पिछले अध्याय में हमने वर्ग और वर्गमूल का अध्ययन किया था। अब हम इसी अवधारणा को एक कदम आगे बढ़ाते हैं। जब किसी संख्या को स्वयं से तीन बार गुणा किया जाता है, तो प्राप्त गुणनफल को उस संख्या का घन (Cube) कहते हैं। उदाहरण के लिए, $2 \times 2 \times 2 = 8$, अतः 8, 2 का घन है। इस अध्याय में हम घन संख्याओं के गुणधर्म, घनमूल ज्ञात करने की विधियों और उनके अनुप्रयोगों का अध्ययन करेंगे। घन संख्याओं की अवधारणा से भौतिकी और ज्यामिति की आयतन संबंधी समस्याएँ हल करने में सहायता मिलती है।
किसी प्राकृत संख्या $n$ का घन $n^3 = n \times n \times n$ होता है। घनों के कुछ महत्वपूर्ण गुणधर्म:
| मूल संख्या का अंतिम अंक | घन का अंतिम अंक |
|---|---|
| 0, 1, 4, 5, 6, 9 | समान (0, 1, 4, 5, 6, 9) |
| 2 | 8 |
| 3 | 7 |
| 7 | 3 |
| 8 | 2 |
किसी संख्या का घन उसे तीन बार स्वयं से गुणा करके ज्ञात किया जाता है। बड़ी संख्याओं के घन के लिए सर्वसमिकाओं का उपयोग किया जा सकता है:
$$(a + b)^3 = a^3 + 3a^2b + 3ab^2 + b^3$$ $$(a - b)^3 = a^3 - 3a^2b + 3ab^2 - b^3$$
उदाहरण के लिए $12^3 = (10 + 2)^3 = 1000 + 600 + 120 + 8 = 1728$। कुछ सामान्य घन मान:
किसी संख्या का घनमूल वह संख्या है जिसे तीन बार स्वयं से गुणा करने पर मूल संख्या प्राप्त होती है। घनमूल को चिह्न $\sqrt[3]{}$ से दर्शाया जाता है।
$$\sqrt[3]{27} = 3, \qquad \text{क्योंकि } 3^3 = 27$$
ऋणात्मक संख्या का घनमूल ऋणात्मक होता है:
$$\sqrt[3]{-64} = -4, \qquad \text{क्योंकि } (-4)^3 = -64$$
इस विधि में:
उदाहरण: 2744 के गुणनखंड $2 \times 2 \times 2 \times 7 \times 7 \times 7$ हैं। त्रिक बनाने पर $(2 \times 2 \times 2)$ और $(7 \times 7 \times 7)$ प्राप्त होते हैं। अतः $\sqrt[3]{2744} = 2 \times 7 = 14$।
किसी संख्या के अभाज्य गुणनखंडन में यदि प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड त्रिक में हो, तो वह संख्या पूर्ण घन होती है। उदाहरण के लिए 216 = $2^3 \times 3^3$, अतः यह पूर्ण घन है।
$$\text{भुजा} = \sqrt[3]{\text{आयतन}}$$
घनों की गणना को तीव्र करने के लिए सर्वसमिकाओं का उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए $19^3$ की गणना $(20 - 1)^3$ के रूप में करना सरल है। सर्वसमिका $(a - b)^3 = a^3 - 3a^2b + 3ab^2 - b^3$ का उपयोग करने पर $19^3 = 8000 - 1200 + 60 - 1 = 6859$ प्राप्त होता है। इसी प्रकार $14^3$ को $(10 + 4)^3$ के रूप में लिखकर गणना की जा सकती है।
घनमूल ज्ञात करते समय पहले संख्या के अभाज्य गुणनखंडन से त्रिक बनाए जाते हैं। यदि कोई गुणनखंड त्रिक में नहीं बन पाता, तो संख्या पूर्ण घन नहीं होती। उदाहरण के लिए 3375 = 3 × 3 × 3 × 5 × 5 × 5, अतः ³√3375 = 3 × 5 = 15। इसी प्रकार 4096 = 2¹² होने से ³√4096 = 2⁴ = 16 प्राप्त होता है।
वास्तविक जीवन में घनमूल का उपयोग घन के आयतन से भुजा ज्ञात करने में होता है। यदि किसी जल टंकी का आयतन 2744 घन मीटर है, तो उसकी प्रत्येक भुजा ³√2744 = 14 मीटर होगी। इस प्रकार घनों और घनमूलों की अवधारणा ज्यामिति और मापन से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने में सहायक सिद्ध होती है।
इसके अतिरिक्त घनों की सूची को याद रखने से परीक्षा में समय की बचत होती है। उदाहरण के लिए यदि किसी प्रश्न में कहा गया है कि किस संख्या का घन 2197 है, तो यह तुरंत पहचानना चाहिए कि 13³ = 2197 होता है। इसी प्रकार 15³ = 3375 और 12³ = 1728 का ज्ञान भी परीक्षा में सहायक होता है। घनों की पहचान के साथ-साथ इकाई अंक के नियम भी उत्तर की जाँच में उपयोगी सिद्ध होते हैं।
| संख्या | घन | संख्या | घन |
|---|---|---|---|
| 1 | 1 | 9 | 729 |
| 2 | 8 | 10 | 1000 |
| 3 | 27 | 11 | 1331 |
| 4 | 64 | 12 | 1728 |
| 5 | 125 | 13 | 2197 |
| 6 | 216 | 14 | 2744 |
| 7 | 343 | 15 | 3375 |
| 8 | 512 |
| मूल अंतिम अंक | घन का अंतिम अंक |
|---|---|
| 0, 1, 4, 5, 6, 9 | वही अंक |
| 2 | 8 |
| 3 | 7 |
| 7 | 3 |
| 8 | 2 |
| चरण | क्रिया | उदाहरण (2744) |
|---|---|---|
| 1 | अभाज्य गुणनखंडन | 2×2×2×7×7×7 |
| 2 | त्रिक बनाना | (2×2×2), (7×7×7) |
| 3 | प्रत्येक त्रिक से एक लेना | 2, 7 |
| 4 | गुणनफल | 14 |
इस अध्याय में हमने घन और घनमूल की अवधारणाओं को विस्तार से समझा। किसी संख्या का घन उसे तीन बार स्वयं से गुणा करने पर प्राप्त होता है, और घनमूल इसकी व्युत्क्रम संक्रिया है। इकाई अंक के नियमों तथा अभाज्य गुणनखंडन की विधि से घनों और घनमूलों की पहचान आसानी से की जा सकती है। घन की भुजा ज्ञात करने के लिए आयतन का घनमूल लिया जाता है। ये अवधारणाएँ आयतन, मापन और बीजगणित की समस्याओं में अत्यंत उपयोगी हैं। नियमित अभ्यास द्वारा घनों और घनमूलों की गणना तीव्र करें।