'शब्द परिचयः 2' पाठ कक्षा 6 के संस्कृत पाठ्यक्रम का दूसरा अध्याय है। इसमें हमें फलों (फलानि) तथा रंगों (वर्णाः) के नाम संस्कृत में सिखाए जाते हैं। इस पाठ के माध्यम से हम सीखते हैं कि आम (आम्रफलम्), केला (कदलीफलम्), अनार (दाडिमफलम्), नारियल (नारिकेलफलम्) आदि फलों को संस्कृत में क्या कहते हैं। रंगों में लाल (लोहित/रक्त), पीला (पीत), हरा (हरित), नीला (नील), काला (कृष्ण), सफेद (श्वेत) आदि रंगों के संस्कृत नाम बताए गए हैं। साथ ही सर्वनाम 'इदम्' (यह — नपुंसकलिंग) और 'एतत्' (यह) का प्रयोग फलों के साथ सिखाया गया है, जैसे — इदम् आम्रफलम् अस्ति (यह आम का फल है)। इस पाठ में नपुंसकलिंग शब्द रूपों तथा 'आम्' (हाँ) और 'न' (नहीं) जैसे अव्ययों का भी ज्ञान कराया जाता है। यह पाठ संस्कृत शब्द भंडार को बढ़ाने में अत्यंत सहायक है।
पाठ के मुख्य वाक्यों के हिंदी अर्थ इस प्रकार हैं:
रंगों से संबंधित वाक्य: - इदम् लोहितम् वस्त्रम् अस्ति। — यह लाल वस्त्र है। - इदम् पीतम् पुष्पम् अस्ति। — यह पीला फूल है। - इदम् हरितम् पर्णम् अस्ति। — यह हरा पत्ता है।
इस पाठ का उद्देश्य है कि हम अपने आस-पास की वस्तुओं — विशेषकर फलों और रंगों — को संस्कृत में पहचान सकें और उनसे सरल वाक्य बना सकें। फलों के नामों में अंत में 'फलम्' जुड़ा होता है, जो नपुंसकलिंग को दर्शाता है।
नपुंसकलिंग शब्दों का अंत 'म्' होता है। फल शब्द 'फलम्' है, जिसका रूप इस प्रकार है: - एकवचन: फलम् (फल), फलस्य (फल का), फलेन (फल से) - द्विवचन: फले (दो फल), फलयोः (दो फलों का) - बहुवचन: फलानि (फल), फलानाम् (फलों का)
रंग संस्कृत में विशेषण के रूप में प्रयुक्त होते हैं और संज्ञा के लिंग के अनुसार बदलते हैं: - पुल्लिंग: लोहितः (लाल), पीतः, हरितः, कृष्णः, श्वेतः - स्त्रीलिंग: लोहिता, पीता, हरिता - नपुंसकलिंग: लोहितम्, पीतम्, हरितम्, नीलम्, कृष्णम्, श्वेतम्
आम् (हाँ), न (नहीं) — ये अव्यय हैं जिनका रूप कभी नहीं बदलता।
| संस्कृत | हिंदी | संस्कृत | हिंदी |
|---|---|---|---|
| आम्रफलम् | आम | कदलीफलम् | केला |
| दाडिमफलम् | अनार | नारिकेलफलम् | नारियल |
| जम्बूफलम् | जामुन | नारङ्गफलम् | संतरा |
| लिकुचफलम् | कटहल | पुष्पम् | फूल |
| पर्णम् | पत्ता | वस्त्रम् | वस्त्र |
| लोहितम्/रक्तम् | लाल | पीतम् | पीला |
| हरितम् | हरा | नीलम् | नीला |
| कृष्णम् | काला | श्वेतम् | सफेद |
| आम् | हाँ | न | नहीं |
| सत्यम् | सत्य | वदति | बोलता है |
| संस्कृत | हिंदी | संस्कृत | हिंदी |
|---|---|---|---|
| आम्रफलम् | आम | कदलीफलम् | केला |
| दाडिमफलम् | अनार | नारिकेलफलम् | नारियल |
| जम्बूफलम् | जामुन | नारङ्गफलम् | संतरा |
| लिकुचफलम् | कटहल | पनसफलम् | कटहल |
| संस्कृत | हिंदी | संस्कृत | हिंदी |
|---|---|---|---|
| लोहितम् | लाल | पीतम् | पीला |
| हरितम् | हरा | नीलम् | नीला |
| कृष्णम् | काला | श्वेतम् | सफेद |
| धूसरम् | धूसर | नारङ्गम् | नारंगी |
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | फलम् | फले | फलानि |
| द्वितीया | फलम् | फले | फलानि |
| तृतीया | फलेन | फलाभ्याम् | फलैः |
| षष्ठी | फलस्य | फलयोः | फलानाम् |
'शब्द परिचयः 2' से हमने फलों और रंगों के संस्कृत नाम सीखे, जो दैनिक जीवन में सबसे अधिक उपयोगी हैं। इस पाठ में नपुंसकलिंग शब्द रूप, सर्वनाम इदम्/एतत् तथा अव्यय आम् और न का ज्ञान भी हुआ। फलों के नामों में 'फलम्' प्रत्यय का प्रयोग और रंगों का विशेषण के रूप में लिंग-वचन अनुसार परिवर्तन — दोनों ही बिंदु परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस पाठ से हमारी संस्कृत शब्दावली समृद्ध होती है और सरल वाक्य बनाने की क्षमता बढ़ती है।