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1. परिचय

पाइथन (Python) एक उच्च-स्तरीय, व्याख्या की जाने वाली (interpreted) प्रोग्रामिंग भाषा है। इसका विकास गुइडो वान रोसम (Guido van Rossum) ने 1991 में किया था। पाइथन को सीखना बहुत आसान है क्योंकि इसकी भाषा साधारण अंग्रेजी के करीब है। पाइथन का उपयोग वेब विकास, डेटा विश्लेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वैज्ञानिक गणनाओं और गेम विकास में होता है। पाइथन कोड को पढ़ना और समझना आसान होता है, इसलिए इसे शुरुआती लोगों के लिए सर्वोत्तम भाषा माना जाता है। पाइथन कोड को .py विस्तार से सहेजा जाता है। पाइथन के मुख्य संस्करण पाइथन 2 और पाइथन 3 हैं; वर्तमान में पाइथन 3 का उपयोग होता है।

2. पाइथन की विशेषताएँ (Features)

3. वेरिएबल और डेटा टाइप (Variables and Data Types)

वेरिएबल (Variable)

वेरिएबल मेमोरी में डेटा सहेजने के लिए दिया गया नाम है। पाइथन में वेरिएबल बनाते समय उसका प्रकार बताने की आवश्यकता नहीं होती; पाइथन स्वयं निर्धारित कर लेता है। उदाहरण के लिए:

name = "राहुल"   # टेक्स्ट (String)
age = 12         # पूर्णांक (Integer)
marks = 85.5     # दशमलव (Float)

वेरिएबल के नियम: नाम अक्षर या अंडरस्कोर से शुरू होना चाहिए, उसमें स्पेस नहीं होना चाहिए और वह संख्या से शुरू नहीं होना चाहिए।

प्रमुख डेटा टाइप

डेटा टाइप विवरण उदाहरण
int पूर्णांक 12, -5, 100
float दशमलव संख्या 3.14, 85.5
str टेक्स्ट "नमस्ते"
bool सत्य/असत्य True, False

4. इनपुट और आउटपुट (Input and Output)

प्रिंट (Print)

पाइथन में आउटपुट प्रदर्शित करने के लिए print() फ़ंक्शन का उपयोग होता है।

print("नमस्ते, पाइथन!")
print(5 + 3)

इनपुट (Input)

उपयोगकर्ता से डेटा लेने के लिए input() फ़ंक्शन का उपयोग होता है। input() से प्राप्त मान हमेशा टेक्स्ट (str) के रूप में होता है।

name = input("अपना नाम लिखें: ")
print("नमस्ते, " + name)

गणनाओं के लिए input() से मिले मान को int() या float() द्वारा परिवर्तित करना पड़ता है, जैसे age = int(input("आयु: ")).

5. ऑपरेटर (Operators)

ऑपरेटर वे चिह्न हैं जो डेटा पर संक्रियाएँ करते हैं।

अंकगणितीय ऑपरेटर (Arithmetic Operators)

तुलना ऑपरेटर (Comparison Operators)

== (बराबर), != (बराबर नहीं), > (बड़ा), < (छोटा), >= (बड़ा या बराबर), <= (छोटा या बराबर)। इनका परिणाम True या False होता है।

तार्किक ऑपरेटर (Logical Operators)

and (और), or (या), not (नहीं)।

6. कंडीशनल स्टेटमेंट (Conditional Statements)

कंडीशनल स्टेटमेंट का उपयोग निर्णय लेने के लिए होता है। पाइथन में if, elif और else का उपयोग होता है।

marks = int(input("प्राप्तांक: "))
if marks >= 33:
    print("उत्तीर्ण")
else:
    print("अनुत्तीर्ण")

if स्थिति सत्य होने पर उसका ब्लॉक चलता है, नहीं तो else का ब्लॉक। कई स्थितियों की जाँच के लिए elif का उपयोग होता है। पाइथन में ब्लॉक की पहचान इंडेंटेशन (स्पेस/टैब) से होती है, इसलिए इंडेंटेशन का ध्यान रखना आवश्यक है।

7. लूप्स (Loops)

लूप्स से एक कार्य को बार-बार दोहराया जा सकता है। पाइथन में दो मुख्य लूप होते हैं - for लूप और while लूप। लूप की सहायता से हम बड़ी गणनाओं को बहुत कम कोड में कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि हमें 1 से 100 तक की संख्याओं का योग निकालना हो, तो बार-बार जोड़ने के बजाय एक लूप के अंदर केवल कुछ पंक्तियाँ लिखकर कार्य पूरा किया जा सकता है। लूप के उपयोग से समय की बचत होती है और कोड सरल बना रहता है। पाइथन में कोड में टिप्पणी (Comment) जोड़ने के लिए '#' चिह्न का उपयोग किया जाता है; टिप्पणी कोड समझने में सहायता करती है और उसे पाइथन नहीं चलाता।

for लूप

जब हमें ज्ञात हो कि कितनी बार दोहराना है, तो for लूप का उपयोग होता है।

for i in range(1, 6):
    print(i)

while लूप

जब स्थिति सत्य हो, तब तक लूप चलता है।

i = 1
while i <= 5:
    print(i)
    i = i + 1

8. पाइथन प्रोग्राम के उदाहरण

दो संख्याओं का योग

a = 10
b = 20
print(a + b)   # आउटपुट: 30

बड़ी संख्या ज्ञात करना

a = int(input("पहली संख्या: "))
b = int(input("दूसरी संख्या: "))
if a > b:
    print("पहली बड़ी है")
else:
    print("दूसरी बड़ी है")

1 से 10 तक की संख्याएँ

for i in range(1, 11):
    print(i)
graph TD A["पाइथन"] --> B["वेरिएबल"] A --> C["डेटा टाइप"] A --> D["नियंत्रण"] D --> D1["if-elif-else"] D --> D2["for लूप"] D --> D3["while लूप"] B --> E["नाम = मान"] C --> F["int, float, str, bool"]

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: डेटा टाइप

डेटा टाइप विवरण उदाहरण
int पूर्णांक 12
float दशमलव 3.14
str टेक्स्ट "नमस्ते"
bool सत्य/असत्य True

तालिका 2: अंकगणितीय ऑपरेटर

ऑपरेटर कार्य उदाहरण
+ जोड़ 5+3=8
- घटाव 5-3=2
* गुणा 5*3=15
/ भाग 6/3=2.0
// पूर्णांक भाग 7//2=3
% शेषफल 7%2=1
** घातांक 2**3=8

माइंड मैप

graph TD A["पाइथन प्रोग्रामिंग"] --> B["वेरिएबल"] A --> C["इनपुट/आउटपुट"] A --> D["ऑपरेटर"] A --> E["कंडीशन"] A --> F["लूप्स"] C --> G["print()"] C --> H["input()"] E --> I["if, elif, else"] F --> J["for, while"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

आरेख 1: पाइथन प्रोग्राम का प्रवाह

पाइथन प्रोग्राम का प्रवाह प्रारंभ input() से डेटा लें प्राप्तांक = int(input(...)) if marks >= 33 ? निर्णय (नियंत्रण) उत्तीर्ण (True) print("उत्तीर्ण") अनुत्तीर्ण (False) print("अनुत्तीर्ण") स्वर्ण नियम (Golden Rule) if-else निर्णय स्थिति True या False के अनुसार ब्लॉक चलाता है।

आरेख 2: for लूप की कार्यप्रणाली

for लूप की कार्यप्रणाली i = 1 प्रारंभिक मान क्या i <= 5 है? स्थिति की जाँच हाँ (True) print(i) चलाएँ i को बढ़ाएँ i = i + 1 नहीं (False) लूप समाप्त स्वर्ण नियम (Golden Rule) जब तक स्थिति True है, लूप दोहराया जाता है; False पर समाप्त।

सामान्य गलतियाँ

  1. इंडेंटेशन (इंडेंट) का ध्यान न रखना; पाइथन में ब्लॉक की पहचान इंडेंटेशन से होती है, गलत इंडेंटेशन से त्रुटि आती है।
  2. input() से मिले मान को int() में न बदलना; input() हमेशा टेक्स्ट देता है, इसलिए गणना से पहले int() या float() से परिवर्तन करना पड़ता है।
  3. print के साथ कोष्ठक नहीं लगाना; पाइथन 3 में print() कोष्ठक के साथ ही लिखा जाता है।
  4. तुलना में '=' की जगह '==' लिखना; '=' मान निर्धारित करता है और '==' तुलना करता है।
  5. वेरिएबल का नाम संख्या से शुरू करना; वेरिएबल का नाम अक्षर या अंडरस्कोर से ही शुरू होना चाहिए।
  6. रेंज (range) में अंतिम संख्या को शामिल समझना; range(1, 6) में 1 से 5 तक के मान आते हैं, 6 नहीं।
  7. while लूप में i की वृद्धि न करना; वृद्धि के बिना लूप अनंत (infinite) हो जाता है।
  8. स्ट्रिंग को उद्धरणों में न लिखना; टेक्स्ट को " " या ' ' में लिखना आवश्यक है।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. पाइथन के जनक गुइडो वान रोसम और वर्ष 1991 को याद रखें।
  2. int, float, str, bool डेटा टाइप के उदाहरण लिखें।
  3. if-elif-else और for तथा while लूप का एक-एक उदाहरण कोड लिखें।
  4. अंकगणितीय और तुलना ऑपरेटरों की सूची बनाएँ।
  5. input() और print() का कार्य उदाहरण सहित समझाएँ।
  6. '=' और '==' में अंतर स्पष्ट करें।
  7. वेरिएबल बनाने के नियम लिखें।
  8. एक सरल प्रोग्राम (जैसे दो संख्याओं का योग) का पूरा कोड लिखकर समझाएँ।

निष्कर्ष

पाइथन एक सरल, मुक्त-स्रोत और शक्तिशाली प्रोग्रामिंग भाषा है जो शुरुआती लोगों के लिए सबसे उपयुक्त है। वेरिएबल, डेटा टाइप, इनपुट-आउटपुट, ऑपरेटर, कंडीशनल स्टेटमेंट और लूप्स इसकी बुनियादी इकाइयाँ हैं। इन बुनियादी अवधारणाओं को समझकर हम छोटे-छोटे प्रोग्राम बना सकते हैं। इंडेंटेशन और सही ऑपरेटरों का उपयोग सही प्रोग्राम की कुंजी है। पाइथन सीखना आज के डिजिटल युग में अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि यह वेब विकास, डेटा विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों का आधार है। अगले अध्याय में हम तार्किक चिंतन और एल्गोरिदम के बारे में सीखेंगे।