वायु हमारे चारों ओर व्याप्त है, भले ही हम उसे नहीं देख सकते। जब हवा चलती है, तो हम उसका अनुभव करते हैं। पेड़ों की पत्तियाँ हिलती हैं, ध्वज लहराता है और कागज उड़ जाता है, ये सब वायु के होने के प्रमाण हैं। वायु हर जगह होती है - खुले स्थान में, घर में, मिट्टी के छिद्रों में और यहाँ तक कि जल में भी घुली होती है।
वायु कोई एकल पदार्थ नहीं है, बल्कि अनेक गैसों का मिश्रण है। इसमें नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, जल वाष्प, धूल के कण और अनेक अन्य गैसें होती हैं। वायु में मौजूद ऑक्सीजन ही हमारे श्वसन के लिए आवश्यक है। पौधे कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं।
इस अध्याय में हम वायु की उपस्थिति, वायु के घटक, वायु के गुण, वायु प्रदूषण और वायु के महत्व के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।
2. वायु की उपस्थिति के प्रमाण
वायु के होने के अनेक प्रमाण हमें अपने दैनिक जीवन में मिलते हैं:
चलती हुई वायु (हवा) पेड़ों की पत्तियाँ और ध्वज को हिलाती है।
उड़ती हुई पतंग और पक्षी वायु में ही उड़ते हैं।
कागज की पट्टी को फूंक मारने पर वह हिलती है, जो वायु की उपस्थिति दर्शाता है।
गुब्बारे को हवा भरकर फुलाया जाता है।
ताली बजाने पर ध्वनि वायु के माध्यम से ही हम तक पहुँचती है।
जल को गर्म करने पर उसमें से छोटे बुलबुले निकलते हैं, जो दर्शाते हैं कि जल में भी वायु घुली हुई है।
खाली गिलास को पानी में उल्टा डुबाने पर उसमें पानी नहीं भरता, क्योंकि गिलास में वायु भरी होती है।
3. वायु के घटक
वायु अनेक गैसों का मिश्रण है। इसके मुख्य घटक निम्नलिखित हैं:
नाइट्रोजन: वायु में सबसे अधिक मात्रा (लगभग 78 प्रतिशत) नाइट्रोजन होती है। यह श्वसन में सीधे भाग नहीं लेती, लेकिन यह जीवन के लिए आवश्यक है।
ऑक्सीजन: वायु में लगभग 21 प्रतिशत ऑक्सीजन होती है। यह श्वसन और दहन (जलने) के लिए सबसे आवश्यक गैस है। बिना ऑक्सीजन के कुछ भी नहीं जल सकता और कोई भी जीव श्वसन नहीं कर सकता।
कार्बन डाइऑक्साइड: यह वायु में बहुत कम मात्रा (लगभग 0.03 प्रतिशत) में पाई जाती है। पौधे प्रकाश संश्लेषण में इसका उपयोग करते हैं। जीव श्वसन में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं।
जल वाष्प: वायु में हमेशा कुछ न कुछ जल वाष्प मौजूद रहता है। जल वाष्प की मात्रा के अनुसार हवा नम या शुष्क होती है।
धूल के कण, धुआँ और अन्य गैसें: वायु में धूल के कण, धुआँ और नियॉन, हीलियम, आर्गन जैसी अन्य गैसें भी होती हैं।
4. वायु का महत्व
वायु सभी सजीवों के लिए आवश्यक है। हमारे श्वसन के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है। बिना वायु के कोई भी जीव जीवित नहीं रह सकता। वायु का अन्य महत्व:
श्वसन: मनुष्य और जंतु वायु से ऑक्सीजन लेते हैं।
दहन: चूल्हे, अग्नि और आग बुझाने के उपकरणों में वायु की आवश्यकता होती है। वायु में मौजूद ऑक्सीजन ही दहन में सहायक है।
प्रकाश संश्लेषण: पौधे प्रकाश संश्लेषण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं।
वायु दाब: वायु हमारे चारों ओर दबाव बनाती है। तूफान के दौरान छतों के उड़ने का कारण वायु दाब में परिवर्तन है।
पवन ऊर्जा: बहती हवा (पवन) से पवन चक्कियाँ चलती हैं, जिनसे बिजली उत्पन्न होती है और अनाज पिसा जाता है।
ध्वनि का संचार: ध्वनि वायु के माध्यम से ही हमारे कानों तक पहुँचती है।
5. वायु दाब (Air Pressure)
वायु हमारे चारों ओर दबाव डालती है, जिसे वायु दाब कहते हैं। वायु दाब हम पर हर दिशा से कार्य करता है। उदाहरण के लिए, गिलास में भरा जल गिलास को उल्टा करने पर तुरंत नहीं गिरता, क्योंकि वायु दाब उसे रोकता है। कागज के टुकड़े को रबर से ढके काँच के जार में रखकर नीचे दबाने पर हम कागज को जल में नहीं भिगो पाते, क्योंकि अंदर वायु दबाव बनाती है। तेज़ हवा (तूफान) के कारण कम वायु दाब बनता है और छतें उड़ सकती हैं।
6. वायु प्रदूषण (Air Pollution)
जब वायु में हानिकारक गैसें और कण मिल जाते हैं, तो वायु प्रदूषित हो जाती है। वायु प्रदूषण के मुख्य कारण:
वाहनों से निकलने वाला धुआँ।
कारखानों और उद्योगों से निकला धुआँ।
कूड़ा जलाने से उत्पन्न धुआँ।
धूल के कण और राख।
कीटनाशकों और रासायनिक पदार्थों का छिड़काव।
वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यह श्वसन रोगों का कारण बनता है। वायु प्रदूषण कम करने के उपाय: पेड़ लगाना, कम वाहन चलाना, कूड़ा न जलाना, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना और साइकिल चलाना।
त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1: वायु के घटक और उनकी मात्रा
गैस / घटक
वायु में मात्रा (लगभग)
मुख्य भूमिका
नाइट्रोजन
78 प्रतिशत
सबसे अधिक, आवश्यक
ऑक्सीजन
21 प्रतिशत
श्वसन और दहन
कार्बन डाइऑक्साइड
0.03 प्रतिशत
प्रकाश संश्लेषण
जल वाष्प
परिवर्तनशील
नमी
अन्य गैसें
बहुत कम
आर्गन, हीलियम, नियॉन
तालिका 2: वायु प्रदूषण के कारण और उपाय
प्रदूषण के कारण
रोकथाम के उपाय
वाहनों का धुआँ
सार्वजनिक परिवहन, साइकिल
कारखानों का धुआँ
फिल्टर लगाना
कूड़ा जलाना
कूड़ा न जलाना
धूल के कण
पेड़ लगाना
रासायनिक छिड़काव
कम रासायनिक उपयोग
माइंड मैप
graph TD
A["हमारे चारों ओर वायु"] --> B["उपस्थिति के प्रमाण"]
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महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
आरेख 1: वायु के घटक
आरेख 2: वायु प्रदूषण और उपाय
सामान्य गलतियाँ
कई विद्यार्थी मानते हैं कि वायु में सबसे अधिक ऑक्सीजन होती है, जबकि वायु में सबसे अधिक नाइट्रोजन (78 प्रतिशत) होती है।
यह सोचना गलत है कि वायु केवल खुले स्थान में होती है। वायु हर जगह होती है, जल में भी घुली होती है और मिट्टी के छिद्रों में भी।
विद्यार्थी अक्सर श्वसन और प्रकाश संश्लेषण की गैसों को मिलाते हैं। जीव श्वसन में ऑक्सीजन लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं, जबकि पौधे प्रकाश संश्लेषण में कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं।
यह गलत है कि ध्वनि बिना वायु के भी हम तक पहुँचती है। ध्वनि वायु के माध्यम से फैलती है।
कई लोग मानते हैं कि वायु दाब केवल तूफान में होता है। वायु दाब हमेशा और हर दिशा से हम पर कार्य करता है।
यह सोचना गलत है कि सभी गैसें सजीवों के लिए हानिकारक हैं। ऑक्सीजन श्वसन के लिए आवश्यक है और नाइट्रोजन जीवन का हिस्सा है।
परीक्षा युक्तियाँ
वायु के घटक और उनकी लगभग मात्रा (नाइट्रोजन 78%, ऑक्सीजन 21%) अवश्य याद रखें।
वायु की उपस्थिति के कम से कम पाँच प्रमाण लिखना सीखें, जैसे हवा से पत्तियाँ हिलना, गुब्बारा फुलाना।
वायु दाब के उदाहरण (गिलास का जल, कागज न भिगोना) समझें और लिखें।
वायु प्रदूषण के कारण और रोकथाम के उपाय अलग-अलग लिखना जानें।
श्वसन और प्रकाश संश्लेषण में शामिल गैसों के चक्र को समझें।
जल में घुली वायु के प्रमाण (उबालने पर बुलबुले) को ध्यान से याद रखें।
निष्कर्ष
वायु हमारे चारों ओर व्याप्त है और सभी सजीवों के लिए अनिवार्य है। वायु अनेक गैसों का मिश्रण है, जिसमें नाइट्रोजन 78 प्रतिशत, ऑक्सीजन 21 प्रतिशत और शेष अन्य गैसें होती हैं। ऑक्सीजन श्वसन और दहन के लिए आवश्यक है। वायु दाब हर दिशा से हम पर कार्य करता है। वाहनों और कारखानों के धुएँ से वायु प्रदूषित होती है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। पेड़ लगाना, कूड़ा न जलाना और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग वायु प्रदूषण रोकने के उपाय हैं। स्वच्छ वायु ही स्वस्थ जीवन का आधार है।