आज के युग को कंप्यूटर का युग कहा जाता है। कंप्यूटर ने मानव जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित किया है। स्कूल, अस्पताल, बैंक, रेलवे, हवाई अड्डे, कारखाने, दुकानें — हर जगह कंप्यूटर का उपयोग हो रहा है। कक्षा 7 में हम कंप्यूटर की बुनियादी समझ विकसित करेंगे ताकि हम उसे सही तरीके से उपयोग कर सकें। कंप्यूटर कोई जादुई मशीन नहीं है, बल्कि एक इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है जो हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करता है। इस अध्याय में हम कंप्यूटर सिस्टम की संपूर्ण संरचना, उसके कार्य, विशेषताओं और घटकों के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।
2. कंप्यूटर की परिभाषा
कंप्यूटर (Computer) शब्द लैटिन भाषा के शब्द 'कंप्यूटेयर' (Computare) से बना है, जिसका अर्थ होता है 'गणना करना'। इसलिए कंप्यूटर को सामान्य भाषा में 'परिकलित्र' या 'अभिकलित्र' भी कहते हैं।
कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो दिए गए निर्देशों (प्रोग्राम) के अनुसार डेटा को स्वीकार करता है, उस पर प्रक्रिया करता है (Process), परिणाम देता है (Output) तथा परिणामों को सुरक्षित रखता है (Storage)।
कंप्यूटर एक तेज़, सटीक और बहुमुखी मशीन है। यह केवल वही कार्य कर सकता है जो उसे बताया जाए। कंप्यूटर अपने आप निर्णय नहीं ले सकता; वह मनुष्य के द्वारा दिए गए निर्देशों का ही पालन करता है।
3. कंप्यूटर की विशेषताएँ
कंप्यूटर को इतना लोकप्रिय बनाने वाली कुछ विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
गति (Speed): कंप्यूटर अत्यंत तीव्र गति से कार्य करता है। यह प्रति सेकंड करोड़ों-अरबों गणनाएँ कर सकता है। कंप्यूटर की गति माइक्रोसेकंड, नैनोसेकंड और पिकोसेकंड में मापी जाती है।
शुद्धता (Accuracy): कंप्यूटर बहुत सटीक परिणाम देता है। यदि कभी गलती होती है तो वह मनुष्य द्वारा दिए गए गलत निर्देशों या गलत डेटा के कारण होती है। इसे सिद्धांत 'GIGO — Garbage In, Garbage Out' के नाम से जाना जाता है।
परिश्रमशीलता (Diligence): कंप्यूटर बिना थके लंबे समय तक कार्य कर सकता है। यह न तो थकता है और न ही ऊबता है। मनुष्य के विपरीत कंप्यूटर एक जैसे कार्य को बार-बार समान सटीकता के साथ करता है।
भंडारण क्षमता (Storage): कंप्यूटर बहुत बड़ी मात्रा में डेटा को सुरक्षित रख सकता है। हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड आदि डेटा को लंबे समय तक संग्रहीत करते हैं।
बहुमुखी प्रतिभा (Versatility): कंप्यूटर एक ही समय में कई प्रकार के कार्य कर सकता है। चाहे वह संगीत सुनना हो, फिल्म देखना हो, लेख लिखना हो, गणना करना हो या खेल खेलना हो — कंप्यूटर सब कुछ कर सकता है।
स्वचालन (Automation): कंप्यूटर स्वचालित रूप से कार्य करता है। एक बार कार्य शुरू करने पर वह मानवीय हस्तक्षेप के बिना उसे पूरा करता है।
भावनाहीनता (No Feelings): कंप्यूटर में कोई भावनाएँ नहीं होतीं। यह न तो खुश होता है, न दुखी। यह कार्य को निष्पक्ष रूप से करता है।
4. कंप्यूटर का कार्य — IPO चक्र
कंप्यूटर अपना कार्य तीन मुख्य चरणों में पूरा करता है, जिन्हें एक साथ IPO चक्र (Input-Process-Output Cycle) कहते हैं।
इनपुट (Input): कंप्यूटर को दिया जाने वाला डेटा तथा निर्देश। यह कुंजीपटल (Keyboard), माउस, माइक्रोफोन, स्कैनर आदि उपकरणों द्वारा दिया जाता है।
प्रोसेस (Process): कंप्यूटर प्राप्त डेटा पर प्रक्रिया करता है, अर्थात डेटा को उपयोगी सूचना में बदलता है। यह कार्य सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) में होता है।
आउटपुट (Output): प्रक्रिया के बाद प्राप्त परिणाम को कंप्यूटर मॉनिटर, प्रिंटर, स्पीकर आदि के द्वारा प्रदर्शित या प्रिंट करता है।
इन तीनों के अतिरिक्त भंडारण (Storage) को भी चौथा चरण माना जाता है, जिसमें डेटा व सूचना को भविष्य के उपयोग के लिए सुरक्षित रखा जाता है।
5. कंप्यूटर सिस्टम के घटक
कंप्यूटर सिस्टम केवल मशीन नहीं है, बल्कि इसका तात्पर्य उस संपूर्ण व्यवस्था से है जो कंप्यूटर को चलाने में सहायता करती है। इसके प्रमुख घटक निम्नलिखित हैं:
हार्डवेयर (Hardware): कंप्यूटर के वे भौतिक (Physical) भाग जिन्हें हम छू सकते हैं, जैसे मॉनिटर, कुंजीपटल, सीपीयू।
सॉफ्टवेयर (Software): कंप्यूटर को कार्य करने हेतु दिए गए निर्देशों का समूह, जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम, गेम्स, वर्ड प्रोसेसर।
डेटा (Data): कच्चे तथ्य जिन पर कंप्यूटर प्रक्रिया करता है।
लोग (People): वे व्यक्ति जो कंप्यूटर को चलाते हैं तथा उपयोग करते हैं, जिन्हें यूज़र कहा जाता है।
प्रक्रिया (Procedure): कंप्यूटर के साथ कार्य करने के नियम व निर्देश।
6. कंप्यूटर के प्रकार (वर्गीकरण)
कंप्यूटर को आकार, क्षमता व कार्य के आधार पर निम्नलिखित श्रेणियों में बाँटा जा सकता है:
माइक्रो कंप्यूटर (Micro Computer): ये सबसे छोटे व सस्ते कंप्यूटर होते हैं। इनमें पर्सनल कंप्यूटर (PC), लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन आते हैं। इनका उपयोग घरों व दफ्तरों में किया जाता है।
मिनी कंप्यूटर (Mini Computer): ये माइक्रो कंप्यूटर से बड़े होते हैं। इनका उपयोग बैंकों, अस्पतालों और छोटे-बड़े कार्यालयों में बहु-उपयोगकर्ता प्रणाली के रूप में होता है।
मेनफ्रेम कंप्यूटर (Mainframe Computer): ये बहुत बड़ी क्षमता वाले कंप्यूटर होते हैं जो एक साथ हजारों उपयोगकर्ताओं की सेवा कर सकते हैं। इनका उपयोग बड़े संगठन, बैंक, रेलवे और हवाई अड्डों में होता है।
सुपर कंप्यूटर (Super Computer): ये दुनिया के सबसे तेज़, शक्तिशाली और महँगे कंप्यूटर होते हैं। इनका उपयोग मौसम पूर्वानुमान, अंतरिक्ष अनुसंधान, परमाणु अनुसंधान और जटिल वैज्ञानिक गणनाओं में किया जाता है। भारत का सुपर कंप्यूटर 'परम' है।
7. कंप्यूटर की पीढ़ियाँ
कंप्यूटर के विकास को पाँच पीढ़ियों में विभाजित किया गया है:
पीढ़ी
समयकाल
मुख्य तकनीक
पहली पीढ़ी
1940-1956
वैक्यूम ट्यूब
दूसरी पीढ़ी
1956-1964
ट्रांजिस्टर
तीसरी पीढ़ी
1964-1971
एकीकृत परिपथ (IC)
चौथी पीढ़ी
1971-वर्तमान
माइक्रोप्रोसेसर
पाँचवीं पीढ़ी
वर्तमान व भविष्य
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
8. डेटा और सूचना में अंतर
डेटा (Data): डेटा कच्चे तथ्य और आँकड़े होते हैं जिनका कोई विशेष अर्थ नहीं होता। जैसे '24', 'राम', '5'. इनके बिना कोई अर्थ नहीं निकलता।
सूचना (Information): डेटा पर प्रक्रिया करने के बाद जो अर्थपूर्ण परिणाम प्राप्त होता है, उसे सूचना कहते हैं। जैसे 'राम ने 5 में से 24 अंक प्राप्त किए' एक सूचना है।
डेटा → प्रोसेस → सूचना। यही परिवर्तन कंप्यूटर की मूल क्रिया है।
9. इनपुट और आउटपुट डिवाइस
कंप्यूटर को कार्य देने वाले उपकरणों को इनपुट डिवाइस कहते हैं, जैसे कुंजीपटल, माउस, स्कैनर, माइक्रोफोन, लाइट पेन, जॉयस्टिक। इसी प्रकार, कंप्यूटर के परिणाम प्रदर्शित करने वाले उपकरणों को आउटपुट डिवाइस कहते हैं, जैसे मॉनिटर, प्रिंटर, स्पीकर, प्रोजेक्टर।
त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1: कंप्यूटर की विशेषताएँ
विशेषता
स्पष्टीकरण
उदाहरण
गति
अत्यंत तीव्र कार्य
माइक्रोसेकंड में गणना
शुद्धता
सटीक परिणाम
GIGO का सिद्धांत
परिश्रमशीलता
बिना थके कार्य
24 घंटे चलने वाली मशीनें
भंडारण
बड़ी मात्रा में डेटा रखना
हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव
बहुमुखी प्रतिभा
अनेक कार्य करना
लेखन, गणना, गेमिंग
तालिका 2: कंप्यूटर के प्रकार
प्रकार
आकार/क्षमता
उपयोग
माइक्रो
सबसे छोटा
घर, दफ्तर, स्कूल
मिनी
मध्यम
बैंक, अस्पताल
मेनफ्रेम
बड़ा
रेलवे, बड़े संगठन
सुपर
सबसे बड़ा
अनुसंधान, अंतरिक्ष
तालिका 3: कंप्यूटर सिस्टम के घटक
घटक
परिभाषा
उदाहरण
हार्डवेयर
भौतिक भाग
मॉनिटर, कीबोर्ड
सॉफ्टवेयर
निर्देशों का समूह
ऑपरेटिंग सिस्टम
डेटा
कच्चे तथ्य
संख्याएँ, अक्षर
लोग
उपयोगकर्ता
स्टूडेंट, टीचर
प्रक्रिया
कार्य करने की विधि
नियम, निर्देश
माइंड मैप
graph TD
A["कंप्यूटर सिस्टम"] --> B["इनपुट"]
A --> C["प्रोसेस"]
A --> D["आउटपुट"]
A --> E["भंडारण"]
B --> B1["कुंजीपटल"]
B --> B2["माउस"]
B --> B3["स्कैनर"]
C --> C1["CPU"]
C1 --> C2["ALU"]
C1 --> C3["CU"]
D --> D1["मॉनिटर"]
D --> D2["प्रिंटर"]
E --> E1["हार्ड डिस्क"]
E --> E2["पेन ड्राइव"]
महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
आरेख 1: कंप्यूटर सिस्टम की मूल संरचना
आरेख 2: डेटा और सूचना का परिवर्तन
सामान्य गलतियाँ
कंप्यूटर को 'सब कुछ जानने वाला' समझना: कंप्यूटर केवल निर्देशों का पालन करता है; वह अपने आप ज्ञान उत्पन्न नहीं करता।
इनपुट और आउटपुट डिवाइस में भ्रम: कुछ विद्यार्थी स्कैनर को आउटपुट डिवाइस मान लेते हैं, जबकि यह इनपुट डिवाइस है।
डेटा और सूचना को समान समझना: डेटा कच्चा होता है; प्रोसेसिंग के बाद वह सूचना बनता है।
सॉफ्टवेयर को छूने योग्य समझना: सॉफ्टवेयर भौतिक नहीं होता; इसे छू नहीं सकते, केवल हार्डवेयर को छूते हैं।
सुपर कंप्यूटर को माइक्रो कंप्यूटर बताना: सुपर कंप्यूटर सबसे शक्तिशाली होता है; माइक्रो सबसे छोटा व सामान्य उपयोग वाला।
CPU और मॉनिटर दोनों को 'कंप्यूटर' कहना: कंप्यूटर संपूर्ण सिस्टम है; CPU केवल उसका प्रोसेसिंग भाग है।
GIGO सिद्धांत को नहीं जानना: यदि इनपुट गलत है तो आउटपुट भी गलत ही होगा।
परीक्षा युक्तियाँ
परिभाषा के साथ 'IPO चक्र' के तीनों शब्द — इनपुट, प्रोसेस, आउटपुट — अवश्य लिखें।
कंप्यूटर की विशेषताओं को याद करने के लिए 'ग-श-प-भ-ब-स' का खाका बनाएं: गति, शुद्धता, परिश्रमशीलता, भंडारण, बहुमुखी, स्वचालन।
उदाहरणों के साथ उत्तर लिखें, जैसे इनपुट डिवाइस के 3-4 नाम।
चित्र/आरेख बनाकर उत्तर सजाएँ; परीक्षक को स्पष्टता दिखेगी।
'परम' (PARAM) जैसे भारतीय सुपर कंप्यूटर का नाम याद रखें।
डेटा बनाम सूचना का अंतर एक तालिका में लिखकर समझाएँ।
निष्कर्ष
कंप्यूटर सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, सॉफ्टवेयर, डेटा, उपयोगकर्ताओं और प्रक्रियाओं का सम्मिलित रूप है। इसकी गति, शुद्धता और परिश्रमशीलता इसे विशेष बनाती है। IPO चक्र को समझना कंप्यूटर विज्ञान की नींव है। इस अध्याय में सीखी गई बातें हमें आगे के अध्यायों — हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम आदि — को समझने में सहायता करेंगी। कंप्यूटर का सही ज्ञान हमें डिजिटल युग में आगे बढ़ने में सहायक सिद्ध होगा।