पिछले अध्याय में हमने भिन्नों के बारे में सीखा। अब हम भिन्नों का ही एक विशेष रूप - दशमलव (Decimals) - के बारे में जानेंगे। जब किसी वस्तु को दस बराबर भागों में बाँटा जाता है, तो उसके एक भाग को हम 1/10 के रूप में लिखते हैं, जिसे दशमलव रूप में 0.1 लिखते हैं। दशमलव संख्याओं में एक बिंदु (.) होता है जिसे दशमलव बिंदु कहते हैं। दशमलव बिंदु के बाईं ओर की संख्याएँ पूर्ण भाग को दर्शाती हैं और दाईं ओर की संख्याएँ भिन्नात्मक भाग को दर्शाती हैं। जैसे 3.25 में 3 पूर्ण भाग है और .25 भिन्नात्मक भाग।
दशमलव का उपयोग दैनिक जीवन में बहुत अधिक होता है। दुकानदार से सामान खरीदने पर मूल्य 25.50 रुपये, दूध 1.5 लीटर, कपड़े की लंबाई 2.75 मीटर, किसी वस्तु का भार 3.25 किलोग्राम - इन सभी में दशमलव संख्याओं का प्रयोग होता है। इस अध्याय में हम दशमलव संख्याओं को पढ़ना, उनकी तुलना करना तथा उन पर जोड़, घटाव, गुणा और भाग की संक्रियाएँ करना सीखेंगे।
हर संख्या जिसे हम दशमलव रूप में लिखते हैं, उसे भिन्न के रूप में भी लिख सकते हैं। दशमलव का एक अंक (दशमलव बिंदु के बाद) दसवाँ भाग, दो अंक सौवाँ भाग और तीन अंक हज़ारवाँ भाग दर्शाते हैं। उदाहरण के लिए, 0.5 = 5/10, 0.25 = 25/100, 0.125 = 125/1000। इसी प्रकार भिन्नों को दशमलव में बदला जा सकता है। यदि भिन्न का हर 10, 100, 1000 हो, तो उसे सीधे दशमलव में बदला जा सकता है। जैसे 7/10 = 0.7, 35/100 = 0.35। यदि हर 10, 100, 1000 न हो, तो तुल्य भिन्न बनाकर हर को 10, 100, 1000 में बदलते हैं।
दशमलव का प्रयोग माप में बहुत होता है। 10 मिलीमीटर = 1 सेंटीमीटर, अतः 1 मिलीमीटर = 0.1 सेंटीमीटर। 100 सेंटीमीटर = 1 मीटर, अतः 1 सेंटीमीटर = 0.01 मीटर। 1000 ग्राम = 1 किलोग्राम, अतः 1 ग्राम = 0.001 किलोग्राम। इसी प्रकार 100 पैसे = 1 रुपया, अतः 1 पैसा = 0.01 रुपया। इन संबंधों को याद रखने से माप संबंधी प्रश्न आसानी से हल होते हैं।
दशमलव संख्या 3.25 में दशमलव बिंदु के तुरंत बाद वाला अंक दहाई... नहीं, दसवें स्थान का अंक होता है। उसके बाद वाला अंक सौवें स्थान का और उसके बाद हज़ारवें स्थान का होता है। अर्थात 3.25 में अंक 2 दसवें स्थान पर और अंक 5 सौवें स्थान पर है। इसलिए 3.25 = 3 + 2/10 + 5/100। दशमलव का स्थानीय मान समझना तुलना, जोड़ और घटाव के लिए अत्यंत आवश्यक है। दशमलव के दाईं ओर हर स्थान का मान पिछले स्थान के मान का दसवाँ भाग होता है।
दशमलव संख्याओं की तुलना करते समय पहले उनके पूर्ण भाग (दशमलव बिंदु के बाईं ओर) की तुलना करते हैं। जिसका पूर्ण भाग बड़ा होता है, वह संख्या बड़ी होती है। यदि पूर्ण भाग समान हो, तो दसवें स्थान के अंकों की तुलना करते हैं। यदि वे भी समान हों, तो सौवें स्थान के अंकों की तुलना करते हैं और ऐसे ही आगे बढ़ते हैं। उदाहरण के लिए, 3.5 और 2.9 में 3.5 बड़ी है (क्योंकि 3 > 2)। 3.25 और 3.19 में 3.25 बड़ी है (क्योंकि दसवाँ अंक 2 > 1)।
तुलना करते समय ध्यान रखें कि 3.5 और 3.50 बराबर होती हैं, क्योंकि 3.5 = 3.50 = 3 + 5/10। दशमलव के अंत में शून्य जोड़ने या हटाने से मान नहीं बदलता। जैसे 0.5 = 0.50 = 0.500।
दशमलव संख्याओं को जोड़ने या घटाने के लिए उन्हें इस प्रकार लिखा जाता है कि दशमलव बिंदु एक सीध में आएँ। यदि आवश्यक हो, तो दशमलव के अंत में शून्य जोड़कर अंकों की संख्या बराबर करते हैं। फिर साधारण संख्याओं की तरह जोड़ते या घटाते हैं और उत्तर में दशमलव बिंदु उसी स्थान पर लगाते हैं। उदाहरण के लिए, 2.5 + 3.75 के लिए 2.50 + 3.75 = 6.25। इसी प्रकार 5.5 - 2.25 के लिए 5.50 - 2.25 = 3.25। जोड़ और घटाव में दशमलव बिंदुओं का सीध में होना सबसे महत्वपूर्ण नियम है।
किसी दशमलव संख्या को 10 से गुणा करने पर दशमलव बिंदु एक स्थान दाईं ओर खिसक जाता है। 100 से गुणा करने पर दो स्थान और 1000 से गुणा करने पर तीन स्थान दाईं ओर खिसकता है। जैसे 2.5 x 10 = 25, 2.5 x 100 = 250, 2.5 x 1000 = 2500।
किसी दशमलव संख्या को 10 से भाग देने पर दशमलव बिंदु एक स्थान बाईं ओर खिसकता है। 100 से भाग देने पर दो स्थान और 1000 से भाग देने पर तीन स्थान बाईं ओर खिसकता है। जैसे 25.5 ÷ 10 = 2.55, 25.5 ÷ 100 = 0.255, 25.5 ÷ 1000 = 0.0255।
दशमलव संख्या का दशमलव संख्या से गुणा करने के लिए पहले दशमलव बिंदु हटाकर साधारण गुणा करते हैं, फिर दोनों गुणकों में दशमलव के बाद के कुल अंकों की संख्या गिनकर गुणनफल में उतने ही स्थान दशमलव लगाते हैं। भाग में दशमलव को हटाकर भिन्नों के नियमों से भाग करते हैं।
दशमलव का उपयोग धन-मुद्रा, लंबाई, भार, क्षमता और तापमान की माप में होता है। 5.50 रुपये, 12.75 मीटर, 2.5 किलोग्राम, 1.5 लीटर जैसे मान दैनिक जीवन में सामान्य हैं। इन उपयोगों को समझने से छात्र वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल कर पाते हैं। जैसे यदि एक किलो सेब 80.50 रुपये का है, तो 2 किलो सेब 2 x 80.50 = 161.00 रुपये के होंगे।
| माप | संबंध | दशमलव रूप |
|---|---|---|
| लंबाई | 1 मिलीमीटर = 0.1 सेंटीमीटर | 1 मिमी = 0.1 सेमी |
| लंबाई | 1 सेंटीमीटर = 0.01 मीटर | 1 सेमी = 0.01 मीटर |
| भार | 1 ग्राम = 0.001 किलोग्राम | 1 ग्राम = 0.001 किग्रा |
| मुद्रा | 1 पैसा = 0.01 रुपया | 1 पैसा = 0.01 रुपया |
| दूरी | 1 मीटर = 0.001 किलोमीटर | 1 मीटर = 0.001 किमी |
| संक्रिया | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| x 10 | बिंदु 1 स्थान दाईं ओर | 2.5 x 10 = 25 |
| x 100 | बिंदु 2 स्थान दाईं ओर | 2.5 x 100 = 250 |
| x 1000 | बिंदु 3 स्थान दाईं ओर | 2.5 x 1000 = 2500 |
| ÷ 10 | बिंदु 1 स्थान बाईं ओर | 25.5 ÷ 10 = 2.55 |
| ÷ 100 | बिंदु 2 स्थान बाईं ओर | 25.5 ÷ 100 = 0.255 |
| ÷ 1000 | बिंदु 3 स्थान बाईं ओर | 25.5 ÷ 1000 = 0.0255 |
| भिन्न | दशमलव |
|---|---|
| 1/10 | 0.1 |
| 3/10 | 0.3 |
| 25/100 | 0.25 |
| 125/1000 | 0.125 |
| 7/10 | 0.7 |
इस अध्याय में हमने दशमलव संख्याओं की अवधारणा को विस्तार से समझा। दशमलव और भिन्न का संबंध, स्थानीय मान, तुलना, जोड़-घटाव तथा 10, 100, 1000 से गुणा-भाग की विधियाँ सीखीं। दशमलव का दैनिक जीवन में मुद्रा, लंबाई, भार और क्षमता की माप में अत्यधिक उपयोग है। दशमलव बिंदु की सही स्थिति और इकाई रूपांतरण की दक्षता गणित में सटीकता लाती है। दशमलवों की यह समझ आगे की कक्षाओं में दशमलवों के गुणन-भाग, प्रतिशत और अनुपात के अध्ययन का आधार है। नियमित अभ्यास से दशमलव संक्रियाओं में गलतियाँ कम होंगी और गति बढ़ेगी।