दैनिक जीवन में हमें अक्सर पूरी वस्तुओं के अलावा वस्तुओं के भागों की आवश्यकता पड़ती है। जैसे एक रोटी को दो बराबर भागों में बाँटना, एक केक को चार बराबर टुकड़ों में काटना, आधा लीटर दूध, चौथाई किलो चीनी आदि। ऐसी परिस्थितियों में हम पूरी संख्याओं से काम नहीं चला सकते, बल्कि भिन्नों (Fractions) की आवश्यकता होती है। एक भिन्न किसी पूर्ण के एक या अधिक बराबर भागों को दर्शाती है। उदाहरण के लिए, आधा = 1/2, चौथाई = 1/4, तीन चौथाई = 3/4 आदि।
भिन्न में दो भाग होते हैं - ऊपर वाली संख्या अंश (Numerator) और नीचे वाली संख्या हर (Denominator)। अंश और हर को एक क्षैतिज रेखा द्वारा अलग किया जाता है। जैसे भिन्न 3/4 में 3 अंश है और 4 हर है। हर बताता है कि पूर्ण को कितने बराबर भागों में बाँटा गया है, और अंश बताता है कि उनमें से कितने भाग लिए गए हैं। भिन्नों को समझना भाग और गुणा की अवधारणाओं से जुड़ा है। इस अध्याय में हम भिन्नों के प्रकार, तुलना और उन पर संक्रियाएँ सीखेंगे।
जिस भिन्न में अंश, हर से छोटा होता है, उसे उचित भिन्न कहते हैं। जैसे 1/2, 3/4, 5/8। उचित भिन्न का मान हमेशा 1 से कम होता है।
जिस भिन्न में अंश, हर से बड़ा या बराबर होता है, उसे अनुचित भिन्न कहते हैं। जैसे 7/4, 9/5, 6/6। अनुचित भिन्न का मान 1 से बड़ा या बराबर होता है।
वह भिन्न जो एक पूर्ण संख्या और एक उचित भिन्न को मिलाकर बनती है, मिश्रित भिन्न कहलाती है। जैसे 1 3/4, 2 1/2। मिश्रित भिन्न का अर्थ है 1 + 3/4 अर्थात 1 और तीन चौथाई।
अनुचित भिन्न को मिश्रित भिन्न में बदलने के लिए अंश को हर से भाग देते हैं। भागफल पूर्णांक, शेषफल नया अंश और भाजक ही हर रहता है। जैसे 7/4 को भाग देने पर भागफल 1, शेष 3, अतः मिश्रित भिन्न = 1 3/4।
मिश्रित भिन्न को अनुचित भिन्न में बदलने के लिए पूर्णांक को हर से गुणा करके अंश में जोड़ते हैं, जो नया अंश बनता है। हर वही रहता है। जैसे 2 1/2 = (2 x 2 + 1)/2 = 5/2।
वे भिन्नें जिनका मान समान होता है, परंतु जिनके अंश और हर भिन्न होते हैं, तुल्य भिन्नें कहलाती हैं। जैसे 1/2, 2/4, 3/6, 4/8 सभी तुल्य भिन्नें हैं। तुल्य भिन्नें प्राप्त करने के लिए हम किसी भिन्न के अंश और हर दोनों को एक ही संख्या से गुणा करते हैं। जैसे 1/2 x 2/2 = 2/4। इसी प्रकार किसी भिन्न के अंश और हर दोनों को एक ही संख्या से भाग देने पर भी तुल्य भिन्न प्राप्त होती है।
किसी भिन्न को सबसे सरल रूप में लाने के लिए अंश और हर को उनके महत्तम समापवर्तक (HCF) से भाग देते हैं। जैसे 8/12 में HCF 4 है, अतः 8 ÷ 4 / 12 ÷ 4 = 2/3। जब अंश और हर का कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं रहता, तो वह भिन्न अपने सरलतम रूप में होती है। सरलतम रूप में हर के अलावा 1 से कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं होता।
जब दो भिन्नों के हर समान होते हैं, तो अंश जिसका बड़ा होता है, वह भिन्न बड़ी होती है। जैसे 3/7 और 5/7 में 5/7 बड़ी है।
जब दो भिन्नों के अंश समान होते हैं, तो हर जिसका छोटा होता है, वह भिन्न बड़ी होती है। जैसे 3/4 और 3/8 में 3/4 बड़ी है, क्योंकि चार भागों में से तीन, आठ भागों में से तीन से बड़े होते हैं।
जब दोनों अंश और हर अलग-अलग हों, तो हम भिन्नों को तुल्य भिन्नों में बदलकर समान हर बनाते हैं। इसके लिए दोनों हरों का LCM निकालते हैं और दोनों भिन्नों को उस LCM पर आधारित तुल्य भिन्नों में बदलते हैं। फिर अंशों की तुलना करते हैं। जैसे 2/3 और 3/4 की तुलना: LCM = 12, अतः 2/3 = 8/12 और 3/4 = 9/12। चूँकि 9 > 8, अतः 3/4 > 2/3।
समान हर वाली भिन्नों को जोड़ने के लिए अंशों को जोड़ते हैं और हर को वही रखते हैं। जैसे 2/5 + 1/5 = 3/5। घटाने के लिए अंशों को घटाते हैं: 4/5 - 1/5 = 3/5।
भिन्न-भिन्न हर वाली भिन्नों को जोड़ने या घटाने के लिए पहले उन्हें समान हर वाली तुल्य भिन्नों में बदलते हैं। इसके लिए हरों का LCM निकालते हैं। फिर अंशों को जोड़ते या घटाते हैं। जैसे 1/2 + 1/3 के लिए LCM = 6, अतः 3/6 + 2/6 = 5/6।
मिश्रित भिन्नों को जोड़ने के लिए पहले उन्हें अनुचित भिन्नों में बदलते हैं, फिर समान हर बनाकर जोड़ते हैं। जैसे 1 1/2 + 1 1/3 = 3/2 + 4/3 = 9/6 + 8/6 = 17/6 = 2 5/6। उत्तर को सरलतम रूप में और यदि अनुचित हो तो मिश्रित रूप में लिखते हैं।
भिन्नों को भी संख्या रेखा पर दर्शाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, 1/2 दर्शाने के लिए 0 और 1 के बीच की दूरी को दो बराबर भागों में बाँटते हैं और पहले भाग का अंतिम बिंदु 1/2 होता है। इसी प्रकार 0 और 1 के बीच के चार भागों में से तीसरा बिंदु 3/4 होगा। अनुचित भिन्नों को मिश्रित रूप में बदलकर संख्या रेखा पर दर्शाया जाता है। जैसे 7/4 = 1 3/4, जो 1 और 2 के बीच स्थित है। भिन्नों की तुलना में संख्या रेखा सहायक होती है, क्योंकि दाईं ओर की भिन्न बड़ी होती है।
| प्रकार | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| उचित भिन्न | अंश < हर, मान < 1 | 3/4, 5/8 |
| अनुचित भिन्न | अंश >= हर, मान >= 1 | 7/4, 6/6 |
| मिश्रित भिन्न | पूर्ण संख्या + उचित भिन्न | 1 3/4, 2 1/2 |
| तुल्य भिन्न | समान मान वाली भिन्नें | 1/2, 2/4, 3/6 |
| रूपांतरण | विधि | उदाहरण |
|---|---|---|
| अनुचित से मिश्रित | अंश ÷ हर | 7/4 = 1 3/4 |
| मिश्रित से अनुचित | (पूर्ण x हर + अंश)/हर | 2 1/2 = 5/2 |
| तुल्य भिन्न | अंश व हर को समान संख्या से गुणा/भाग | 1/2 = 2/4 |
| सरलतम रूप | HCF से अंश व हर का भाग | 8/12 = 2/3 |
| संक्रिया | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| जोड़ (समान हर) | अंश जोड़ें, हर वही | 2/5 + 1/5 = 3/5 |
| जोड़ (भिन्न हर) | LCM से समान हर बनाएँ | 1/2 + 1/3 = 5/6 |
| घटाव | अंश घटाएँ, हर वही | 4/5 - 1/5 = 3/5 |
| मिश्रित संक्रिया | पहले अनुचित में बदलें | 1 1/2 + 1 1/3 = 2 5/6 |
इस अध्याय में हमने भिन्नों की संपूर्ण अवधारणा को समझा। उचित, अनुचित और मिश्रित भिन्नों का वर्गीकरण, तुल्य भिन्नें और सरलतम रूप की अवधारणा, भिन्नों की तुलना तथा जोड़-घटाव की विधियाँ सीखीं। भिन्नों का चित्रीय निरूपण और संख्या रेखा पर प्रदर्शन से अवधारणा और स्पष्ट हुई। दैनिक जीवन में भिन्नों का उपयोग अत्यधिक है - खाना बाँटने से लेकर माप-तौल तक। भिन्नों की यह समझ आगे की कक्षाओं में दशमलव भिन्नों, भिन्नों के गुणन-भाग और अनुपात को सीखने का आधार है। भिन्नों का नियमित अभ्यास गणित में दक्षता विकसित करने की कुंजी है।