परिमाप और क्षेत्रफल दो महत्वपूर्ण माप हैं जो किसी आकृति की सीमा और सतह के आकार को बताते हैं। परिमाप (Perimeter) किसी बंद आकृति की चारों ओर की सीमा की कुल लंबाई है, जिसे लंबाई की इकाई (सेमी, मीटर) में मापा जाता है। क्षेत्रफल (Area) किसी आकृति द्वारा घेरी गई सतह का माप है, जिसे वर्ग इकाई (वर्ग सेमी, वर्ग मीटर) में मापा जाता है। इस अध्याय में हम समांतर चतुर्भुज और त्रिभुज का क्षेत्रफल, वृत्त का परिमाप (परिधि) और क्षेत्रफल, साथ ही वृत्त के अर्धवृत्त और अन्य आकृतियों से संबंधित समस्याओं का अध्ययन करेंगे। ये अवधारणाएँ दैनिक जीवन में भूमि का मापन, दीवार की पुताई, कालीन बिछाने आदि में उपयोगी हैं।
उदाहरण: यदि एक आयत की लंबाई 8 मीटर और चौड़ाई 5 मीटर है, तो परिमाप $= 2(8+5) = 26$ मीटर और क्षेत्रफल $= 8 \times 5 = 40$ वर्ग मीटर।
समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल उसके आधार और ऊँचाई के गुणनफल के बराबर होता है। $$\text{क्षेत्रफल} = \text{आधार} \times \text{ऊँचाई}$$ $$\text{ऊँचाई} = \frac{\text{क्षेत्रफल}}{\text{आधार}}, \quad \text{आधार} = \frac{\text{क्षेत्रफल}}{\text{ऊँचाई}}$$
यहाँ ऊँचाई आधार पर लंबवत होती है, भुजा पर नहीं। उदाहरण: यदि समांतर चतुर्भुज का आधार 10 सेमी और ऊँचाई 6 सेमी है, तो क्षेत्रफल $= 10 \times 6 = 60$ वर्ग सेमी। ऊँचाई के लिए दोनों समांतर भुजाओं के बीच की लंबवत दूरी ली जाती है।
किसी त्रिभुज का क्षेत्रफल उसके आधार और ऊँचाई के गुणनफल का आधा होता है। $$\text{क्षेत्रफल} = \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई}$$
उदाहरण: यदि त्रिभुज का आधार 12 सेमी और ऊँचाई 8 सेमी है, तो क्षेत्रफल $= \frac{1}{2} \times 12 \times 8 = 48$ वर्ग सेमी। यदि समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल $A$ है और उसका विकर्ण उसे दो सर्वांगसम त्रिभुजों में बाँटता है, तो प्रत्येक त्रिभुज का क्षेत्रफल $\frac{A}{2}$ होता है। समान आधार और समान ऊँचाई वाले समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल त्रिभुज के क्षेत्रफल का दोगुना होता है।
वृत्त की सीमा की लंबाई को परिधि कहते हैं। किसी वृत्त की परिधि का उसके व्यास से अनुपात सदैव स्थिर रहता है, जिसे $\pi$ (पाई) कहते हैं। $$\pi = \frac{\text{परिधि}}{\text{व्यास}} \approx \frac{22}{7} \approx 3.14$$ $$\text{परिधि} = 2 \pi r$$ जहाँ $r$ वृत्त की त्रिज्या है। वृत्त के किसी भाग की चाप (Arc) की लंबाई उसके कोण के समानुपाती होती है।
वृत्त का क्षेत्रफल उसकी त्रिज्या के वर्ग के $\pi$ गुने के बराबर होता है। $$\text{क्षेत्रफल} = \pi r^2$$
उदाहरण: यदि वृत्त की त्रिज्या 7 सेमी है, तो क्षेत्रफल $= \frac{22}{7} \times 7 \times 7 = 154$ वर्ग सेमी। अर्धवृत्त का क्षेत्रफल पूर्ण वृत्त के क्षेत्रफल का आधा होता है, अर्थात $\frac{\pi r^2}{2}$। व्यास $d$ दिया हो तो त्रिज्या $r = \frac{d}{2}$ होती है।
समस्या समाधान में पहले दी गई आकृति की पहचान कर उसका उपयुक्त सूत्र लगाना होता है। उदाहरण के लिए, "एक वृत्ताकार पार्क की त्रिज्या 14 मीटर है, तो उसकी परिधि" $= 2 \times \frac{22}{7} \times 14 = 88$ मीटर होगी। "एक समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल 120 वर्ग सेमी और आधार 15 सेमी है, तो ऊँचाई" $= \frac{120}{15} = 8$ सेमी होगी। कभी-कभी संयुक्त आकृतियों का क्षेत्रफल निकालना होता है, जिसमें आकृति को ज्ञात आकृतियों में विभाजित करके उनके क्षेत्रफलों का योग या अंतर निकाला जाता है।
| आकृति | परिमाप | क्षेत्रफल |
|---|---|---|
| आयत (l, b) | 2(l + b) | l × b |
| वर्ग (s) | 4s | s² |
| समांतर चतुर्भुज (b, h) | 2(भुजाओं का योग) | b × h |
| त्रिभुज (b, h) | भुजाओं का योग | ½ × b × h |
| वृत्त (r) | 2πr | πr² |
| अर्धवृत्त (r) | πr + 2r | πr²/2 |
| प्रयोग | π का मान |
|---|---|
| त्रिज्या 7 या 14 | 22/7 |
| त्रिज्या दशमलव में | 3.14 |
| परिधि/व्यास | सदैव π |
परिमाप और क्षेत्रफल मापन की मूल अवधारणाएँ हैं जिनका उपयोग वास्तविक जीवन में सर्वत्र होता है। इस अध्याय में हमने आयत, वर्ग, समांतर चतुर्भुज, त्रिभुज और वृत्त के परिमाप तथा क्षेत्रफल के सूत्रों का अध्ययन किया। ऊँचाई की सही पहचान और $\pi$ के उचित मान का चयन इस अध्याय की सफलता की कुंजी है। इन सूत्रों की दृढ़ समझ आगे की कक्षाओं में क्षेत्रमिति के अध्ययन की नींव रखती है।