बिजली हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन चुकी है। हम घरों में बिजली से बल्ब, पंखा, टीवी, रेफ्रिजरेटर चलाते हैं। रात के समय सड़कों पर बिजली से रोशनी होती है। बिजली के बिना आधुनिक जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। बिजली का वैज्ञानिक नाम विद्युत् है। जब किसी वस्तु में विद्युत् आवेश का प्रवाह होता है, तो उसे विद्युत् धारा कहते हैं।
विद्युत् धारा का प्रवाह हमें ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे बल्ब चमकता है, पंखा घूमता है और मशीनें चलती हैं। विद्युत् का अध्ययन करने के लिए हमें विद्युत् परिपथ, चालक, विद्युतरोधी, स्विच और विद्युत् सेल की अवधारणाओं को समझना होगा।
इस अध्याय में हम विद्युत् सेल, विद्युत् परिपथ, चालक और विद्युतरोधी पदार्थ, स्विच, तथा विद्युत् सुरक्षा के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे। हम यह भी सीखेंगे कि विद्युत् परिपथ कैसे बनाया जाता है और उसके भाग क्या होते हैं।
विद्युत् सेल वह उपकरण है जो रासायनिक ऊर्जा को विद्युत् ऊर्जा में बदलकर विद्युत् धारा उत्पन्न करता है। हमारे घर में उपयोग होने वाले टॉर्च, घड़ी, रिमोट और खिलौनों में विद्युत् सेल उपयोग होते हैं। विद्युत् सेल के दो टर्मिनल होते हैं: धनात्मक टर्मिनल (+) और ऋणात्मक टर्मिनल (-)।
जब दो या दो से अधिक विद्युत् सेलों को एक साथ जोड़ा जाता है, तो उसे विद्युत् बैटरी कहते हैं। टॉर्च में लंबा सेल या बैटरी उपयोग होती है। सेल की ऊर्जा समाप्त होने पर सेल को बदलना पड़ता है, जबकि अभिलंब (rechargeable) बैटरी को चार्ज किया जा सकता है।
विद्युत् धारा का पूर्ण मार्ग, जिसमें सेल, बल्ब और तार शामिल होते हैं, विद्युत् परिपथ कहलाता है। विद्युत् धारा केवल तभी प्रवाहित होती है, जब परिपथ पूर्ण हो। यदि परिपथ में कहीं कोई खंडविच्छेद (टूट) हो, तो विद्युत् धारा प्रवाहित नहीं होती। बंद परिपथ में धारा प्रवाहित होती है, जबकि खुला परिपथ में धारा प्रवाहित नहीं होती।
एक सरल विद्युत् परिपथ में निम्नलिखित भाग होते हैं:
सेल (Cell): जो विद्युत् धारा प्रदान करता है। तार (Wires): जो सेल से बल्ब तक धारा पहुँचाते हैं। बल्ब (Bulb): जो विद्युत् ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में बदलता है। स्विच (Switch): जो परिपथ को खोलने और बंद करने का कार्य करता है।
बल्ब का काँच का आवरण एक नाजुक तंतु (filament) की रक्षा करता है। जब विद्युत् धारा तंतु से गुजरती है, तो तंतु गर्म होकर चमकने लगता है और प्रकाश उत्पन्न होता है।
वे पदार्थ जिनसे विद्युत् धारा आसानी से गुजरती है, चालक (Conductor) कहलाते हैं। धातुएँ जैसे ताँबा, एल्युमिनियम, लोहा और चाँदी अच्छे चालक हैं। तार इसी लिए ताँबे या एल्युमिनियम के बनाए जाते हैं, क्योंकि ये चालक होते हैं। जल भी विद्युत् का चालक है।
वे पदार्थ जिनसे विद्युत् धारा नहीं गुजरती, विद्युतरोधी (Insulator) कहलाते हैं। लकड़ी, रबर, प्लास्टिक, काँच, सूखा कागज और माइका विद्युतरोधी हैं। तारों पर प्लास्टिक या रबर का आवरण इसी कारण चढ़ाया जाता है, ताकि विद्युत् झटका न लगे। स्विच और प्लग भी विद्युतरोधी पदार्थों से बनाए जाते हैं।
स्विच एक ऐसा उपकरण है जो विद्युत् परिपथ को खोलता और बंद करता है। स्विच खुला होने पर परिपथ खुला रहता है और धारा प्रवाहित नहीं होती, जबकि स्विच बंद होने पर परिपथ पूर्ण हो जाता है और धारा प्रवाहित होती है। स्विच के संपर्क चालक धातु के बने होते हैं, जबकि उनके चारों ओर विद्युतरोधी पदार्थ होता है। इसी सिद्धांत पर घरों के बोर्ड, फैन रेगुलेटर और टॉर्च के स्विच काम करते हैं।
विद्युत् परिपथ को कागज पर दर्शाने के लिए विद्युत् प्रतीकों का उपयोग किया जाता है। इन प्रतीकों से हम बिना चित्र बनाए परिपथ का चित्रण कर सकते हैं। सेल को + और - चिन्हों के साथ, बल्ब को गोलाकार क्रॉस, स्विच को खुली या बंद स्थिति में दर्शाया जाता है। ये प्रतीक वैज्ञानिकों द्वारा निर्धारित मानक हैं, जिससे पूरी दुनिया में एक ही समझ बने।
विद्युत् का उपयोग करते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि विद्युत् धारा खतरनाक हो सकती है। निम्नलिखित सुरक्षा नियम अपनाने चाहिए:
| प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| चालक | विद्युत् धारा गुजरती है | ताँबा, एल्युमिनियम, लोहा, चाँदी, जल |
| विद्युतरोधी | विद्युत् धारा नहीं गुजरती | लकड़ी, रबर, प्लास्टिक, काँग, काँच |
| भाग | कार्य |
|---|---|
| सेल | विद्युत् धारा प्रदान करना |
| तार | धारा को बल्ब तक पहुँचाना |
| बल्ब | विद्युत् को प्रकाश में बदलना |
| स्विच | परिपथ को खोलना / बंद करना |
विद्युत् ऊर्जा आधुनिक जीवन की रीढ़ है। विद्युत् सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत् ऊर्जा में बदलता है। विद्युत् धारा केवल पूर्ण (बंद) परिपथ में प्रवाहित होती है। परिपथ में सेल, तार, बल्ब और स्विच होते हैं। चालक पदार्थ (ताँबा, लोहा) से धारा गुजरती है, जबकि विद्युतरोधी (रबर, प्लास्टिक) धारा को रोकते हैं। विद्युत् का उपयोग करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है, विशेषकर गीले हाथों से बचना। विद्युत् का सही और सुरक्षित उपयोग ही हमारे जीवन को सरल बनाता है।