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1. परिचय

किसी संख्या को उसी संख्या से गुणा करने पर प्राप्त गुणनफल को उस संख्या का वर्ग (Square) कहते हैं। उदाहरण के लिए, $5 \times 5 = 25$, अतः 25, 5 का वर्ग है। इस अध्याय में हम वर्ग संख्याओं के गुणधर्म, वर्गमूल ज्ञात करने की विभिन्न विधियों तथा उनके अनुप्रयोगों का अध्ययन करेंगे। वर्गमूल की अवधारणा ज्यामिति, क्षेत्रमिति और बीजगणित की अनेक समस्याओं को हल करने में आधारभूत भूमिका निभाती है। वर्गों और वर्गमूलों की समझ के बिना पाइथागोरस प्रमेय जैसे विषयों को समझना कठिन होगा।

2. वर्गों के गुणधर्म

पूर्ण वर्ग संख्याओं के कुछ महत्वपूर्ण गुणधर्म निम्नलिखित हैं:

पाइथागोरस त्रिक (Pythagorean Triplet)

तीन प्राकृत संख्याओं $a$, $b$ और $c$ जिनके लिए $a^2 + b^2 = c^2$ होता है, पाइथागोरस त्रिक कहलाती हैं। यदि $m$ और $n$ धनात्मक पूर्णांक हों और $m > n$, तो:

$$(m^2 - n^2), \quad 2mn, \quad (m^2 + n^2)$$

एक पाइथागोरस त्रिक बनाते हैं। उदाहरण के लिए $m = 2$, $n = 1$ से त्रिक 3, 4, 5 प्राप्त होता है क्योंकि $3^2 + 4^2 = 5^2$।

3. वर्गमूल (Square Root)

किसी संख्या का वर्गमूल वह संख्या है जिसे स्वयं से गुणा करने पर मूल संख्या प्राप्त होती है। उदाहरण के लिए, 36 का वर्गमूल 6 है, क्योंकि $6 \times 6 = 36$। वर्गमूल को चिह्न $\sqrt{}$ से दर्शाया जाता है।

$$\sqrt{36} = 6, \qquad \sqrt{0.09} = 0.3$$

वर्गमूल का व्युत्क्रम संक्रिया वर्ग करना है। $x$ का वर्ग $x^2$ और $x^2$ का वर्गमूल $x$ होता है।

पूर्ण वर्ग संख्याओं के वर्गमूल के गुणधर्म

4. वर्गमूल ज्ञात करने की विधियाँ

अभाज्य गुणनखंडन विधि (Prime Factorisation)

इस विधि में संख्या को अभाज्य गुणनखंडों में विभाजित करते हैं, फिर प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड के युग्म बनाते हैं। प्रत्येक युग्म से एक गुणनखंड लेकर उनका गुणनफल वर्गमूल होता है।

उदाहरण: 324 के गुणनखंड $2 \times 2 \times 3 \times 3 \times 3 \times 3$ हैं। युग्म बनाने पर $(2 \times 2)$, $(3 \times 3)$, $(3 \times 3)$ प्राप्त होते हैं। अतः $\sqrt{324} = 2 \times 3 \times 3 = 18$।

भाग विधि (Division Method)

बड़ी संख्याओं का वर्गमूल ज्ञात करने की यह सबसे उपयुक्त विधि है। इसमें:

  1. संख्या के अंकों को दाईं ओर से दो-दो के समूहों में बाँटते हैं।
  2. पहले समूह का सबसे बड़ा संभव वर्गमूल भागफल में लिखते हैं।
  3. उस वर्गमूल का वर्ग घटाकर शेषफल ज्ञात करते हैं।
  4. अगला समूह नीचे लाकर भाजक दुगुना करते हैं और उचित अंक मिलाते हैं।
  5. इस प्रक्रिया को अंत तक दोहराते हैं।

वर्ग संख्या की गणना का त्वरित सूत्र

कुछ विशेष संख्याओं के वर्ग सूत्रों द्वारा तुरंत ज्ञात किए जा सकते हैं:

$$(a + b)^2 = a^2 + 2ab + b^2$$

जैसे $97^2 = (100 - 3)^2 = 10000 - 600 + 9 = 9409$।

दशमलव संख्याओं का वर्गमूल

दशमलव संख्या का वर्गमूल भी भाग विधि द्वारा ज्ञात किया जा सकता है, जिसमें दशमलव बिंदु के दोनों ओर के अंकों को दो-दो के समूहों में बाँटा जाता है।

5. वर्गमूल के अनुप्रयोग

वर्गमूल का उपयोग निम्न स्थितियों में होता है:

$$\text{भुजा} = \sqrt{\text{क्षेत्रफल}}$$

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: 1 से 20 तक के वर्ग

संख्या वर्ग संख्या वर्ग
1 1 11 121
2 4 12 144
3 9 13 169
4 16 14 196
5 25 15 225
6 36 16 256
7 49 17 289
8 64 18 324
9 81 19 361
10 100 20 400

तालिका 2: इकाई अंकों के आधार पर वर्ग का अंतिम अंक

मूल संख्या का अंतिम अंक वर्ग का अंतिम अंक
0 0
1, 9 1
2, 8 4
3, 7 9
4, 6 6
5 5

तालिका 3: वर्गमूल ज्ञात करने की विधियाँ

विधि कब प्रयोग करें उदाहरण
अभाज्य गुणनखंडन छोटी संख्याओं के लिए √36 = 6
भाग विधि बड़ी संख्याओं के लिए √1296 = 36
सूत्र विधि वर्ग की त्वरित गणना 97² = 9409

माइंड मैप

graph TD A["वर्ग और वर्गमूल"] --> B["वर्ग"] B --> B1["गुणधर्म: अंतिम अंक नियम"] B --> B2["पाइथागोरस त्रिक"] A --> C["वर्गमूल"] C --> C1["अभाज्य गुणनखंडन विधि"] C --> C2["भाग विधि"] C --> C3["दशमलव संख्याएँ"] A --> D["अनुप्रयोग"] D --> D1["वर्ग की भुजा"] D --> D2["कर्ण ज्ञात करना"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

वर्ग का अर्थ: भुजा से क्षेत्रफल भुजा = 6 क्षेत्रफल = 6 × 6 = 36 6 6 36 = 6 × 6 √36 = 6 स्वर्ण नियम: वर्ग गुणा है, वर्गमूल उसकी व्युत्क्रम संक्रिया भुजा ज्ञात करने के लिए क्षेत्रफल का वर्गमूल लें

भाग विधि से वर्गमूल की गणना √1296 = 36 1296 = 12 × 108 1296 = 2 × 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 3 × 3 युग्म: (2×2)(2×2)(3×3)(3×3) √1296 = 2 × 2 × 3 × 3 = 36 अभाज्य गुणनखंडन विधि चरण 1: अभाज्य गुणनखंड करें चरण 2: समान गुणनखंडों के युग्म बनाएँ चरण 3: प्रत्येक युग्म से एक लें व गुणा करें स्वर्ण नियम: युग्म के बिना शेष बचे गुणनखंड बताते हैं कि संख्या पूर्ण वर्ग नहीं है बड़ी संख्याओं के लिए भाग विधि प्रयोग करें

सामान्य गलतियाँ

  1. ऋणात्मक संख्या का वर्ग ऋणात्मक मानना: किसी भी संख्या का वर्ग सदैव धनात्मक होता है, जैसे $(-7)^2 = 49$।
  2. अंतिम अंक 2, 3, 7, 8 वाली संख्या को पूर्ण वर्ग मानना: इन अंकों से समाप्त होने वाली संख्याएँ कभी पूर्ण वर्ग नहीं होतीं।
  3. भाग विधि में समूह गलत बनाना: वर्गमूल की भाग विधि में अंकों को दाईं ओर से दो-दो के समूहों में बाँटा जाता है, तीन-तीन में नहीं।
  4. वर्गमूल का चिह्न भूलना: $\sqrt{81} = 9$ सही है, परंतु $\sqrt{81} = \pm 9$ केवल समीकरण $x^2 = 81$ के हल में प्रयुक्त होता है।
  5. पाइथागोरस त्रिक में सबसे बड़ी संख्या को कर्ण न मानना: त्रिक $a, b, c$ में सबसे बड़ी संख्या $c$ कर्ण होती है जहाँ $a^2 + b^2 = c^2$।
  6. शून्यों की गिनती: विषम संख्या में शून्यों से समाप्त होने वाली संख्या (जैसे 1000) पूर्ण वर्ग नहीं होती।
  7. दशमलव वर्गमूल में दशमलव बिंदु की स्थिति गलत रखना: दशमलव बिंदु के दोनों ओर दो-दो अंकों के समूह बनते हैं।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. 1 से 20 तक की संख्याओं के वर्ग और 1 से 15 तक के वर्गमूल कंठस्थ करें, ये प्रायः पूछे जाते हैं।
  2. इकाई अंक के नियम से पूर्ण वर्ग की पहचान तुरंत करें।
  3. बड़ी संख्या के वर्गमूल के लिए भाग विधि का उपयोग करें, अभाज्य गुणनखंडन समय लेता है।
  4. $97^2$, $103^2$ जैसे प्रश्न $(a \pm b)^2$ सूत्र से हल करें।
  5. पाइथागोरस त्रिक ज्ञात करने के लिए $2mn$, $m^2-n^2$, $m^2+n^2$ सूत्र का उपयोग करें।
  6. अनुप्रयोग प्रश्नों में क्षेत्रफल से भुजा ज्ञात करने के लिए वर्गमूल लें।
  7. उत्तर की जाँच के लिए प्राप्त वर्गमूल का वर्ग करके मूल संख्या से मिलाएँ।

निष्कर्ष

इस अध्याय में हमने वर्ग संख्याओं के गुणधर्म, वर्गमूल ज्ञात करने की विधियों और उनके अनुप्रयोगों का अध्ययन किया। किसी संख्या का वर्ग उसी संख्या से गुणा करने पर प्राप्त होता है, और वर्गमूल इसकी व्युत्क्रम संक्रिया है। अभाज्य गुणनखंडन और भाग विधि से वर्गमूल ज्ञात करना सीखा। इकाई अंक के नियमों से पूर्ण वर्ग संख्याओं की त्वरित पहचान संभव है। वर्ग और वर्गमूल की ये अवधारणाएँ क्षेत्रमिति, पाइथागोरस प्रमेय और बीजगणित में दृढ़ आधार प्रदान करती हैं, इसलिए इनका अभ्यास नियमित रूप से करें।