गणित में समीकरण वह कथन है जो दो बीजीय व्यंजकों की समानता को दर्शाता है। जब इस समीकरण में केवल एक चर होता है और चर की अधिकतम घात 1 होती है, तो उसे एक चर वाला रैखिक समीकरण (Linear Equation in One Variable) कहते हैं। इसका सामान्य रूप $ax + b = 0$ है, जहाँ $a \neq 0$ है। इस अध्याय में हम विभिन्न प्रकार के रैखिक समीकरणों को हल करना तथा उन्हें वास्तविक जीवन की समस्याओं में प्रयोग करना सीखेंगे। समीकरणों को हल करने की कला ही बीजगणित की रीढ़ है, इसलिए इस अध्याय की गहरी समझ आवश्यक है।
किसी समीकरण में बराबर चिह्न (=) के बाईं ओर को वाम पक्ष (LHS) तथा दाईं ओर को दक्षिण पक्ष (RHS) कहते हैं। किसी समीकरण को हल करते समय हम दोनों पक्षों में समान संक्रियाएँ करते हैं ताकि समानता बनी रहे।
चर का वह मान जो समीकरण के दोनों पक्षों को बराबर करता है, समीकरण का हल या मूल (Root) कहलाता है। इसकी जाँच समीकरण में चर का मान रखकर की जाती है।
$$x + 5 = 9 \implies x = 4$$
यहाँ $x = 4$ समीकरण का हल है, क्योंकि $4 + 5 = 9$ होता है।
किसी पद को एक पक्ष से दूसरे पक्ष में ले जाना पक्षांतरण कहलाता है। पक्षांतरण करते समय पद का चिह्न बदल जाता है; जोड़ बनता घटाव और घटाव बनता जोड़, इसी प्रकार गुणा बनता भाग और भाग बनता गुणा। यही समीकरण हल करने का सबसे सशक्त उपकरण है।
जिस समीकरण में चर केवल एक बार प्रकट होता है, जैसे $2x + 3 = 7$। इसमें पक्षांतरण द्वारा सीधे हल प्राप्त होता है।
जब समीकरण में चर दोनों पक्षों में होता है, जैसे $5x + 2 = 3x + 10$, तो चर वाले पदों को एक पक्ष में और अचर पदों को दूसरे पक्ष में ले जाकर हल किया जाता है।
$$5x - 3x = 10 - 2 \implies 2x = 8 \implies x = 4$$
कोष्ठक युक्त समीकरणों को पहले कोष्ठक खोलकर (वितरण नियम से) सरल किया जाता है। भिन्न युक्त समीकरणों में दोनों पक्षों को हरों के लघुत्तम समापवर्त्य से गुणा करके भिन्न समाप्त कर दी जाती हैं।
$$\frac{x}{2} + \frac{x}{3} = 5 \implies 3x + 2x = 30 \implies x = 6$$
कुछ समीकरणों में चर हर में भी होता है, जैसे $\frac{2}{x} + 3 = 5$। ऐसे समीकरणों में दोनों पक्षों को उपयुक्त व्यंजक से गुणा कर चर को हर से मुक्त किया जाता है। यहाँ $\frac{2}{x} = 2 \implies x = 1$।
समीकरण को हल करने की एक नियमबद्ध प्रक्रिया अपनानी चाहिए:
रैखिक समीकरणों का प्रयोग दैनिक जीवन की अनेक समस्याओं को हल करने में होता है। शाब्दिक समस्या को हल करने की विधि:
रमेश की आयु उसके पुत्र की आयु से तीन गुनी है। यदि दोनों की आयु का योग 48 वर्ष है, तो रमेश की आयु ज्ञात करें।
माना पुत्र की आयु $x$ वर्ष है, तो रमेश की आयु $3x$ वर्ष होगी। दिया है: $x + 3x = 48$, अतः $4x = 48$, इसलिए $x = 12$। अतः रमेश की आयु $3 \times 12 = 36$ वर्ष है।
किसी संख्या का 5 गुना में 7 जोड़ने पर 47 प्राप्त होता है। संख्या ज्ञात करें: $5x + 7 = 47 \implies 5x = 40 \implies x = 8$।
इन समस्याओं में प्रायः अनुपात और योग का संयोजन होता है। उदाहरण के लिए, एक राशि को 2 : 3 के अनुपात में बाँटने पर पहला भाग $2x$ और दूसरा $3x$ लिखा जाता है, और उनका योग कुल राशि के बराबर रखा जाता है।
| मूल संक्रिया | पक्षांतरण के बाद |
|---|---|
| $+a$ | $-a$ |
| $-a$ | $+a$ |
| $\times a$ | $\div a$ |
| $\div a$ | $\times a$ |
| $a^x$ से गुणा | $a^x$ से भाग |
| समीकरण का प्रकार | उदाहरण | हल करने की विधि |
|---|---|---|
| सरल | $2x + 3 = 7$ | पक्षांतरण कर $2x = 4$ |
| दोनों पक्षों में चर | $5x + 2 = 3x + 10$ | चर पद एक पक्ष में |
| भिन्न युक्त | $\frac{x}{2} + \frac{x}{3} = 5$ | लघुत्तम समापवर्त्य से गुणा |
| कोष्ठक युक्त | $2(x + 3) = 10$ | वितरण नियम से कोष्ठक खोलें |
| समीकरण | हल (मूल) |
|---|---|
| $ax + b = 0$ | $x = -\frac{b}{a}$ |
| $ax = b$ | $x = \frac{b}{a}$ |
| $\frac{x}{a} + \frac{x}{b} = c$ | $x = \frac{abc}{a+b}$ |
एक चर वाले रैखिक समीकरण बीजगणित के सबसे आधारभूत और उपयोगी उपकरण हैं। इस अध्याय में हमने समीकरणों के विभिन्न रूपों, पक्षांतरण के नियमों तथा उन्हें हल करने की चरणबद्ध विधि को सीखा। वास्तविक जीवन की आयु, संख्या, धन और वितरण संबंधी समस्याओं को समीकरणों में परिवर्तित करके हल करने की क्षमता ने गणित को अधिक अर्थपूर्ण बना दिया है। अगले अध्यायों में चतुर्भुजों और प्रायोगिक ज्यामिति का अध्ययन करते समय भी समीकरणों के इसी ज्ञान की आवश्यकता पड़ेगी, इसलिए इस अध्याय की अवधारणाओं को पूर्ण रूप से आत्मसात करें।