीय ज्यामिति में रेखाओं के समीकरणों के विभिन्न रूपों के बीच रूपांतरण की क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण है। सदिश रूप $\vec{r} = \vec{a} + \lambda\vec{b}$ को कार्तीय रूप में बदलने के लिए $\vec{r} = x\hat{i} + y\hat{j} + z\hat{k}$, $\vec{a} = a_1\hat{i} + a_2\hat{j} + a_3\hat{k}$ और $\vec{b} = b_1\hat{i} + b_2\hat{j} + b_3\hat{k}$ मानकर घटकों की तुलना की जाती है, जिससे $\frac{x - a_1}{b_1} = \frac{y - a_2}{b_2} = \frac{z - a_3}{b_3}$ प्राप्त होता है। यह रूपांतरण परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है।

तलों के बीच के कोण की गणना में अभिलंबों के दिक्-अनुपातों का अदिश गुणनफल और परिमाणों का उपयोग होता है। यदि दो तल समांतर हैं, तो उनके अभिलंब समांतर होते हैं; यदि लंबवत हैं, तो अभिलंबों का अदिश गुणनफल शून्य होता है। अभिलंब रूप में तल के समीकरण $lx + my + nz = p$ में $p$ हमेशा धनात्मक लिया जाता है, और इस रूप से मूल बिंदु से तल की दूरी सीधे $p$ के बराबर होती है। यह समझ कई त्वरित हल प्रश्नों में सहायक होती है।

दो स्क्यू रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी की गणना में सबसे पहले यह जाँच आवश्यक है कि रेखाएँ स्क्यू हैं या प्रतिच्छेदी। यदि $\vec{b_1} \times \vec{b_2} \neq 0$ और $(\vec{b_1} \times \vec{b_2}) \cdot (\vec{a_2} - \vec{a_1}) \neq 0$, तो रेखाएँ स्क्यू हैं। इस जाँच के बिना दूरी की गणना भ्रामक हो सकती है। समांतर रेखाओं के बीच की दूरी के सूत्र में किसी भी बिंदु का चयन करना पर्याप्त होता है।

बिंदु से तल की दूरी के सूत्र में निरपेक्ष मान आवश्यक है क्योंकि दूरी सदैव धनात्मक होती है। इसके अतिरिक्त, तल का समीकरण सामान्य रूप $ax + by + cz + d = 0$ में लिखा होना आवश्यक है। यदि समीकरण को स्थिरांक से गुणा किया गया हो, तो $a, b, c$ के मान भी बदल जाते हैं, जिससे दूरी की गणना प्रभावित नहीं होती, क्योंकि अंश और हर दोनों उसी गुणक से गुणित हो जाते हैं। इन तथ्यों को ध्यान में रखकर गणना की सटीकता को बढ़ाया जा सकता है।

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: रेखाओं के बीच कोण

स्थिति शर्त
समांतर $a_1/a_2 = b_1/b_2 = c_1/c_2$
लंबवत $a_1a_2 + b_1b_2 + c_1c_2 = 0$
कोण θ $\cos\theta = \frac{a_1a_2+b_1b_2+c_1c_2}{|b_1||b_2|}$

तालिका 2: दूरी सूत्र

दूरी सूत्र
दो बिंदुओं के बीच $\sqrt{(x_2-x_1)^2+(y_2-y_1)^2+(z_2-z_1)^2}$
बिंदु से तल की $\frac{|ax_1+by_1+cz_1+d|}{\sqrt{a^2+b^2+c^2}}$
समांतर तलों के बीच $\frac{|d_1-d_2|}{\sqrt{a^2+b^2+c^2}}$

तालिका 3: तल के समीकरण के रूप

रूप समीकरण
सामान्य $ax + by + cz + d = 0$
अभिलंब $lx + my + nz = p$
सदिश $\vec{r}\cdot\vec{n} = d$

माइंड मैप

graph TD A["त्रिविमीय ज्यामिति"] --> B["दिक्-कोसाइन l, m, n"] A --> C["दिक्-अनुपात a, b, c"] A --> D["रेखा का समीकरण"] D --> E["कार्तीय रूप"] D --> F["सदिश रूप r = a + λb"] A --> G["रेखाओं के बीच कोण"] A --> H["तल का समीकरण"] H --> I["सामान्य रूप ax+by+cz+d=0"] H --> J["अभिलंब रूप"] A --> K["दूरी"] K --> L["बिंदु से तल"] K --> M["समांतर तल"] A --> N["रेखा और तल का कोण"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

आरेख 1: त्रिविमीय निर्देशांक प्रणाली

त्रिविमीय निर्देशांक प्रणाली x-अक्ष y-अक्ष z-अक्ष मूल बिंदु O बिंदु P(x, y, z) तीनों अक्ष परस्पर लंबवत हैं स्वर्ण नियम: x, y, z अक्ष एक-दूसरे के लंबवत होते हैं।

आरेख 2: रेखा और तल के बीच का कोण

रेखा और तल के बीच का कोण तल अभिलंब n θ रेखा sinφ = |aA + bB + cC| / (|b|·|n|) Golden Rule: रेखा-तल कोण के लिए sin सूत्र, तल-तल कोण के लिए cos सूत्र।

सामान्य गलतियाँ

  1. दिक्-कोसाइनों को दिक्-अनुपात मानना - दिक्-कोसाइन हमेशा $\frac{a}{\sqrt{a^2+b^2+c^2}}$ रूप में होते हैं।
  2. $l^2 + m^2 + n^2 = 1$ की जाँच न करना - दिक्-कोसाइन के लिए यह अनिवार्य है।
  3. रेखा-तल कोण में $\sin$ और तल-तल कोण में $\cos$ का भ्रम - रेखा-तल कोण $\sin\phi$ से, तल-तल कोण $\cos\theta$ से।
  4. बिंदु से तल की दूरी में निरपेक्ष मान भूलना - दूरी हमेशा धनात्मक होती है।
  5. समांतर तलों की पहचान - समांतर तलों में $a, b, c$ का अनुपात समान होता है।
  6. रेखा के समीकरण में हर का शून्य होना - यदि कोई दिक्-अनुपात शून्य है, तो उस भाग को बाहर रखकर हल करें।
  7. स्क्यू रेखाओं को प्रतिच्छेदी मानना - स्क्यू रेखाएँ प्रतिच्छेद नहीं करतीं और समांतर भी नहीं होतीं।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. रेखा का समीकरण कार्तीय रूप से सदिश रूप में बदलना अभ्यास करें।
  2. दो रेखाओं के बीच का कोण निकालते समय सभी दिक्-अनुपात सही पहचानें।
  3. बिंदु से तल की दूरी के सूत्र में सभी मान रखने से पहले तल के गुणांक स्थिर कर लें।
  4. तलों की लंबवतता की शर्त $a_1a_2 + b_1b_2 + c_1c_2 = 0$ याद रखें।
  5. समांतर तलों के बीच दूरी के लिए समीकरणों को $a, b, c$ समान करके $d$ अंतर लें।
  6. अभिलंब रूप $lx + my + nz = p$ में $p$ धनात्मक होता है।

निष्कर्ष

त्रिविमीय ज्यामिति में हमने त्रि-आयामी स्थान में बिंदुओं, रेखाओं और तलों का अध्ययन किया। दिक्-कोसाइन और दिक्-अनुपात रेखाओं की दिशा व्यक्त करते हैं। रेखा और तल के समीकरणों के कार्तीय तथा सदिश रूप, रेखाओं और तलों के बीच के कोण, तथा विभिन्न दूरियों की गणना इस अध्याय के प्रमुख विषय हैं। रेखा-तल कोण में $\sin$ और तल-तल कोण में $\cos$ का प्रयोग सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। यह अध्याय सदिश बीजगणित का व्यावहारिक अनुप्रयोग है।