यह पाठ 'द कॉप एंड द एंथम' (The Cop and the Anthem) प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक ओ. हेनरी (O. Henry) द्वारा लिखी गई एक व्यंग्यात्मक और मार्मिक कहानी है। कहानी का नायक सोप्सी (Soapy) एक आवारा व्यक्ति है, जो न्यूयॉर्क शहर की सड़कों पर रहता है। सर्दियों का मौसम आ रहा है, और सोप्सी के पास गर्म रहने का कोई स्थान नहीं है। वह जेल जाना चाहता है, क्योंकि जेल में उसे गर्म रहने की जगह, भोजन और आश्रय मिलेगा। यह कहानी सोप्सी की उस योजना का वर्णन करती है जिससे वह पकड़ा जाकर जेल जाना चाहता है।
कहानी में सोप्सी कई तरीकों से गिरफ़्तार होने की कोशिश करता है। वह एक बड़े होटल में खाना खाकर पैसे नहीं देने की कोशिश करता है, वह एक दुकान की खिड़की का शीशा तोड़ देता है, और कई अन्य अपराध करता है। परंतु हर बार वह पकड़ा नहीं जाता, क्योंकि पुलिस उसे गलत समझ लेती है। सोप्सी निराश हो जाता है, क्योंकि उसकी हर कोशिश जेल पहुँचाने में असफल रहती है।
कहानी का अंत मार्मिक और व्यंग्यपूर्ण है। जब सोप्सी जेल जाने की सारी उम्मीद छोड़ चुका होता है और एक चर्च के पास से गुज़रता है, तो वहाँ बजता संगीत (anthem) सुनकर उसके मन में बदलाव आता है। वह अपना जीवन सुधारने का निर्णय लेता है। परंतु ठीक उसी समय एक पुलिसकर्मी उसे पकड़ लेता है और उसे जेल भेज दिया जाता है। यह कहानी जीवन की विडंबना (irony) को दर्शाती है।
ओ. हेनरी (O. Henry, 1862-1910) अमेरिकी साहित्य के प्रसिद्ध कहानीकार थे, जिन्हें अपनी लघु कथाओं (short stories) में अप्रत्याशित और विडंबनापूर्ण अंत (twist ending) के लिए जाना जाता है। उनकी कहानियाँ साधारण लोगों के जीवन, विशेषकर शहरी गरीबी और मानवीय संवेदना पर आधारित होती हैं। 'द कॉप एंड द एंथम' उनकी प्रसिद्ध कहानियों में से एक है, जिसमें सोप्सी की विडंबनापूर्ण कहानी है। उनकी शैली में हास्य, व्यंग्य और मार्मिकता का अद्भुत संगम है।
कहानी की शुरुआत सोप्सी के बारे में बताने से होती है। सोप्सी न्यूयॉर्क की सड़कों पर रहने वाला आवारा व्यक्ति है। सर्दियाँ आने वाली हैं, और सोप्सी के लिए सड़कों पर रहना मुश्किल हो जाएगा। उसे गर्म कपड़े, भोजन और आश्रय की आवश्यकता है। वह जानता है कि जेल में उसे ये सब मिलेगा, इसलिए वह जेल जाने की योजना बनाता है। उसे लगता है कि जेल ही उसका असली घर होगा।
सोप्सी गिरफ़्तार होने के लिए कई प्रयास करता है। सबसे पहले वह एक बड़े होटल में जाता है और खाना खाने का आदेश देता है, यह सोचकर कि जब वह पैसे नहीं देगा, तो उसे पकड़ लिया जाएगा। परंतु होटल का वेटर उसे होटल से बाहर निकाल देता है। इसके बाद वह एक दुकान की खिड़की का शीशा तोड़ता है और पुलिसकर्मी का इंतज़ार करता है। परंतु पुलिसकर्मी उसे समझ लेता है कि शीशा तोड़ने वाला कोई और था। इस प्रकार सोप्सी की हर योजना विफल हो जाती है।
सोप्सी कई और प्रयास करता है — वह एक रेस्तराँ में खाना खाता है, महिलाओं से झगड़ा करता है, छाता चुराने की कोशिश करता है — परंतु हर बार वह या तो गलती से बच जाता है या पुलिस उसे गलत समझ लेती है। सोप्सी निराश हो जाता है, क्योंकि वह जेल नहीं जा पा रहा है।
जब सोप्सी सारी उम्मीद छोड़कर एक चर्च के पास से गुज़रता है, तो वहाँ बजता संगीत — एंथम (anthem) — उसके दिल को छू जाता है। उसके मन में अपने बचपन की यादें और अच्छे जीवन की इच्छा जागती है। वह निर्णय लेता है कि वह अपना जीवन बदलेगा, नौकरी ढूँढ़ेगा और अच्छा इंसान बनेगा। परंतु ठीक उसी समय एक पुलिसकर्मी उसे पकड़ लेता है और उसे 'तीन महीने की जेल' की सज़ा देता है। सोप्सी की विडंबना यह है कि जब वह जेल चाहता था, तब उसे जेल नहीं मिली, और जब उसने अच्छा बनने का निर्णय लिया, तभी उसे जेल भेज दिया गया।
कहानी का मुख्य पात्र सोप्सी (Soapy) है, जो न्यूयॉर्क की सड़कों पर रहने वाला आवारा व्यक्ति है। वह सर्दियों में जेल में रहना चाहता है, क्योंकि वहाँ गर्मी, भोजन और आश्रय मिलता है। उसका चरित्र आलसी किंतु अपने तरीके से योजनाबद्ध है। कहानी में पुलिसकर्मी (cop) और विभिन्न लोग — होटल के मैनेजर, वेटर, दुकानदार आदि — भी हैं, जो सोप्सी के प्रयासों को विफल करते हैं। कहानी का असली नायक जीवन की विडंबना है, जो सोप्सी के साथ घटती है।
इस पाठ का मूलभाव जीवन की विडंबना (irony) और सामाजिक यथार्थ है। सोप्सी जेल जाना चाहता है, क्योंकि सड़कों पर सर्दी में जीवित रहना कठिन है। जब वह जेल जाने के लिए हर संभव प्रयास करता है, तो उसे पकड़ा नहीं जाता। परंतु जब वह अपना जीवन सुधारने का पवित्र निर्णय लेता है, तो ठीक उसी समय उसे गिरफ़्तार कर लिया जाता है। यह दर्शाता है कि कभी-कभी भाग्य हमारे साथ विडंबनापूर्ण व्यवहार करता है।
पाठ का दूसरा संदेश समाज की गंभीर समस्या को दर्शाता है — गरीबी और बेघर लोगों की दयनीय स्थिति। सोप्सी जैसे लोग जेल को अपना घर मानते हैं, क्योंकि उन्हें वहाँ आश्रय और भोजन मिलता है। यह कहानी समाज के प्रति संवेदना जगाती है। साथ ही, एंथम (चर्च का संगीत) सोप्सी में बदलाव की इच्छा जगाता है, जो दर्शाता है कि संगीत और प्रेरणा में बदलाव लाने की शक्ति होती है।
| सोप्सी का प्रयास | परिणाम |
|---|---|
| होटल में खाना खाकर पैसे न देना | बाहर निकाला गया |
| दुकान की खिड़की तोड़ना | पुलिस ने किसी और को समझा |
| रेस्तराँ में खाना खाना | बच निकला |
| छाता चुराना | असफल |
| घटना | विवरण |
|---|---|
| सर्दियों का आगमन | सोप्सी को जेल की आवश्यकता |
| एंथम सुनना | मन में बदलाव |
| जीवन सुधारने का निर्णय | नई शुरुआत की इच्छा |
| गिरफ़्तारी | तीन महीने की जेल |
'द कॉप एंड द एंथम' ओ. हेनरी की एक विडंबनापूर्ण और मार्मिक कहानी है, जो आवारा व्यक्ति सोप्सी के संघर्ष को दर्शाती है। सोप्सी सर्दियों में जेल जाना चाहता है, क्योंकि जेल में उसे आश्रय और भोजन मिलेगा। वह कई अपराध करता है, परंतु हर बार पकड़ा नहीं जाता। जब वह सारी उम्मीद छोड़कर चर्च का एंथम सुनता है, तो उसके मन में बदलाव आता है और वह जीवन सुधारने का निर्णय लेता है। परंतु ठीक उसी समय पुलिस उसे पकड़कर जेल भेज देती है। यह कहानी जीवन की विडंबना और समाज में गरीब लोगों की दयनीय स्थिति को उजागर करती है। साथ ही, यह दर्शाती है कि संगीत और प्रेरणा में बदलाव लाने की शक्ति होती है, भले ही भाग्य कभी-कभी विपरीत खेल खेल दे।