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1. परिचय

जब हम फर्श पर चलते हैं, साइकिल चलाते हैं या किसी वस्तु को धकेलते हैं, तो हमें गति का विरोध महसूस होता है। यह विरोध घर्षण (Friction) के कारण होता है। जब दो सतहें आपस में संपर्क में आती हैं और एक सतह दूसरी पर फिसलती है, तो गति का विरोध करने वाला बल लगता है, जिसे घर्षण बल (Force of Friction) कहते हैं। घर्षण बल हमेशा गति की विपरीत दिशा में लगता है। घर्षण संपर्क बल (Contact Force) है, क्योंकि यह केवल सतहों के संपर्क में आने पर ही लगता है। घर्षण के कारण ही हम चल पाते हैं, वाहन रोक पाते हैं एवं वस्तुओं को पकड़ पाते हैं। इस अध्याय में हम घर्षण के कारण, प्रकार, लाभ एवं हानियों का अध्ययन करेंगे।

2. घर्षण के कारण (Causes of Friction)

घर्षण के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: 1. सतहों की खुरदरापन (Roughness of Surfaces): सभी सतहें सूक्ष्म दृष्टि से देखने पर खुरदरी होती हैं। जब दो सतहें संपर्क में आती हैं, तो उनके असमान भाग आपस में उलझ जाते हैं, जिससे गति का विरोध होता है। 2. आण्विक आकर्षण: दो संपर्क में आने वाली सतहों के बीच अणुओं का आकर्षण बल भी घर्षण उत्पन्न करता है।

3. घर्षण के प्रकार (Types of Friction)

घर्षण के प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं:

  1. स्थैतिक घर्षण (Static Friction): जब कोई वस्तु किसी सतह पर विराम अवस्था में होती है और हम उसे चलाने का प्रयास करते हैं, तो जो घर्षण बल उसकी गति का विरोध करता है, उसे स्थैतिक घर्षण कहते हैं। स्थैतिक घर्षण ही सबसे अधिक होता है। यह वस्तु को गतिमान करने से पहले कार्य करता है।
  2. सर्पी घर्षण (Sliding Friction): जब कोई वस्तु किसी सतह पर फिसलती (सरकती) है, तो उत्पन्न होने वाला घर्षण सर्पी घर्षण कहलाता है। सर्पी घर्षण स्थैतिक घर्षण से कम होता है।
  3. लोटनिक घर्षण (Rolling Friction): जब कोई वस्तु किसी सतह पर लुढ़कती (Rolls) है, तो उत्पन्न होने वाला घर्षण लोटनिक घर्षण कहलाता है। लोटनिक घर्षण सर्पी घर्षण से बहुत कम होता है। इसीलिए पहियों का आविष्कार मानव के लिए बहुत महत्वपूर्ण हुआ।

घर्षण का क्रम:

स्थैतिक घर्षण > सर्पी घर्षण > लोटनिक घर्षण

अर्थात स्थैतिक घर्षण सबसे अधिक होता है, उसके बाद सर्पी घर्षण और लोटनिक घर्षण सबसे कम होता है।

4. घर्षण के लाभ (Advantages of Friction)

घर्षण हमारे जीवन में अनेक लाभ प्रदान करता है: 1. चलना: घर्षण के कारण ही हम सड़क पर चल पाते हैं। घर्षण न हो तो हम फिसलकर गिर जाते। 2. वाहन रोकना: ब्रेक लगाने पर घर्षण के कारण ही वाहन रुकते हैं। ब्रेक और पहिये के बीच घर्षण होता है। 3. वस्तुओं को पकड़ना: घर्षण के कारण ही हम पेन, गिलास जैसी वस्तुओं को पकड़ पाते हैं। 4. जलना/माचिस: माचिस की तीली जलाने में घर्षण से उत्पन्न ऊष्मा सहायक होती है। 5. लिखना: पेंसिल या पेन से लिखने में घर्षण आवश्यक है, अन्यथा पेंसिल पेपर पर नहीं चल पाती। 6. नाखून/कील: कील को दीवार में गाड़ने पर घर्षण के कारण कील टिकती है। 7. बुनाई एवं गाँठें: धागों की गाँठें घर्षण के कारण ही बंधी रहती हैं।

5. घर्षण की हानियाँ (Disadvantages of Friction)

घर्षण की निम्नलिखित हानियाँ होती हैं: 1. ऊर्जा की बर्बादी: घर्षण के कारण वस्तुओं की कुछ ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है, जो व्यर्थ चली जाती है। मशीनों के चलते भागों में घर्षण से ऊर्जा हानि होती है। 2. वस्तुओं का घिसना (Wear and Tear): घर्षण के कारण मशीनों के चलते भाग घिस जाते हैं, जूतों के तलवे घिसते हैं, साइकिल के टायर घिसते हैं। 3. ऊष्मा उत्पन्न होना: घर्षण से अत्यधिक ऊष्मा उत्पन्न हो सकती है, जो मशीनों को हानि पहुँचा सकती है। 4. गति में बाधा: घर्षण गतिमान वस्तुओं की गति को धीमा करता है।

6. घर्षण बढ़ाने एवं घटाने के उपाय (Increasing and Reducing Friction)

घर्षण बढ़ाने के उपाय:

घर्षण घटाने के उपाय:

7. घर्षण और ज्वाला (Friction and Flame)

माचिस की तीली जलाने के लिए उसे खुरदरी सतह पर रगड़ा जाता है। रगड़ने से घर्षण के कारण ऊष्मा उत्पन्न होती है, जो तीली के लाल फास्फोरस को प्रज्वलित कर देती है, जिससे ज्वाला उत्पन्न होती है। इस प्रकार घर्षण से ऊष्मा उत्पन्न होती है।

त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: घर्षण के प्रकार

प्रकार स्थिति परिमाण
स्थैतिक घर्षण विराम अवस्था की वस्तु सबसे अधिक
सर्पी घर्षण फिसलती हुई वस्तु मध्यम
लोटनिक घर्षण लुढ़कती हुई वस्तु सबसे कम

तालिका 2: घर्षण के लाभ

क्रिया घर्षण का योगदान
चलना फिसलने से बचाता है
ब्रेक लगाना वाहन रोकता है
माचिस ऊष्मा उत्पन्न कर जलाती है
लिखना पेंसिल पेपर पर चलती है

तालिका 3: घर्षण बढ़ाने/घटाने के उपाय

उद्देश्य उपाय
घर्षण बढ़ाना खाँचे, खुरदरी सतह
घर्षण घटाना स्नेहक, पॉलिश, पहिये, बॉल बेयरिंग

माइंड मैप

graph TD A["घर्षण"] --> B["परिभाषा"] B --> B1["गति का विरोध करने वाला बल"] B --> B2["संपर्क बल"] A --> C["प्रकार"] C --> C1["स्थैतिक (सबसे अधिक)"] C --> C2["सर्पी (मध्यम)"] C --> C3["लोटनिक (सबसे कम)"] A --> D["लाभ"] D --> D1["चलना, ब्रेक, पकड़"] D --> D2["माचिस, लिखना"] A --> E["हानियाँ"] E --> E1["ऊर्जा बर्बादी"] E --> E2["घिसाव, ऊष्मा"] A --> F["घर्षण नियंत्रण"] F --> F1["बढ़ाना: खाँचे, खुरदरी सतह"] F --> F2["घटाना: स्नेहक, पहिये, बेयरिंग"]

महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

आरेख 1: घर्षण के प्रकार

घर्षण के प्रकार घर्षण बल स्थैतिक घर्षण सबसे अधिक सर्पी घर्षण मध्यम लोटनिक घर्षण सबसे कम घर्षण का क्रम स्थैतिक घर्षण > सर्पी घर्षण > लोटनिक घर्षण इसी कारण पहियों का उपयोग किया जाता है भारी वस्तुओं को खींचने की तुलना में लुढ़काना आसान होता है स्वर्ण नियम लोटनिक घर्षण सबसे कम, स्थैतिक घर्षण सबसे अधिक होता है

आरेख 2: घर्षण घटाने के उपाय

घर्षण घटाने के उपाय स्नेहक (तेल/ग्रीस) मशीनों के चलते भागों पर पॉलिश/चिकनी सतह सतह चिकनी होने से घर्षण कम पहियों का उपयोग लोटनिक घर्षण कम होता है बॉल बेयरिंग सर्पी को लोटनिक में बदलना वायु पटल (होवरक्राफ्ट) हवा की परत से घर्षण न्यूनतम वायु गद्दा (Air Cushion) भारी सामान स्थानांतरण में Golden Rule स्नेहक, पहिये और बेयरिंग घर्षण घटाते हैं

सामान्य गलतियाँ

  1. घर्षण को गति की दिशा में लगना समझना: घर्षण बल हमेशा गति के विपरीत दिशा में लगता है, गति की दिशा में नहीं।
  2. घर्षण के प्रकारों का क्रम भूलना: स्थैतिक घर्षण सबसे अधिक, सर्पी मध्यम और लोटनिक सबसे कम होता है। कई छात्र लोटनिक को सबसे अधिक मान लेते हैं।
  3. घर्षण को सदैव हानिकारक मानना: घर्षण केवल हानिकारक नहीं है; चलना, ब्रेक लगाना, पकड़ना, लिखना सब घर्षण के कारण ही संभव है।
  4. घर्षण को असंपर्क बल मानना: घर्षण एक संपर्क बल है, क्योंकि यह केवल दो सतहों के संपर्क में आने पर ही लगता है।
  5. स्नेहक का उद्देश्य भूलना: स्नेहक (तेल/ग्रीस) घर्षण को कम करने के लिए लगाए जाते हैं, बढ़ाने के लिए नहीं।
  6. खाँचों का उद्देश्य: टायरों एवं स्पोर्ट्स शूज़ पर बने खाँचे घर्षण बढ़ाने के लिए होते हैं, ताकि पकड़ अच्छी रहे।

परीक्षा युक्तियाँ

  1. घर्षण की परिभाषा एवं इसके संपर्क बल होने के गुण को याद करें।
  2. घर्षण के तीन प्रकारों (स्थैतिक, सर्पी, लोटनिक) का क्रम स्पष्ट रूप से याद करें।
  3. घर्षण के लाभ एवं हानियों की सूची बनाकर अभ्यास करें।
  4. घर्षण बढ़ाने एवं घटाने के उपायों को उदाहरणों सहित याद करें।
  5. 'पहियों का आविष्कार' लोटनिक घर्षण के सिद्धांत पर आधारित है - यह तथ्य याद रखें।
  6. माचिस की तीली में घर्षण से ऊष्मा उत्पन्न होकर ज्वाला बनती है, यह समझें।

निष्कर्ष

इस अध्याय में हमने सीखा कि घर्षण एक ऐसा बल है जो गति का विरोध करता है। घर्षण के तीन प्रकार हैं - स्थैतिक घर्षण (सबसे अधिक), सर्पी घर्षण (मध्यम) एवं लोटनिक घर्षण (सबसे कम)। सतहों की खुरदरापन एवं आण्विक आकर्षण घर्षण के कारण हैं। घर्षण के अनेक लाभ हैं - चलना, ब्रेक लगाना, पकड़ना, लिखना एवं माचिस जलाना। साथ ही इसकी हानियाँ भी हैं, जैसे ऊर्जा की बर्बादी एवं मशीनों का घिसाव। घर्षण बढ़ाने के लिए खाँचे बनाए जाते हैं और घटाने के लिए स्नेहक, पॉलिश, पहिये एवं बॉल बेयरिंग का उपयोग किया जाता है। घर्षण को पूर्णतः समाप्त नहीं किया जा सकता, परंतु नियंत्रित किया जा सकता है। हमें घर्षण का उचित प्रबंधन करके ऊर्जा की बचत एवं मशीनों की सुरक्षा करनी चाहिए।