हमारे दैनिक जीवन में दूरी और गति की अवधारणा बहुत महत्वपूर्ण है। हम घर से विद्यालय कितनी दूरी पर है, अपने पड़ोसी के घर की दूरी, या बाजार की दूरी पूछते हैं। दूरी मापने के लिए हमें मापन की मानक इकाइयों की आवश्यकता होती है। यदि हर व्यक्ति अपनी-अपनी इकाई उपयोग करे, तो मापन में भ्रम पैदा हो जाएगा। इसलिए दुनिया भर में मापन की एक मानक प्रणाली अपनाई गई है, जिसे SI प्रणाली (अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली) कहते हैं।
प्राचीन काल में लोग दूरी मापने के लिए हाथ, अंगुल, बीता (हथेली), पैर और कदम जैसी इकाइयों का उपयोग करते थे। लेकिन इन इकाइयों की समस्या यह है कि हर व्यक्ति का हाथ, पैर या कदम अलग-अलग आकार का होता है, इसलिए ये माप मानक नहीं हो सकते। इसीलिए वैज्ञानिकों ने मीटर जैसी सार्वभौमिक इकाइयाँ अपनाईं।
इस अध्याय में हम दूरी के मापन की इकाइयों, सही मापन की विधि, गति की अवधारणा और गति के प्रकारों का अध्ययन करेंगे। हम यह भी सीखेंगे कि मापन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
मापन के लिए हमें मानक इकाइयों की आवश्यकता होती है। दूरी मापने की मानक इकाई मीटर (m) है। लंबी दूरियाँ किलोमीटर (km) में मापी जाती हैं, जहाँ 1 किलोमीटर = 1000 मीटर होता है। छोटी दूरियाँ सेंटीमीटर (cm) और मिलीमीटर (mm) में मापी जाती हैं।
1 मीटर = 100 सेंटीमीटर 1 किलोमीटर = 1000 मीटर 1 सेंटीमीटर = 10 मिलीमीटर
दूरी मापने के उपकरण हैं: मीटर स्केल, मापने वाला फीता (मेजरिंग टेप), रोलिंग चेन और पहिया। लंबी दूरियों के लिए ओडोमीटर (वाहनों में दूरी मीटर) का उपयोग होता है। कभी-कभी सीधी रेखा में नहीं बल्कि टेढ़ी-मेढ़ी दूरी मापनी पड़ती है। ऐसे में धागे की सहायता से मापा जाता है: धागे को टेढ़ी रेखा के ऊपर रखकर फिर धागे को स्केल से मापा जाता है।
दूरी मापते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति बदलती है, तो उस वस्तु को गतिशील कहा जाता है। गति का मतलब है समय के साथ स्थिति में परिवर्तन। यदि कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति नहीं बदलती, तो वह विरामावस्था में होती है। गति सापेक्ष होती है, यानी कोई वस्तु एक व्यक्ति के लिए गतिशील और दूसरे के लिए विराम में हो सकती है। उदाहरण के लिए, चलती बस में बैठा यात्री बस के सापेक्ष विराम में है, लेकिन खड़े व्यक्ति के सापेक्ष गतिशील है।
गति के प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं:
सरल रेखीय गति (Rectilinear Motion): जब कोई वस्तु सीधी रेखा में चलती है, तो उसे सरल रेखीय गति कहते हैं। किसी झुकी हुई सतह से गिरती हुई गेंद, सीधी सड़क पर चलती कार और गिरता पत्थर सरल रेखीय गति के उदाहरण हैं।
आवर्ती गति (Periodic Motion): जब कोई वस्तु निश्चित समय अंतराल के बाद अपनी गति को दोहराती है, तो उसे आवर्ती या आवर्तक गति कहते हैं। झूला झूलते बच्चे, पेंडुलम की गति, सीधी सड़क पर पेड़ से लटका फल हिलता हुआ, और घड़ी का पेंडुलम आवर्ती गति के उदाहरण हैं।
वृत्तीय गति (Circular Motion): जब कोई वस्तु किसी निश्चित केंद्र के चारों ओर गोलाकार पथ पर चलती है, तो उसे वृत्तीय गति कहते हैं। मेरी-गो-राउंड पर घूमते बच्चे, चलती पंखे की ब्लेड और पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की गति वृत्तीय गति के उदाहरण हैं।
गति को समझने के लिए हमें गति के साथ समय का भी अध्ययन करना चाहिए। एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचने में लगा समय बताता है कि गति कितनी तेज या धीमी थी। यदि हम दो स्थानों के बीच की दूरी को उसमें लगे समय से भाग देते हैं, तो हमें चाल (Speed) प्राप्त होती है। चाल = दूरी / समय। चाल की इकाई मीटर प्रति सेकंड (m/s) या किलोमीटर प्रति घंटा (km/h) होती है। गति का अध्ययन हमें आगे की कक्षाओं में विस्तार से करना है।
| इकाई | मान |
|---|---|
| 1 किलोमीटर (km) | 1000 मीटर (m) |
| 1 मीटर (m) | 100 सेंटीमीटर (cm) |
| 1 सेंटीमीटर (cm) | 10 मिलीमीटर (mm) |
| 1 मीटर (m) | 1000 मिलीमीटर (mm) |
| गति का प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| सरल रेखीय गति | सीधी रेखा में गति | गिरता पत्थर, सीधी सड़क पर कार |
| आवर्ती गति | निश्चित समय पर दोहराई जाने वाली | झूला, पेंडुलम, घड़ी की सुई |
| वृत्तीय गति | वृत्ताकार पथ पर गति | मेरी-गो-राउंड, पंखे की ब्लेड |
मापन हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा है। दूरी मापने की मानक इकाई मीटर है, जबकि लंबी दूरियाँ किलोमीटर में मापी जाती हैं। सही मापन के लिए स्केल का सही उपयोग, आँख की सही स्थिति और मानक इकाइयों का ज्ञान आवश्यक है। गति समय के साथ स्थिति में परिवर्तन है, जो सरल रेखीय, आवर्ती और वृत्तीय प्रकार की होती है। चाल दूरी और समय के संबंध से ज्ञात होती है। मापन और गति की अवधारणाओं का सही ज्ञान विज्ञान की नींव है और हमें प्रकृति को मापने योग्य और समझने योग्य बनाता है।