समीकरण गणित की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जो दो व्यंजकों की समानता को दर्शाती है। जब दो बीजीय व्यंजकों को '=' चिह्न से जोड़ा जाता है, तो वह समीकरण कहलाता है। एक चर वाले रैखिक समीकरण को सरल समीकरण कहते हैं, जैसे $3x + 5 = 20$। समीकरण में चर (Variable) वह अज्ञात राशि है जिसका मान हमें ज्ञात करना होता है। इस अध्याय में हम समीकरण बनाना, उन्हें संतुलन विधि और पक्षांतरण विधि से हल करना तथा दैनिक जीवन की समस्याओं को समीकरण में बदलकर हल करना सीखेंगे। समीकरण को तराजू (Balance) के रूप में सोचा जा सकता है, जहाँ दोनों पलड़ों का वजन बराबर होता है।
समीकरण एक कथन है जो दो व्यंजकों की समानता को प्रदर्शित करता है। समीकरण के बाईं ओर के व्यंजक को वाम पक्ष (LHS) और दाईं ओर के व्यंजक को दक्षिण पक्ष (RHS) कहते हैं। समीकरण में हमेशा '=' चिह्न होता है।
उदाहरण के लिए, समीकरण $2x + 3 = 11$ में $x = 4$ रखने पर $2(4) + 3 = 11$ प्राप्त होता है, अतः $x = 4$ समीकरण का हल है। किसी मान को समीकरण में प्रतिस्थापित करके यह जाँच की जा सकती है कि वह हल है या नहीं।
दी गई स्थिति या कथन से समीकरण बनाने की प्रक्रिया में पहले अज्ञात राशि को चर (जैसे $x$ या $y$) माना जाता है, फिर कथन के अनुसार बीजीय व्यंजक लिखा जाता है।
कथन को ध्यानपूर्वक पढ़कर पहले चर मान लेना और फिर समीकरण बनाना आवश्यक है। समीकरण बनाने के बाद उसका हल ज्ञात किया जाता है।
समीकरण एक तराजू की तरह है। यदि हम दोनों पलड़ों से समान राशि जोड़ते, घटाते, गुणा करते या भाग देते हैं, तो संतुलन बना रहता है। इसलिए समीकरण के दोनों पक्षों पर समान संक्रिया करने से समीकरण सत्य बना रहता है।
उदाहरण: $2x + 5 = 13$ 1. दोनों पक्षों से 5 घटाएँ: $2x = 8$ 2. दोनों पक्षों को 2 से भाग दें: $x = 4$
इस विधि में किसी पद को समीकरण के एक पक्ष से दूसरे पक्ष में ले जाते समय उसका चिह्न बदल दिया जाता है। जोड़ को घटाव में, घटाव को जोड़ में, गुणा को भाग में और भाग को गुणा में बदल दिया जाता है।
उदाहरण: $5x - 3 = 12$ 1. -3 को दाएँ पक्ष में +3 के रूप में ले जाएँ: $5x = 12 + 3 = 15$ 2. 5 को दाएँ पक्ष में भाग के रूप में ले जाएँ: $x = \frac{15}{5} = 3$
पक्षांतरण विधि वास्तव में संतुलन विधि का ही संक्षिप्त रूप है।
कुछ समीकरणों में चर के पद दोनों पक्षों में होते हैं, जैसे $5x - 3 = 2x + 9$। ऐसे समीकरणों को हल करते समय पहले चर के सभी पदों को एक पक्ष में और अचर पदों को दूसरे पक्ष में लाया जाता है।
उदाहरण: $5x - 3 = 2x + 9$ 1. $2x$ को बाएँ पक्ष में ले जाएँ: $5x - 2x - 3 = 9$ 2. $3$ को दाएँ पक्ष में ले जाएँ: $3x = 9 + 3 = 12$ 3. $x = \frac{12}{3} = 4$
यदि समीकरण में कोष्ठक हों, तो पहले वितरण नियम से कोष्ठक खोले जाते हैं, जैसे $3(x + 2) = 15 \Rightarrow 3x + 6 = 15$।
यदि समीकरण में भिन्न हों, तो दोनों पक्षों को उपयुक्त संख्या से गुणा करके हरों को हटाया जाता है, जैसे $\frac{x}{2} + 3 = 7 \Rightarrow x + 6 = 14$।
दैनिक जीवन की समस्याओं को हल करने के लिए हम कथन को समीकरण में बदलते हैं। उदाहरण के लिए, "एक संख्या का 5 गुना 20 से 5 अधिक है" को $5x = 20 + 5 = 25$ लिखकर हल करने पर $x = 5$ प्राप्त होता है। "दो क्रमागत विषम संख्याओं का योग 24 है" को $x + (x+2) = 24$ लिखकर हल करने पर संख्याएँ 11 और 13 प्राप्त होती हैं। "पिता की आयु पुत्र की आयु की तीन गुनी है और दोनों की आयु का योग 48 वर्ष है" को $3y + y = 48$ लिखकर हल करने पर पुत्र की आयु 12 वर्ष और पिता की आयु 36 वर्ष प्राप्त होती है।
समीकरण बनाते समय चर की पहचान सबसे महत्वपूर्ण है, और हल प्राप्त करने के बाद उत्तर को मूल कथन में जाँचना नहीं भूलना चाहिए।
| पक्षांतरण | परिवर्तित रूप | उदाहरण |
|---|---|---|
| +a जोड़ा हुआ | -a बनकर जाता है | $x + 5 = 9 \Rightarrow x = 9 - 5$ |
| -a घटाया हुआ | +a बनकर जाता है | $x - 5 = 9 \Rightarrow x = 9 + 5$ |
| ×a से गुणा | ÷a बनकर जाता है | $5x = 20 \Rightarrow x = 20 ÷ 5$ |
| ÷a से भाग | ×a बनकर जाता है | $x ÷ 5 = 9 \Rightarrow x = 9 × 5$ |
| कथन | समीकरण | हल |
|---|---|---|
| किसी संख्या का तीन गुना 21 है | $3x = 21$ | $x = 7$ |
| किसी संख्या में 8 जोड़ने पर 20 मिलता है | $x + 8 = 20$ | $x = 12$ |
| किसी संख्या के दो गुने में से 4 घटाने पर 10 मिलता है | $2x - 4 = 10$ | $x = 7$ |
| किसी संख्या का आधा 6 है | $x/2 = 6$ | $x = 12$ |
सरल समीकरण गणित की वह शक्ति है जो अज्ञात राशियों को ज्ञात करने की क्षमता देती है। समीकरण को तराजू की तरह संतुलित रखकर संतुलन विधि या पक्षांतरण विधि से हल किया जा सकता है। समीकरण बनाने और हल करने की दृढ़ समझ बीजगणित की नींव है, जिस पर आगे के अध्याय बीजीय व्यंजक और राशियों की तुलना आधारित हैं। नियमित अभ्यास से समीकरणों की हर समस्या, चाहे वह कथन रूप में हो या गणितीय रूप में, सरलता से हल की जा सकती है।