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1. परिचय

इस अध्याय में हम प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) का अध्ययन करेंगे। प्रत्यावर्ती धारा वह धारा है जिसका परिमाण और दिशा दोनों समय के साथ आवर्ती रूप से बदलते रहते हैं। भारत में घरेलू विद्युत आपूर्ति 50 Hz की प्रत्यावर्ती धारा है। प्रत्यावर्ती धारा का विशेष लाभ यह है कि इसे ट्रांसफार्मर द्वारा उच्च या निम्न वोल्टता में आसानी से बदला जा सकता है, जिससे विद्युत संचरण कुशल और सुरक्षित होता है। इस अध्याय में AC परिपथ, RMS मान, प्रतिघात, प्रतिबाधा, अवमंदन, अनुनाद, शक्ति तथा ट्रांसफार्मर का अध्ययन किया जाता है।

2. प्रत्यावर्ती धारा की मूल अवधारणाएँ

प्रत्यावर्ती धारा को सामान्यतः ज्या (Sine) फलन द्वारा निरूपित किया जाता है:

$$I = I_0 \sin(\omega t)$$

यहाँ $I_0$ शिखर धारा (Peak Current) है और $\omega$ कोणीय आवृत्ति है। आवृत्ति $f = \omega/2\pi$ होती है। भारत में घरेलू आपूर्ति की आवृत्ति 50 Hz है। प्रत्यावर्ती वोल्टता:

$$V = V_0 \sin(\omega t)$$

RMS मान (Root Mean Square Value)

प्रत्यावर्ती धारा का वर्ग-माध्य-मूल (RMS) मान उस DC धारा का मान है जो समान प्रतिरोध में समान ऊष्मा उत्पन्न करे:

$$I_{rms} = \frac{I_0}{\sqrt{2}}$$

$$V_{rms} = \frac{V_0}{\sqrt{2}}$$

भारत में घरेलू वोल्टता 220 V RMS है, जिसका अर्थ है कि शिखर मान $V_0 = 220\sqrt{2} \approx 311$ V होता है। RMS मान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शक्ति और ऊर्जा की गणना RMS मानों से की जाती है।

3. शुद्ध प्रतिरोधक परिपथ (Pure Resistive Circuit)

जब AC वोल्टता केवल प्रतिरोधक पर लगाई जाती है, तो धारा और वोल्टता समान कला में होते हैं (फेज अंतर शून्य):

$$I = \frac{V_0}{R}\sin(\omega t)$$

परिपथ में शक्ति:

$$P = V_{rms} I_{rms}$$

4. शुद्ध प्रेरक परिपथ (Pure Inductive Circuit)

जब AC वोल्टता शुद्ध प्रेरक पर लगाई जाती है, तो धारा वोल्टता से $90^\circ$ पीछे रहती है। प्रेरक का प्रतिघात:

$$X_L = \omega L = 2\pi f L$$

प्रेरकीय प्रतिघात की इकाई ओम होती है। धारा:

$$I_{rms} = \frac{V_{rms}}{X_L}$$

शुद्ध प्रेरक परिपथ में औसत शक्ति शून्य होती है, क्योंकि धारा और वोल्टता में $90^\circ$ का फेज अंतर होता है। प्रेरक में ऊर्जा संग्रहीत और मुक्त होती रहती है, परंतु औसत शक्ति व्यय नहीं होती।

5. शुद्ध धारिता परिपथ (Pure Capacitive Circuit)

जब AC वोल्टता शुद्ध संधारित्र पर लगाई जाती है, तो धारा वोल्टता से $90^\circ$ आगे रहती है। धारितीय प्रतिघात:

$$X_C = \frac{1}{\omega C} = \frac{1}{2\pi f C}$$

धारितीय प्रतिघात की इकाई भी ओम होती है। धारा:

$$I_{rms} = \frac{V_{rms}}{X_C}$$

शुद्ध संधारित्र परिपथ में भी औसत शक्ति शून्य होती है।

6. श्रेणी LCR परिपथ (Series LCR Circuit)

जब प्रतिरोधक R, प्रेरक L और संधारित्र C श्रेणीक्रम में जुड़े होते हैं, तो परिपथ की प्रतिबाधा (Impedance):

$$Z = \sqrt{R^2 + (X_L - X_C)^2}$$

धारा और वोल्टता के बीच फेज अंतर:

$$\tan\phi = \frac{X_L - X_C}{R}$$

यहाँ $\phi$ वोल्टता और धारा के बीच का फेज कोण है।

विशेष स्थितियाँ:

  1. जब $X_L > X_C$: परिपथ प्रेरणिक (Inductive) होता है और धारा वोल्टता से पीछे रहती है।
  2. जब $X_C > X_L$: परिपथ धारितीय (Capacitive) होता है और धारा वोल्टता से आगे रहती है।
  3. जब $X_L = X_C$: परिपथ शुद्ध प्रतिरोधक होता है और अनुनाद (Resonance) की स्थिति होती है।

अनुनाद (Resonance)

अनुनाद की स्थिति में $X_L = X_C$:

$$\omega_0 = \frac{1}{\sqrt{LC}}$$

अनुनादी आवृत्ति:

$$f_0 = \frac{1}{2\pi\sqrt{LC}}$$

अनुनाद पर प्रतिबाधा न्यूनतम ($Z = R$) और धारा अधिकतम होती है। अनुनाद पर विशुद्ध शक्ति अधिकतम होती है। अनुनादी परिपथ का गुणता-कारक (Quality Factor):

$$Q = \frac{\omega_0 L}{R} = \frac{1}{R}\sqrt{\frac{L}{C}}$$

7. AC परिपथ में शक्ति (Power in AC Circuit)

AC परिपथ में औसत शक्ति:

$$P = V_{rms} I_{rms} \cos\phi$$

यहाँ $\cos\phi$ शक्ति गुणांक (Power Factor) है। शक्ति गुणांक:

$$\cos\phi = \frac{R}{Z}$$

शुद्ध प्रेरक या धारिता परिपथ में शक्ति गुणांक शून्य होता है, जबकि शुद्ध प्रतिरोधक परिपथ में 1 होता है।

शक्ति की तीन श्रेणियाँ:

  1. वास्तविक (Active) शक्ति: $P = V_{rms}I_{rms}\cos\phi$ — वास्तव में व्यय होने वाली शक्ति।
  2. प्रतिघाती (Reactive) शक्ति: $Q = V_{rms}I_{rms}\sin\phi$ — ऊर्जा संग्रहण में भाग लेती है।
  3. आभासी (Apparent) शक्ति: $S = V_{rms}I_{rms}$ — दोनों का सदिश योग।

शक्ति गुणांक कम होने पर संचरण ह्रास बढ़ता है। शक्ति गुणांक सुधारने के लिए समांतर में संधारित्र जोड़ा जाता है।

8. ट्रांसफार्मर (Transformer)

ट्रांसफार्मर अन्योन्य प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करता है। यह प्रत्यावर्ती वोल्टता को बढ़ाने (स्टेप-अप) या घटाने (स्टेप-डाउन) के लिए उपयोग होता है। इसकी प्राथमिक और द्वितीयक कुंडलियाँ एक लौह कोर पर लिपटी होती हैं।

वोल्टता अनुपात:

$$\frac{V_s}{V_p} = \frac{N_s}{N_p} = \frac{I_p}{I_s}$$

यहाँ $N_p$ और $N_s$ प्राथमिक व द्वितीयक फेरों की संख्या हैं। आदर्श ट्रांसफार्मर में $V_p I_p = V_s I_s$।

ट्रांसफार्मर में ह्रास (Losses):

  1. ताम्र ह्रास (Copper Loss): कुंडलियों के प्रतिरोध में जूल तापन।
  2. भंवर धारा ह्रास (Eddy Current Loss): कोर में भंवर धाराओं के कारण।
  3. शैथिल्य ह्रास (Hysteresis Loss): कोर के चुंबकन-विचुंबकन में।
  4. फ्लक्स क्षरण (Flux Leakage): कोर से बाहर फ्लक्स का निकलना।

भंवर धारा ह्रास कम करने के लिए कोर को पटलित (Laminated) किया जाता है। ट्रांसफार्मर केवल प्रत्यावर्ती धारा पर कार्य करता है, DC पर नहीं, क्योंकि DC में फ्लक्स स्थिर रहता है और कोई प्रेरण नहीं होता।

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: AC परिपथ के तत्व

तत्व प्रतिघात/प्रतिबाधा फेज संबंध
प्रतिरोधक R $Z = R$ कला में (0°)
प्रेरक L $X_L = \omega L$ धारा पीछे (90°)
संधारित्र C $X_C = 1/\omega C$ धारा आगे (90°)
श्रेणी LCR $Z = \sqrt{R^2 + (X_L-X_C)^2}$ $\tan\phi = (X_L-X_C)/R$

तालिका 2: महत्वपूर्ण सूत्र

राशि सूत्र
RMS मान $I_{rms} = I_0/\sqrt{2}$
अनुनादी आवृत्ति $f_0 = 1/2\pi\sqrt{LC}$
शक्ति $P = V_{rms}I_{rms}\cos\phi$
गुणता-कारक $Q = \omega_0 L/R$
ट्रांसफार्मर $V_s/V_p = N_s/N_p$

माइंड मैप

graph TD A["प्रत्यावर्ती धारा"] --> B["AC मूल अवधारणा"] B --> B1["I = I₀ sinωt"] B --> B2["Irms = I₀/√2"] A --> C["शुद्ध तत्व"] C --> C1["R: कला में"] C --> C2["L: XL = ωL, धारा पीछे"] C --> C3["C: XC = 1/ωC, धारा आगे"] A --> D["श्रेणी LCR"] D --> D1["Z = √(R²+(XL-XC)²)"] D --> D2["अनुनाद f₀ = 1/2π√LC"] D --> D3["Q = ω₀L/R"] A --> E["शक्ति"] E --> E1["P = VrmsIrms cosφ"] E --> E2["शक्ति गुणांक cosφ = R/Z"] A --> F["ट्रांसफार्मर"] F --> F1["Vs/Vp = Ns/Np"] F --> F2["ह्रास"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

आरेख 1: श्रेणी LCR परिपथ

श्रेणी LCR परिपथ R C V = V₀sinωt L Z = √(R² + (XL - XC)²) tanφ = (XL - XC)/R अनुनाद: XL = XC, f₀ = 1/2π√LC स्वर्ण नियम: अनुनाद पर Z = R न्यूनतम, धारा अधिकतम

आरेख 2: शक्ति और फेज कोण

AC परिपथ में शक्ति I V V = V₀sinωt I = I₀sin(ωt - φ) P = Vrms × Irms × cosφ cosφ = R/Z (शक्ति गुणांक) φ = 90° पर शक्ति शून्य (शुद्ध L या C) φ = 0° पर शक्ति अधिकतम (शुद्ध R) Golden Rule: P = VrmsIrmscosφ, शक्ति गुणांक cosφ = R/Z शुद्ध L या C परिपथ में औसत शक्ति शून्य

सामान्य गलतियाँ

  1. RMS और शिखर मानों में भ्रम; $I_{rms} = I_0/\sqrt{2}$ होता है, व्यवहारिक मापन हमेशा RMS में होता है।
  2. प्रेरक में धारा के पीछे रहने और संधारित्र में आगे रहने की दिशा को उलट देना।
  3. $X_L$ और $X_C$ को ओम की इकाई में न मानना; ये भी प्रतिघात हैं जिनकी इकाई ओम है।
  4. शक्ति की गणना में RMS मानों के स्थान पर शिखर मानों का उपयोग करना।
  5. ट्रांसफार्मर में $V_s/V_p = N_s/N_p$ को $I_s/I_p$ के साथ गलत तरीके से जोड़ना; आदर्श ट्रांसफार्मर में $V_pI_p = V_sI_s$।
  6. ट्रांसफार्मर DC पर कार्य नहीं करता, यह भूल जाना।
  7. शुद्ध प्रेरक/धारिता परिपथ में औसत शक्ति को गैर-शून्य मानना।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. RMS मान से संबंधित प्रश्न अक्सर आते हैं; $V_{rms} = V_0/\sqrt{2}$ का उपयोग सुनिश्चित करें।
  2. श्रेणी LCR परिपथ के प्रतिबाधा सूत्र और फेज कोण का संख्यात्मक अभ्यास करें।
  3. अनुनादी आवृत्ति $f_0 = 1/2\pi\sqrt{LC}$ का सूत्र रटें; अनुनाद पर धारा अधिकतम होती है।
  4. शक्ति गुणांक की परिभाषा तथा शुद्ध R, L, C परिपथों में शक्ति गुणांक के मान (1, 0, 0) याद रखें।
  5. ट्रांसफार्मर के सिद्धांत, वोल्टता अनुपात तथा चार प्रकार के ह्रास का वर्णन आरेख सहित लिखना सीखें।
  6. गुणता-कारक $Q = \omega_0L/R$ का अर्थ समझें — यह अनुनाद की तीक्ष्णता को दर्शाता है।
  7. घरेलू आपूर्ति 220 V RMS है, शिखर मान लगभग 311 V है — ऐसे तथ्यात्मक कथन याद रखें।

निष्कर्ष

प्रत्यावर्ती धारा अध्याय व्यावहारिक विद्युत अभियांत्रिकी की नींव है। RMS मान, प्रतिघात, प्रतिबाधा, अनुनाद और शक्ति की संकल्पनाएँ AC परिपथों के विश्लेषण के लिए आवश्यक हैं। ट्रांसफार्मर विद्युत संचरण का हृदय है, जिसके कारण दूर-दूर तक विद्युत का कुशलतापूर्वक संचरण संभव होता है। AC और DC के मध्य अंतर को समझना आधुनिक विद्युत प्रणाली को समझने के लिए आवश्यक है। इस अध्याय की संकल्पनाएँ इलेक्ट्रॉनिकी, संचार तथा विद्युत प्रणालियों के आगे के अध्ययन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। सूत्रों और ग्राफों के नियमित अभ्यास से इस अध्याय में उच्च अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।