कंप्यूटर आधुनिक युग का सबसे चमत्कारिक आविष्कार है। 'कंप्यूटर' (Computer) शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजी शब्द 'Compute' से हुई है, जिसका अर्थ है 'गणना करना'। प्रारंभ में कंप्यूटर का उपयोग केवल गणनाएँ करने के लिए किया जाता था, परंतु आज कंप्यूटर हर क्षेत्र में कार्य करता है। कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो दिए गए आँकड़ों (Data) को इनपुट के रूप में ग्रहण करती है, उन पर निर्देशों के अनुसार प्रक्रिया करती है, और परिणाम को आउटपुट के रूप में प्रस्तुत करती है। कंप्यूटर को सामान्य भाषा में इनपुट-प्रोसेस-आउटपुट मॉडल या IPO मॉडल कहा जाता है। कंप्यूटर का उपयोग डेटा को संग्रहीत करने, सूचना को व्यवस्थित करने, गणितीय गणनाएँ करने, चित्र बनाने, संगीत सुनने, फिल्म देखने और इंटरनेट पर संचार करने में किया जाता है। आज कंप्यूटर के बिना किसी भी संस्थान या घर का जीवन अधूरा प्रतीत होता है।
कंप्यूटर को इतना लोकप्रिय बनाने वाले उसके गुण निम्नलिखित हैं।
कंप्यूटर अत्यंत तीव्र गति से कार्य करता है। यह एक सेकंड में लाखों-करोड़ों गणनाएँ कर सकता है। इसकी गति को माइक्रोसेकंड, नैनोसेकंड और पिकोसेकंड में मापा जाता है।
कंप्यूटर बड़ी-से-बड़ी गणना को भी बिल्कुल शुद्ध रूप से करता है। यदि इनपुट सही दिया जाए, तो आउटपुट सदैव सही प्राप्त होता है। यह थकान महसूस नहीं करता।
कंप्यूटर घंटों, दिनों और महीनों तक बिना थके, बिना गलती किए एक जैसे कार्य को दोहरा सकता है। यह इंसानों के विपरीत ऊबता या थकता नहीं है।
कंप्यूटर एक साथ अनेक प्रकार के कार्य कर सकता है। यह किसी विशेष कार्य के लिए बनाया गया उपकरण नहीं है; इसका उपयोग हर क्षेत्र में किया जा सकता है।
कंप्यूटर में बहुत बड़ी मात्रा में डेटा को संग्रहीत करने की क्षमता होती है। हम अपनी सूचनाओं को हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सीडी आदि में सहेज सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।
कंप्यूटर में भावनाएँ नहीं होतीं। यह किसी के पक्ष या विपक्ष में निर्णय नहीं लेता। इसीलिए इसे निष्पक्ष मशीन कहा जाता है। हालाँकि, यह अपनी बुद्धि से निर्णय नहीं लेता; इसे हर कदम पर निर्देश दिए जाने आवश्यक होते हैं। यही कारण है कि कंप्यूटर के पास स्वयं का IQ (Intelligence Quotient) नहीं होता, इसे 'Zero IQ' मशीन कहा जाता है।
कंप्यूटर के विकास को समय के आधार पर पाँच पीढ़ियों में विभाजित किया गया है।
| पीढ़ी | काल | मुख्य तकनीक | विशेषता |
|---|---|---|---|
| प्रथम पीढ़ी | 1940–1956 | वैक्यूम ट्यूब | बहुत बड़े आकार, अधिक बिजली और गर्मी; उदाहरण - ENIAC, UNIVAC |
| द्वितीय पीढ़ी | 1956–1963 | ट्रांजिस्टर | वैक्यूम ट्यूब की तुलना में छोटे, तेज़ और सस्ते |
| तृतीय पीढ़ी | 1964–1971 | एकीकृत परिपथ (IC) | आकार में और छोटे; कीबोर्ड और मॉनिटर का प्रयोग शुरू |
| चतुर्थ पीढ़ी | 1971–1980 | माइक्रोप्रोसेसर | पर्सनल कंप्यूटर (PC) का जन्म; गुई (GUI) का आगमन |
| पंचम पीढ़ी | 1980 से अब तक | कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) | सोचने-समझने की कोशिश, रोबोट, आधुनिक तकनीक |
कंप्यूटर को विभिन्न आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है।
कंप्यूटर के कार्य को तीन मुख्य चरणों में समझा जा सकता है। पहला चरण इनपुट है, जिसमें कीबोर्ड, माउस आदि उपकरणों के द्वारा डेटा को कंप्यूटर में दिया जाता है। दूसरा चरण प्रोसेसिंग है, जिसमें सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) डेटा पर गणना और निर्णय करता है। तीसरा चरण आउटपुट है, जिसमें प्राप्त परिणाम को मॉनिटर या प्रिंटर पर प्रदर्शित किया जाता है। इसके अलावा, परिणाम को बाद में उपयोग के लिए मेमोरी में संग्रहीत भी किया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया को डेटा प्रोसेसिंग कहते हैं। कच्चे डेटा के प्रोसेस होने पर सार्थक सूचना (Information) प्राप्त होती है। डेटा तथ्यों का कच्चा रूप है, जबकि सूचना प्रोसेस किया हुआ, अर्थपूर्ण डेटा है।
कंप्यूटर का उपयोग आज लगभग हर क्षेत्र में हो रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में ऑनलाइन कक्षाएँ, डिजिटल पुस्तकालय और ई-लर्निंग का प्रचलन बढ़ गया है। बैंकिंग क्षेत्र में एटीएम, नेट बैंकिंग और ऑनलाइन लेनदेन संभव हुए हैं। रेलवे में टिकट आरक्षण, ट्रेन चलाने और ट्रैक नियंत्रण का कार्य कंप्यूटर से होता है। अस्पतालों में रोगों की जाँच, ऑपरेशन (लैप्रोस्कोपी) और रोगी के रिकॉर्ड का प्रबंधन कंप्यूटर द्वारा होता है। मनोरंजन के लिए गेम, फिल्म, संगीत और ओटीटी प्लेटफॉर्म कंप्यूटर पर ही चलते हैं। इसके अलावा, मौसम पूर्वानुमान, अंतरिक्ष अनुसंधान, छपाई उद्योग, कृषि, यातायात प्रबंधन और वैज्ञानिक गणनाओं में भी कंप्यूटर का भरपूर उपयोग होता है। कंप्यूटर के कारण पूरी दुनिया आपस में जुड़ गई है और सूचना का आदान-प्रदान कुछ ही क्षणों में संभव हो गया है।
कंप्यूटर के अनेक गुण होते हुए भी इसकी कुछ सीमाएँ भी हैं। सबसे पहली सीमा यह है कि कंप्यूटर स्वयं से कोई निर्णय नहीं ले सकता; इसे पूर्ण निर्देश दिए जाने आवश्यक हैं। दूसरी सीमा यह है कि कंप्यूटर 'गार्बेज इन गार्बेज आउट' (GIGO) के सिद्धांत पर कार्य करता है, अर्थात यदि इनपुट गलत होगा तो आउटपुट भी गलत होगा। तीसरी सीमा यह है कि कंप्यूटर के बिना बिजली चालू नहीं होता। इसके अलावा, कंप्यूटर को चलाने के लिए उपयुक्त सॉफ्टवेयर और कुशल उपयोगकर्ता की आवश्यकता होती है। अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य पर प्रभाव भी पड़ता है।
| पीढ़ी | मुख्य तकनीक | मुख्य उदाहरण |
|---|---|---|
| प्रथम | वैक्यूम ट्यूब | ENIAC, UNIVAC |
| द्वितीय | ट्रांजिस्टर | IBM 1401 |
| तृतीय | एकीकृत परिपथ (IC) | IBM 360 |
| चतुर्थ | माइक्रोप्रोसेसर | पर्सनल कंप्यूटर |
| पंचम | कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) | रोबोट, स्मार्ट डिवाइस |
| आधार | प्रकार | विवरण |
|---|---|---|
| कार्य के आधार पर | एनालॉग, डिजिटल, हाइब्रिड | निरंतर राशियाँ, द्विआधारी अंक, दोनों की मिली विशेषताएँ |
| आकार के आधार पर | सुपर, मेनफ्रेम, मिनी, माइक्रो | सबसे बड़ा से लेकर पर्सनल कंप्यूटर तक |
| ब्रांड के आधार पर | IBM PC, Apple Macintosh | निर्माता कंपनी के अनुसार |
कंप्यूटर आधुनिक युग का सबसे उपयोगी आविष्कार है जो अपनी अद्भुत गति, शुद्धता और भंडारण क्षमता के कारण हर क्षेत्र में काम आता है। वैक्यूम ट्यूब से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक की पाँच पीढ़ियों में विकसित होते हुए यह आज सबके हाथों में पहुँच गया है। यह याद रखना आवश्यक है कि कंप्यूटर केवल एक निर्देशों पर चलने वाली मशीन है, जिसकी अपनी कोई बुद्धि नहीं होती। यदि इनपुट शुद्ध होगा तभी आउटपुट शुद्ध होगा। अतः कंप्यूटर की मूलभूत अवधारणाओं को समझकर ही हम इसका सही और लाभदायक उपयोग कर सकते हैं। यह ज्ञान आगे की कक्षाओं में हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और प्रोग्रामिंग की समझ का आधार तैयार करता है।