Comprehensive theory, key formulas, diagrams, and memory aids for आलेखों से परिचय.
आँकड़ों को चित्रात्मक रूप में प्रस्तुत करने के लिए आलेखों (Graphs) का उपयोग किया जाता है। आलेख दो राशियों के बीच के संबंध को दृश्य रूप में दर्शाता है, जिससे जानकारी को समझना आसान हो जाता है। इस अध्याय में हम निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) की मूल अवधारणाओं, बिंदुओं का निरूपण, रेखा आलेख (Line Graph) और रैखिक आलेखों का अध्ययन करेंगे। आलेखों का उपयोग तापमान, बिक्री, जनसंख्या जैसी जानकारियों को दर्शाने में होता है। आलेख पढ़ने और बनाने की क्षमता दैनिक जीवन तथा विज्ञान दोनों में महत्वपूर्ण है।
क्षैतिज रेखा को x-अक्ष (X-axis) और उर्ध्वाधर रेखा को y-अक्ष (Y-axis) कहते हैं। दोनों अक्ष एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करते हैं, जिसे मूल बिंदु (Origin) कहते हैं। मूल बिंदु के निर्देशांक $(0, 0)$ होते हैं।
तल पर किसी बिंदु की स्थिति को दो संख्याओं के युग्म $(x, y)$ द्वारा दर्शाया जाता है, जिसे निर्देशांक युग्म कहते हैं। पहली संख्या x-निर्देशांक (भुज) और दूसरी y-निर्देशांक (कोटि) कहलाती है।
दोनों अक्ष तल को चार भागों में बाँटते हैं, जिन्हें चतुर्थांश कहते हैं। प्रथम चतुर्थांश में दोनों निर्देशांक धनात्मक होते हैं, द्वितीय में x ऋणात्मक और y धनात्मक, तृतीय में दोनों ऋणात्मक तथा चतुर्थ में x धनात्मक और y ऋणात्मक होता है।
किसी बिंदु $(x, y)$ को आलेख पर निरूपित करने के लिए:
उदाहरण के लिए बिंदु $(3, 2)$ को निरूपित करने के लिए x-अक्ष पर 3 और y-अक्ष पर 2 इकाई की दूरी पर लंब खींचकर उनके मिलन बिंदु को अंकित करते हैं।
आलेख बनाने के लिए ग्रिड (वर्गाकार) पेपर का उपयोग होता है। एक अक्ष पर एक राशि और दूसरे अक्ष पर दूसरी राशि को लिया जाता है। अक्षों पर उचित पैमाना (Scale) चुनकर बिंदुओं को अंकित किया जाता है और फिर उन्हें मिलाकर रेखा आलेख बनाया जाता है।
जब आलेख के बिंदु एक सरल रेखा में स्थित होते हैं, तो उसे रैखिक आलेख कहते हैं। रैखिक आलेख दो राशियों के बीच सीधे समानुपात दर्शाता है। यदि $y = kx$ हो, तो आलेख मूल बिंदु से गुजरने वाली सरल रेखा होता है।
आँकड़ों की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग आलेखों का प्रयोग होता है:
इनमें से इस अध्याय का मुख्य विषय रेखा आलेख और निर्देशांक का निरूपण है।
आलेखों का उपयोग मौसम विज्ञान, अर्थशास्त्र और खेल आदि क्षेत्रों में सूचना को दृश्य रूप में प्रस्तुत करने के लिए होता है। आलेख से तापमान की दैनिक वृद्धि-कमी, बिक्री की मासिक प्रवृत्ति और जनसंख्या की वृद्धि दर को तुरंत समझा जा सकता है। आलेख पढ़ने की क्षमता से जटिल आँकड़ों का विश्लेषण सरल और तीव्र हो जाता है। इसीलिए परीक्षा में बिंदुओं को सही निर्देशांकों पर अंकित करना और आलेख से मान पढ़ना दोनों महत्वपूर्ण हैं।
| पद | अर्थ |
|---|---|
| मूल बिंदु | अक्षों का प्रतिच्छेदन बिंदु (0, 0) |
| x-अक्ष | क्षैतिज अक्ष |
| y-अक्ष | उर्ध्वाधर अक्ष |
| भुज | बिंदु का x-निर्देशांक |
| कोटि | बिंदु का y-निर्देशांक |
| निर्देशांक युग्म | (x, y) |
| चतुर्थांश | x-निर्देशांक | y-निर्देशांक |
|---|---|---|
| प्रथम | + | + |
| द्वितीय | - | + |
| तृतीय | - | - |
| चतुर्थ | + | - |
| आलेख | उपयोग |
|---|---|
| दंड आलेख | मानों की तुलना |
| वृत्त आलेख | भागों का कुल से अनुपात |
| रेखा आलेख | समय के साथ परिवर्तन |
| रैखिक आलेख | सीधा संबंध (सरल रेखा) |
graph TD
A["आलेख"] --> B["निर्देशांक तल"]
B --> B1["x-अक्ष, y-अक्ष"]
B --> B2["मूल बिंदु (0,0)"]
B --> B3["चतुर्थांश"]
A --> C["बिंदु निरूपण"]
C --> C1["(x, y) भुज-कोटि"]
A --> D["आलेखों के प्रकार"]
D --> D1["रेखा आलेख"]
D --> D2["रैखिक आलेख"]
D --> D3["दंड आलेख"]
इस अध्याय में हमने आलेखों की मूलभूत अवधारणाओं का अध्ययन किया। निर्देशांक तल, अक्ष, मूल बिंदु, भुज-कोटि और चतुर्थांशों को समझा। बिंदुओं का निरूपण तथा रेखा आलेख और रैखिक आलेख बनाने एवं पढ़ने की विधि सीखी। आलेख हमें जटिल आँकड़ों को सरल दृश्य रूप में समझने में सहायता करते हैं। तापमान, बिक्री, जनसंख्या जैसी जानकारियों की प्रवृत्ति आलेखों से तुरंत पहचानी जा सकती है। आलेखों का यह परिचय आगे की कक्षाओं में निर्देशांक ज्यामिति और फलनों के अध्ययन का आधार तैयार करता है।