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1. परिचय

पिछले अध्याय में हमने वर्ग और वर्गमूल का अध्ययन किया था। अब हम इसी अवधारणा को एक कदम आगे बढ़ाते हैं। जब किसी संख्या को स्वयं से तीन बार गुणा किया जाता है, तो प्राप्त गुणनफल को उस संख्या का घन (Cube) कहते हैं। उदाहरण के लिए, $2 \times 2 \times 2 = 8$, अतः 8, 2 का घन है। इस अध्याय में हम घन संख्याओं के गुणधर्म, घनमूल ज्ञात करने की विधियों और उनके अनुप्रयोगों का अध्ययन करेंगे। घन संख्याओं की अवधारणा से भौतिकी और ज्यामिति की आयतन संबंधी समस्याएँ हल करने में सहायता मिलती है।

2. घनों के गुणधर्म

किसी प्राकृत संख्या $n$ का घन $n^3 = n \times n \times n$ होता है। घनों के कुछ महत्वपूर्ण गुणधर्म:

इकाई अंक का संबंध

मूल संख्या का अंतिम अंक घन का अंतिम अंक
0, 1, 4, 5, 6, 9 समान (0, 1, 4, 5, 6, 9)
2 8
3 7
7 3
8 2

3. घन ज्ञात करने की विधियाँ

किसी संख्या का घन उसे तीन बार स्वयं से गुणा करके ज्ञात किया जाता है। बड़ी संख्याओं के घन के लिए सर्वसमिकाओं का उपयोग किया जा सकता है:

$$(a + b)^3 = a^3 + 3a^2b + 3ab^2 + b^3$$ $$(a - b)^3 = a^3 - 3a^2b + 3ab^2 - b^3$$

उदाहरण के लिए $12^3 = (10 + 2)^3 = 1000 + 600 + 120 + 8 = 1728$। कुछ सामान्य घन मान:

4. घनमूल (Cube Root)

किसी संख्या का घनमूल वह संख्या है जिसे तीन बार स्वयं से गुणा करने पर मूल संख्या प्राप्त होती है। घनमूल को चिह्न $\sqrt[3]{}$ से दर्शाया जाता है।

$$\sqrt[3]{27} = 3, \qquad \text{क्योंकि } 3^3 = 27$$

ऋणात्मक संख्या का घनमूल ऋणात्मक होता है:

$$\sqrt[3]{-64} = -4, \qquad \text{क्योंकि } (-4)^3 = -64$$

अभाज्य गुणनखंडन द्वारा घनमूल

इस विधि में:

  1. संख्या का अभाज्य गुणनखंडन करते हैं।
  2. प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड के त्रिक (तीन-तीन के समूह) बनाते हैं।
  3. प्रत्येक त्रिक में से एक गुणनखंड लेते हैं।
  4. सभी लिए गए गुणनखंडों का गुणनफल ही घनमूल होता है।

उदाहरण: 2744 के गुणनखंड $2 \times 2 \times 2 \times 7 \times 7 \times 7$ हैं। त्रिक बनाने पर $(2 \times 2 \times 2)$ और $(7 \times 7 \times 7)$ प्राप्त होते हैं। अतः $\sqrt[3]{2744} = 2 \times 7 = 14$।

5. घनमूल की पहचान और अनुप्रयोग

पूर्ण घन की पहचान

किसी संख्या के अभाज्य गुणनखंडन में यदि प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड त्रिक में हो, तो वह संख्या पूर्ण घन होती है। उदाहरण के लिए 216 = $2^3 \times 3^3$, अतः यह पूर्ण घन है।

अनुप्रयोग

$$\text{भुजा} = \sqrt[3]{\text{आयतन}}$$

6. घन और घनमूल का विस्तृत अभ्यास

घनों की गणना को तीव्र करने के लिए सर्वसमिकाओं का उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए $19^3$ की गणना $(20 - 1)^3$ के रूप में करना सरल है। सर्वसमिका $(a - b)^3 = a^3 - 3a^2b + 3ab^2 - b^3$ का उपयोग करने पर $19^3 = 8000 - 1200 + 60 - 1 = 6859$ प्राप्त होता है। इसी प्रकार $14^3$ को $(10 + 4)^3$ के रूप में लिखकर गणना की जा सकती है।

घनमूल ज्ञात करते समय पहले संख्या के अभाज्य गुणनखंडन से त्रिक बनाए जाते हैं। यदि कोई गुणनखंड त्रिक में नहीं बन पाता, तो संख्या पूर्ण घन नहीं होती। उदाहरण के लिए 3375 = 3 × 3 × 3 × 5 × 5 × 5, अतः ³√3375 = 3 × 5 = 15। इसी प्रकार 4096 = 2¹² होने से ³√4096 = 2⁴ = 16 प्राप्त होता है।

वास्तविक जीवन में घनमूल का उपयोग घन के आयतन से भुजा ज्ञात करने में होता है। यदि किसी जल टंकी का आयतन 2744 घन मीटर है, तो उसकी प्रत्येक भुजा ³√2744 = 14 मीटर होगी। इस प्रकार घनों और घनमूलों की अवधारणा ज्यामिति और मापन से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने में सहायक सिद्ध होती है।

इसके अतिरिक्त घनों की सूची को याद रखने से परीक्षा में समय की बचत होती है। उदाहरण के लिए यदि किसी प्रश्न में कहा गया है कि किस संख्या का घन 2197 है, तो यह तुरंत पहचानना चाहिए कि 13³ = 2197 होता है। इसी प्रकार 15³ = 3375 और 12³ = 1728 का ज्ञान भी परीक्षा में सहायक होता है। घनों की पहचान के साथ-साथ इकाई अंक के नियम भी उत्तर की जाँच में उपयोगी सिद्ध होते हैं।

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: 1 से 15 तक के घन

संख्या घन संख्या घन
1 1 9 729
2 8 10 1000
3 27 11 1331
4 64 12 1728
5 125 13 2197
6 216 14 2744
7 343 15 3375
8 512

तालिका 2: इकाई अंक और घन के अंतिम अंक

मूल अंतिम अंक घन का अंतिम अंक
0, 1, 4, 5, 6, 9 वही अंक
2 8
3 7
7 3
8 2

तालिका 3: घनमूल ज्ञात करने की विधि

चरण क्रिया उदाहरण (2744)
1 अभाज्य गुणनखंडन 2×2×2×7×7×7
2 त्रिक बनाना (2×2×2), (7×7×7)
3 प्रत्येक त्रिक से एक लेना 2, 7
4 गुणनफल 14

माइंड मैप

graph TD A["घन और घनमूल"] --> B["घन"] B --> B1["n × n × n"] B --> B2["गुणधर्म: इकाई अंक"] B --> B3["सर्वसमिका (a±b)³"] A --> C["घनमूल"] C --> C1["अभाज्य गुणनखंडन विधि"] C --> C2["त्रिक बनाना"] A --> D["अनुप्रयोग"] D --> D1["घन का आयतन"] D --> D2["भुजा ज्ञात करना"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

घन का अर्थ: भुजा से आयतन भुजा = 3 आयतन = 3 × 3 × 3 = 27 27 = 3³ ³√27 = 3 स्वर्ण नियम: घन तीन गुणा है, घनमूल त्रिक से पहचाना जाता है भुजा ज्ञात करने के लिए आयतन का घनमूल लें

घनमूल ज्ञात करने की अभाज्य गुणनखंडन विधि ³√1728 = ? 1728 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 3 = (2×2×2)(2×2×2)(3×3×3) 2, 2, 2 2, 2, 2 3, 3, 3 त्रिक → 2 त्रिक → 2 त्रिक → 3 ³√1728 = 2 × 2 × 3 = 12 स्वर्ण नियम: हर अभाज्य गुणनखंड का त्रिक बनना अनिवार्य है यदि कोई गुणनखंड त्रिक में नहीं है तो संख्या पूर्ण घन नहीं है

सामान्य गलतियाँ

  1. ऋणात्मक संख्या का घन धनात्मक मानना: ऋणात्मक संख्या का घन सदैव ऋणात्मक होता है, जैसे $(-5)^3 = -125$।
  2. घन और वर्ग में भ्रम: $2^3 = 8$ होता है, $2^3$ को $2 \times 3 = 6$ मानना गलत है।
  3. घनमूल में त्रिक की बजाय युग्म बनाना: घनमूल में अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक (तीन के समूह) बनते हैं, वर्गमूल की तरह युग्म नहीं।
  4. इकाई अंक का नियम भूलना: अंतिम अंक 3 वाली संख्या के घन का अंतिम अंक 7 होता है, 3 नहीं।
  5. घनमूल के चिह्न की अनदेखी: $\sqrt[3]{}$ चिह्न घनमूल दर्शाता है, $\sqrt{}$ चिह्न वर्गमूल। दोनों भिन्न हैं।
  6. शून्य से समाप्त होने वाली संख्या का घनमूल: जैसे $8000 = 20^3$, शून्यों की संख्या 3 से विभाज्य होनी चाहिए।
  7. सर्वसमिका का गलत विस्तार: $(a+b)^3 = a^3 + 3a^2b + 3ab^2 + b^3$, मध्य पदों को भूलकर $a^3 + b^3$ लिखना गलत है।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. 1 से 15 तक के घन और 1 से 12 तक के घनमूल कंठस्थ करें।
  2. इकाई अंक के नियम से दिए गए विकल्पों में से तुरंत सही घन पहचानें।
  3. पूर्ण घन की पहचान के लिए अभाज्य गुणनखंडन करके त्रिक बनाएँ।
  4. घनमूल प्रश्नों में अभाज्य गुणनखंडन से पहले उपयुक्त मान (जैसे 2, 3, 5, 7) से भाग दें।
  5. आयतन से भुजा ज्ञात करने वाले प्रश्न में घनमूल का उपयोग करें।
  6. सर्वसमिकाओं $(a \pm b)^3$ का उपयोग बड़े घनों की त्वरित गणना के लिए करें।
  7. उत्तर की जाँच के लिए प्राप्त घनमूल का घन करके मूल संख्या से मिलाएँ।

निष्कर्ष

इस अध्याय में हमने घन और घनमूल की अवधारणाओं को विस्तार से समझा। किसी संख्या का घन उसे तीन बार स्वयं से गुणा करने पर प्राप्त होता है, और घनमूल इसकी व्युत्क्रम संक्रिया है। इकाई अंक के नियमों तथा अभाज्य गुणनखंडन की विधि से घनों और घनमूलों की पहचान आसानी से की जा सकती है। घन की भुजा ज्ञात करने के लिए आयतन का घनमूल लिया जाता है। ये अवधारणाएँ आयतन, मापन और बीजगणित की समस्याओं में अत्यंत उपयोगी हैं। नियमित अभ्यास द्वारा घनों और घनमूलों की गणना तीव्र करें।