कंप्यूटर प्रणाली दो मुख्य भागों से मिलकर बनी होती है - हार्डवेयर (Hardware) और सॉफ्टवेयर (Software)। कंप्यूटर के वे सभी भौतिक भाग जिन्हें हम छू सकते हैं, देख सकते हैं और महसूस कर सकते हैं, हार्डवेयर कहलाते हैं। उदाहरण के लिए कीबोर्ड, माउस, मॉनिटर, सीपीयू, प्रिंटर आदि। इसके विपरीत, सॉफ्टवेयर निर्देशों का वह समूह है जो हार्डवेयर को कार्य करने का तरीका बताता है। सॉफ्टवेयर को हम छू नहीं सकते; यह केवल देखा जा सकता है। जिस प्रकार बिना आत्मा के शरीर निर्जीव होता है, उसी प्रकार बिना सॉफ्टवेयर के हार्डवेयर निर्जीव मशीन है। हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों एक-दूसरे पर निर्भर हैं। सॉफ्टवेयर के बिना हार्डवेयर बेकार है और हार्डवेयर के बिना सॉफ्टवेयर चल नहीं सकता। यह समझना आवश्यक है कि ये दोनों मिलकर ही एक पूर्ण कंप्यूटर प्रणाली बनाते हैं।
हार्डवेयर कंप्यूटर का भौतिक स्वरूप है। इसे हम अपने हाथों से छू सकते हैं। हार्डवेयर को मुख्य रूप से चार भागों में बाँटा जाता है - इनपुट डिवाइस, आउटपुट डिवाइस, प्रोसेसिंग डिवाइस और भंडारण डिवाइस।
इनपुट डिवाइस वे उपकरण हैं जिनके द्वारा हम डेटा और निर्देशों को कंप्यूटर में प्रवेश कराते हैं। प्रमुख इनपुट डिवाइस निम्नलिखित हैं।
आउटपुट डिवाइस वे उपकरण हैं जिनके द्वारा कंप्यूटर प्रोसेस किए गए परिणामों को हम तक पहुँचाता है।
सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) कंप्यूटर का मस्तिष्क कहलाता है। यह सभी गणनाओं और निर्णयों को करता है। CPU के तीन मुख्य भाग होते हैं - अंकगणितीय तर्क इकाई (ALU), नियंत्रण इकाई (CU) और मेमोरी यूनिट (MU)।
डेटा को स्थायी रूप से सहेजने के लिए भंडारण डिवाइस का उपयोग होता है। हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सीडी, डीवीडी और मेमोरी कार्ड प्रमुख भंडारण डिवाइस हैं।
सॉफ्टवेयर निर्देशों, प्रोग्रामों और प्रक्रियाओं का समूह है जो कंप्यूटर को यह बताता है कि क्या करना है और कैसे करना है। सॉफ्टवेयर को हम देख सकते हैं परंतु छू नहीं सकते। सॉफ्टवेयर के मुख्य तीन प्रकार होते हैं - सिस्टम सॉफ्टवेयर, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर और प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर।
यह सॉफ्टवेयर कंप्यूटर की आंतरिक कार्यप्रणाली को नियंत्रित करता है और हार्डवेयर तथा उपयोगकर्ता के बीच सेतु का कार्य करता है। इसका सबसे प्रमुख उदाहरण ऑपरेटिंग सिस्टम है, जैसे विंडोज़, लिनक्स, एंड्रॉइड। इसके अलावा डिवाइस ड्राइवर और यूटिलिटी प्रोग्राम भी सिस्टम सॉफ्टवेयर के अंतर्गत आते हैं।
यह सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ता के विशिष्ट कार्यों को पूरा करने के लिए बनाया जाता है। जैसे एमएस वर्ड (दस्तावेज़ बनाना), एमएस एक्सेल (गणना करना), एमएस पावरपॉइंट (प्रेजेंटेशन बनाना), पेंट, गेम्स और ब्राउज़र। एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को दो भागों में बाँटा जा सकता है - सामान्य उद्देश्य के अनुप्रयोग (जैसे वर्ड प्रोसेसर) और विशेष उद्देश्य के अनुप्रयोग (जैसे बिलिंग सॉफ्टवेयर, स्कूल प्रबंधन सॉफ्टवेयर)।
इसकी सहायता से डेवलपर नए सॉफ्टवेयर बनाते हैं। इसमें प्रोग्रामिंग भाषाएँ और ट्रांसलेटर (कंपाइलर, इंटरप्रेटर) आते हैं। पाइथन, सी++, जावा प्रोग्रामिंग भाषाओं के उदाहरण हैं।
मेमोरी कंप्यूटर में डेटा को सहेजने की क्षमता है। मेमोरी दो प्रकार की होती है - प्राइमरी मेमोरी और सेकेंडरी मेमोरी।
यह मुख्य मेमोरी है जो सीपीयू के सबसे निकट होती है। यह तेज़ होती है परंतु अस्थायी होती है। इसे दो भागों में बाँटा जाता है - RAM और ROM। RAM (रैंडम एक्सेस मेमोरी) अस्थायी मेमोरी है जिसमें डेटा तब तक रहता है जब तक बिजली चालू रहती है। बिजली बंद होते ही RAM का डेटा मिट जाता है। ROM (रीड ओनली मेमोरी) स्थायी मेमोरी है जिसमें निर्माता कंपनी द्वारा आवश्यक निर्देश स्थायी रूप से सहेजे जाते हैं; इसमें केवल पढ़ा जा सकता है।
इसे सहायक मेमोरी भी कहते हैं। यह स्थायी होती है और इसकी क्षमता बहुत अधिक होती है। हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सीडी, डीवीडी सेकेंडरी मेमोरी के उदाहरण हैं। बिजली बंद होने पर भी इसमें सहेजा गया डेटा सुरक्षित रहता है। इसके अलावा कैश मेमोरी भी होती है जो सीपीयू की गति बढ़ाने के लिए सबसे तेज़ रैम के बीच कार्य करती है।
हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर एक दूसरे के पूरक हैं। किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए दोनों का साथ-साथ होना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, कीबोर्ड (हार्डवेयर) से जब हम कोई अक्षर दबाते हैं, तो सॉफ्टवेयर (ऑपरेटिंग सिस्टम) उसे समझकर मॉनिटर पर प्रदर्शित करता है। बिना सॉफ्टवेयर के हार्डवेयर केवल बिजली से चलने वाला बेकार का ढाँचा है, और बिना हार्डवेयर के सॉफ्टवेयर मात्र एक अमूर्त अवधारणा। इस संबंध को समझने के लिए हम गाड़ी का उदाहरण ले सकते हैं - हार्डवेयर गाड़ी का ढाँचा है और सॉफ्टवेयर उसे चलाने वाला चालक। दोनों के संयोजन से ही गाड़ी गंतव्य तक पहुँचती है।
हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच की एक विशेष श्रेणी फर्मवेयर है। फर्मवेयर सॉफ्टवेयर का वह विशेष रूप है जो हार्डवेयर डिवाइस में स्थायी रूप से सहेजा रहता है, जैसे कैलकुलेटर, राउटर या कंप्यूटर की BIOS। इसे बदलना आसान नहीं होता। यह उपकरण के निर्माण के समय ही उसमें स्थापित कर दिया जाता है।
| डिवाइस | प्रकार | कार्य |
|---|---|---|
| कीबोर्ड | इनपुट | अक्षर और अंक लिखना |
| माउस | इनपुट | कर्सर से चयन करना |
| स्कैनर | इनपुट | चित्र/दस्तावेज़ डिजिटल करना |
| माइक्रोफोन | इनपुट | ध्वनि देना |
| मॉनिटर | आउटपुट | परिणाम प्रदर्शित करना |
| प्रिंटर | आउटपुट | कागज़ पर मुद्रण |
| स्पीकर | आउटपुट | ध्वनि सुनाना |
| मेमोरी | प्रकार | विशेषता |
|---|---|---|
| RAM | प्राइमरी, अस्थायी | बिजली बंद होते ही डेटा मिट जाता है |
| ROM | प्राइमरी, स्थायी | केवल पढ़ा जा सकता है |
| हार्ड डिस्क | सेकेंडरी, स्थायी | अधिक क्षमता, डेटा सुरक्षित रहता है |
| पेन ड्राइव | सेकेंडरी, स्थायी | पोर्टेबल भंडारण |
| कैश | प्राइमरी, सबसे तेज़ | सीपीयू की गति बढ़ाती है |
हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर कंप्यूटर प्रणाली के दो अभिन्न अंग हैं। हार्डवेयर कंप्यूटर का भौतिक ढाँचा है और सॉफ्टवेयर उसे गति देने वाली शक्ति। इनपुट डिवाइस डेटा देते हैं, CPU उसे प्रोसेस करता है और आउटपुट डिवाइस परिणाम प्रस्तुत करते हैं। मेमोरी की दृष्टि से RAM अस्थायी और ROM तथा सेकेंडरी मेमोरी स्थायी होती है। इस अध्याय की समझ आगे ऑपरेटिंग सिस्टम और विभिन्न एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को सीखने का आधार बनाती है। कंप्यूटर का सही उपयोग तभी संभव है जब हम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों की भूमिका को पूरी तरह समझें।