दैनिक जीवन में हमें अक्सर लंबाई, परिमाप और क्षेत्रफल की आवश्यकता पड़ती है। खेत की बाड़ लगाने के लिए कितना तार चाहिए, कमरे के फर्श पर टाइलें लगाने के लिए कितनी टाइलें चाहिए, किसी बगीचे के चारों ओर कितनी दूरी तय करनी होगी - इन सभी प्रश्नों का उत्तर ज्यामितीय आकृतियों की माप से मिलता है। ज्यामितीय आकृतियों की माप, विशेषकर परिमाप और क्षेत्रफल, का अध्ययन क्षेत्रमिति (Mensuration) कहलाता है। यह गणित की वह शाखा है जो लंबाई, क्षेत्रफल और आयतन की माप से संबंधित है।
इस अध्याय में हम मुख्यतः आयत और वर्ग का परिमाप तथा क्षेत्रफल ज्ञात करना सीखेंगे। परिमाप किसी बंद आकृति की बाहरी सीमा की कुल लंबाई होती है, जबकि क्षेत्रफल उस सतह की माप होती है जो आकृति के भीतर घिरी होती है। परिमाप की इकाई लंबाई की इकाई (मीटर, सेंटीमीटर) होती है, जबकि क्षेत्रफल की इकाई वर्ग इकाई (वर्ग मीटर, वर्ग सेंटीमीटर) होती है। इन अवधारणाओं को समझना दैनिक जीवन की अनेक समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक है।
किसी बंद आकृति की सीमा की कुल लंबाई को उसका परिमाप कहते हैं। परिमाप ज्ञात करने के लिए आकृति की सभी भुजाओं की लंबाइयों को जोड़ा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी त्रिभुज की भुजाएँ 3, 4 और 5 सेंटीमीटर हैं, तो उसका परिमाप = 3 + 4 + 5 = 12 सेंटीमीटर। किसी बहुभुज का परिमाप निकालने के लिए उसकी सभी भुजाओं की लंबाइयाँ जोड़ी जाती हैं। परिमाप की इकाई लंबाई की इकाई ही होती है, जैसे सेंटीमीटर, मीटर, किलोमीटर।
आयत की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं। यदि आयत की लंबाई l और चौड़ाई b हो, तो: परिमाप = l + b + l + b = 2 x (l + b) अर्थात, आयत का परिमाप = 2 x (लंबाई + चौड़ाई)। उदाहरण के लिए, यदि किसी आयत की लंबाई 8 सेंटीमीटर और चौड़ाई 5 सेंटीमीटर है, तो परिमाप = 2 x (8 + 5) = 2 x 13 = 26 सेंटीमीटर।
वर्ग की चारों भुजाएँ बराबर होती हैं। यदि वर्ग की एक भुजा a हो, तो: परिमाप = a + a + a + a = 4 x a अर्थात, वर्ग का परिमाप = 4 x भुजा। उदाहरण के लिए, यदि वर्ग की भुजा 6 सेंटीमीटर है, तो परिमाप = 4 x 6 = 24 सेंटीमीटर।
किसी बंद आकृति के भीतर घिरी सतह की माप को उस आकृति का क्षेत्रफल कहते हैं। क्षेत्रफल की इकाई वर्ग इकाई होती है। किसी क्षेत्रफल को मापने के लिए हम उसे वर्गों में बाँटते हैं। जिस आकृति में जितने वर्ग समाहित होते हैं, उसका क्षेत्रफल उतने वर्ग इकाई होता है। उदाहरण के लिए, यदि एक आयत में 15 वर्ग समाहित होते हैं, तो उसका क्षेत्रफल 15 वर्ग इकाई होगा। छोटे क्षेत्रफल के लिए वर्ग सेंटीमीटर (सेमी²) और बड़े क्षेत्रफल के लिए वर्ग मीटर (मी²) की इकाइयों का प्रयोग होता है।
यदि आयत की लंबाई l और चौड़ाई b हो, तो: आयत का क्षेत्रफल = लंबाई x चौड़ाई = l x b। उदाहरण के लिए, यदि आयत की लंबाई 8 सेंटीमीटर और चौड़ाई 5 सेंटीमीटर है, तो क्षेत्रफल = 8 x 5 = 40 वर्ग सेंटीमीटर।
यदि वर्ग की भुजा a हो, तो: वर्ग का क्षेत्रफल = भुजा x भुजा = a x a = a²। उदाहरण के लिए, यदि वर्ग की भुजा 6 सेंटीमीटर है, तो क्षेत्रफल = 6 x 6 = 36 वर्ग सेंटीमीटर।
क्षेत्रफल की इकाई वर्ग इकाई होती है। 1 सेंटीमीटर भुजा वाले वर्ग का क्षेत्रफल 1 वर्ग सेंटीमीटर होता है, जिसे लिखते हैं 1 सेमी²। इसी प्रकार 1 मीटर भुजा वाले वर्ग का क्षेत्रफल 1 वर्ग मीटर = 1 मी² होता है। बड़े क्षेत्रफल, जैसे खेत या जिले का क्षेत्रफल, नापने के लिए हेक्टेयर और वर्ग किलोमीटर की इकाइयों का उपयोग होता है। 1 हेक्टेयर = 10000 वर्ग मीटर। इकाइयों का सही चुनाव माप को सटीक बनाता है।
1 मीटर = 100 सेंटीमीटर। इसलिए 1 वर्ग मीटर = 1 मीटर x 1 मीटर = 100 सेमी x 100 सेमी = 10000 वर्ग सेंटीमीटर। इसी प्रकार बड़ी इकाई से छोटी इकाई में जाते समय गुणा करते हैं और छोटी से बड़ी इकाई में जाते समय भाग करते हैं। क्षेत्रफल की इकाइयों के रूपांतरण में सावधानी आवश्यक है, क्योंकि यहाँ रूपांतरण गुणक लंबाई के गुणक का वर्ग होता है।
इस अध्याय में हम त्रिभुज और अन्य बंद आकृतियों का क्षेत्रफल गिनने की विधि सीखते हैं। किसी भी आकृति का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए उसे वर्गों में बाँटा जा सकता है। जिस आकृति में आधे से अधिक भाग वर्ग में घिरा हो, उसे पूरा वर्ग गिना जाता है, और आधे से कम भाग वाले वर्ग को छोड़ दिया जाता है। इस विधि से अनियमित आकृतियों का अनुमानित क्षेत्रफल ज्ञात किया जाता है। त्रिभुज का सटीक क्षेत्रफल = 1/2 x आधार x ऊँचाई होता है, परंतु यह सूत्र आगे की कक्षाओं में विस्तार से पढ़ा जाएगा।
परिमाप और क्षेत्रफल दोनों एक आकृति की माप हैं, परंतु इनमें अंतर है। परिमाप आकृति की सीमा (बाहरी रेखा) की कुल लंबाई है, जबकि क्षेत्रफल आकृति के भीतर की सतह की माप है। परिमाप की इकाई लंबाई की इकाई (सेमी, मीटर) है, जबकि क्षेत्रफल की इकाई वर्ग इकाई (सेमी², मी²) है। उदाहरण के लिए, किसी आयत का परिमाप यह बताता है कि उसके चारों ओर कितना तार लगेगा, जबकि क्षेत्रफल यह बताता है कि उसके भीतर कितनी टाइलें लगेंगी। दो आकृतियों का परिमाप समान हो सकता है, परंतु उनके क्षेत्रफल अलग-अलग हो सकते हैं।
क्षेत्रमिति का दैनिक जीवन में व्यापक उपयोग है। खेत के चारों ओर बाड़ लगाने के लिए तार की लंबाई (परिमाप), कमरे के फर्श या दीवार पर पेंट करने के लिए पेंट की मात्रा (क्षेत्रफल), बगीचे में घास लगाने के लिए घास की आवश्यकता (क्षेत्रफल), किसी मेज पर कपड़ा बिछाने के लिए कपड़े की मात्रा आदि सभी गणनाएँ क्षेत्रमिति पर आधारित हैं। इन समस्याओं को हल करने के लिए परिमाप और क्षेत्रफल के सूत्रों का उचित प्रयोग करना सीखना आवश्यक है।
| आकृति | परिमाप | क्षेत्रफल |
|---|---|---|
| आयत (लंबाई l, चौड़ाई b) | 2 x (l + b) | l x b |
| वर्ग (भुजा a) | 4 x a | a x a = a² |
| त्रिभुज (भुजाएँ a, b, c) | a + b + c | 1/2 x आधार x ऊँचाई |
| इकाई | संबंध |
|---|---|
| 1 वर्ग सेंटीमीटर | 1 सेमी भुजा वाले वर्ग का क्षेत्रफल |
| 1 वर्ग मीटर | 1 मीटर भुजा वाले वर्ग का क्षेत्रफल |
| 1 वर्ग मीटर | 10000 वर्ग सेंटीमीटर |
| 1 हेक्टेयर | 10000 वर्ग मीटर |
| 1 वर्ग किलोमीटर | 1000000 वर्ग मीटर |
| आकृति | माप | परिमाप | क्षेत्रफल |
|---|---|---|---|
| आयत | l = 8 सेमी, b = 5 सेमी | 2 x 13 = 26 सेमी | 8 x 5 = 40 सेमी² |
| वर्ग | a = 6 सेमी | 4 x 6 = 24 सेमी | 6 x 6 = 36 सेमी² |
| त्रिभुज | 3, 4, 5 सेमी | 3 + 4 + 5 = 12 सेमी | - |
इस अध्याय में हमने क्षेत्रमिति की मूल अवधारणाओं - परिमाप और क्षेत्रफल - को समझा। आयत और वर्ग के परिमाप तथा क्षेत्रफल के सूत्र, इकाइयों का रूपांतरण और वास्तविक जीवन में इनके उपयोग सीखे। परिमाप आकृति की सीमा की लंबाई है जबकि क्षेत्रफल भीतरी सतह की माप। यह अंतर दैनिक समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण है। क्षेत्रमिति का ज्ञान खेती, निर्माण, सिलाई और बहुत से व्यवसायों में उपयोगी है। ये अवधारणाएँ आगे की कक्षाओं में बेलन, घनाभ आदि ठोस आकृतियों के पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन का आधार बनती हैं। सूत्रों का अभ्यास करने से क्षेत्रमिति की गणनाएँ सरल और तेज हो जाती हैं।