वर्ड प्रोसेसिंग का अर्थ है कंप्यूटर की सहायता से दस्तावेज़ों (पत्र, रिपोर्ट, निबंध) को बनाना, संपादित करना, फ़ॉर्मेट करना और मुद्रित करना। जिस सॉफ्टवेयर की सहायता से यह कार्य किया जाता है, उसे वर्ड प्रोसेसर (Word Processor) कहते हैं। वर्ड प्रोसेसर टेक्स्ट को टाइप करने, सुधारने, सहेजने और प्रिंट करने की सुविधा देता है। सबसे लोकप्रिय वर्ड प्रोसेसर माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (MS Word) है, जो माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस सुइट का भाग है। इसके अलावा गूगल डॉक्स, वर्डपैड, नोटपैड और लिब्रेऑफिस राइटर भी वर्ड प्रोसेसर हैं। नोटपैड एक साधारण टेक्स्ट एडिटर है जिसमें केवल सादा टेक्स्ट लिखा जा सकता है, जबकि एमएस वर्ड एक पूर्ण वर्ड प्रोसेसर है जो चित्र, टेबल, रंग और विभिन्न फ़ॉर्मेटिंग सुविधाएँ प्रदान करता है। वर्ड प्रोसेसिंग सीखना आजकल हर विद्यार्थी और कर्मचारी के लिए अनिवार्य हो गया है।
वर्ड प्रोसेसर की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं।
हम टाइप किए गए टेक्स्ट में कभी भी सुधार कर सकते हैं। गलत शब्द को डिलीट कर सकते हैं, नए शब्द जोड़ सकते हैं और पूरे दस्तावेज़ को बिना नए सिरे से टाइप किए बदल सकते हैं।
वर्ड प्रोसेसर में अक्षरों का आकार, रंग, प्रकार बदला जा सकता है। शीर्षकों को मोटा (Bold), तिरछा (Italic) या रेखांकित (Underline) किया जा सकता है। टेक्स्ट को बाएँ, दाएँ, मध्य या दोनों ओर संरेखित (Align) किया जा सकता है।
हम दस्तावेज़ को हार्ड डिस्क या पेन ड्राइव में सहेज सकते हैं और बाद में आवश्यकता पड़ने पर उसे खोलकर संपादित कर सकते हैं।
वर्ड प्रोसेसर गलत वर्तनी और व्याकरण संबंधी त्रुटियों को स्वयं चिह्नित करता है और सुधारने के विकल्प सुझाता है।
हम टेक्स्ट को एक स्थान से काटकर या कॉपी करके दूसरे स्थान पर चिपका सकते हैं। इससे दस्तावेज़ बनाने का कार्य तेज़ हो जाता है।
हम दस्तावेज़ में चित्र, ग्राफ़, चार्ट और टेबल भी सम्मिलित कर सकते हैं, जिससे दस्तावेज़ अधिक प्रभावशाली बनता है।
दस्तावेज़ को प्रिंट करने से पहले हम यह देख सकते हैं कि वह कागज़ पर कैसा दिखेगा। इसे प्रिंट प्रीव्यू कहते हैं।
जब हम एमएस वर्ड खोलते हैं, तो निम्नलिखित मुख्य अंग दिखाई देते हैं।
किसी दस्तावेज़ को बनाने के लिए पहले हम फ़ाइल मेनू से 'नया' (New) चुनते हैं। दस्तावेज़ बनाने के बाद उसे सहेजना (Save) आवश्यक है। सहेजते समय फ़ाइल का नाम दिया जाता है। एमएस वर्ड की फ़ाइल का विस्तार .docx होता है। फ़ाइल मेनू से 'खोलें' (Open) चुनकर सहेजी गई फ़ाइल को दोबारा खोला जा सकता है। 'इस रूप में सहेजें' (Save As) की सहायता से एक ही दस्तावेज़ को अलग-अलग नामों या स्थानों में सहेजा जा सकता है। Ctrl+S दबाकर भी दस्तावेज़ को तुरंत सहेजा जा सकता है।
टेक्स्ट को आकर्षक बनाने के लिए फ़ॉर्मेटिंग का उपयोग किया जाता है।
होम टैब के फ़ॉन्ट समूह से हम फ़ॉन्ट का प्रकार (जैसे एरियल, कैलिबरी), आकार, रंग, मोटा (Bold), तिरछा (Italic) और रेखांकित (Underline) बदल सकते हैं।
अनुच्छेद को बाएँ (Left), दाएँ (Right), मध्य (Center) या दोनों ओर (Justify) संरेखित किया जा सकता है। Ctrl+E मध्य संरेखण के लिए शॉर्टकट है।
सूचियाँ बनाने के लिए बुलेट (●) और नंबरिंग (1, 2, 3) का उपयोग होता है। यह होम टैब के पैराग्राफ समूह में मिलता है।
अनुच्छेद की शुरुआत में स्थान छोड़ने के लिए इंडेंटेशन और पंक्तियों के बीच की दूरी के लिए लाइन स्पेसिंग का उपयोग किया जाता है।
दस्तावेज़ में डेटा को व्यवस्थित रूप से दिखाने के लिए टेबल का उपयोग होता है। इन्सर्ट टैब से 'टेबल' विकल्प चुनकर हम पंक्तियों और स्तंभों की संख्या निर्धारित कर सकते हैं। इसी प्रकार इन्सर्ट टैब से 'पिक्चर' विकल्प चुनकर कंप्यूटर से चित्र को दस्तावेज़ में जोड़ा जा सकता है। चित्र को क्लिप करके फ़ॉर्मेट टैब से उसका आकार बदला जा सकता है।
दस्तावेज़ को प्रिंट करने के लिए फ़ाइल मेनू में 'प्रिंट' विकल्प चुनते हैं। Ctrl+P इसका शॉर्टकट है। प्रिंट करने से पहले प्रिंट प्रीव्यू देखना उचित होता है, ताकि हम पृष्ठ के लेआउट को देख सकें। हम प्रिंट की गई कॉपियों की संख्या भी चुन सकते हैं।
| शॉर्टकट | कार्य |
|---|---|
| Ctrl+S | दस्तावेज़ सहेजना |
| Ctrl+C | कॉपी करना |
| Ctrl+X | कट करना |
| Ctrl+V | पेस्ट करना |
| Ctrl+Z | अंडू (पिछला कार्य) |
| Ctrl+Y | रेडो |
| Ctrl+P | प्रिंट |
| Ctrl+E | मध्य संरेखण |
| अंग | कार्य |
|---|---|
| टाइटल बार | दस्तावेज़ का नाम प्रदर्शित करना |
| रिबन | टैबों में कमांड प्रदर्शित करना |
| दस्तावेज़ क्षेत्र | टेक्स्ट टाइप करने का स्थान |
| स्टेटस बार | पृष्ठ और शब्द संख्या दिखाना |
| स्क्रॉल बार | दस्तावेज़ को ऊपर-नीचे करना |
वर्ड प्रोसेसिंग कंप्यूटर के सबसे उपयोगी अनुप्रयोगों में से एक है। एमएस वर्ड जैसे वर्ड प्रोसेसर की सहायता से हम पत्र, रिपोर्ट, निबंध और पुस्तकों तक को आसानी से बना, संपादित और सुंदर ढंग से प्रस्तुत कर सकते हैं। फ़ॉर्मेटिंग, टेबल, चित्र और प्रिंटिंग की सुविधाओं ने दस्तावेज़ निर्माण को पहले की तुलना में अत्यंत सरल बना दिया है। शॉर्टकट कुंजियों और सहेजने की आदत को अपनाकर हम कार्य को तेज़ और सुरक्षित कर सकते हैं। यह कौशल आगे स्प्रेडशीट और प्रेजेंटेशन जैसे अन्य ऑफिस अनुप्रयोगों को सीखने में भी सहायक होगा।