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1. परिचय

बीजीय व्यंजक वे गणितीय अभिव्यक्तियाँ हैं जिनमें अचर (Constants) और चर (Variables) संख्याओं के साथ संक्रिया चिह्नों (+, -, ×, ÷) द्वारा जुड़े होते हैं। जैसे $3x + 5$, $4y - 7$, $2a + 3b - 1$। बीजीय व्यंजक कथनों को संक्षेप में लिखने और गणनाओं को सरल बनाने का साधन हैं। इस अध्याय में हम बीजीय व्यंजकों के पद, गुणांक, सजातीय पद, व्यंजकों का जोड़-घटाव, उनका मान ज्ञात करना और कुछ बीजीय सर्वसमिकाओं का अध्ययन करेंगे। बीजीय व्यंजकों की समझ समीकरणों और अन्य बीजगणितीय अवधारणाओं की नींव है।

2. पद, गुणांक और व्यंजकों के प्रकार (Terms, Coefficients and Types of Expressions)

पद (Terms)

बीजीय व्यंजक के वे भाग जो '+' या '-' चिह्न से अलग होते हैं, पद कहलाते हैं। जैसे व्यंजक $3x + 5y - 7$ में तीन पद हैं: $3x$, $5y$ और $-7$।

गुणांक (Coefficients)

किसी पद में चर से गुणा होने वाले संख्यात्मक कारक को गुणांक कहते हैं। जैसे $3x$ में 3 गुणांक है। यदि चर के साथ कोई संख्या नहीं है, तो गुणांक 1 माना जाता है।

अचर और चर (Constants and Variables)

व्यंजकों के प्रकार

3. सजातीय और असमान पद (Like and Unlike Terms)

वे पद जिनके चर (चरों के घातांक सहित) समान होते हैं, सजातीय पद कहलाते हैं। जैसे $3x$ और $-5x$ सजातीय हैं। भिन्न चर वाले पद असमान पद कहलाते हैं, जैसे $3x$ और $3y$।

सजातीय पदों को ही जोड़ा या घटाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, $3x + 5x = 8x$ परंतु $3x + 5y$ को जोड़कर $8xy$ नहीं लिखा जा सकता। सजातीय पदों का योग उनके गुणांकों के योग से प्राप्त होता है, चर भाग वही रहता है।

4. बीजीय व्यंजकों का जोड़ और घटाव (Addition and Subtraction of Algebraic Expressions)

जोड़ (Addition)

सजातीय पदों को मिलाकर जोड़ा जाता है। अलग-अलग प्रकार के पदों को उनके चिह्नों के साथ अलग लिखा जाता है।

उदाहरण: $3x + 5y$ और $2x - 3y$ का योग $= (3x + 2x) + (5y - 3y) = 5x + 2y$।

घटाव (Subtraction)

घटाने के लिए घटाव वाले व्यंजक के प्रत्येक पद का चिह्न बदलकर जोड़ा जाता है।

उदाहरण: $7x - 2y$ में से $3x + y$ घटाने पर $= 7x - 2y - 3x - y = 4x - 3y$।

जोड़-घटाव करते समय सजातीय पदों को समान कॉलम में रखकर लिखना सुविधाजनक होता है। कोष्ठक खोलते समय चिह्नों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

5. बीजीय व्यंजक का मान (Value of an Algebraic Expression)

किसी बीजीय व्यंजक का मान ज्ञात करने के लिए चरों के दिए गए मानों को व्यंजक में प्रतिस्थापित किया जाता है।

उदाहरण: $x = 2$ पर व्यंजक $3x + 5$ का मान $= 3(2) + 5 = 6 + 5 = 11$। इसी प्रकार, $x = 3$ और $y = 2$ पर व्यंजक $x^2 + y$ का मान $= 3^2 + 2 = 9 + 2 = 11$ होगा।

चर के मान बदलने पर व्यंजक का मान भी बदल जाता है। प्रतिस्थापन करते समय चर के स्थान पर मान को कोष्ठक में रखना बेहतर होता है, जैसे $3x$ में $x = 2$ रखने पर $3(2)$।

6. बीजीय सर्वसमिकाएँ (Algebraic Identities)

सर्वसमिका वह बीजीय समीकरण है जो चर के सभी मानों के लिए सत्य होती है। कुछ महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ:

$$(a + b)^2 = a^2 + 2ab + b^2$$ $$(a - b)^2 = a^2 - 2ab + b^2$$ $$(a + b)(a - b) = a^2 - b^2$$

सर्वसमिकाओं का उपयोग करके व्यंजकों का मान शीघ्र ज्ञात किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, $102^2$ की गणना के लिए $(100 + 2)^2 = 100^2 + 2(100)(2) + 2^2 = 10000 + 400 + 4 = 10404$। इसी प्रकार, $98 \times 102 = (100 - 2)(100 + 2) = 100^2 - 2^2 = 10000 - 4 = 9996$।

7. बीजीय व्यंजकों की समस्याएँ (Problems on Algebraic Expressions)

बीजीय व्यंजकों के प्रश्नों में पहले दिए गए व्यंजक के पदों और उनके चिह्नों को पहचानना होता है। जोड़-घटाव में सजातीय पदों को मिलाना, व्यंजक का मान ज्ञात करने में चरों के मान प्रतिस्थापित करना, और सर्वसमिकाओं से तीव्र गणना करना मुख्य कौशल हैं। उदाहरण के लिए, "x + 2y और 3x - y का योग" $= 4x + y$ है। "किसी संख्या के दुगुने में 5 जोड़ने पर" बीजीय व्यंजक $2x + 5$ होगा। दैनिक भाषा के कथनों को बीजीय व्यंजकों में बदलना इस अध्याय का महत्वपूर्ण अनुप्रयोग है।

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: व्यंजकों के प्रकार

प्रकार पदों की संख्या उदाहरण
एकपदी 1 3x, 7y²
द्विपदी 2 3x + 5
त्रिपदी 3 2a + 3b - 4
बहुपद 1 या अधिक x² + 2x + 1

तालिका 2: सर्वसमिकाएँ

सर्वसमिका विस्तार
(a + b)² a² + 2ab + b²
(a - b)² a² - 2ab + b²
(a + b)(a - b) a² - b²

माइंड मैप

graph TD A["बीजीय व्यंजक"] --> B["पद और गुणांक"] B --> B1["सजातीय, असमान पद"] A --> C["प्रकार"] C --> C1["एकपदी, द्विपदी, त्रिपदी"] A --> D["संक्रियाएँ"] D --> D1["जोड़-घटाव (सजातीय पद)"] A --> E["मान ज्ञात करना"] E --> E1["चर का मान प्रतिस्थापित करें"] A --> F["सर्वसमिकाएँ"] F --> F1["(a+b)², (a-b)², a²-b²"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

सजातीय पदों का जोड़

सजातीय पदों का जोड़ 3x सजातीय 5x सजातीय + 8x गुणांक जोड़ें, चर वही रहे स्वर्ण नियम: केवल सजातीय पद ही जोड़े या घटाए जा सकते हैं, चर भाग अपरिवर्तित रहता है

सर्वसमिका (a+b)²

(a + b)² = a² + 2ab + b² ab ab a b a b a² + ab + ab + b² = a² + 2ab + b²

स्वर्ण नियम बॉक्स

Golden Rule (स्वर्ण नियम) घटाते समय घटाव वाले व्यंजक के सभी पदों का चिह्न बदलकर जोड़ना चाहिए। 3x और 5y जैसे असमान पद नहीं जोड़े जा सकते।

सामान्य गलतियाँ

  1. असमान पदों को जोड़ना, जैसे $3x + 5y = 8xy$ लिखना गलत है; असमान पदों का योग इसी रूप में रहता है।
  2. सजातीय पदों में चर के घातांक को बदलना, जैसे $x + x = x^2$ लिखना गलत है; $x + x = 2x$ होता है।
  3. घटाव में चिह्न न बदलना, जैसे $(7x - 2y) - (3x + y)$ में $+y$ को $-y$ न बनाना गलत है।
  4. $3x$ का गुणांक 3 मानने के बजाय 0 मान लेना गलत है; यदि चर के साथ संख्या न हो तो गुणांक 1 होता है।
  5. व्यंजक का मान ज्ञात करते समय $3x$ में $x = 2$ रखने पर $3 \times 2 = 6$ के बजाय $32$ लिखना गलत है; गुणा की संक्रिया होती है।
  6. $(a - b)^2$ को $a^2 - b^2$ लिखना गलत है; सही विस्तार $a^2 - 2ab + b^2$ है।
  7. $(a + b)(a - b)$ को $a^2 + b^2$ लिखना गलत है; यह $a^2 - b^2$ होता है।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. जोड़-घटाव के प्रश्न में पहले सजातीय पदों को पहचानकर उन्हें एक साथ रखें।
  2. कोष्ठक खोलते समय चिह्नों के नियम लागू करें: $- (a + b) = -a - b$।
  3. सर्वसमिकाओं को कंठस्थ करें और उनके विस्तार में $2ab$ के पद को न भूलें।
  4. व्यंजक का मान ज्ञात करते समय चर के मान को कोष्ठक में रखकर गुणा करें।
  5. 'कथन से व्यंजक' बनाने में 'किसी संख्या' को $x$ मानें और शब्दों को संक्रियाओं में बदलें।
  6. सर्वसमिका से संख्याओं का वर्ग ज्ञात करने के लिए निकटतम पूर्ण संख्या के रूप में तोड़ें, जैसे $102^2 = (100+2)^2$।
  7. उत्तर में पदों के चिह्नों को अंत तक सही रखें और सजातीय पदों की जाँच करें।

निष्कर्ष

बीजीय व्यंजक बीजगणित की मूल भाषा हैं। पद, गुणांक, सजातीय-असमान पद और व्यंजकों के प्रकार की समझ से व्यंजकों का जोड़-घटाव और मान ज्ञात करना सरल हो जाता है। सर्वसमिकाएँ गणना को तीव्र और सटीक बनाती हैं। बीजीय व्यंजकों की दृढ़ समझ समीकरणों, घातांकों और आगे की कक्षाओं के बीजगणित की नींव है। नियमित अभ्यास से व्यंजकों की हर समस्या सरलता से हल होती है।