सदिश (Vector) वह राशि है जिसमें परिमाण (magnitude) के साथ-साथ दिशा (direction) भी होती है। उदाहरण: विस्थापन, वेग, बल, त्वरण। जिन राशियों में केवल परिमाण होता है उन्हें अदिश (scalar) कहते हैं, जैसे द्रव्यमान, समय, दूरी, तापमान। सदिश बीजगणित (Vector Algebra) में हम सदिशों की संकल्पना, उनका निरूपण, योग, गुणन, अदिश और सदिश गुणन, तथा विभिन्न गुणधर्मों का अध्ययन करेंगे। यह अध्याय त्रिविमीय ज्यामिति के लिए आधार है।
सदिश $\vec{AB}$ में $A$ प्रारंभिक बिंदु और $B$ अंतिम बिंदु है। सदिश का परिमाण $|\vec{AB}|$ लिखा जाता है।
$$\hat{a} = \frac{\vec{a}}{|\vec{a}|}$$
बिंदु $A(x_1, y_1, z_1)$ से $B(x_2, y_2, z_2)$ तक का सदिश: $$\vec{AB} = (x_2 - x_1)\hat{i} + (y_2 - y_1)\hat{j} + (z_2 - z_1)\hat{k}$$
यहाँ $\hat{i}, \hat{j}, \hat{k}$ क्रमशः $x, y, z$-अक्षों की दिशा में एकक सदिश हैं।
$$|\vec{a}| = \sqrt{x^2 + y^2 + z^2}$$
$$\cos\alpha = \frac{x}{|\vec{a}|}, \quad \cos\beta = \frac{y}{|\vec{a}|}, \quad \cos\gamma = \frac{z}{|\vec{a}|}$$
जहाँ $\cos^2\alpha + \cos^2\beta + \cos^2\gamma = 1$।
$\vec{AB} + \vec{BC} = \vec{AC}$ — दो सदिशों को श्रृंखला में जोड़ने पर।
यदि $\vec{a}$ और $\vec{b}$ समान प्रारंभिक बिंदु से खींचे जाएँ, तो इनका योग उनके द्वारा बने समांतर चतुर्भुज के विकर्ण के बराबर होता है।
$$\lambda \vec{a} = \lambda(a_1\hat{i} + a_2\hat{j} + a_3\hat{k}) = (\lambda a_1)\hat{i} + (\lambda a_2)\hat{j} + (\lambda a_3)\hat{k}$$
यदि $\vec{a}$ और $\vec{b}$ संरेख हैं, तो $\vec{a} = \lambda\vec{b}$ किसी अदिश $\lambda$ के लिए।
$$\vec{a} \cdot \vec{b} = |\vec{a}||\vec{b}|\cos\theta$$
निर्देशांक रूप में: $$\vec{a} \cdot \vec{b} = a_1b_1 + a_2b_2 + a_3b_3$$
$$\frac{\vec{a} \cdot \vec{b}}{|\vec{b}|} \text{ परिमाण } |\vec{a}|\cos\theta$$
$$\vec{a} \times \vec{b} = |\vec{a}||\vec{b}|\sin\theta \, \hat{n}$$
जहाँ $\hat{n}$ दोनों सदिशों के तल के लंबवत एकक सदिश है।
$$\vec{a} \times \vec{b} = \begin{vmatrix} \hat{i} & \hat{j} & \hat{k} \ a_1 & a_2 & a_3 \ b_1 & b_2 & b_3 \end{vmatrix}$$
$|\vec{a} \times \vec{b}|$ उन सदिशों द्वारा बने समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल है। त्रिभुज का क्षेत्रफल $= \frac{1}{2}|\vec{a} \times \vec{b}|$।
यदि त्रिभुज की दो भुजाएँ $\vec{AB}$ और $\vec{AC}$ हैं, तो त्रिभुज का क्षेत्रफल: $$\Delta = \frac{1}{2}|\vec{AB} \times \vec{AC}|$$
समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = $|\vec{AB} \times \vec{AD}|$।
सदिश बीजगणित के सूत्रों के अनुप्रयोग को निम्न उदाहरणों द्वारा समझिए।
उदाहरण 1: बिंदु $A(1, 2, 3)$ से $B(4, 5, 7)$ तक के सदिश का परिमाण ज्ञात कीजिए।
हल: $\vec{AB} = (4-1)\hat{i} + (5-2)\hat{j} + (7-3)\hat{k} = 3\hat{i} + 3\hat{j} + 4\hat{k}$। परिमाण $|\vec{AB}| = \sqrt{9 + 9 + 16} = \sqrt{34}$।
उदाहरण 2: $\vec{a} = 3\hat{i} + 4\hat{j}$ की दिशा में एकक सदिश ज्ञात कीजिए।
हल: $|\vec{a}| = \sqrt{9 + 16} = 5$। अतः एकक सदिश $\hat{a} = \frac{\vec{a}}{|\vec{a}|} = \frac{3}{5}\hat{i} + \frac{4}{5}\hat{j}$।
उदाहरण 3: $\vec{a} = \hat{i} + 2\hat{j} - \hat{k}$ और $\vec{b} = 2\hat{i} + \hat{j} + \hat{k}$ के बीच का कोण ज्ञात कीजिए।
हल: $\vec{a}\cdot\vec{b} = 1(2) + 2(1) + (-1)(1) = 2 + 2 - 1 = 3$। $|\vec{a}| = \sqrt{1+4+1} = \sqrt{6}$ और $|\vec{b}| = \sqrt{4+1+1} = \sqrt{6}$। अतः: $$\cos\theta = \frac{\vec{a}\cdot\vec{b}}{|\vec{a}||\vec{b}|} = \frac{3}{6} = \frac{1}{2} \Rightarrow \theta = 60^\circ$$
उदाहरण 4: $\vec{a} = \hat{i} + \hat{j}$ और $\vec{b} = \hat{i} - \hat{j}$ की लंबवतता की जाँच कीजिए।
हल: $\vec{a}\cdot\vec{b} = 1(1) + 1(-1) = 0$। चूँकि अदिश गुणनफल शून्य है, अतः दोनों सदिश परस्पर लंबवत हैं। यह जाँच विधि भौतिकी में बलों की लंबवतता निर्धारित करने में प्रयुक्त होती है।
उदाहरण 5: $\vec{a} = \hat{i} + \hat{j}$ और $\vec{b} = \hat{i} + \hat{k}$ द्वारा बने समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल: $\vec{a} \times \vec{b} = \begin{vmatrix} \hat{i} & \hat{j} & \hat{k} \ 1 & 1 & 0 \ 1 & 0 & 1 \end{vmatrix} = \hat{i}(1-0) - \hat{j}(1-0) + \hat{k}(0-1) = \hat{i} - \hat{j} - \hat{k}$। क्षेत्रफल $= |\vec{a} \times \vec{b}| = \sqrt{1 + 1 + 1} = \sqrt{3}$ वर्ग इकाई।
उदाहरण 6: बिंदु $A(1, 2, 3)$ से $B(3, 4, 5)$ तक के सदिश के दिक्-कोसाइन ज्ञात कीजिए।
हल: $\vec{AB} = 2\hat{i} + 2\hat{j} + 2\hat{k}$, $|\vec{AB}| = \sqrt{4+4+4} = 2\sqrt{3}$। दिक्-कोसाइन: $l = \frac{2}{2\sqrt{3}} = \frac{1}{\sqrt{3}}$, $m = \frac{1}{\sqrt{3}}$, $n = \frac{1}{\sqrt{3}}$। यहाँ $l^2 + m^2 + n^2 = \frac{3}{3} = 1$ सत्यापित होता है।
सदिशों के योग के लिए बहुभुज नियम (polygon law) भी एक सामान्यीकरण है। यदि एक बहुभुज की भुजाओं को क्रमशः $\vec{a_1}, \vec{a_2}, \dots, \vec{a_n}$ द्वारा निरूपित किया जाए, तो इनका परिणामी योग $\vec{a_1} + \vec{a_2} + \dots + \vec{a_n} = 0$ होता है जब बहुभुज बंद हो। यह नियम बलों के संतुलन जैसी भौतिकी की समस्याओं में अत्यंत उपयोगी है।
अदिश गुणनफल का एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय उपयोग बिंदुओं की संरेखता और त्रिभुज की आकृति की जाँच में होता है। यदि त्रिभुज की दो भुजाओं का अदिश गुणनफल शून्य है, तो वह त्रिभुज समकोणिक होता है। इसी प्रकार सदिश गुणनफल के परिमाण से त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात किया जाता है। क्षेत्रफल की दिशा अभिलंब के अनुदिश होती है, जिसका उपयोग त्रिविमीय ज्यामिति में तल के अभिलंब के दिक्-अनुपात ज्ञात करने में होता है।
सदिशों की समरूपता (linear dependence) को समझना भी महत्वपूर्ण है। दो सदिश संरेख (linearly dependent) होते हैं यदि एक दूसरे का अदिश गुणज हो। तीन सदिशों की रैखिक निर्भरता का अर्थ है कि उनमें से किसी एक को अन्य दो के रैखिक संयोजन के रूप में लिखा जा सकता है, अर्थात तीनों एक ही तल में स्थित हैं। यदि $\vec{a}, \vec{b}, \vec{c}$ एक ही तल में हों, तो $\vec{a} \cdot (\vec{b} \times \vec{c}) = 0$ होता है, जिसे त्रिक अदिश गुणनफल कहते हैं। यह परिणाम कक्षा 12 की परीक्षा में त्रिविमीय ज्यामिति के कुछ प्रश्नों की आधारशिला है।
सदिश गुणनफल के लिए सारणिक विधि का उपयोग करते समय सहखंडों के चिह्न का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि $\hat{j}$ के सहखंड पर ऋणात्मक चिह्न लगता है। इसके अतिरिक्त, दाएँ हाथ नियम से $\hat{i} \times \hat{j} = \hat{k}$ जैसे परिणाम दिशा का निर्धारण करते हैं, जो चक्रीय क्रम $i \to j \to k$ में दक्षिणावर्ती दिशा में याद रखना सरल है। इन छोटे-छोटे तथ्यों को स्मरण रखने से गणना में होने वाली सामान्य भूलों से बचा जा सकता है।
| गुण | अदिश गुणनफल $\vec{a}\cdot\vec{b}$ | सदिश गुणनफल $\vec{a}\times\vec{b}$ |
|---|---|---|
| परिणाम | अदिश | सदिश |
| सूत्र | $|a||b|\cos\theta$ | $|a||b|\sin\theta\,\hat{n}$ |
| क्रम-विनिमेय | हाँ | नहीं ($\vec{a}\times\vec{b} = -\vec{b}\times\vec{a}$) |
| शून्य शर्त | लंबवत | समांतर |
| गुणन | $\hat{i}$ | $\hat{j}$ | $\hat{k}$ |
|---|---|---|---|
| $\hat{i}$ | 0 | $\hat{k}$ | $-\hat{j}$ |
| $\hat{j}$ | $-\hat{k}$ | 0 | $\hat{i}$ |
| $\hat{k}$ | $\hat{j}$ | $-\hat{i}$ | 0 |
| आकृति | सूत्र |
|---|---|
| त्रिभुज ($\vec{a}, \vec{b}$ भुजाएँ) | $\frac{1}{2} |
| समांतर चतुर्भुज | $ |
सदिश बीजगणित में हमने सदिशों की संकल्पना, निरूपण, प्रकार, घटक रूप, योग, अदिश गुणन, अदिश गुणनफल और सदिश गुणनफल तथा उनके ज्यामितीय अनुप्रयोगों का अध्ययन किया। सदिश गणित को संक्षिप्त एवं शक्तिशाली रूप देते हैं। अदिश और सदिश गुणनफल की पहचान, उनके गुणधर्म तथा क्षेत्रफल की गणना में उनका उपयोग परीक्षा के प्रमुख बिंदु हैं। यह अध्याय त्रिविमीय ज्यामिति का आधार है, जहाँ रेखाओं और तलों की समीकरण सदिशों के रूप में लिखी जाती हैं।