Comprehensive theory, key formulas, diagrams, and memory aids for हमारे चारों ओर वायु.
वायु हमारे चारों ओर व्याप्त है, भले ही हम उसे नहीं देख सकते। जब हवा चलती है, तो हम उसका अनुभव करते हैं। पेड़ों की पत्तियाँ हिलती हैं, ध्वज लहराता है और कागज उड़ जाता है, ये सब वायु के होने के प्रमाण हैं। वायु हर जगह होती है - खुले स्थान में, घर में, मिट्टी के छिद्रों में और यहाँ तक कि जल में भी घुली होती है।
वायु कोई एकल पदार्थ नहीं है, बल्कि अनेक गैसों का मिश्रण है। इसमें नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, जल वाष्प, धूल के कण और अनेक अन्य गैसें होती हैं। वायु में मौजूद ऑक्सीजन ही हमारे श्वसन के लिए आवश्यक है। पौधे कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं।
इस अध्याय में हम वायु की उपस्थिति, वायु के घटक, वायु के गुण, वायु प्रदूषण और वायु के महत्व के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।
वायु के होने के अनेक प्रमाण हमें अपने दैनिक जीवन में मिलते हैं:
वायु अनेक गैसों का मिश्रण है। इसके मुख्य घटक निम्नलिखित हैं:
नाइट्रोजन: वायु में सबसे अधिक मात्रा (लगभग 78 प्रतिशत) नाइट्रोजन होती है। यह श्वसन में सीधे भाग नहीं लेती, लेकिन यह जीवन के लिए आवश्यक है।
ऑक्सीजन: वायु में लगभग 21 प्रतिशत ऑक्सीजन होती है। यह श्वसन और दहन (जलने) के लिए सबसे आवश्यक गैस है। बिना ऑक्सीजन के कुछ भी नहीं जल सकता और कोई भी जीव श्वसन नहीं कर सकता।
कार्बन डाइऑक्साइड: यह वायु में बहुत कम मात्रा (लगभग 0.03 प्रतिशत) में पाई जाती है। पौधे प्रकाश संश्लेषण में इसका उपयोग करते हैं। जीव श्वसन में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं।
जल वाष्प: वायु में हमेशा कुछ न कुछ जल वाष्प मौजूद रहता है। जल वाष्प की मात्रा के अनुसार हवा नम या शुष्क होती है।
धूल के कण, धुआँ और अन्य गैसें: वायु में धूल के कण, धुआँ और नियॉन, हीलियम, आर्गन जैसी अन्य गैसें भी होती हैं।
वायु सभी सजीवों के लिए आवश्यक है। हमारे श्वसन के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है। बिना वायु के कोई भी जीव जीवित नहीं रह सकता। वायु का अन्य महत्व:
वायु हमारे चारों ओर दबाव डालती है, जिसे वायु दाब कहते हैं। वायु दाब हम पर हर दिशा से कार्य करता है। उदाहरण के लिए, गिलास में भरा जल गिलास को उल्टा करने पर तुरंत नहीं गिरता, क्योंकि वायु दाब उसे रोकता है। कागज के टुकड़े को रबर से ढके काँच के जार में रखकर नीचे दबाने पर हम कागज को जल में नहीं भिगो पाते, क्योंकि अंदर वायु दबाव बनाती है। तेज़ हवा (तूफान) के कारण कम वायु दाब बनता है और छतें उड़ सकती हैं।
जब वायु में हानिकारक गैसें और कण मिल जाते हैं, तो वायु प्रदूषित हो जाती है। वायु प्रदूषण के मुख्य कारण:
वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यह श्वसन रोगों का कारण बनता है। वायु प्रदूषण कम करने के उपाय: पेड़ लगाना, कम वाहन चलाना, कूड़ा न जलाना, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना और साइकिल चलाना।
| गैस / घटक | वायु में मात्रा (लगभग) | मुख्य भूमिका |
|---|---|---|
| नाइट्रोजन | 78 प्रतिशत | सबसे अधिक, आवश्यक |
| ऑक्सीजन | 21 प्रतिशत | श्वसन और दहन |
| कार्बन डाइऑक्साइड | 0.03 प्रतिशत | प्रकाश संश्लेषण |
| जल वाष्प | परिवर्तनशील | नमी |
| अन्य गैसें | बहुत कम | आर्गन, हीलियम, नियॉन |
| प्रदूषण के कारण | रोकथाम के उपाय |
|---|---|
| वाहनों का धुआँ | सार्वजनिक परिवहन, साइकिल |
| कारखानों का धुआँ | फिल्टर लगाना |
| कूड़ा जलाना | कूड़ा न जलाना |
| धूल के कण | पेड़ लगाना |
| रासायनिक छिड़काव | कम रासायनिक उपयोग |
graph TD
A["हमारे चारों ओर वायु"] --> B["उपस्थिति के प्रमाण"]
B --> C["हवा से पत्तियाँ हिलना"]
B --> D["गिलास में वायु भरी होना"]
A --> E["घटक"]
E --> F["नाइट्रोजन 78%"]
E --> G["ऑक्सीजन 21%"]
E --> H["कार्बन डाइऑक्साइड"]
E --> I["जल वाष्प, धूल"]
A --> J["महत्व"]
J --> K["श्वसन, दहन"]
J --> L["प्रकाश संश्लेषण"]
J --> M["पवन ऊर्जा"]
A --> N["वायु दाब"]
A --> O["वायु प्रदूषण"]
O --> P["धुआँ, धूल"]
O --> Q["उपाय: पेड़ लगाना"]
वायु हमारे चारों ओर व्याप्त है और सभी सजीवों के लिए अनिवार्य है। वायु अनेक गैसों का मिश्रण है, जिसमें नाइट्रोजन 78 प्रतिशत, ऑक्सीजन 21 प्रतिशत और शेष अन्य गैसें होती हैं। ऑक्सीजन श्वसन और दहन के लिए आवश्यक है। वायु दाब हर दिशा से हम पर कार्य करता है। वाहनों और कारखानों के धुएँ से वायु प्रदूषित होती है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। पेड़ लगाना, कूड़ा न जलाना और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग वायु प्रदूषण रोकने के उपाय हैं। स्वच्छ वायु ही स्वस्थ जीवन का आधार है।