घातांक गणित की वह संकल्पना है जिससे किसी संख्या के बार-बार गुणा को संक्षेप में लिखा जाता है। जैसे $2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 = 2^5$, जहाँ 2 को आधार (Base) और 5 को घातांक (Exponent) कहते हैं। $2^5$ को "2 की घात 5" पढ़ा जाता है। घातांक का उपयोग अत्यधिक बड़ी और अत्यधिक छोटी संख्याओं को संक्षेप में लिखने के लिए भी होता है। इस अध्याय में हम घातांकों के नियम, घातांकीय संख्याओं की तुलना, मानक रूप (वैज्ञानिक संकेतन) और घातांकों के विभिन्न अनुप्रयोगों का अध्ययन करेंगे। प्रकाश की चाल, प्रकाश वर्ष, परमाणु का आकार आदि की संख्याएँ घातांकीय रूप में ही लिखी जाती हैं।
किसी संख्या का घातांकीय रूप लिखने के लिए आधार और घातांक का उपयोग किया जाता है: $$a^n = a \times a \times a \times \ldots (n \text{ बार})$$ यहाँ $a$ = आधार, $n$ = घातांक।
उदाहरण: - $10^3 = 10 \times 10 \times 10 = 1000$ - $5^4 = 5 \times 5 \times 5 \times 5 = 625$ - $2^7 = 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 2 = 128$
धनात्मक संख्या की घात सदैव धनात्मक होती है। ऋणात्मक संख्या की सम घात धनात्मक और विषम घात ऋणात्मक होती है। उदाहरण: $(-2)^4 = 16$ परंतु $(-2)^3 = -8$।
समान आधार वाली घातों के गुणा में घातांक जोड़े जाते हैं: $$a^m \times a^n = a^{m+n}$$ उदाहरण: $2^3 \times 2^4 = 2^{3+4} = 2^7$।
समान आधार वाली घातों के भाग में घातांक घटाए जाते हैं: $$a^m \div a^n = a^{m-n} \quad (m > n)$$ उदाहरण: $5^7 \div 5^3 = 5^{7-3} = 5^4$।
$$(a^m)^n = a^{m \times n}$$ उदाहरण: $(3^2)^4 = 3^{2 \times 4} = 3^8$।
$$(a \times b)^m = a^m \times b^m$$ उदाहरण: $(2 \times 3)^2 = 2^2 \times 3^2 = 4 \times 9 = 36$।
$$a^0 = 1 \quad (a \neq 0)$$ किसी भी अशून्य संख्या की शून्य घात का मान 1 होता है।
$$a^{-n} = \frac{1}{a^n}$$ उदाहरण: $2^{-3} = \frac{1}{2^3} = \frac{1}{8}$। इस प्रकार ऋणात्मक घातांक व्युत्क्रम को दर्शाता है।
बड़ी घातों वाली संख्याओं की तुलना करते समय घातांकों की तुलना की जाती है। जैसे $10^7$ और $10^5$ में $10^7$ बड़ी है। परंतु भिन्न आधारों वाली संख्याओं की तुलना करते समय पहले उन्हें समान आधार में बदलना पड़ता है।
उदाहरण: $2^8$ और $4^4$ की तुलना के लिए $4^4 = (2^2)^4 = 2^8$, अतः दोनों बराबर हैं। इसी प्रकार, $9^3$ और $27^2$ की तुलना के लिए $9^3 = (3^2)^3 = 3^6$ और $27^2 = (3^3)^2 = 3^6$, अतः दोनों बराबर हैं। तुलना के लिए संख्याओं को एक ही आधार पर लाना सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
अत्यधिक बड़ी या छोटी संख्याओं को मानक रूप (Standard Form) में लिखा जाता है। मानक रूप में संख्या को $a \times 10^n$ के रूप में लिखा जाता है, जहाँ $1 \le a < 10$ और $n$ एक पूर्णांक है।
उदाहरण: - $500000 = 5 \times 10^5$ - $0.0004 = 4 \times 10^{-4}$ - प्रकाश की चाल $\approx 3 \times 10^8$ मीटर/सेकंड - सूर्य की दूरी $\approx 1.5 \times 10^8$ किलोमीटर
मानक रूप में लिखने के लिए दशमलव बिंदु को इस प्रकार खिसकाया जाता है कि पहले अंक से पहले एक अंक बचे, और खिसकाई गई स्थितियों की संख्या ही 10 का घातांक बनती है। बिंदु बाएँ खिसकने पर घातांक धनात्मक और दाएँ खिसकने पर ऋणात्मक होता है।
घातांकों के प्रश्नों में दिए गए व्यंजकों को नियमों का उपयोग करके सरल किया जाता है। उदाहरण के लिए, $\frac{2^8 \times 2^3}{2^5} = 2^{8+3-5} = 2^6 = 64$। इसी प्रकार, $(5^2)^3 \div 5^4 = 5^6 \div 5^4 = 5^2 = 25$। संख्या को मानक रूप में बदलने के प्रश्नों में दशमलव बिंदु की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। दैनिक जीवन में जनसंख्या, दूरी, आयु जैसे बड़े मानों को मानक रूप में लिखा जाता है।
घातांकों का उपयोग बड़ी संख्याओं को संक्षेप में लिखने में होता है। उदाहरण के लिए, पृथ्वी की जनसंख्या लगभग $7 \times 10^9$, प्रकाश एक वर्ष में जितनी दूरी तय करता है (प्रकाश वर्ष) लगभग $9.46 \times 10^{15}$ मीटर, और जल के एक अणु में परमाणुओं की संख्या आदि। वैज्ञानिक संकेतन के रूप में भी जाना जाने वाला यह रूप विज्ञान और तकनीक की हर शाखा में प्रयुक्त होता है। घातांक के नियमों से इन गणनाओं को सरल बनाया जाता है।
| नियम | सूत्र | उदाहरण |
|---|---|---|
| गुणन | $a^m \times a^n = a^{m+n}$ | $2^3 \times 2^4 = 2^7$ |
| भाग | $a^m \div a^n = a^{m-n}$ | $5^7 \div 5^3 = 5^4$ |
| घात की घात | $(a^m)^n = a^{mn}$ | $(3^2)^4 = 3^8$ |
| गुणनफल की घात | $(ab)^m = a^m b^m$ | $(2 \times 3)^2 = 2^2 \times 3^2$ |
| शून्य घात | $a^0 = 1$ | $7^0 = 1$ |
| ऋणात्मक घात | $a^{-n} = 1/a^n$ | $2^{-3} = 1/8$ |
| संख्या | मानक रूप |
|---|---|
| 500000 | 5 × 10⁵ |
| 23000 | 2.3 × 10⁴ |
| 0.0004 | 4 × 10⁻⁴ |
| 0.000025 | 2.5 × 10⁻⁵ |
| 1000000 | 1 × 10⁶ |
घातांक और घात बड़ी संख्याओं को संक्षेप में लिखने और उनकी गणना करने का शक्तिशाली साधन हैं। घातांकों के नियम, शून्य तथा ऋणात्मक घातांक और मानक रूप की समझ इस अध्याय की कुंजी है। इन अवधारणाओं का उपयोग विज्ञान, तकनीक और दैनिक जीवन की बड़ी संख्याओं में सर्वत्र होता है। घातांकों की दृढ़ समझ आगे की कक्षाओं में वर्गमूल, घनमूल और वैज्ञानिक संकेतन के अध्ययन की नींव रखती है।